पानीपत टोल के पास एक गरीब युवक ने ईमानदारी की अद्भुत मिसाल पेश की है। उसे अमेरिकी डॉलर, दुबई की करेंसी, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन से भरा एक बैग मिला था। युवक चाहता तो वह सब कुछ अपने पास रख सकता था, लेकिन उसने अपनी गरीबी से बड़ा अपना ज़मीर ज़िंदा रखा और बिना किसी लालच के बैग उसके असली मालिक को लौटाने का फैसला किया। इस नेक काम के लिए युवक ने IBN24 के पत्रकार आकर्षण उप्पल से संपर्क किया, जिनकी मदद से वह बैग उसके असली मालिक तक सुरक्षित पहुँच गया। यह बताया गया है कि मालिक ने युवक को कोई इनाम नहीं दिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इंसान अपनी ईमानदारी खत्म कर दे, क्योंकि पैसों का इनाम हर कोई नहीं देता, मगर समाज सम्मान ज़रूर देता है। आज इस गरीब लेकिन ईमानदार युवक को सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे देश में पहचान मिल गई है। यह आशा व्यक्त की गई है कि उसकी यही ईमानदारी उसे भविष्य में ऐसी ऊंचाइयों तक ले जाएगी, जहाँ बड़े-बड़े करोड़पति व्यवसायी उसे नौकरी देने के लिए लाइन में खड़े होंगे। यह घटना दर्शाती है कि भारत आज भी ऐसा देश है जहाँ हुनर और ईमानदारी की कीमत समझने वाले लोग मौजूद हैं, क्योंकि गरीब होना कमजोरी नहीं, बल्कि बेईमान होना ही सबसे बड़ी गरीबी है।
पानीपत टोल के पास एक गरीब युवक ने ईमानदारी की अद्भुत मिसाल पेश की है। उसे अमेरिकी डॉलर, दुबई की करेंसी, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन से भरा एक बैग मिला था। युवक चाहता तो वह सब कुछ अपने पास रख सकता था, लेकिन उसने अपनी गरीबी से बड़ा अपना ज़मीर ज़िंदा रखा और बिना किसी लालच के बैग उसके असली मालिक को लौटाने का फैसला किया। इस नेक काम के लिए युवक ने IBN24 के पत्रकार आकर्षण उप्पल से संपर्क किया, जिनकी मदद से वह बैग उसके असली मालिक तक सुरक्षित पहुँच गया। यह बताया गया है कि मालिक ने युवक को कोई इनाम नहीं दिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इंसान अपनी ईमानदारी खत्म कर दे, क्योंकि पैसों का इनाम हर कोई नहीं देता, मगर समाज सम्मान ज़रूर देता है। आज इस गरीब लेकिन ईमानदार युवक को सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे देश में पहचान मिल गई है। यह आशा व्यक्त की गई है कि उसकी यही ईमानदारी उसे भविष्य में ऐसी ऊंचाइयों तक ले जाएगी, जहाँ बड़े-बड़े करोड़पति व्यवसायी उसे नौकरी देने के लिए लाइन में खड़े होंगे। यह घटना दर्शाती है कि भारत आज भी ऐसा देश है जहाँ हुनर और ईमानदारी की कीमत समझने वाले लोग मौजूद हैं, क्योंकि गरीब होना कमजोरी नहीं, बल्कि बेईमान होना ही सबसे बड़ी गरीबी है।
- पानीपत टोल के पास एक गरीब युवक ने ईमानदारी की अद्भुत मिसाल पेश की है। उसे अमेरिकी डॉलर, दुबई की करेंसी, एटीएम कार्ड और मोबाइल फोन से भरा एक बैग मिला था। युवक चाहता तो वह सब कुछ अपने पास रख सकता था, लेकिन उसने अपनी गरीबी से बड़ा अपना ज़मीर ज़िंदा रखा और बिना किसी लालच के बैग उसके असली मालिक को लौटाने का फैसला किया। इस नेक काम के लिए युवक ने IBN24 के पत्रकार आकर्षण उप्पल से संपर्क किया, जिनकी मदद से वह बैग उसके असली मालिक तक सुरक्षित पहुँच गया। यह बताया गया है कि मालिक ने युवक को कोई इनाम नहीं दिया, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इंसान अपनी ईमानदारी खत्म कर दे, क्योंकि पैसों का इनाम हर कोई नहीं देता, मगर समाज सम्मान ज़रूर देता है। आज इस गरीब लेकिन ईमानदार युवक को सोशल मीडिया के माध्यम से पूरे देश में पहचान मिल गई है। यह आशा व्यक्त की गई है कि उसकी यही ईमानदारी उसे भविष्य में ऐसी ऊंचाइयों तक ले जाएगी, जहाँ बड़े-बड़े करोड़पति व्यवसायी उसे नौकरी देने के लिए लाइन में खड़े होंगे। यह घटना दर्शाती है कि भारत आज भी ऐसा देश है जहाँ हुनर और ईमानदारी की कीमत समझने वाले लोग मौजूद हैं, क्योंकि गरीब होना कमजोरी नहीं, बल्कि बेईमान होना ही सबसे बड़ी गरीबी है।1
- श्री सांवरिया सेठ के आज के लाइव मंगला आरती एवं अलौकिक श्रंगार दर्शन के साथ, चित्तौड़गढ़ पुलिस ने 'टाइगर एसपी' धर्मेंद्र सिंह यादव के नेतृत्व में ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस बड़ी कार्रवाई में अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पिस्टल सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सूने मकानों में चोरी करने वाले दो शातिर नकबजनों को भी पकड़ा है, जिससे कई वारदातों का खुलासा हुआ है। इसके अतिरिक्त, तीन लाख रुपये की चोरी हुई केटीएम ड्युक स्पोर्ट्स बाइक भी बरामद की गई है, और इस मामले से जुड़े आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। 'टाइगर एसपी' धर्मेंद्र सिंह यादव के मार्गदर्शन में अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी है, जिसके तहत हथियार गैंग को पकड़ने और शातिर चोरों को गिरफ्तार करने जैसे महत्वपूर्ण एक्शन लिए गए हैं।1
- चित्तौड़गढ़ की गंगरार थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल मय मैगजीन और दो अतिरिक्त मैगजीन बरामद की हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अवैध हथियार का खरीददार बबलु सिकलीघर (24) निवासी स्टेशन गंगरार, और हथियार सप्लाई करने वाले दीपक उर्फ दीपु (24) निवासी लंका कॉलोनी बांरा (जो वर्तमान में पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर में रह रहा था), निखिल (21) निवासी पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर, तथा जितेन्द्र (26) निवासी शिववाटिका के पास पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर शामिल हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह द्वारा अवैध हथियारों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन और डीएसपी शिवप्रकाश के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी श्यामाराम के नेतृत्व में एएसआई शैतान सिंह और उनके जाप्ते में शामिल कानि. नन्दराम, प्रदीप कुमार और कृष्ण कुमार ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस टीम ने भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ हाईवे रोड पर राईट चॉईस होटल के सामने इन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपी बबलु सिकलीघर के कब्जे से एक पिस्टल मय मैगजीन जब्त की गई, जबकि आरोपी दीपक और निखिल से एक-एक अतिरिक्त मैगजीन बरामद हुई। उनके साथी आरोपी जितेंद्र को भी मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। बताया गया है कि गिरफ्तार अभियुक्त दीपक उर्फ दीपु के खिलाफ पूर्व में कोटा और बारां जिले में आर्म्स एक्ट, लूट और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के करीब 6-7 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, अभियुक्त निखिल भी पहले पोक्सो एक्ट के अपराध में जेल जा चुका है।1
- Post by Lucky sukhwal1
- गंगापुर शहर में लगातार बिगड़ती सफाई व्यवस्था, सड़कों पर फैले कचरे और जाम नालियों से परेशान व्यापारियों व आमजन ने गुरुवार को नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त व्यापार संघ गंगापुर के आह्वान पर शहर के अधिकांश बाजार पूरी तरह बंद रहे, जिससे मुख्य बाजारों में दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि शहर के कई इलाकों में लंबे समय से नियमित सफाई न होने के कारण जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं। इसके साथ ही, नालियों की सफाई न होने से बदबू फैल रही है और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष संजय कुमार रुइया ने गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि नगर पालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से कई बार अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने गर्मी और बरसात में गंदगी के कारण मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू, मलेरिया सहित अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ने की चिंता भी व्यक्त की। विभिन्न व्यापारिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने भी इस बंद का समर्थन किया। व्यापारियों ने प्रशासन की लापरवाही को शहर की सफाई व्यवस्था चरमराने का कारण बताया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने नियमित कचरा उठाने, नालियों की समुचित सफाई कराने और शहर में फॉगिंग अभियान चलाने की तत्काल मांग की है।1
- भीलवाड़ा के बोराड़ा में पूर्व सरपंच परिवार से जुड़े सनसनीखेज हत्याकांड का जिला पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाला ने चंद घंटों में बड़ा खुलासा किया है। जिस घटना को शुरुआत में सड़क हादसे और कार में आग लगने की दुर्घटना माना जा रहा था, वह असल में एक खौफनाक पारिवारिक साजिश निकली है। पुलिस जांच में सामने आया कि पूर्व सरपंच परिवार की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिवार के ही सदस्यों ने की है। इस मामले में रामसिंह की पहली पत्नी सुनीता, उसकी बेटी और नाबालिग बेटे को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने पुराने पारिवारिक विवाद और आपसी रंजिश के चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों ने पहले रामसिंह, उसकी मां (पूर्व सरपंच पूसी देवी), दूसरी पत्नी सुरज्ञान और भांजी महिमा पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला किया, जिससे चारों की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद, सबूत मिटाने के इरादे से चारों शवों को स्कॉर्पियो कार में डाला गया और फार्म हाउस से करीब 500 मीटर दूर ले जाकर कार को आग के हवाले कर दिया गया, ताकि यह मामला एक दुर्घटना प्रतीत हो। हालांकि, घटनास्थल पर मिले अहम सुराग, शवों की स्थिति और पुलिस की सख्त पूछताछ ने पूरी साजिश की परतें खोल दीं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार और अन्य सबूत भी बरामद कर लिए हैं। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पूरे बोराड़ा और आसपास के इलाके में भारी सनसनी फैल गई है, जहाँ हर कोई इस बात से स्तब्ध है कि रिश्तों की दीवारों के भीतर ही इतना खूनी खेल खेला गया। पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी है।1
- यह संदेश उन लोगों के लिए है जो जिंदगी में मौत को रास्ता समझने लगे हैं। इसमें भगवान श्री कृष्ण के जीवन का उदाहरण देकर बताया गया है कि उनका जन्म जेल में हुआ और अंत जंगल में, उन्होंने न जीवन की शुरुआत महलों में की और न ही अंत किसी सिंहासन पर। इसके बावजूद, भगवान श्री कृष्ण ने हर कठिनाई में मुस्कुराकर धर्म निभाया, अपनों का वियोग सहा, कई षड्यंत्रों का सामना किया और युद्ध भी देखे, लेकिन कभी जीवन से हार नहीं मानी। आज का इंसान छोटी-छोटी परेशानियों में टूटकर मौत को विकल्प समझने लगा है। यह संदेश याद दिलाता है कि जीवन कांटों से भरा जरूर है, लेकिन जैसे पैर में कांटा लगने पर कांटा निकाला जाता है, पूरा पैर नहीं काटा जाता; उसी तरह समस्या कितनी भी बड़ी हो, उसका समाधान हमेशा उससे बड़ा होता है। इसलिए, हार मानना कोई विकल्प नहीं है। जीवन में लड़ना ही मनुष्य का धर्म है।1
- निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ हाईवे पर निकुंभ के नपावली जीएसएस के पास मंगलवार सुबह एक डंपर और पिकअप की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पिकअप चालक इसरार खां निवासी डूंगला की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और फोरलेन निर्माण की सुस्त रफ्तार तथा सुरक्षा में कमी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला, जिससे परियोजना पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से बिखर गया और चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल चालक को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस फोरलेन परियोजना से सफर सुरक्षित और आसान होने की उम्मीद थी, वही अब हादसों की वजह बन रही है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य केवल कागजों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत में हालात बदहाल हैं। कई स्थानों पर सड़क अधूरी पड़ी है, डायवर्जन स्पष्ट नहीं हैं, और निर्माण सामग्री सड़क किनारे फैली हुई है, जिससे रात के समय वाहन चालकों को रास्ता समझना भी मुश्किल हो जाता है और तेज रफ्तार भारी वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नपावली जीएसएस क्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों का कहना है कि करोड़ों की परियोजना होने के बावजूद, सुरक्षा संकेतक, स्पीड कंट्रोल और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था तक सही तरीके से नहीं की गई है। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सिर्फ हादसे नहीं बल्कि लापरवाही के कारण होने वाली मौतें हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी परिवार उजड़ सकते हैं। उन्होंने तत्काल हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है।1