चक्रवाती तूफान व बारिश से हुई फसल क्षति का मुआवजा शीघ्र दे सरकार — प्रो. चंद्रशेखर चक्रवाती तूफान व बारिश से हुई फसल क्षति का मुआवजा शीघ्र दे सरकार — प्रो. चंद्रशेखर जिला संवाददाता रंजीत कुमार मधेपुरा बिहार सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं मधेपुरा सदर से राजद विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने आज यहां अतिथि गृह में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शुक्रवार की रात आए चक्रवाती तूफान और बारिश से मधेपुरा जिले में हजारों एकड़ में लगी गेहूं, मक्का, आम, लीची, केला, तेलहन, दलहन एवं सब्जी की फसलों को भारी क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन की सरकार” इस आपदा के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि शासन-प्रशासन शीघ्र क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा का भुगतान करे। प्रो. चंद्रशेखर ने कहा कि खेतों में खड़ी गेहूं और मक्का की फसल गिर जाने से किसानों के सपने बिखर गए हैं, मानो उनकी कमर टूट गई हो। महीनों की मेहनत मिनटों में मिट्टी में मिल गई है। उन्होंने बताया कि तेज आंधी के कारण आम और लीची की फसल भी बर्बाद हो गई है। बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए हैं और गरीबों के आशियाने ध्वस्त हो गए हैं। ठनका गिरने से भी कई जगह भारी नुकसान हुआ है। वहीं बिजली के तार टूटने एवं पोल गिरने से विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र में एशिया में सबसे अधिक मक्का की खेती होती है, जहां मक्का और गेहूं किसानों के लिए प्रमुख नकदी फसल है। किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं, ऐसे में फसल की बर्बादी से उनका जीवन दूभर हो जाता है। विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि शीघ्र मुआवजा नहीं मिला तो महागठबंधन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। राजद के जिला अध्यक्ष जयकांत यादव ने कहा कि जिला प्रशासन राज्य सरकार के निर्देश पर अविलंब फसल क्षति का आकलन कर रिपोर्ट भेजे और मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करे, अन्यथा आर-पार की लड़ाई होगी। भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि बिहार में किसानों को फसल बीमा का लाभ वर्षों से नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के बजाय कंपनियों के हित में काम कर रही है। भाकपा (माले) के जिला संयोजक रामचंद्र दास ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में खेती शामिल नहीं है। एक ओर जनविरोधी नीतियों से किसान परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक आपदाएं उन्हें आत्महत्या की ओर धकेल रही हैं। कांग्रेस के युवा नेता निशांत यादव ने कहा कि महंगे खाद-बीज, बढ़ती सिंचाई लागत और प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेती लगातार अलाभकारी होती जा रही है, जिससे किसान अन्य व्यवसाय अपनाने को मजबूर हो रहे हैं। इस अवसर पर राजद नेता पंकज यादव, पप्पू यादव, माले नेता पावेल कुमार एवं कृष्णा यादव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
चक्रवाती तूफान व बारिश से हुई फसल क्षति का मुआवजा शीघ्र दे सरकार — प्रो. चंद्रशेखर चक्रवाती तूफान व बारिश से हुई फसल क्षति का मुआवजा शीघ्र दे सरकार — प्रो. चंद्रशेखर जिला संवाददाता रंजीत कुमार मधेपुरा बिहार सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं मधेपुरा सदर से राजद विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने आज यहां अतिथि गृह में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शुक्रवार की रात आए चक्रवाती तूफान और बारिश से मधेपुरा जिले में हजारों एकड़ में लगी गेहूं, मक्का, आम, लीची, केला, तेलहन, दलहन एवं सब्जी की फसलों को भारी क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन की सरकार” इस आपदा के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि शासन-प्रशासन शीघ्र क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा का भुगतान करे। प्रो. चंद्रशेखर ने कहा कि खेतों में खड़ी गेहूं और मक्का की फसल गिर जाने से किसानों के सपने बिखर गए हैं, मानो उनकी कमर टूट गई हो। महीनों की मेहनत मिनटों में मिट्टी में मिल गई है। उन्होंने बताया कि तेज आंधी के कारण आम और लीची की फसल भी बर्बाद हो गई है। बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए हैं और गरीबों के आशियाने ध्वस्त हो गए हैं। ठनका गिरने से भी कई जगह भारी नुकसान हुआ है। वहीं बिजली के तार टूटने एवं पोल गिरने से विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र में एशिया
में सबसे अधिक मक्का की खेती होती है, जहां मक्का और गेहूं किसानों के लिए प्रमुख नकदी फसल है। किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं, ऐसे में फसल की बर्बादी से उनका जीवन दूभर हो जाता है। विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि शीघ्र मुआवजा नहीं मिला तो महागठबंधन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। राजद के जिला अध्यक्ष जयकांत यादव ने कहा कि जिला प्रशासन राज्य सरकार के निर्देश पर अविलंब फसल क्षति का आकलन कर रिपोर्ट भेजे और मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करे, अन्यथा आर-पार की लड़ाई होगी। भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि बिहार में किसानों को फसल बीमा का लाभ वर्षों से नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के बजाय कंपनियों के हित में काम कर रही है। भाकपा (माले) के जिला संयोजक रामचंद्र दास ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में खेती शामिल नहीं है। एक ओर जनविरोधी नीतियों से किसान परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक आपदाएं उन्हें आत्महत्या की ओर धकेल रही हैं। कांग्रेस के युवा नेता निशांत यादव ने कहा कि महंगे खाद-बीज, बढ़ती सिंचाई लागत और प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेती लगातार अलाभकारी होती जा रही है, जिससे किसान अन्य व्यवसाय अपनाने को मजबूर हो रहे हैं। इस अवसर पर राजद नेता पंकज यादव, पप्पू यादव, माले नेता पावेल कुमार एवं कृष्णा यादव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
- चक्रवाती तूफान व बारिश से हुई फसल क्षति का मुआवजा शीघ्र दे सरकार — प्रो. चंद्रशेखर जिला संवाददाता रंजीत कुमार मधेपुरा बिहार सरकार के पूर्व शिक्षा मंत्री एवं मधेपुरा सदर से राजद विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने आज यहां अतिथि गृह में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि शुक्रवार की रात आए चक्रवाती तूफान और बारिश से मधेपुरा जिले में हजारों एकड़ में लगी गेहूं, मक्का, आम, लीची, केला, तेलहन, दलहन एवं सब्जी की फसलों को भारी क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि “डबल इंजन की सरकार” इस आपदा के प्रति संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि शासन-प्रशासन शीघ्र क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा का भुगतान करे। प्रो. चंद्रशेखर ने कहा कि खेतों में खड़ी गेहूं और मक्का की फसल गिर जाने से किसानों के सपने बिखर गए हैं, मानो उनकी कमर टूट गई हो। महीनों की मेहनत मिनटों में मिट्टी में मिल गई है। उन्होंने बताया कि तेज आंधी के कारण आम और लीची की फसल भी बर्बाद हो गई है। बड़ी संख्या में पेड़ गिर गए हैं और गरीबों के आशियाने ध्वस्त हो गए हैं। ठनका गिरने से भी कई जगह भारी नुकसान हुआ है। वहीं बिजली के तार टूटने एवं पोल गिरने से विद्युत आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि कोसी क्षेत्र में एशिया में सबसे अधिक मक्का की खेती होती है, जहां मक्का और गेहूं किसानों के लिए प्रमुख नकदी फसल है। किसान कर्ज लेकर खेती करते हैं, ऐसे में फसल की बर्बादी से उनका जीवन दूभर हो जाता है। विधायक प्रो. चंद्रशेखर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसानों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि शीघ्र मुआवजा नहीं मिला तो महागठबंधन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। राजद के जिला अध्यक्ष जयकांत यादव ने कहा कि जिला प्रशासन राज्य सरकार के निर्देश पर अविलंब फसल क्षति का आकलन कर रिपोर्ट भेजे और मुआवजा भुगतान सुनिश्चित करे, अन्यथा आर-पार की लड़ाई होगी। भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य प्रमोद प्रभाकर ने कहा कि बिहार में किसानों को फसल बीमा का लाभ वर्षों से नहीं मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के बजाय कंपनियों के हित में काम कर रही है। भाकपा (माले) के जिला संयोजक रामचंद्र दास ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में खेती शामिल नहीं है। एक ओर जनविरोधी नीतियों से किसान परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक आपदाएं उन्हें आत्महत्या की ओर धकेल रही हैं। कांग्रेस के युवा नेता निशांत यादव ने कहा कि महंगे खाद-बीज, बढ़ती सिंचाई लागत और प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेती लगातार अलाभकारी होती जा रही है, जिससे किसान अन्य व्यवसाय अपनाने को मजबूर हो रहे हैं। इस अवसर पर राजद नेता पंकज यादव, पप्पू यादव, माले नेता पावेल कुमार एवं कृष्णा यादव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।2
- बिहार के मधेपुरा से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है... जहां स्मैक तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई ही सवालों के घेरे में आ गई है। पुरैनी थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया और पूरा मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। दरअसल मामला मधेपुरा जिले के पुरैनी थाना क्षेत्र का है जहां रविवार की शाम उस वक्त बवाल मच गया, जब कमांडो दस्ते की कार्रवाई पर ही ग्रामीणों ने सवाल खड़े कर दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने स्मैक के साथ पकड़ी गई महिला को कथित तौर पर पैसे लेकर छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि पूर्वी औराय वार्ड 07 निवासी प्रीतम उर्फ पुतन की पत्नी शालू कुमारी को कमांडो दस्ते ने स्मैक के साथ पकड़ा था, लेकिन कुछ ही देर बाद उसे छोड़ दिया गया। इसी बात से नाराज़ ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया और जमकर हंगामा किया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि इससे पहले भी इसी घर पर छापेमारी हुई थी, लेकिन हर बार पैसे लेकर मामला दबा दिया जाता है। लोगों का कहना है कि पुलिस की इस कथित ढिलाई से इलाके में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है और अपराध भी बढ़ रहे हैं। बाइट -ग्रामीण अगर पुलिस ही तस्करों को बचाएगी तो गांव कैसे सुरक्षित रहेगा... हम लोग अब चुप नहीं बैठेंगे। मामले की सूचना मिलते ही पुरैनी थाना अध्यक्ष चंद्रजीत प्रभाकर मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराया। इसके बाद महिला को दोबारा थाना लाया गया और विधि सम्मत कार्रवाई की बात कही जा रही है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो वे मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाएंगे। अब देखना होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो और आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।4
- Post by मिथिलेश कुमार1
- गोगरी अनुमंडलीय अस्पताल में आज दिन सोमवार को मातृ सुरक्षा योजना के तहत एएनसी जांच शिविर का किया गया आयोजन। यह शिविर सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 तक चला इस शिविर में कुल 76 गर्भवती महिलाओं की विस्तृत जांच की गई। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर चंद्र प्रकाश एवं महिला डॉक्टर गुंजन कुमारी की देखरेख में आयोजित की गई। इस शिविर में महिलाओं का ब्लड प्रेशर, ब्लड ग्रुप, हीमोग्लोबिन, ब्लड शुगर, एचआईवी, अल्ट्रासाउंड और सीबीसी टेस्ट किया गया इसके अतिरिक्त उनका वजन और लंबाई भी मापी गई। यह शिविर अस्पताल के डॉक्टर गुंजन कुमारी की देखरेख में संपन्न हुआ। डॉक्टरों ने गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधित महत्वपूर्ण सलाह दी। इसमें गर्भावस्था के दौरान हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। उन्हें फल और चुकंदर जैसे आहार के सेवन की सलाह दी गई। जांच कार्यों में डॉक्टर दीपक कुमार, महिला डॉक्टर गुंजन कुमारी, टेक्नीशियन सुधीर पाठक, मोहम्मद साबिर और आशीष रंजन ने सहयोग किया। एएनएम संगीता कुमारी, रीता कुमारी, रजनी कुमारी, रंजू कुमारी, रिंकू कुमारी, सहित कई आशा कार्यकर्ता और ममता भी शिविर में उपस्थिति रही।1
- Post by मो फिजाकत1
- आलमनगर बड़ी बगीचा1
- Post by Gaurav kumar mehata1
- बढ़ती महंगाई सहित 21सूत्री मांगों के समर्थन में सीपीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को दिन के तीन बजे तक गोगरी प्रखंड मुख्यालय पर धरना दिया। धरना को संबोधित करते हुए सीपीआई के पूर्व जिला सचिव सह पूर्व प्रखंड प्रमुख प्रभाकर प्रसाद सिंह ने कहा कि देश में महंगाई और भ्रष्टाचार चरम पर है। केंद्र और राज्य सरकार की गलत नीतियों से आमजन परेशान है। वर्षों से भूमिहीनों को बासगीत का पर्चा नहीं दिया जा रहा है। महेशखूंट में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण नहीं हो रहा है। इसके अलावा अन्य मुद्दों पर चर्चा किया गया। वहीं धरना की अध्यक्षता बटेश्वर मुनि ने किया। इस अवसर पर कई नेताओं ने धरना को सम्बोधित किया।1