निर्दलीय प्रत्याशी महेश रामचंद्रका ने लगाए दबाव और धमकाने के आरोप प्रेस नोट जारी कर बोले—भाजपा टिकट का आश्वासन मिलने के बाद बदला फैसला, नामांकन वापस लेने के लिए बनाया गया दबाव कुचामन सिटी। नगरपरिषद चुनाव को लेकर कुचामन सिटी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वार्ड संख्या 27 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे महेश रामचंद्रका ने गुरुवार को प्रेस नोट जारी कर भाजपा के कुछ पदाधिकारियों एवं नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रामचंद्रका ने दावा किया है कि उन्हें पहले भाजपा की ओर से टिकट दिए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उनका टिकट काटकर किसी अन्य व्यक्ति को पार्टी प्रत्याशी बना दिया गया। इसके बाद जब उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया तो उन पर नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। रामचंद्रका ने अपने प्रेस नोट में आरोप लगाया कि निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला करने के बाद से ही उन्हें लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि परिस्थितियां इतनी गंभीर हो गईं कि उन्हें कुछ समय के लिए अपना घर तक छोड़ना पड़ा। उनका आरोप है कि इस दौरान पुलिस कई बार उनके घर पहुंची और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई। दो दिनों में छह बार पुलिस पहुंचने का दावा महेश रामचंद्रका ने प्रेस नोट में दावा किया कि पिछले दो दिनों के दौरान पुलिस करीब छह बार उनके घर पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के बार-बार घर पहुंचने से परिवार के लोगों में भी चिंता का माहौल बना रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके एक मित्र तथा डीडवाना में रहने वाले एक रिश्तेदार के घर भी पुलिस भेजी गई। रामचंद्रका का आरोप है कि इन घटनाओं का उद्देश्य उन पर दबाव बनाकर चुनाव मैदान से हटाना और नामांकन वापस करवाना था। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं और वार्डवासियों के समर्थन के चलते चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर धमकाने का आरोप प्रेस नोट में रामचंद्रका ने पल्लव राय नामक व्यक्ति पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उक्त व्यक्ति द्वारा अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए उन्हें धमकाया गया। रामचंद्रका ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव से पीछे हटने के लिए अलग-अलग माध्यमों से दबाव का सामना करना पड़ा। वहीं, उन्होंने भाजपा प्रत्याशी रवि गट्टाणी पर भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा उपखंड अधिकारी के समक्ष शिकायत देकर रामचंद्रका का नामांकन निरस्त करवाने का प्रयास किया गया। रामचंद्रका ने इसे चुनाव लड़ने के अपने अधिकार को प्रभावित करने का प्रयास बताया है। बोले—चुनाव लड़ना हर नागरिक का अधिकार महेश रामचंद्रका ने अपने प्रेस नोट में कहा कि भारत में प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से चुनाव लड़ने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इस अधिकार को प्रभावित करने और उन्हें चुनाव मैदान से हटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें वार्डवासियों का समर्थन नहीं मिलता तो वे शायद इतने दबाव के बीच चुनाव मैदान में टिक नहीं पाते, लेकिन जनता के सहयोग और समर्थन ने उन्हें मजबूती दी है। रामचंद्रका ने कहा कि वे वार्ड के मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क में हैं और जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ रहे हैं। विकास और समस्याओं के समाधान का किया दावा निर्दलीय प्रत्याशी ने अपने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि वार्ड की मूलभूत समस्याओं का समाधान करवाना और विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनती है तो वे वार्ड के विकास, साफ-सफाई, सड़क, नाली, बिजली-पानी सहित आमजन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएंगे। उन्होंने अपने बयान में कहा, "सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। जनता के सहयोग से चुनाव लड़ रहा हूं और जीतकर वार्ड के विकास तथा आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करूंगा।" आरोपों की पुष्टि संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया से होगी गौरतलब है कि महेश रामचंद्रका की ओर से जारी प्रेस नोट में भाजपा के कुछ पदाधिकारियों एवं नेताओं पर दबाव बनाने, धमकाने और नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी है। वहीं, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से भी समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। नगरपरिषद चुनाव के बीच वार्ड संख्या 27 से जुड़े इन आरोपों ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब देखना होगा कि आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष क्या प्रतिक्रिया देते हैं और चुनावी मैदान में इसका असर किस तरह दिखाई देता है।
निर्दलीय प्रत्याशी महेश रामचंद्रका ने लगाए दबाव और धमकाने के आरोप प्रेस नोट जारी कर बोले—भाजपा टिकट का आश्वासन मिलने के बाद बदला फैसला, नामांकन वापस लेने के लिए बनाया गया दबाव कुचामन सिटी। नगरपरिषद चुनाव को लेकर कुचामन सिटी में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। वार्ड संख्या 27 से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरे महेश रामचंद्रका ने गुरुवार को प्रेस नोट जारी कर भाजपा के कुछ पदाधिकारियों एवं नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रामचंद्रका ने दावा किया है कि उन्हें पहले भाजपा की ओर से टिकट दिए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उनका टिकट काटकर किसी अन्य व्यक्ति को पार्टी प्रत्याशी बना दिया गया। इसके बाद जब उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया तो उन पर नामांकन वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। रामचंद्रका ने अपने प्रेस नोट में आरोप लगाया कि निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला करने के बाद से ही उन्हें लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि परिस्थितियां इतनी गंभीर हो गईं कि उन्हें कुछ समय के लिए अपना घर तक छोड़ना पड़ा। उनका आरोप है कि इस दौरान पुलिस
कई बार उनके घर पहुंची और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई। दो दिनों में छह बार पुलिस पहुंचने का दावा महेश रामचंद्रका ने प्रेस नोट में दावा किया कि पिछले दो दिनों के दौरान पुलिस करीब छह बार उनके घर पहुंची। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के बार-बार घर पहुंचने से परिवार के लोगों में भी चिंता का माहौल बना रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके एक मित्र तथा डीडवाना में रहने वाले एक रिश्तेदार के घर भी पुलिस भेजी गई। रामचंद्रका का आरोप है कि इन घटनाओं का उद्देश्य उन पर दबाव बनाकर चुनाव मैदान से हटाना और नामांकन वापस करवाना था। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं और वार्डवासियों के समर्थन के चलते चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर धमकाने का आरोप प्रेस नोट में रामचंद्रका ने पल्लव राय नामक व्यक्ति पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि उक्त व्यक्ति द्वारा अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देते हुए उन्हें धमकाया गया। रामचंद्रका ने आरोप लगाया कि उन्हें चुनाव से पीछे हटने के लिए अलग-अलग माध्यमों से दबाव का सामना करना पड़ा। वहीं, उन्होंने भाजपा प्रत्याशी
रवि गट्टाणी पर भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा उपखंड अधिकारी के समक्ष शिकायत देकर रामचंद्रका का नामांकन निरस्त करवाने का प्रयास किया गया। रामचंद्रका ने इसे चुनाव लड़ने के अपने अधिकार को प्रभावित करने का प्रयास बताया है। बोले—चुनाव लड़ना हर नागरिक का अधिकार महेश रामचंद्रका ने अपने प्रेस नोट में कहा कि भारत में प्रत्येक नागरिक को लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से चुनाव लड़ने का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके इस अधिकार को प्रभावित करने और उन्हें चुनाव मैदान से हटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें वार्डवासियों का समर्थन नहीं मिलता तो वे शायद इतने दबाव के बीच चुनाव मैदान में टिक नहीं पाते, लेकिन जनता के सहयोग और समर्थन ने उन्हें मजबूती दी है। रामचंद्रका ने कहा कि वे वार्ड के मतदाताओं के बीच लगातार संपर्क में हैं और जनता के मुद्दों को लेकर चुनाव लड़ रहे हैं। विकास और समस्याओं के समाधान का किया दावा निर्दलीय प्रत्याशी ने अपने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि वार्ड की मूलभूत समस्याओं का समाधान करवाना और विकास कार्यों को गति देना है। उन्होंने कहा कि यदि जनता उन्हें अपना प्रतिनिधि
चुनती है तो वे वार्ड के विकास, साफ-सफाई, सड़क, नाली, बिजली-पानी सहित आमजन से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाएंगे। उन्होंने अपने बयान में कहा, "सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। जनता के सहयोग से चुनाव लड़ रहा हूं और जीतकर वार्ड के विकास तथा आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य करूंगा।" आरोपों की पुष्टि संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया से होगी गौरतलब है कि महेश रामचंद्रका की ओर से जारी प्रेस नोट में भाजपा के कुछ पदाधिकारियों एवं नेताओं पर दबाव बनाने, धमकाने और नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी है। वहीं, जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से भी समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। संबंधित पक्षों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। नगरपरिषद चुनाव के बीच वार्ड संख्या 27 से जुड़े इन आरोपों ने स्थानीय राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। अब देखना होगा कि आरोपों को लेकर संबंधित पक्ष क्या प्रतिक्रिया देते हैं और चुनावी मैदान में इसका असर किस तरह दिखाई देता है।
- सुरसुरा धाम में श्रद्धालुओं की भीड़, मोरडी चौराहे पर निशुल्क भंडारा रूपनगढ़। सुरसुरा धाम में श्री वीर तेजाजी महाराज के दर्शन के लिए राजस्थान सहित अन्य राज्यों से हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मोरडी (अमृतनगर) ग्रामवासियों की ओर से किशनगढ़ मार्ग स्थित मोरडी चौराहे पर 2 सितंबर से 21 सितंबर तक निशुल्क भंडारे की व्यवस्था की गई है। वहीं श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर रूपनगढ़ थाना पुलिस भी मुस्तैद है।1
- बहुत ही हाईटेक एंबुलेंस से ऐसी बहुत सी एंबुलेंस होनी चाहिए गरीब परिवार पर ध्यान देना चाहिए सही है भाई सरकारों को संज्ञान लेना चाहिए गरीब परिवार पर ध्यान देना चाहिए ऐसी एम्बुलेंस होनी चाहिए हिंदुस्तान में1
- वैश्विक चुनौतियों के बीच 7.8% की तेज आर्थिक विकास दर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की प्रभावी नीतियों और जन-विश्वास का प्रत्यक्ष प्रमाण है।1
- व्हाट्सएप स्टेटस बनाएं और कमाए पैसे कमाने मौका पाए लाइक करें सब्सक्राइब करें Ajmer पूर्व पार्षद श्रवण कुमार का सुनसनीखेज आारोप वार्ड 59 मे चुनाव वापस लेने के लिए मिल रही है जान से मारने की धमकिया Dainik News AJMER1
- छोटी काशी जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर मंदिर में रात 12:00 बजे नहीं बल्कि दोपहर 12:00 मनाया गया जन्मोत्सव श्री कृष्णा जन्माष्टमी पर्व पर राजधानी के राधा दामोदर मंदिर में भक्तिभाव और परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहां भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप 'दामोदर' का जन्मोत्सव रात्रि 12 बजे नहीं, बल्कि दोपहर 12 बजे मनाया गया। खास बात ये रही कि मंदिर परिसर में मौजूद गोवर्धन शिला (गिरिराज स्वरूप) को भी आज विशेष भोग अर्पित किया गया। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने जिस गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर ब्रजवासियों की रक्षा की थी। वही आस्था यहां जीवंत स्वरूप में विद्यमान है. जानकारी के अनुसार जैसे ही घड़ी में दोपहर के 12 बजे, राधा दामोदर मंदिर परिसर 'नंद के आनंद भयो' के जयकारों से गूंज उठा. महंत मलय गोस्वामी और गोस्वामी परिवार ने परंपरागत ढंग से पहले पंचगव्य से अभिषेक किया. इसके बाद पंचामृत और सुगंधित जल से ठाकुर जी का महाभिषेक हुआ. रेशमी वस्त्र और फूलों से सजे झूले में ठाकुर जी के बाल स्वरूप की झांकी सजाई गई. इस दौरान भक्तों ने माखन-मिश्री, पंजीरी और पंचामृत सहित विविध भोग अर्पित किए।1
- गाड़ी पर लगा ये बैनर आखिर किस बड़े आंदोलन का संकेत है? बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल की तैयारी में—आइए, इन्हीं से जानते हैं सरकार से क्या है मांग! जयपुर। शहर के बीचोबीच एक गाड़ी पर लगा बैनर इन दिनों बैंक कर्मचारियों के प्रस्तावित बड़े आंदोलन का संकेत दे रहा है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर बैंक कर्मचारियों ने 11 सितंबर तथा 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को हड़ताल का ऐलान किया है। वहीं, मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 26 अक्टूबर 2026 से अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल की चेतावनी दी गई है। बैंक यूनियनों की प्रमुख मांगों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना, सरकार की PLI योजना को वापस लेना और इसके क्रियान्वयन को स्थगित करना, यूनियनों के साथ द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से PLI योजना में संशोधन करना तथा लंबित मुद्दों का समाधान करना शामिल है। इसी कड़ी में राजस्थान में बैंक कर्मचारी और अधिकारी भी अपनी मांगों को लेकर लामबंद नजर आ रहे हैं। गाड़ी पर लगाए गए बैनर के जरिए आम लोगों तक आंदोलन का संदेश पहुंचाया जा रहा है। इस पूरे मामले को लेकर हमने बैंक यूनियन के पदाधिकारियों से बातचीत की और जाना कि आखिर बैंक कर्मचारी सरकार से क्या चाहते हैं और हड़ताल की नौबत क्यों आई? एम. एस. भाटेजा, महासचिव, पंजाब एंड सिंध बैंक एम्प्लॉइज यूनियन राजस्थान (PSBEU), उप महासचिव राजस्थान प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज यूनियन (RPBEU) और उपाध्यक्ष ऑल इंडिया पंजाब एंड सिंध बैंक स्टाफ ऑर्गनाइजेशन (AIPSBSO) ने आंदोलन को लेकर अपनी बात रखी। वहीं सुरेश कुमार, सहायक महासचिव और पद्मा जी, उपाध्यक्ष, राजस्थान प्रदेश बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन ने भी बैंक कर्मचारियों की मांगों और प्रस्तावित हड़ताल को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। अब बड़ा सवाल—क्या सरकार और बैंक यूनियनों के बीच बातचीत से हड़ताल टलेगी या 26 अक्टूबर से देशभर में बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर देखने को मिलेगा?1
- सुरसुरा धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, तेजाजी महाराज के दरबार में श्रद्धालुओं का तांता, पुलिस ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था प्रदेश सहित दूसरे राज्यों से पहुंच रहे श्रद्धालु, डीजे की धुन पर जयकारों के साथ निकल रहीं पदयात्राएं रूपनगढ़। भाद्रपद शुक्ल दशमी के अवसर पर सुरसुरा स्थित श्री वीर तेजाजी महाराज की निर्वाण स्थली पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। तेजाजी महाराज के दर्शन और मन्नत मांगने के लिए राजस्थान सहित अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुरसुरा धाम पहुंच रहे हैं। हर रोज श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है और पूरा सुरसुरा धाम तेजाजी महाराज के जयकारों से गूंज रहा है। आसपास के गांवों और कस्बों से श्रद्धालु डीजे की धुन पर पैदल यात्राएं निकालते हुए समूहों में सुरसुरा पहुंच रहे हैं। हाथों में ध्वज और जुबां पर तेजाजी महाराज के जयकारों के साथ श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। कई श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर खीर, चूरमा, नारियल सहित प्रसाद अर्पित कर अपनी मनोकामना मांग रहे हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा: श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रूपनगढ़ थाना पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवानों को सुरसुरा धाम तथा आसपास के प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है। भीड़ को व्यवस्थित करने, यातायात सुचारू रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर पुलिस लगातार नजर बनाए हुए है। सुरसुरा धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और लगातार पहुंच रही पदयात्राओं से पूरे क्षेत्र में भक्ति, उत्साह और आस्था का माहौल बना हुआ है। तेजाजी महाराज के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार जारी है।2
- यदि व्यक्ति मन में किसी विचार का चिंतन करे और पूर्ण समर्पण के भाव से उसे आत्मसात करे, तो उसे आध्यात्मिक अनुभूति का परोक्ष रूप से अनुभव होता है और यह अनुभूति उसे भीतर से ऊर्जा एवं सकारात्मक शक्ति प्रदान करती है।1
- व्हाट्सएप स्टेटस लगाए और पैसे कमाने का मौका पाए लाइक करें सब्सक्राइब करें Ajmer वार्ड 1 में भाजपा के पार्षद प्रत्याशी विनोद डिडवानिया ने क्षेत्र में किया जन संपर्क Dainik News AJMER1