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लातेहार प्रखंड के अंतर्गत बाजकुम में बाजकुम क्रिकेट क्लब द्वारा एक क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 14 जून से शुरू होगी, जिसका विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। आयोजकों ने दर्शकों से अधिक संख्या में आकर ग्राउंड का मनोबल बढ़ाने का आग्रह किया है। यह सूचना आशीष कुमार द्वारा जारी की गई है।
Ashish kumar
लातेहार प्रखंड के अंतर्गत बाजकुम में बाजकुम क्रिकेट क्लब द्वारा एक क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 14 जून से शुरू होगी, जिसका विधिवत उद्घाटन किया जाएगा। आयोजकों ने दर्शकों से अधिक संख्या में आकर ग्राउंड का मनोबल बढ़ाने का आग्रह किया है। यह सूचना आशीष कुमार द्वारा जारी की गई है।
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- लातेहार जिला प्रशासन ने आम जनमानस को नशे के विरुद्ध जागरूक करने के लिए राज्य सरकार के प्रस्तावित राज्यव्यापी निषिद्ध मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत कमर कस ली है। इसी कड़ी में, 10 जून को समाहरणालय परिसर से जागरूकता रथ को रवाना किया गया। उपायुक्त श्री संदीप कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री कुमार गौरव ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर इस रथ को रवाना किया, जिसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर हुई। यह अभियान 10 से 25 जून तक चलेगा। जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा निकाला गया यह रथ जिले के सभी प्रखंडों में जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताएगा। समाहरणालय सभाकक्ष में उपायुक्त ने पदाधिकारियों और सहकर्मियों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई। अभियान के दौरान ग्राम चौपाल, नुक्कड़ नाटक, चित्रांकन, कविता लेखन और क्विज प्रतियोगिता जैसे विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उपायुक्त श्री संदीप कुमार ने इस दौरान जोर दिया कि नशा सिर्फ शरीर ही नहीं, बल्कि व्यक्ति के सपनों और भविष्य को भी नष्ट करता है, जिससे ग्रसित बच्चों और नागरिकों में कई मानसिक-शारीरिक लक्षण दिखते हैं। उपायुक्त ने लातेहार वासियों से अपील की कि नशा परिवार और समाज को खोखला करता है, और इसे जड़ से खत्म करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने नशे से छुटकारे के लिए तुरंत टोल फ्री नंबर 112 पर 24x7 संपर्क करने का आह्वान किया। साथ ही, सिनपास रांची, केंद्रीय मनो चिकित्सा संस्थान रांची और एम्स देवघर में इलाज की सुविधाओं की जानकारी भी दी। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सैय्यद रियाज अहमद, अपर समाहर्ता सलमान जफर खिजरी, सिविल सर्जन राजमोहन खलखो, एसडीओ दिनेश कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- ग्रामीणों ने गलत तरीके से हो रहे सड़क निर्माण कार्य को रुकवा दिया है। निर्माण की विधि में त्रुटियों के कारण ग्रामीणों ने हस्तक्षेप करते हुए काम बंद करवाया।1
- वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है वफादार कुत्ते आज देर रात में वापस घर लौठा , लेकिन रात में घर सुरक्षा देता है1
- पलामू जिले में नीलगाय का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिसके कारण किसान अब खेती करने से कतरा रहे हैं। नीलगायें रबी और खरीफ सहित सभी फसलों को पूरी तरह से चट कर जा रही हैं, जिससे किसानों के लिए कोई भी फसल उगाना असंभव हो गया है। इस गंभीर नीलगाय समस्या को देखते हुए, वन विभाग से आग्रह किया गया है कि वे इस पर जल्द से जल्द संज्ञान लें और तत्काल कार्रवाई करें।1
- अपनी पहचान, सम्मान और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे झारखंड आंदोलनकारियों का आक्रोश बुधवार को एक बार फिर रांची में फूट पड़ा। 'झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले आयोजित अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम के तहत चतरा जिले से सैकड़ों महिला एवं पुरुष आंदोलनकारी राजधानी रांची पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। चतरा जिला अध्यक्ष कैलाश सिंह, जिला सचिव सुगन साव, जिला उपाध्यक्ष संतोष नायक, पूर्व मुखिया श्रीमती मीना कुमारी, टहलू महतो, रामेश्वर महतो, प्रभु दयाल पासवान, लालजीत साव, महेश साव, डॉ. प्रकाश साहू, खुशलाल नायक, खिरु महतो, जसवंत साव, शिव शंकर यादव, आदित्य नायक, लीलू यादव, रामविलास सोनी, गंगाधर साव, राजेंद्र राम और बालेश्वर उरांव सहित कई वरिष्ठ आंदोलनकारियों और पदाधिकारियों के नेतृत्व में यह जत्था मोरहाबादी मैदान पहुंचा। आंदोलन की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पहले से ही सतर्क था। चतरा से रांची जाने वाले मार्गों पर पुलिस की कड़ी नजर थी और कई जगहों पर वाहनों की सघन जांच की जा रही थी, कुछ गाड़ियों को रोका भी गया। हालांकि, आंदोलनकारी पुलिस को छकाते हुए वैकल्पिक (चोर) रास्तों से रांची पहुंचने में सफल रहे, जिससे प्रशासनिक व्यवस्थाएं धरी की धरी रह गईं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में अलग पहचान और राजकीय मान-सम्मान, आंदोलनकारियों को सम्मानजनक पेंशन, तथा आश्रितों को सरकारी रोजगार एवं अन्य लंबित मांगें शामिल हैं। मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से जुटे हजारों आंदोलनकारियों के साथ चतरा का यह हुजूम मुख्यमंत्री आवास घेराव के लिए आगे बढ़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने शहर के प्रमुख मार्गों पर भारी बैरिकेडिंग की और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया। इस आंदोलन के चलते राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे आम जनता को भीषण जाम का सामना करना पड़ा। आंदोलनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी अस्मिता, पेंशन और आश्रितों को रोजगार देने जैसी जायज मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका यह अनिश्चितकालीन प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- झारखंड की राजधानी रांची में कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में पारदर्शिता, निष्पक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग को लेकर विधानसभा परिसर में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी के नामांकन पत्र में कथित गंभीर विसंगतियों और अधूरी जानकारी का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि राज्यसभा चुनाव में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी रेखांकित किया कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया और जवाबदेही पर निर्भर करती है। उन्होंने घोषणा की कि सत्य, पारदर्शिता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनकी यह लोकतांत्रिक लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। कांग्रेस ने चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों से मामले में हस्तक्षेप कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की अपील की है।1
- पलामू जिले के पंडवा में स्थित मध्य विद्यालय कजरी की हालत बेहद जर्जर है। इस खस्ताहाल स्थिति को बच्चों के भविष्य के साथ किया जा रहा खिलवाड़ बताया गया है।1
- आज झारखंड विधानसभा परिसर में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला, जहाँ कांग्रेस के मंत्री, विधायक और सैकड़ों कार्यकर्ता पूरी ताकत के साथ मैदान में मौजूद थे। इनके ठीक सामने, भाजपा के केवल चार कार्यकर्ता मजबूती से डटे रहे। इन चार भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रभावी ढंग से अपने पक्ष को रखते हुए लोकतांत्रिक संघर्ष का परिचय दिया।1
- महुआडांड़ के शास्त्री चौक से पेट्रोल पंप तक नाली की सफाई और मरम्मत के लिए स्वीकृत ₹2.50 लाख की योजना अब स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी और खतरे का सबब बन गई है। करीब चार महीने पहले शुरू हुआ यह कार्य बीच में ही ठप पड़ गया है, जिसके कारण सड़क किनारे की नालियां खुली और क्षतिग्रस्त हालत में छोड़ दी गई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संवेदक ने काम को अधूरा ही छोड़कर क्षेत्र में दुर्घटनाओं का जोखिम लगातार बढ़ा दिया है। खुली हुई ये नालियां अब 'मौत का जाल' बन चुकी हैं। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों के अनुसार, कई जगहों पर पुराने स्लैब हटा दिए गए हैं और नालियां 3 से 4 फीट गहरे गड्ढों के रूप में खुली पड़ी हैं। आए दिन स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और दोपहिया वाहन चालक इनमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं, और शाम तथा रात के समय स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। इसके साथ ही, अधूरी मरम्मत और जाम नालियों के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे दुकानों के सामने जल-जमाव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई है। इससे ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, और लोगों का कहना है कि बारिश शुरू होने के बाद यह समस्या और गंभीर हो जाएगी, जिससे सड़क पर चलना मुश्किल हो जाएगा। नालियों में जमा इस गंदे पानी और बढ़ती गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है, जिससे स्थानीय नागरिक डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका जता रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले की तत्काल जांच कर संवेदक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। उनकी प्रमुख मांग है कि अधूरे पड़े कार्य को अविलंब पूरा कराया जाए और कार्य की गुणवत्ता व प्रगति की जांच के बाद ही किसी प्रकार का भुगतान किया जाए। ग्रामीणों ने यह चेतावनी भी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य फिर से शुरू नहीं कराया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे, क्योंकि जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।3