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बांकीपुर चुनाव हारने के बाद भाजपा की बड़ी समीक्षा बैठक ! बांकीपुर में भाजपा की करारी हार के बाद आज भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बड़ी बैठक खत्म हुई। बांकीपुर भाजपा कार्यकर्ता से जब फीडबैक लिया गया, तो भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी को निर्देश दिया है कि बांकीपुर के लिए जिस तरह से कार्यकर्ता पहले काम करते रहे हैं आगे भी उसी तरीके से कम करते रहेंगे
जनमत एक्सप्रेस, श्रवण राज
बांकीपुर चुनाव हारने के बाद भाजपा की बड़ी समीक्षा बैठक ! बांकीपुर में भाजपा की करारी हार के बाद आज भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बड़ी बैठक खत्म हुई। बांकीपुर भाजपा कार्यकर्ता से जब फीडबैक लिया गया, तो भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराजगी थी बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी को निर्देश दिया है कि बांकीपुर के लिए जिस तरह से कार्यकर्ता पहले काम करते रहे हैं आगे भी उसी तरीके से कम करते रहेंगे
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- अमरपुर नगर पंचायत परिसर में लाखों रुपए कि लागत से बना शौचालय बना कर्मचारियों का बेड रुम जनता का शौचालय या कर्मचारी का बेडरूम? महिला शौचालय में बेड, ताला लगने पर अमरपुर में हंगामा। अमरपुर नगर पंचायत परिसर में लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सुलभ शौचालय अब विवादों के घेरे में है। आरोप है कि यहां तैनात कर्मचारी शौचालय पर ताला लगा देते हैं और महिला शौचालय के अंदर बेड लगाकर आराम करते हैं। इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर हंगामा हुआ। मामला मंगलवार सुबह का है। एक महिला शौचालय का उपयोग करने नगर पंचायत परिसर स्थित सुलभ शौचालय पहुंची। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारी ने महिला को अंदर जाने से रोक दिया। विरोध करने पर कर्मचारी ने कथित तौर पर कहा, "मेरा मन है, जहां शिकायत करनी है कर दीजिए, मेरा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता।" घटना की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद सफाई कर्मी भी आक्रोशित हो गए। उन्होंने कर्मचारी के व्यवहार का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि आखिर सार्वजनिक शौचालय पर ताला किसके आदेश से लगाया जाता है? महिला शौचालय के अंदर बेड लगाकर आराम करने की अनुमति किसने दी? सफाई कर्मियों ने संबंधित कर्मचारी को तत्काल हटाने की मांग की और कहा कि यह शौचालय आम लोगों, राहगीरों और दुकानदारों की सुविधा के लिए बनाया गया है, न कि किसी कर्मचारी के निजी उपयोग के लिए। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेश साह ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सार्वजनिक शौचालय का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया है तो उसे जल्द हटाकर जिम्मेदार और बेहतर कर्मचारी की तैनाती की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जनता की सुविधा के लिए बने शौचालय पर ही ताला लटकने लगे और महिला शौचालय को आरामगाह बना दिया जाए, तो आम लोगों की परेशानी का जिम्मेदार कौन होगा? क्या इस मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा?1
- सफ़ाई कर्मियों की बड़ी जीत! तीनों मांगों पर लगी मुहरसफ़ाई कर्मियों की बड़ी जीत! तीनों मांगों पर लगी मुहर सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण लगातार छठे दिन कूड़े का उठाव ठप रहा, जिससे शहर में चारों तरफ गंदगी का अंबार लग गया है। स्थिति गंभीर होते देख नगर विकास विभाग हरकत में आया है। मंगलवार को विभाग के प्रधान सचिव ने पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति के नेताओं के साथ बैठक की।बैठक में आउटसोर्स एजेंसियों की मनमानी पर रोक लगाने, कर्मियों का वेतन न रोकने और वाहन खराब होने पर ड्राइवरों को दोषी न ठहराने जैसी व्यवस्थागत बदलावों पर सहमति बनी है। आउटसोर्स एजेंसियों के लिए जल्द ही नई नियम और शर्तें लागू की जाएंगी। समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रधान सचिव और विभागीय मंत्री सफाईकर्मियों की मांगों को लेकर गंभीर हैं। इसके अलावा मंगलवार शाम महापौर, नगर आयुक्त और सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों के साथ भी कर्मचारी नेताओं की बैठक हुई, जिसमें मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए विभाग को अनुशंसा भेजने पर सहमति बनी। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि सफाईकर्मियों की हड़ताल जल्द समाप्त हो सकती है।4
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- महापौर ने पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ की बैठक 4 अगस्त 2026। पटना पटना नगर निगम के महापौर सीता साहू की अध्यक्षता एवं नगर आयुक्त यशपाल मीणा की उपस्थिति में मंगलवार को पटना नगर निगम मुख्यालय स्थित सभागार में पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह एवं संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ द्वारा तीन सूत्री मांगों के समर्थन में आहूत अनिश्चितकालीन हड़ताल के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी तीनों मांगों को विस्तारपूर्वक महापौर के समक्ष रखा। इसके बाद प्रत्येक मांग पर बिंदुवार चर्चा की गई। महापौर ने स्पष्ट किया कि पटना नगर निगम कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा संघ की तीनों मांगों के समाधान के पक्ष में है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इन मांगों पर अंतिम निर्णय लेना पटना नगर निगम को प्राप्त वैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इस पर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि निगम अपनी सकारात्मक मंशा को औपचारिक रूप देते हुए तीनों मांगों से संबंधित प्रस्ताव सशक्त स्थायी समिति एवं निगम परिषद से पारित कराकर अनुशंसा सहित नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजे। बैठक के दौरान महापौर सीता साहू ने कहा, "पटना नगर निगम सभी सफाई कर्मियों के हितों की रक्षा एवं उनके कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। समय-समय पर उनके हित में आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। संघ की तीनों मांगों पर विचार एवं अनुशंसा के लिए बुधवार को सशक्त स्थायी समिति की बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।" संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक आयोजित करने के लिए महापौर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बैठक में हुई सकारात्मक चर्चा से संघ के सदस्यों एवं सफाई कर्मियों को अवगत कराया जाएगा तथा उम्मीद जताई कि मांगों के संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। बैठक में सशक्त स्थायी समिति की सदस्य अनिता देवी, सुनीता देवी, कुमार संजीत, मनोज कुमार तथा अपर नगर आयुक्त कृष्ण स्वरूप भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर पटना सहित राज्य के विभिन्न नगर निकायों के दैनिक सफाई कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।1
- प्रशांत किशोर के बांकेपुर उपचुनाव में जीत के खुशी में जयनगर में लोगों ने खुशी मनया1
- पीड़ित परिवार से मिलीं भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष, न्याय का दिलाया भरोसा। फतुहा के कोल्हर गांव में छह वर्षीय अमरजीत पासवान की मौत के बाद भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष अनामिका पासवान मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए आर्थिक सहायता दी और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान उन्होंने पुलिस के वरीय अधिकारियों से फोन पर बात कर मामले में त्वरित कार्रवाई और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। गौरतलब है कि 27 जुलाई को खेत में गिरे बिजली के करंट प्रवाहित तार की चपेट में आने से अमरजीत की मौत हो गई थी। वहीं, परिजन गांव के एक पड़ोसी पर जानबूझकर करंट लगाकर हत्या करने का आरोप लगा रहे हैं। इस अवसर पर भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिला महामंत्री कवीन्द्र कुमार तांती, एससी मोर्चा के प्रदेश कोषाध्यक्ष राणा राजेंद्र पासवान सहित कई भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।1
- TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों को खुशखबरी दी थी. उन्होंने एक्स के जरिए जानकारी दी थी कि 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बीपीएससी को अधियाचना भेज दी गई है. लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने से अभ्यर्थी गुस्से में हैं.BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो', यह नारा अभ्यर्थियों की तरफ से लगाया जा रहा है. BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किए जाने की वजह से छात्र नेता दिलीप कुमार और अभ्यर्थी गुस्से में दिखे. उन्होंने विज्ञापन जारी नहीं करने पर महा आंदोलन की चेतावनी दे दी है. BPSC TRE-4 के लिए दो साल से सिर्फ ऐलान ही किया जा रहा है. लेकिन अब तक विज्ञापन आया कहां है. बीपीएससी की तरफ से भी कहा जा रहा है कि अधियाचना वापस कर दी गई है. ऐसे में यह कैसी अधियाचना भेजी गई थी कि बीपीएससी ने वापस कर दिया. चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 दिनों में नोटिफिकेशन जारी हो जाना चाहिए और सभी सब्जेक्ट में सीट रहनी चाहिए . अगर ऐसा नहीं हुआ तो महा आंदोलन किया जाएगा. TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों को खुशखबरी दी थी. उन्होंने एक्स के जरिए जानकारी दी थी कि 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बीपीएससी को अधियाचना भेज दी गई है. लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने से अभ्यर्थी गुस्से में हैं.BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो', यह नारा अभ्यर्थियों की तरफ से लगाया जा रहा है. BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किए जाने की वजह से छात्र नेता दिलीप कुमार और अभ्यर्थी गुस्से में दिखे. उन्होंने विज्ञापन जारी नहीं करने पर महा आंदोलन की चेतावनी दे दी है. BPSC TRE-4 के लिए दो साल से सिर्फ ऐलान ही किया जा रहा है. लेकिन अब तक विज्ञापन आया कहां है. बीपीएससी की तरफ से भी कहा जा रहा है कि अधियाचना वापस कर दी गई है. ऐसे में यह कैसी अधियाचना भेजी गई थी कि बीपीएससी ने वापस कर दिया. चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 दिनों में नोटिफिकेशन जारी हो जाना चाहिए और सभी सब्जेक्ट में सीट रहनी चाहिए . अगर ऐसा नहीं हुआ तो महा आंदोलन किया जाएगा.1
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