राजस्थान के भीलवाड़ा में चोरी की एक अनोखी घटना सामने आई है, जहां एक शातिर चोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मास्क पहनकर एक मोबाइल की दुकान में घुस गया। चोर दुकान से हजारों रुपये कीमत के मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो गया, जिसके बाद से यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया गया है कि देर रात चोर ने दुकान का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मास्क पहन रखा था, जिससे पहली नजर में उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया। दुकान के अंदर घुसते ही चोर ने तेजी से कई मोबाइल फोन समेटे और कुछ ही मिनटों में मौके से फरार हो गया। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें मास्क पहने चोर को आराम से दुकान में घूमते और मोबाइल इकट्ठा करते देखा जा सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही दुकान मालिक ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। चोर के आने-जाने के रास्ते का पता लगाने के लिए आसपास लगे अन्य कैमरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए जाएंगे।
राजस्थान के भीलवाड़ा में चोरी की एक अनोखी घटना सामने आई है, जहां एक शातिर चोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मास्क पहनकर एक मोबाइल की दुकान में घुस गया। चोर दुकान से हजारों रुपये कीमत के मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो गया, जिसके बाद से यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया गया है कि देर रात चोर ने दुकान का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मास्क पहन रखा था, जिससे पहली नजर में उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया। दुकान के अंदर घुसते ही चोर ने तेजी से कई मोबाइल फोन समेटे और कुछ ही मिनटों में मौके से फरार हो गया। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें मास्क पहने चोर को आराम से दुकान में घूमते और मोबाइल इकट्ठा करते देखा जा सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही दुकान मालिक ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। चोर के आने-जाने के रास्ते का पता लगाने के लिए आसपास लगे अन्य कैमरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए जाएंगे।
- जौनपुर जिले के जलालगंज स्टेशन के ठीक बगल में रेलवे कर्मचारियों और मजदूरों के लिए एक रेन बसेरा तैयार किया गया है।1
- Post by Abdul Kalam1
- वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में एक पारिवारिक विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया, जहाँ 29 जून की शाम अधिवक्ता प्रशांत कुमार चतुर्वेदी पर जानलेवा हमला किया गया। हमले में अधिवक्ता गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी पत्नी रोमी चतुर्वेदी ने ससुराल पक्ष के पाँच लोगों पर मारपीट, छेड़छाड़ तथा जेवर छीनने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता रोमी चतुर्वेदी के अनुसार, उनके पति प्रशांत कुमार चतुर्वेदी के घर पहुँचते ही ससुर शेषनाथ चौबे, सास मनोरमा देवी, ननद प्रज्ञा चतुर्वेदी, अमित पाण्डेय और आनंद पाण्डेय ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से उन पर हमला कर दिया, जिससे अधिवक्ता बेहोश हो गए। रोमी चतुर्वेदी का आरोप है कि पति को बचाने के दौरान उनके साथ भी मारपीट और छेड़छाड़ की गई, साथ ही उनके गले से सोने की चेन और हाथ की अंगूठी भी छीन ली गई। घटना की सूचना मिलने पर डायल-112 और चौबेपुर पुलिस मौके पर पहुँची और दोनों घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर किया गया, जहाँ से अधिवक्ता प्रशांत कुमार चतुर्वेदी की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। चौबेपुर पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में पाँच नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जाँच की जा रही है, जिसके बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।1
- वाराणसी में एक पारिवारिक विवाद के चलते एक अधिवक्ता पर जानलेवा हमला किया गया है। इस घटना को लेकर अधिवक्ता की पत्नी ने अपने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का दावा है कि ससुराल पक्ष के सदस्यों ने उनके साथ मारपीट की, छेड़छाड़ की और लूटपाट की भी वारदात को अंजाम दिया।1
- स्वर्वेद महामंदिर धाम में कबीर प्राकट्य महोत्सव का आयोजन आध्यात्मिक उल्लास और भव्यता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस महोत्सव ने धाम को एक विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान दिलाई।1
- राजस्थान के भीलवाड़ा में चोरी की एक अनोखी घटना सामने आई है, जहां एक शातिर चोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मास्क पहनकर एक मोबाइल की दुकान में घुस गया। चोर दुकान से हजारों रुपये कीमत के मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो गया, जिसके बाद से यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया गया है कि देर रात चोर ने दुकान का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया। अपनी पहचान छिपाने के लिए उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मास्क पहन रखा था, जिससे पहली नजर में उसकी पहचान करना मुश्किल हो गया। दुकान के अंदर घुसते ही चोर ने तेजी से कई मोबाइल फोन समेटे और कुछ ही मिनटों में मौके से फरार हो गया। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसमें मास्क पहने चोर को आराम से दुकान में घूमते और मोबाइल इकट्ठा करते देखा जा सकता है। घटना की जानकारी मिलते ही दुकान मालिक ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास कर रही है। चोर के आने-जाने के रास्ते का पता लगाने के लिए आसपास लगे अन्य कैमरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने उम्मीद जताई है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर चोरी किए गए मोबाइल फोन बरामद कर लिए जाएंगे।1
- डोनाल्ड ट्रम्प ने पेट्रोल बेचने वाली कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे तत्काल पेट्रोल के दाम कम करें। ट्रम्प के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें सस्ती हो गई हैं। इसके बावजूद, ग्राहकों से अभी भी पेट्रोल के लिए अधिक पैसे वसूले जा रहे हैं, जिस पर उन्होंने चिंता व्यक्त की।1
- आज वाराणसी नगर निगम में मीट का कारोबार करने वाले व्यापारियों ने नगर निगम के आदेश को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। यह 'हल्लाबोल' निगम द्वारा मीट की दुकानों को शहर से बाहर स्थानांतरित करने के निर्देश के विरोध में किया गया।1
- बाराबंकी जिले के रामनगर थाना क्षेत्र के कटियारा गांव में जितेंद्र चौहान नामक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को लखनऊ-बहराइच राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर रास्ता जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच भीषण झड़प हो गई, जिसमें ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। पथराव के कारण रामनगर थाना प्रभारी (SHO) अरुण प्रताप सिंह घायल होकर बेहोश हो गए। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि दरोगा और सिपाही अपनी जान बचाकर भागने को मजबूर हुए, जिसके बाद पुलिसकर्मियों को घटनास्थल से पीछे हटना पड़ा।1