बांदीकुई में गरजी गुर्जर समाज की हुंकार: जिला अध्यक्ष के पद ग्रहण समारोह में 'सियासी सर्जिकल स्ट्राइक', विधायक की कार्यशैली पर बरसे वक्ता! #मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक पहले एक सामाजिक मंच से बांदीकुई विधायक पर आरोप लगाते वीडियो सोशल मीडिया पर #वायरल बांदीकुई: सूत्रों की मानें तो वायरल वीडियो गत रविवार का बताया जा रहा है ओर मौका था गुर्जर समाज के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष के पद ग्रहण समारोह का, लेकिन मंच से जो आवाजें निकलीं, उन्होंने बांदीकुई की राजनीति में 'पॉलिटिकल हड़कंप' सा मचा दिया। खुशियों और बधाई के इस कार्यक्रम ने तब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया, जब मंचासीन वक्ता ने अपने उद्बोधन में स्थानीय विधायक की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोला । #मंच_से_फूटा_आक्रोश: "विधायक की तानाशाही नहीं चलेगी" समारोह के दौरान पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने के साथ-साथ समाज के नेताओं ने विधायक पर जमकर प्रहार किए। वक्ताओं ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि: #टारगेटेड_ट्रांसफर: विधायक सत्ता के नशे में चूर होकर एक विशेष जाति के कर्मचारियों को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं और द्वेषतापूर्ण तरीके से उनके तबादले करवा रहे हैं। #जमीन_पर_कब्जे_की_साजिश: प्रशासनिक मिलीभगत से निजी जमीनों को सरकारी कागजों में दर्ज करवाकर उन्हें हड़पने का जो खेल खेला जा रहा है, वह अब बर्दाश्त के बाहर है। #प्रशासन_का_दुरुपयोग: जनता की सेवा के बजाय, प्रशासन का इस्तेमाल समाज के लोगों को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है। "पद ग्रहण तो बस शुरुआत है, असली जंग अभी बाकी है" मंच पर मौजूद वक्ताओं ने नवनियुक्त पदाधिकारियों और समाज के युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि अब सिर झुकाकर अत्याचार सहने का समय चला गया है। "हम शांति चाहते हैं, लेकिन अगर हमारी अस्मिता और संपत्ति पर चोट की गई, तो पूरा गुर्जर समाज एकजुट होकर लड़ाई लड़ेगा। विधायक जी याद रखें, समाज का यह मंच अब विरोध का ऐसा केंद्र बनेगा जिसे हिलाना मुश्किल होगा।" #एकजुटता_का_संकल्प : फूल-मालाओं और साफा पहनाकर स्वागत के बीच हुई इस तीखी बयानबाजी ने साफ कर दिया है कि बांदीकुई की राजनीति अब 'वेट एंड वॉच' की स्थिति से बाहर निकल कर किसी करवट बैठेगी । आप बात: अब देखना यह है कि गुर्जर समाज के इस कड़े रुख और खुले मंच से दी गई चुनौती पर विधायक क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
बांदीकुई में गरजी गुर्जर समाज की हुंकार: जिला अध्यक्ष के पद ग्रहण समारोह में 'सियासी सर्जिकल स्ट्राइक', विधायक की कार्यशैली पर बरसे वक्ता! #मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक पहले एक सामाजिक मंच से बांदीकुई विधायक पर आरोप लगाते वीडियो सोशल मीडिया पर #वायरल बांदीकुई: सूत्रों की मानें तो वायरल वीडियो गत रविवार का बताया जा रहा है ओर मौका था गुर्जर समाज के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष के पद ग्रहण समारोह का, लेकिन मंच से जो आवाजें निकलीं, उन्होंने बांदीकुई की राजनीति में 'पॉलिटिकल हड़कंप' सा मचा दिया। खुशियों और बधाई के इस कार्यक्रम ने तब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया, जब मंचासीन वक्ता ने अपने उद्बोधन में स्थानीय विधायक की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोला । #मंच_से_फूटा_आक्रोश: "विधायक की तानाशाही नहीं चलेगी" समारोह के दौरान पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने के साथ-साथ समाज के नेताओं ने विधायक पर जमकर प्रहार किए। वक्ताओं ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि: #टारगेटेड_ट्रांसफर: विधायक सत्ता के नशे में चूर होकर एक विशेष जाति के कर्मचारियों को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं और द्वेषतापूर्ण तरीके से उनके तबादले करवा रहे हैं। #जमीन_पर_कब्जे_की_साजिश: प्रशासनिक मिलीभगत से निजी जमीनों को सरकारी कागजों में दर्ज करवाकर उन्हें हड़पने का जो खेल खेला जा रहा है, वह अब बर्दाश्त के बाहर है। #प्रशासन_का_दुरुपयोग: जनता की सेवा के बजाय, प्रशासन का इस्तेमाल समाज के लोगों को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है। "पद ग्रहण तो बस शुरुआत है, असली जंग अभी बाकी है" मंच पर मौजूद वक्ताओं ने नवनियुक्त पदाधिकारियों और समाज के युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि अब सिर झुकाकर अत्याचार सहने का समय चला गया है। "हम शांति चाहते हैं, लेकिन अगर हमारी अस्मिता और संपत्ति पर चोट की गई, तो पूरा गुर्जर समाज एकजुट होकर लड़ाई लड़ेगा। विधायक जी याद रखें, समाज का यह मंच अब विरोध का ऐसा केंद्र बनेगा जिसे हिलाना मुश्किल होगा।" #एकजुटता_का_संकल्प : फूल-मालाओं और साफा पहनाकर स्वागत के बीच हुई इस तीखी बयानबाजी ने साफ कर दिया है कि बांदीकुई की राजनीति अब 'वेट एंड वॉच' की स्थिति से बाहर निकल कर किसी करवट बैठेगी । आप बात: अब देखना यह है कि गुर्जर समाज के इस कड़े रुख और खुले मंच से दी गई चुनौती पर विधायक क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
- #मुख्यमंत्री के दौरे के ठीक पहले एक सामाजिक मंच से बांदीकुई विधायक पर आरोप लगाते वीडियो सोशल मीडिया पर #वायरल बांदीकुई: सूत्रों की मानें तो वायरल वीडियो गत रविवार का बताया जा रहा है ओर मौका था गुर्जर समाज के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष के पद ग्रहण समारोह का, लेकिन मंच से जो आवाजें निकलीं, उन्होंने बांदीकुई की राजनीति में 'पॉलिटिकल हड़कंप' सा मचा दिया। खुशियों और बधाई के इस कार्यक्रम ने तब कड़ा रुख अख्तियार कर लिया, जब मंचासीन वक्ता ने अपने उद्बोधन में स्थानीय विधायक की कार्यशैली के खिलाफ मोर्चा खोला । #मंच_से_फूटा_आक्रोश: "विधायक की तानाशाही नहीं चलेगी" समारोह के दौरान पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपने के साथ-साथ समाज के नेताओं ने विधायक पर जमकर प्रहार किए। वक्ताओं ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि: #टारगेटेड_ट्रांसफर: विधायक सत्ता के नशे में चूर होकर एक विशेष जाति के कर्मचारियों को चुन-चुनकर निशाना बना रहे हैं और द्वेषतापूर्ण तरीके से उनके तबादले करवा रहे हैं। #जमीन_पर_कब्जे_की_साजिश: प्रशासनिक मिलीभगत से निजी जमीनों को सरकारी कागजों में दर्ज करवाकर उन्हें हड़पने का जो खेल खेला जा रहा है, वह अब बर्दाश्त के बाहर है। #प्रशासन_का_दुरुपयोग: जनता की सेवा के बजाय, प्रशासन का इस्तेमाल समाज के लोगों को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है। "पद ग्रहण तो बस शुरुआत है, असली जंग अभी बाकी है" मंच पर मौजूद वक्ताओं ने नवनियुक्त पदाधिकारियों और समाज के युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि अब सिर झुकाकर अत्याचार सहने का समय चला गया है। "हम शांति चाहते हैं, लेकिन अगर हमारी अस्मिता और संपत्ति पर चोट की गई, तो पूरा गुर्जर समाज एकजुट होकर लड़ाई लड़ेगा। विधायक जी याद रखें, समाज का यह मंच अब विरोध का ऐसा केंद्र बनेगा जिसे हिलाना मुश्किल होगा।" #एकजुटता_का_संकल्प : फूल-मालाओं और साफा पहनाकर स्वागत के बीच हुई इस तीखी बयानबाजी ने साफ कर दिया है कि बांदीकुई की राजनीति अब 'वेट एंड वॉच' की स्थिति से बाहर निकल कर किसी करवट बैठेगी । आप बात: अब देखना यह है कि गुर्जर समाज के इस कड़े रुख और खुले मंच से दी गई चुनौती पर विधायक क्या प्रतिक्रिया देते हैं।1
- जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। यह यात्रा भेड़ोली गांव के सीताराम जी मंदिर से शुरू होकर खड़का स्थित कार्यक्रम स्थल तक पहुंची। इसमें 101 महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर सजे-धजे कलश धारण किए। यात्रा के दौरान विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूरे मार्ग में भक्ति गीतों और "जय श्रीराम", "सीताराम" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। महिलाओं के हाथों में कलश, नारियल और आम्रपल्लव थे। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विधिवत पूजा संपन्न करवाई गई, जिससे धार्मिक आयोजन का औपचारिक शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने जगह-जगह कलश यात्रा का स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था भी की। आयोजकों ने बताया कि आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम, कथा और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। इस भव्य शुरुआत से पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बन गया है और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस मौके पर संपत राम मीणा, जितेंद्र मीणा, राहुल सैनी, ओमी सैनी, नहनु राम सैनी, छोटे लाल सैनी सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे।3
- देश के विश्वप्रसिद्ध पर्यटन स्थल जयगढ़ जाने वाले रास्ते पर रविवार सुबह एक जापानी महिला पर्यटक के साथ छेड़छाड़ और अभद्रता की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। यह मामला इन दिनों मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है और इससे पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जयपुर शहर के हाई-प्रोफाइल पर्यटन स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण लगातार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं। विदेशी मेहमानों के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा की जा रही अभद्रता देश की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। घटना जयगढ़ जाने वाले सुनसान मार्ग पर रविवार सुबह हुई, जिसने खासकर सुबह के समय अकेले घूमने आने वाले स्थानीय निवासियों, विशेषकर महिलाओं में भय का माहौल पैदा कर दिया है। पुलिस प्रशासन से मांग की जा रही है कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दिलाई जाए, ताकि आमजन और पर्यटक खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें। इस मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमीमुद्दीन उर्फ आमिर (24) पुत्र मोहिद्दीन, निवासी बाबू का टीबा, थाना रामगंज के रूप में हुई है। आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके साथियों के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना जताई जा रही है। आमेर महल अधीक्षक राकेश छोलक ने पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर कहा है कि आमेर महल परिसर में जगह-जगह कैमरे और सुरक्षा गार्ड तैनात हैं। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा, लेकिन पर्यटकों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आमेर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सहित स्थानीय निवासियों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।3
- Post by Devendra Kumar Saini1
- दौसा। कुण्डल क्षेत्र के ग्रामीणों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर प्रस्तावित MDR-48 को स्टेट हाईवे-78 में तब्दील कर सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने की मांग को लेकर दौसा जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क वर्ष 1979 में स्वीकृत हुई थी और 1984 में निर्माण कार्य शुरू हुआ,लेकिन कुछ लोगों की वजह से डामरीकरण से पहले ही कार्य रुक गया,जो आज तक अधूरा भी बना पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उस समय अधिकांश भूमि का मुआवजा भी दिया जा चुका था, बावजूद इसके कुछ लोगों द्वारा स्टे लेने से निर्माण कार्य ठप हो (रोक दिया) गया। अब दोबारा कार्य शुरू कराने के प्रयासों में भी प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे तीसरी बार ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक प्रशासन के द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन पर नाप-जोख में अनियमितता के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि मौके पर कुण्डल तहसीलदार की निगरानी में भी गिरदावर और पटवारी द्वारा तीन-चार बार नाप की गई, लेकिन हर बार अलग-अलग स्थानों पर निशान लगाए गए, जिससे लोगों में असंतोष है। ग्रामीणों ने इसे गलत तरीके से की गई नाप बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं,*कुण्डल सरपंच फूली देवी ने बताया कि प्रस्तावित मार्ग के स्थान पर पहले से बरसाती नाला है*, जिससे कई मकानों को नुकसान हो रहा है। जिसमें BPL परिवारों के भी कमरे बनाए हैं वो भी उसी रास्ते में आ रहे हैं ऐसे में वर्तमान स्थिति को नजरअंदाज कर निर्माण करना उचित नहीं है। ग्रामीणों ने गिनाए प्रस्तावित मार्ग के फायदे ग्रामीणों के अनुसार प्रस्तावित स्टेट हाईवे-78 गांव के नजदीक से गुजरते हुए स्थानीय आवागमन को सुगम बनाएगा और मुख्य बाजार से सीधा जुड़ाव स्थापित करेगा। यह मार्ग खोर्रा खुर्द, चौबड़ीवाला, सौरतलाई, बगड़ेड़ा, भांवता,भावती,उरवाड़ी, कोलेश्वर,चांदेरा, रेहड़िया सहित कई गांवों को जोड़ेगा। साथ ही नारायणी माता रोड, भानगढ़, भर्तहरी धाम जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा इस सड़क के जरिए,पंचायत भवन, पोस्ट ऑफिस, स्कूलों,वन विभाग कार्यालय और प्रस्तावित सीएचसी,पुलिस थाना व निर्माणाधीन तहसील भवन, ईसरदा बांध परियोजना टंकी तक पहुंच सुगम होगी। ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग के निर्माण से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी नहीं पड़ेगा। वर्तमान मार्ग को बताया अनुपयुक्त ग्रामीणों ने वर्तमान स्टेट हाईवे-78 मार्ग को तकनीकी दृष्टि से अनुपयुक्त बताया। उनका कहना है कि यह मार्ग प्राकृतिक बरसाती नाले से होकर गुजरता है, जहां 8-10 गांवों का व पहाड़ी का पानी आता है,जिससे बारिश के समय गांव में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। साथ ही सड़क संकरी और घुमावदार होने से हादसों की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। इस दौरान हरिनारायण शर्मा, तारा प्रकाश शर्मा, लालाराम जांगिड़,पवन कुमार शर्मा, विमल बडाला, दिनेश शर्मा, रवि शर्मा, विमल प्रजापति, कैलाश शर्मा, शान्ति देवी, लडो देवी महवार,रोहिताश शर्मा,धर्मेन्द्र कोली, राकेश कोली, निक्की शर्मा, दिलखुश शर्मा, देवेंद्र शर्मा, मनीष कुमार शर्मा एवं दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।4
- अलवर, 08 अप्रैल। “Transformative Tuesdays” कार्यक्रम के अंतर्गत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DALSA) अलवर द्वारा शिप्रा एकेडमी सेकंडरी स्कूल, अलवर में साइबर क्राइम एवं ऑनलाइन ठगी विषय पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम में RJS प्रशिक्षु अधिकारी श्रीमती निर्मला सिंह ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों, उनसे बचाव के उपायों एवं संबंधित कानूनों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही निःशुल्क कानूनी सहायता, साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं ऑनलाइन शिकायत प्रक्रिया के बारे में भी अवगत कराया। इस अवसर पर पीएलवी सुरेन्द्र सिंह नरूका (न्यायिक मुख्यालय, मालाखेड़ा), विद्यालय की प्राचार्य तारा सैनी, अभिभावक एवं लगभग 40 विद्यार्थियों ने भाग लेकर महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। साथ ही “कोर्ट वाली दीदी” शिकायत पेटिका के संबंध में भी जागरूक किया गया।1
- लालसोट। राजस्थान के उपमुख्यमंत्री एवं परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा के लालसोट आगमन पर ज्योतिबा फुले सर्कल पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। विधायक रामविलास मीणा के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने उपमुख्यमंत्री का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। नई परिवहन सेवा: उपमुख्यमंत्री ने क्षेत्र की मांग को स्वीकार करते हुए लालसोट से सोरोजी के लिए नई रोडवेज बस सेवा की सौगात दी। यह सेवा आज से ही प्रभावी रूप से शुरू कर दी गई है। प्रमुख पदाधिकारियों की उपस्थिति: स्वागत कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से अनिल बुरजा, अनिल बेनाड़ा, सोनू बिनोरी (पूर्व चेयरमैन पति), रूप सिंह मीणा, सत्येंद्र सिंह इंदावा, मदन हाडीका और मामा जी सहित सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने अपनी एकजुटता दिखाते हुए क्षेत्रीय समस्याओं को उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा और समय पर अपनी मांगों को पूरा करवाया, जिससे क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। इस क्षेत्र से अपने मृतक परिजनों की अस्थियां विसर्जन के लिए दोसा जाकर सोरोजी के लिए बस पकड़नी पड़ती थी इससे अव्यवस्था का शिकार होना पड़ता था लेकिन आज से ही सोरोजी के लिए परिवहन मंत्री द्वारा रोडवेज के उच्च अधिकारियों को आदेशित कर लालसोट से सोरोजी के लिए बस यात्रा शुरू करने की स्वीकृति जारी कर दी ग्राउंड रिपोर्ट: खेमराज जोशी, शुरू न्यूज2
- बाँदीकुई का 'वनवास' खत्म! विधायक भागचन्द टाँकड़ा का 'फ्लाईओवर' अवतार! दोस्तों, कहते हैं कि सब्र का फल मीठा होता है, लेकिन बाँदीकुई वालों के लिए तो ये फल 'डामर' जैसा काला और चमकीला निकला है। जी हां, पिछले 12 सालों से जिस खबर का इंतज़ार था, वो आ गई है। धौली गुमटी ओवरब्रिज पर अब 'विकास का पहिया' नहीं, सीधा 'डामर का रोलर' चल पड़ा है!1