खुंटी जिले के मुरहू प्रखंड अंतर्गत कुंजला गाँव में एक प्रेरणादायक सामाजिक परंपरा पिछले लगभग 10 वर्षों से जारी है। यह पहल ग्राम अध्यक्ष और पूर्व जिला अध्यक्ष काशीनाथ महतो द्वारा शुरू की गई थी, जिसके तहत कफ़न देने की पुरानी परंपरा के स्थान पर शोक संतप्त परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। इसी मानवीय पहल के अंतर्गत, हाल ही में तजना मुक्ति धाम, खूंटी में एक अंतिम संस्कार के अवसर पर मृतक के परिजनों को 6,000 रुपये की सहयोग राशि दी गई। इस राशि को प्राप्त करने के बाद, परिजनों ने इसे जनहित और सामाजिक कार्यों के लिए मुक्ति धाम संस्था में ही जमा करा दिया। इस नेक कार्य में अनूप साहू सहित स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल के माध्यम से समाज में यह संदेश दिया जा रहा है कि संवेदना व्यक्त करने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों को वास्तविक सहायता पहुंचाना भी अत्यंत आवश्यक है। काशीनाथ महतो ने जोर देकर कहा कि सहयोग ही सबसे बड़ी संवेदना है, और ऐसे समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
खुंटी जिले के मुरहू प्रखंड अंतर्गत कुंजला गाँव में एक प्रेरणादायक सामाजिक परंपरा पिछले लगभग 10 वर्षों से जारी है। यह पहल ग्राम अध्यक्ष और पूर्व जिला अध्यक्ष काशीनाथ महतो द्वारा शुरू की गई थी, जिसके तहत कफ़न देने की पुरानी परंपरा के स्थान पर शोक संतप्त परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। इसी मानवीय पहल के अंतर्गत, हाल ही में तजना मुक्ति धाम, खूंटी में एक अंतिम संस्कार के अवसर पर मृतक के परिजनों को 6,000 रुपये की सहयोग राशि दी गई। इस राशि को प्राप्त करने के बाद, परिजनों ने इसे जनहित और सामाजिक कार्यों के लिए मुक्ति धाम संस्था में ही जमा करा दिया। इस नेक कार्य में अनूप साहू सहित स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल के माध्यम से समाज में यह संदेश दिया जा रहा है कि संवेदना व्यक्त करने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों को वास्तविक सहायता पहुंचाना भी अत्यंत आवश्यक है। काशीनाथ महतो ने जोर देकर कहा कि सहयोग ही सबसे बड़ी संवेदना है, और ऐसे समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
- खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड अंतर्गत सुनगी पंचायत के मुखिया बिनोद भेंगरा ने भीषण गर्मी के मौसम में ग्रामीणों की पेयजल समस्याओं को देखते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग करते हुए सुनगी पंचायत के 9 राजस्व गांवों में खराब पड़े 63 चापानलों की मरम्मत करवाई है। इस मरम्मत कार्य से पहले, सुनगी पंचायत के ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर खेतों में जाना पड़ता था, जहाँ से वे कुओं और चुआं से दूषित पानी लाकर कपड़े से छानकर उपयोग करते थे। गाँवों में वर्षों से खराब पड़े चापानलों के ठीक होने के बाद अब ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिलने लगा है, जिससे उनमें काफी खुशी है। मुखिया बिनोद भेंगरा ने बताया कि ग्रामीणों को तेज धूप में दूर-दूर से बाल्टी, डेक्ची और डिब्बों में दूषित पानी लाते देख उन्होंने पंचायत के सभी खराब चापानलों की मरम्मत कराने का निश्चय किया था। मुखिया ने आगे कहा कि पंचायत में जो भी अन्य चापानल खराब पड़े हैं, उन्हें भी तत्काल बनवाया जाएगा, ताकि ग्रामीणों को पानी के लिए किसी भी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े।1
- एक यूट्यूबर ने अपने हालिया वीडियो के संबंध में कहा है कि यह सभी दर्शकों को अच्छा नहीं लग सकता है। उन्होंने बताया कि उनका यूट्यूब चैनल 'dharmes vilogs khunti' नाम से है, और उन्होंने लोगों से एक बार उनके चैनल को देखने का आग्रह किया है। यूट्यूबर ने अपने दर्शकों से चैनल को सब्सक्राइब करने, वीडियो को लाइक करने, कमेंट करने और शेयर करने की भी अपील की है।2
- राजधानी रांची में शाम के समय मेघ गर्जन के साथ जोरदार बारिश हुई, जिससे शहर का मौसम सुहावना और सामान्य हो गया। इस बारिश ने मौसम में बढ़ती तपिश से लोगों को काफी राहत दिलाई। बारिश के दौरान, लोगों को रास्ते में छत्रियाँ लेकर घूमते हुए और इस सुहावने मौसम का आनंद लेते हुए देखा गया। यह जानकारी रांची से ब्रजेश गोप की रिपोर्ट में दी गई है।1
- झारखंड में आदिवासी समाज से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है, जिसमें आदिवासी नेत्री निशा भगत द्वारा लगाए गए जाति प्रमाणपत्र संबंधी आरोपों पर जोशना कर्केट्टा ने अपनी बात खुलकर रखी है। जोशना कर्केट्टा ने अपने बचाव में दस्तावेजों, प्रमाणपत्रों और कानूनी प्रक्रिया का हवाला दिया है, साथ ही विवादित दस्तावेज़ से जुड़ी वास्तविक स्थिति और इस मामले में उठाए गए अपने कदमों को भी स्पष्ट किया है। इस जाति प्रमाणपत्र विवाद ने आदिवासी राजनीति में बयानबाजी को बढ़ा दिया है और यह झारखंड की मौजूदा राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया है। यह पूरी प्रस्तुति केवल समाचार, जनहित और सार्वजनिक जागरूकता के उद्देश्य से की गई है, जिसका लक्ष्य किसी व्यक्ति, संगठन या समुदाय की छवि को धूमिल करना नहीं है। दर्शकों से आग्रह है कि वे उपलब्ध तथ्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर अपनी राय बनाएं।1
- ट्रवो ने रांची में अपने नए कॉर्पोरेट ऑफिस का उद्घाटन किया है। इस लॉन्च के साथ, कंपनी पूर्वी भारत को डिजिटल बनाने की दिशा में काम करने का लक्ष्य रखती है।1
- एक जल मीनार पिछले छह महीनों से खराब पड़ी है। इतने लंबे समय से खराब होने के बावजूद, इसकी स्थिति का जायजा लेने या इसकी मरम्मत के लिए अभी तक कोई भी व्यक्ति मौके पर नहीं पहुंचा है।1
- Post by All Jharkhand News1
- खुंटी जिले के मुरहू प्रखंड अंतर्गत कुंजला गाँव में एक प्रेरणादायक सामाजिक परंपरा पिछले लगभग 10 वर्षों से जारी है। यह पहल ग्राम अध्यक्ष और पूर्व जिला अध्यक्ष काशीनाथ महतो द्वारा शुरू की गई थी, जिसके तहत कफ़न देने की पुरानी परंपरा के स्थान पर शोक संतप्त परिवारों को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाता है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनी हुई है। इसी मानवीय पहल के अंतर्गत, हाल ही में तजना मुक्ति धाम, खूंटी में एक अंतिम संस्कार के अवसर पर मृतक के परिजनों को 6,000 रुपये की सहयोग राशि दी गई। इस राशि को प्राप्त करने के बाद, परिजनों ने इसे जनहित और सामाजिक कार्यों के लिए मुक्ति धाम संस्था में ही जमा करा दिया। इस नेक कार्य में अनूप साहू सहित स्थानीय लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस पहल के माध्यम से समाज में यह संदेश दिया जा रहा है कि संवेदना व्यक्त करने के साथ-साथ जरूरतमंद परिवारों को वास्तविक सहायता पहुंचाना भी अत्यंत आवश्यक है। काशीनाथ महतो ने जोर देकर कहा कि सहयोग ही सबसे बड़ी संवेदना है, और ऐसे समाजहित के कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।1