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आज, 25 मई 2026 को, समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और बिल्हौर विधानसभा की पूर्व विधायक प्रत्याशी श्रीमती रचना सिंह गौतम ने शिवराजपुर विद्युत उपकेंद्र पहुँचकर अवर अभियंता (JE) शिवराजपुर को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन शिवराजपुर क्षेत्र में हो रही अघोषित एवं भीषण बिजली कटौती के विरोध में दिया गया। श्रीमती रचना सिंह गौतम ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार के शासनकाल में शिवराजपुर सहित पूरी बिल्हौर विधानसभा में 12-14 घंटे की अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जिससे भीषण गर्मी में किसान, छात्र, व्यापारी और आम जनता त्रस्त है। उन्होंने बताया कि किसानों की धान की नर्सरी सूख रही है, बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, और बुजुर्गों एवं मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख माँगें रखी गईं, जिनमें शिवराजपुर क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती को तत्काल प्रभाव से बंद करना; ग्रामीण क्षेत्रों में शासनादेश के अनुरूप 18 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना; जले हुए ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के अंदर बदलना; और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान करना शामिल है। श्रीमती गौतम ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिन के अंदर विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी PDA के हजारों सिपाहियों के साथ सड़क पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग की होगी। उन्होंने कहा कि बिल्हौर की 83,000 जनता ने जो जनादेश दिया है, उसकी आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। श्रीमती गौतम ने अखिलेश यादव जी की सरकार के दौरान 22 घंटे बिजली मिलने का हवाला देते हुए कहा कि आज भाजपा के राज में 8 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो रही है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विनय यादव, सहिर हुसैन (जिला उपाध्यक्ष), कपूर कटियार, प्रकाश कटियार, जितेंद्र सेनी, सभासद अरुण यादव, सभासद हबीब अली, पुनीत कटियार, बिंदा गौतम, शशिकांत पाल, राहुल यादव, आशीष कटियार, ब्लाक अध्यक्ष आरपी पाठक, सरदार टेलर (सेक्टर) तथा बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

2 hrs ago
user_Roshan Babu
Roshan Babu
Kanpur Nagar, Uttar Pradesh•
2 hrs ago

आज, 25 मई 2026 को, समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और बिल्हौर विधानसभा की पूर्व विधायक प्रत्याशी श्रीमती रचना सिंह गौतम ने शिवराजपुर विद्युत उपकेंद्र पहुँचकर अवर अभियंता (JE) शिवराजपुर को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन शिवराजपुर क्षेत्र में हो रही अघोषित एवं भीषण बिजली कटौती के विरोध में दिया गया। श्रीमती रचना सिंह गौतम ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार के शासनकाल में शिवराजपुर सहित पूरी बिल्हौर विधानसभा में 12-14 घंटे की अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जिससे भीषण गर्मी में किसान, छात्र, व्यापारी और आम जनता त्रस्त है। उन्होंने बताया कि किसानों की धान की नर्सरी सूख रही है, बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, और बुजुर्गों एवं मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख माँगें रखी गईं, जिनमें शिवराजपुर क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती को तत्काल प्रभाव से बंद करना; ग्रामीण क्षेत्रों में शासनादेश के अनुरूप 18 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना; जले हुए ट्रांसफार्मरों को 24

घंटे के अंदर बदलना; और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान करना शामिल है। श्रीमती गौतम ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिन के अंदर विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी PDA के हजारों सिपाहियों के साथ सड़क पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग की होगी। उन्होंने कहा कि बिल्हौर की 83,000 जनता ने जो जनादेश दिया है, उसकी आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। श्रीमती गौतम ने अखिलेश यादव जी की सरकार के दौरान 22 घंटे बिजली मिलने का हवाला देते हुए कहा कि आज भाजपा के राज में 8 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो रही है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विनय यादव, सहिर हुसैन (जिला उपाध्यक्ष), कपूर कटियार, प्रकाश कटियार, जितेंद्र सेनी, सभासद अरुण यादव, सभासद हबीब अली, पुनीत कटियार, बिंदा गौतम, शशिकांत पाल, राहुल यादव, आशीष कटियार, ब्लाक अध्यक्ष आरपी पाठक, सरदार टेलर (सेक्टर) तथा बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

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  • आज, 25 मई 2026 को, समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और बिल्हौर विधानसभा की पूर्व विधायक प्रत्याशी श्रीमती रचना सिंह गौतम ने शिवराजपुर विद्युत उपकेंद्र पहुँचकर अवर अभियंता (JE) शिवराजपुर को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन शिवराजपुर क्षेत्र में हो रही अघोषित एवं भीषण बिजली कटौती के विरोध में दिया गया। श्रीमती रचना सिंह गौतम ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार के शासनकाल में शिवराजपुर सहित पूरी बिल्हौर विधानसभा में 12-14 घंटे की अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जिससे भीषण गर्मी में किसान, छात्र, व्यापारी और आम जनता त्रस्त है। उन्होंने बताया कि किसानों की धान की नर्सरी सूख रही है, बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, और बुजुर्गों एवं मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख माँगें रखी गईं, जिनमें शिवराजपुर क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती को तत्काल प्रभाव से बंद करना; ग्रामीण क्षेत्रों में शासनादेश के अनुरूप 18 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना; जले हुए ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के अंदर बदलना; और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान करना शामिल है। श्रीमती गौतम ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिन के अंदर विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी PDA के हजारों सिपाहियों के साथ सड़क पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग की होगी। उन्होंने कहा कि बिल्हौर की 83,000 जनता ने जो जनादेश दिया है, उसकी आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। श्रीमती गौतम ने अखिलेश यादव जी की सरकार के दौरान 22 घंटे बिजली मिलने का हवाला देते हुए कहा कि आज भाजपा के राज में 8 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो रही है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विनय यादव, सहिर हुसैन (जिला उपाध्यक्ष), कपूर कटियार, प्रकाश कटियार, जितेंद्र सेनी, सभासद अरुण यादव, सभासद हबीब अली, पुनीत कटियार, बिंदा गौतम, शशिकांत पाल, राहुल यादव, आशीष कटियार, ब्लाक अध्यक्ष आरपी पाठक, सरदार टेलर (सेक्टर) तथा बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।
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    आज, 25 मई 2026 को, समाजवादी पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और बिल्हौर विधानसभा की पूर्व विधायक प्रत्याशी श्रीमती रचना सिंह गौतम ने शिवराजपुर विद्युत उपकेंद्र पहुँचकर अवर अभियंता (JE) शिवराजपुर को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन शिवराजपुर क्षेत्र में हो रही अघोषित एवं भीषण बिजली कटौती के विरोध में दिया गया। श्रीमती रचना सिंह गौतम ने आरोप लगाया कि वर्तमान भाजपा सरकार के शासनकाल में शिवराजपुर सहित पूरी बिल्हौर विधानसभा में 12-14 घंटे की अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जिससे भीषण गर्मी में किसान, छात्र, व्यापारी और आम जनता त्रस्त है। उन्होंने बताया कि किसानों की धान की नर्सरी सूख रही है, बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, और बुजुर्गों एवं मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख माँगें रखी गईं, जिनमें शिवराजपुर क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती को तत्काल प्रभाव से बंद करना; ग्रामीण क्षेत्रों में शासनादेश के अनुरूप 18 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना; जले हुए ट्रांसफार्मरों को 24 घंटे के अंदर बदलना; और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान करना शामिल है।

श्रीमती गौतम ने चेतावनी दी कि यदि 7 दिन के अंदर विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी PDA के हजारों सिपाहियों के साथ सड़क पर उतरकर एक बड़ा आंदोलन करेगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन एवं विद्युत विभाग की होगी। उन्होंने कहा कि बिल्हौर की 83,000 जनता ने जो जनादेश दिया है, उसकी आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। श्रीमती गौतम ने अखिलेश यादव जी की सरकार के दौरान 22 घंटे बिजली मिलने का हवाला देते हुए कहा कि आज भाजपा के राज में 8 घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो रही है।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विनय यादव, सहिर हुसैन (जिला उपाध्यक्ष), कपूर कटियार, प्रकाश कटियार, जितेंद्र सेनी, सभासद अरुण यादव, सभासद हबीब अली, पुनीत कटियार, बिंदा गौतम, शशिकांत पाल, राहुल यादव, आशीष कटियार, ब्लाक अध्यक्ष आरपी पाठक, सरदार टेलर (सेक्टर) तथा बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एवं क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।
    user_Roshan Babu
    Roshan Babu
    Kanpur Nagar, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्थित ग्राम गोविंदपुरी के पास एक विचित्र और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति जो अपने साथ एक बकरा ले जा रहा था, वह सड़क पर एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गया। उसकी बुरी किस्मत देखिए कि वहाँ झाड़ियों में छिपा एक कुआँ था, जिसमें वह बकरा सहित जा गिरा। इस हादसे के बाद, मोटरसाइकिल सवार घायल अवस्था में कुएं के भीतर ही बैठा रहा, जबकि बकरा उसी कुएं में खड़े होकर पागुर कर रहा था। मोटरसाइकिल सड़क किनारे कुएं के बाहर पड़ी रह गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया और मोटरसाइकिल सवार तथा बकरे दोनों को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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    उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के खरखौदा क्षेत्र में स्थित ग्राम गोविंदपुरी के पास एक विचित्र और दुर्भाग्यपूर्ण घटना सामने आई है। एक मोटरसाइकिल सवार व्यक्ति जो अपने साथ एक बकरा ले जा रहा था, वह सड़क पर एक साइकिल सवार को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर गया। उसकी बुरी किस्मत देखिए कि वहाँ झाड़ियों में छिपा एक कुआँ था, जिसमें वह बकरा सहित जा गिरा।

इस हादसे के बाद, मोटरसाइकिल सवार घायल अवस्था में कुएं के भीतर ही बैठा रहा, जबकि बकरा उसी कुएं में खड़े होकर पागुर कर रहा था। मोटरसाइकिल सड़क किनारे कुएं के बाहर पड़ी रह गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद के लिए हाथ बढ़ाया और मोटरसाइकिल सवार तथा बकरे दोनों को सुरक्षित कुएं से बाहर निकाला। घायल व्यक्ति को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
    user_Vipin patrkaar G.t.m
    Vipin patrkaar G.t.m
    पत्रकार Kanpur Nagar, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में थाना सासनी गेट इलाके से एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक व्यक्ति के साथ मारपीट की घटना सामने आई है, जिसे स्थानीय स्तर पर 'उजड़े चमन' के नाम से पहचाने जाने वाले यूट्यूबर के तौर पर बताया जा रहा है।
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    उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में थाना सासनी गेट इलाके से एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक व्यक्ति के साथ मारपीट की घटना सामने आई है, जिसे स्थानीय स्तर पर 'उजड़े चमन' के नाम से पहचाने जाने वाले यूट्यूबर के तौर पर बताया जा रहा है।
    user_MAKKI TV
    MAKKI TV
    Mediation service कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • आज 25 मई, सोमवार को कानपुर के नेशनल मीडिया प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान, पीड़ित भोलानाथ और श्रीमती विमला पाठक ने बताया कि बार-बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने वीडियो के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें मंदिर का कमरा बनाने के नाम पर लाखों की ठगी, मंदिर की जमीन कब्जाने का प्रयास और पुजारी को जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पीड़ितों ने प्रेस वार्ता के जरिए शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है। यह मामला कानपुर के नवाबगंज थाना अंतर्गत आजाद नगर स्थित पत्थेश्वर मंदिर से जुड़ा है, जहाँ सैकड़ों वर्ष प्राचीन मंदिर की पुजारी श्रीमती विमला पाठक, जो भोलानाथ की पत्नी हैं, ने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से इस मंदिर प्रांगण की सेवा करता आ रहा है। मंदिर के पीछे एक कमरा था जिसकी छत टीन की थी। उनके पड़ोसी योगी मिश्रा ने प्रस्ताव दिया कि वह कम खर्च में टीन की छत की जगह पक्की छत डलवा देगा। पीड़िता इस पर सहमत हो गईं और उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से 4,50,000/- रुपए योगी मिश्रा को दिए। छत डलवाने के बाद, योगी मिश्रा ने जमीन पर कब्जा करने की नीयत से मंदिर के कमरे का ताला तोड़कर अपना ताला लगा लिया और दावा किया कि यह जगह अब उसकी हो गई है। तब पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी और धोखाधड़ी का एहसास हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें योगी मिश्रा पर साढ़े चार लाख रुपए की ठगी करने और दबंगई व गुंडई दिखाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। हालाँकि, पुलिस प्रशासन से आश्वासन तो मिला लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई, जिससे दबंग योगी मिश्रा के हौसले बुलंद हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आए दिन अराजक तत्व गाड़ियों से आकर गाली गलौज करते हैं और मंदिर परिसर खाली कराने के लिए जान से मारने की धमकी देते हैं, हालांकि क्षेत्रीय लोगों के विरोध के कारण वे कब्जा करने में असफल रहते हैं। थाने से लेकर पुलिस आयुक्त तक सभी जगह प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई है, यहाँ तक कि मंदिर के कमरे में रखा सामान भी उठा ले जाया गया है, जिसे वापस नहीं किया जा रहा है। पुजारी और उनके जान-माल को लगातार खतरा बना हुआ है, और चेतावनी दी गई है कि यदि पुजारी या उनके परिवार के साथ कोई घटना होती है, तो इसके लिए योगी मिश्रा ही दोषी होंगे। यह स्थिति एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के भू-माफिया को 'मिट्टी में मिला देने' के निर्देश के बावजूद, एक प्राचीन मंदिर पर कब्जा करने वाले के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई। प्रेस वार्ता में यह सवाल उठाया गया कि जब सरकार सनातन धर्म की रक्षक होने का दावा करती है, तब भी सनातन धर्म ही सुरक्षित क्यों नहीं है। पीड़ितों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान के सभी सबूत और दो से तीन दर्जन क्षेत्रीय लोगों की गवाही उनके आरोपों को सही साबित करती है। पीड़ित मंदिर पुजारी ने न्यायहित में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन उचित कार्यवाही नहीं करता है, तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में शिकायत करेंगी और न्याय मांगेंगी, क्योंकि नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के माध्यम से सूचना देने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
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    आज 25 मई, सोमवार को कानपुर के नेशनल मीडिया प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान, पीड़ित भोलानाथ और श्रीमती विमला पाठक ने बताया कि बार-बार प्रार्थना पत्र देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने वीडियो के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें मंदिर का कमरा बनाने के नाम पर लाखों की ठगी, मंदिर की जमीन कब्जाने का प्रयास और पुजारी को जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पीड़ितों ने प्रेस वार्ता के जरिए शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।

यह मामला कानपुर के नवाबगंज थाना अंतर्गत आजाद नगर स्थित पत्थेश्वर मंदिर से जुड़ा है, जहाँ सैकड़ों वर्ष प्राचीन मंदिर की पुजारी श्रीमती विमला पाठक, जो भोलानाथ की पत्नी हैं, ने बताया कि उनका परिवार तीन पीढ़ियों से इस मंदिर प्रांगण की सेवा करता आ रहा है। मंदिर के पीछे एक कमरा था जिसकी छत टीन की थी। उनके पड़ोसी योगी मिश्रा ने प्रस्ताव दिया कि वह कम खर्च में टीन की छत की जगह पक्की छत डलवा देगा। पीड़िता इस पर सहमत हो गईं और उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से 4,50,000/- रुपए योगी मिश्रा को दिए।

छत डलवाने के बाद, योगी मिश्रा ने जमीन पर कब्जा करने की नीयत से मंदिर के कमरे का ताला तोड़कर अपना ताला लगा लिया और दावा किया कि यह जगह अब उसकी हो गई है। तब पीड़िता को अपने साथ हुई ठगी और धोखाधड़ी का एहसास हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन को प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें योगी मिश्रा पर साढ़े चार लाख रुपए की ठगी करने और दबंगई व गुंडई दिखाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने का आरोप लगाया। हालाँकि, पुलिस प्रशासन से आश्वासन तो मिला लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई, जिससे दबंग योगी मिश्रा के हौसले बुलंद हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आए दिन अराजक तत्व गाड़ियों से आकर गाली गलौज करते हैं और मंदिर परिसर खाली कराने के लिए जान से मारने की धमकी देते हैं, हालांकि क्षेत्रीय लोगों के विरोध के कारण वे कब्जा करने में असफल रहते हैं। थाने से लेकर पुलिस आयुक्त तक सभी जगह प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं हुई है, यहाँ तक कि मंदिर के कमरे में रखा सामान भी उठा ले जाया गया है, जिसे वापस नहीं किया जा रहा है। पुजारी और उनके जान-माल को लगातार खतरा बना हुआ है, और चेतावनी दी गई है कि यदि पुजारी या उनके परिवार के साथ कोई घटना होती है, तो इसके लिए योगी मिश्रा ही दोषी होंगे।

यह स्थिति एक बड़ा प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है, क्योंकि उत्तर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के भू-माफिया को 'मिट्टी में मिला देने' के निर्देश के बावजूद, एक प्राचीन मंदिर पर कब्जा करने वाले के खिलाफ पुलिस प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई। प्रेस वार्ता में यह सवाल उठाया गया कि जब सरकार सनातन धर्म की रक्षक होने का दावा करती है, तब भी सनातन धर्म ही सुरक्षित क्यों नहीं है। पीड़ितों का कहना है कि ऑनलाइन भुगतान के सभी सबूत और दो से तीन दर्जन क्षेत्रीय लोगों की गवाही उनके आरोपों को सही साबित करती है। पीड़ित मंदिर पुजारी ने न्यायहित में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस प्रशासन उचित कार्यवाही नहीं करता है, तो वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में शिकायत करेंगी और न्याय मांगेंगी, क्योंकि नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के माध्यम से सूचना देने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
    user_Sri Dinkar jee
    Sri Dinkar jee
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कानपुर में आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने से जुड़े बहुचर्चित मामले की जाँच में एक नया मोड़ आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जाँच रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि दोनों अस्पतालों द्वारा उपचार में अत्यधिक देरी की गई, जिसके कारण पीड़ित का हाथ काटना पड़ा। इस संबंध में, कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि पहले प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष का निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इसके बाद, पुलिस ने मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय करते हुए एक संशोधित रिपोर्ट मांगी थी। संशोधित रिपोर्ट मिलने के बाद, पुलिस ने इलाज में हुई देरी को गंभीर चिकित्सीय लापरवाही मानते हुए दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस आयुक्त ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या टकराव की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा और सीएमओ स्तर पर विस्तृत परीक्षण के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में आमंत्रित किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी बड़ी संख्या में बल के साथ पहुँचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर भारी बल की मौजूदगी के कारण मीडिया में गलत संदेश गया। इस पर कमांडेंट को तत्काल अतिरिक्त बल वापस भेजने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि पूरे प्रकरण की सूचना आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को पत्र भेजकर दे दी गई है, साथ ही संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया गया है।
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    कानपुर में आईटीबीपी जवान का हाथ काटे जाने से जुड़े बहुचर्चित मामले की जाँच में एक नया मोड़ आया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) द्वारा गठित मेडिकल टीम की संशोधित जाँच रिपोर्ट में पारस अस्पताल और कृष्णा अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि दोनों अस्पतालों द्वारा उपचार में अत्यधिक देरी की गई, जिसके कारण पीड़ित का हाथ काटना पड़ा।

इस संबंध में, कानपुर नगर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि पहले प्राप्त मेडिकल रिपोर्ट निर्णायक नहीं थी और उसमें दोष का निर्धारण स्पष्ट रूप से नहीं किया गया था। इसके बाद, पुलिस ने मेडिकल टीम से बिंदुवार स्पष्टीकरण और जिम्मेदारी तय करते हुए एक संशोधित रिपोर्ट मांगी थी। संशोधित रिपोर्ट मिलने के बाद, पुलिस ने इलाज में हुई देरी को गंभीर चिकित्सीय लापरवाही मानते हुए दोनों अस्पतालों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस आयुक्त ने आईटीबीपी और पुलिस के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या टकराव की खबरों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की जाँच के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा और सीएमओ स्तर पर विस्तृत परीक्षण के लिए आईटीबीपी के कमांडेंट और मेडिकल ऑफिसर को पुलिस कार्यालय में आमंत्रित किया गया था। पुलिस के अनुसार, इस बैठक के दौरान आईटीबीपी अधिकारी बड़ी संख्या में बल के साथ पहुँचे थे, जिससे पुलिस कार्यालय के बाहर भारी बल की मौजूदगी के कारण मीडिया में गलत संदेश गया। इस पर कमांडेंट को तत्काल अतिरिक्त बल वापस भेजने का निर्देश दिया गया। पुलिस आयुक्त ने यह भी जानकारी दी कि पूरे प्रकरण की सूचना आईटीबीपी मुख्यालय और महानिदेशक को पत्र भेजकर दे दी गई है, साथ ही संबंधित स्तर पर विभागीय और अनुशासनात्मक जाँच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया गया है।
    user_Anoop Nishad Kanpur
    Anoop Nishad Kanpur
    कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक बाइक टक्कर के विवाद ने भीषण रूप ले लिया, जिसमें दबंगों ने चाकू और हेलमेट से हमला कर पिता शिवनारायण त्रिवेदी और उनके बेटे शिवम की हत्या कर दी। इस वारदात में शिवनारायण का दूसरा बेटा सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गया। दोपहर को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच पिता-पुत्र के शव महाराजपुर थाना क्षेत्र के डोमनपुर गांव पहुंचे, जहां परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में मातम पसरा है।
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    कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में रविवार शाम एक बाइक टक्कर के विवाद ने भीषण रूप ले लिया, जिसमें दबंगों ने चाकू और हेलमेट से हमला कर पिता शिवनारायण त्रिवेदी और उनके बेटे शिवम की हत्या कर दी। इस वारदात में शिवनारायण का दूसरा बेटा सत्यम गंभीर रूप से घायल हो गया। दोपहर को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच पिता-पुत्र के शव महाराजपुर थाना क्षेत्र के डोमनपुर गांव पहुंचे, जहां परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में मातम पसरा है।
    user_Manas Mishra
    Manas Mishra
    Local News Reporter कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Sabdo ko chhatkar sahi jagah par likho, milan kre ll Sabdo ko chhatkar sahi jagah par likho, milan kre ll
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    Sabdo   ko chhatkar sahi jagah par likho, milan kre ll
Sabdo  ko chhatkar sahi jagah par likho, milan kre ll
    user_Kirti sahu
    Kirti sahu
    Teacher कानपुर, कानपुर नगर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बिहार के पटना जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित पचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव की है, जहाँ पुलिस कुख्यात गैंगस्टर सोनू-मोनू के घर एक फायरिंग की घटना के बाद छापेमारी करने पहुंची थी। पुलिस टीम के घर में घुसने से पहले ही गैंगस्टर के समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और एक फिल्मी अंदाज में उनकी तलाशी लेनी शुरू कर दी। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि समर्थक प्रत्येक पुलिसकर्मी की जेब और कमर की तलाशी ले रहे थे, जबकि पुलिस टीम मूकदर्शक बनी रही। तलाशी पूरी होने के बाद ही पुलिस को घर के अंदर जाने दिया गया, लेकिन तब तक मुख्य आरोपी सोनू-मोनू मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने बिहार की एक पुरानी फिल्म की याद दिला दी है, जहाँ अपराधी पुलिस की तलाशी लेते दिखाए गए थे, लेकिन यह वाकया असल जिंदगी का है। इस वीडियो के सामने आने के बाद बिहार पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है और सवाल उठ रहे हैं कि जब छापेमारी करने गई पुलिस की ही तलाशी ली जाएगी, तो अपराधियों में कानून का खौफ कैसे रहेगा। फिलहाल, पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो की जांच और मामले में उचित कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। हालांकि, यह भी बताया गया है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
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    बिहार के पटना जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित पचमहला थाना क्षेत्र के नौरंगा जलालपुर गांव की है, जहाँ पुलिस कुख्यात गैंगस्टर सोनू-मोनू के घर एक फायरिंग की घटना के बाद छापेमारी करने पहुंची थी।

पुलिस टीम के घर में घुसने से पहले ही गैंगस्टर के समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और एक फिल्मी अंदाज में उनकी तलाशी लेनी शुरू कर दी। वायरल वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि समर्थक प्रत्येक पुलिसकर्मी की जेब और कमर की तलाशी ले रहे थे, जबकि पुलिस टीम मूकदर्शक बनी रही। तलाशी पूरी होने के बाद ही पुलिस को घर के अंदर जाने दिया गया, लेकिन तब तक मुख्य आरोपी सोनू-मोनू मौके से फरार हो चुके थे। इस घटना ने बिहार की एक पुरानी फिल्म की याद दिला दी है, जहाँ अपराधी पुलिस की तलाशी लेते दिखाए गए थे, लेकिन यह वाकया असल जिंदगी का है।

इस वीडियो के सामने आने के बाद बिहार पुलिस की जमकर किरकिरी हो रही है और सवाल उठ रहे हैं कि जब छापेमारी करने गई पुलिस की ही तलाशी ली जाएगी, तो अपराधियों में कानून का खौफ कैसे रहेगा। फिलहाल, पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो की जांच और मामले में उचित कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। हालांकि, यह भी बताया गया है कि यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
    user_Vipin patrkaar G.t.m
    Vipin patrkaar G.t.m
    पत्रकार Kanpur Nagar, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
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