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निचली बस्ती के घरों में घुसा पानी, जिला कलक्टर ने लिया जायजा देवरी क्षेत्र में लगातार बारिश से रैफी और खेड़र नदियां उफान पर हैं। चौरा खाड़ी के पास रैफी नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन बाधित हो गया और सैकड़ों राहगीर नदी उतरने का इंतजार करते रहे। पाटन गांव की निचली बस्ती में नदी का पानी घरों में घुस गया, जबकि खेतों में खड़ी फसलें तबाह हो गईं। जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा ने बीलखेड़ा माल और होडापुरा क्षेत्र का जायजा लेकर ग्रामीणों से जानकारी ली। उन्होंने नदी-नालों में नहीं उतरने की अपील की तथा फसल खराबे की गिरदावरी और क्षतिग्रस्त पुलियों की मरम्मत के निर्देश दिए।
हर्षित भार्गव
निचली बस्ती के घरों में घुसा पानी, जिला कलक्टर ने लिया जायजा देवरी क्षेत्र में लगातार बारिश से रैफी और खेड़र नदियां उफान पर हैं। चौरा खाड़ी के पास रैफी नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन बाधित हो गया और सैकड़ों राहगीर नदी उतरने का इंतजार करते रहे। पाटन गांव की निचली बस्ती में नदी का पानी घरों में घुस गया, जबकि खेतों में खड़ी फसलें तबाह हो गईं। जिला कलक्टर बालमुकुंद असावा ने बीलखेड़ा माल और होडापुरा क्षेत्र का जायजा लेकर ग्रामीणों से जानकारी ली। उन्होंने नदी-नालों में नहीं उतरने की अपील की तथा फसल खराबे की गिरदावरी और क्षतिग्रस्त पुलियों की मरम्मत के निर्देश दिए।
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- 🙏 जैनी की बावड़ी की पैदल यात्रा का हार्दिक स्वागत एवं सम्मान 🙏 बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश की तरफ से यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं के लिए चाय सेवा का आयोजन किया गया। ☕❤️ सभी यात्रियों को हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर आपकी यात्रा मंगलमय एवं सफल बनाए। 🙏🚩 बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर, मध्य प्रदेश ❤️ #श्योपुर #जैनीकीबावड़ी #पैदलयात्रा #चायसेवा #श्रद्धालु #बल्लूटीस्टॉल #मध्यप्रदेश1
- कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार, मौके पर निरीक्षण और कार्रवाई की मांग गुना पत्रकारों के नाम पर विकसित की गई पत्रकार कॉलोनी इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं और जलभराव की समस्या से जूझ रही है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि कॉलोनी का मूल नक्शा बदलकर पार्क, नाले और अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीनों को कथित रूप से बेच दिया गया, जिसके चलते बारिश के पानी की निकासी बाधित हो गई है और रहवासियों का आवागमन तक प्रभावित हो रहा है। कॉलोनीवासियों के अनुसार, करीब पांच वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के दौरान कॉलोनी की सड़कें और रास्ते पानी में डूब जाते हैं। स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोगों का घरों से निकलना और कॉलोनी में आना-जाना तक मुश्किल हो जाता है। रहवासियों का कहना है कि यदि कॉलोनी के मूल नक्शे के अनुसार नालों और पार्कों की जमीन सुरक्षित रहती तथा पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम होते तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।2
- बारां- अटरू दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर दूध उत्पादकों ने सौंपा ज्ञापन बारां- अटरू दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर दूध उत्पादकों ने सौंपा ज्ञापन 14 सितंबर तक मांग पूरी नहीं हुई तो 16 सितंबर से धरना-प्रदर्शन की चेतावनी अटरू। दूध के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को दूध उत्पादकों एवं विक्रेताओं ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। पशुपालकों ने बढ़ती महंगाई और पशुपालन की लागत का हवाला देते हुए दूध के भाव में 12 रुपए प्रति फैट की बढ़ोतरी करने की मांग की। दूध उत्पादकों ने बताया कि पिछले एक वर्ष में पशु आहार और चारे के दामों में लगातार बढ़ोतरी हुई है। खल का कट्टा पहले करीब 1400 रुपए में मिलता था, जो अब बढ़कर करीब 2900 रुपए हो गया है। वहीं भूसे की ट्रॉली के दाम 3000 रुपए से बढ़कर करीब 6000 रुपए तक पहुंच गए हैं। इसके अलावा पशु आहार में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री के दाम भी काफी बढ़ चुके हैं। ऐसे में मौजूदा दूध की कीमत पर पशुपालन करना मुश्किल हो रहा है। ज्ञापन में दूध विक्रेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि 14 सितंबर तक मांग पूरी नहीं होने पर 15 सितंबर को बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इसके बाद 16 सितंबर से धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान सरस, कोटा प्रेश सहित अन्य दूध की शहर में बिक्री बंद रखने की बात भी कही गई है। दूध उत्पादकों एवं विक्रेताओं ने प्रशासन से उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई कर दूध के दाम बढ़ाने की मांग की।4
- श्योपुर में उफनती पुलिया को पार करते लाइनमैन का वीडियो हुआ वायरल1
- वर्तमान में धार्मिक आस्था के केंद्र,गरीब,मध्यम,क्या पढ़ालिखा ओर क्या अनपढ,युवा शिक्षित बेरोजगार लोगों के रोजगार का सहारा भी बन रहे है।। * *छबड़ा की भुवाखेड़ी की पहाड़ी पर गूंजा श्याम नाम, अजा एकादशी पर 51 से अधिक निशानों के साथ उमड़ी आस्था।* * *अजा एकादशी पर श्रद्धा और भक्ति की बहार, हारे के सहारे के दर पर उमड़ा जनसैलाब।* छबड़ा(बारां)अजा एकादशी के पावन अवसर पर कस्बे के निकट ग्राम भुवाखेड़ी स्थित श्री खाटूश्याम मंदिर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बाबा श्याम के जयकारों के साथ 51 से अधिक पवित्र निशान मंदिर की ओर बढ़े तो पूरी पहाड़ी "हारे के सहारे की जय" से गूंज उठी। हर एकादशी की तरह इस बार भी दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।यह वही पहाड़ी है जो कभी अतिक्रमण का शिकार थी। विंध्याचल पर्वत की अवशेषित इस पहाड़ी को पहले खाटूश्याम गौशाला के नाम से जाना जाता था। कुदरत की देन है कि यहाँ प्राचीन तपस्वियों के तप-स्थल और अरण्य रक्षक श्री भैरव नाथ का प्राचीन स्थान मौजूद है।अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग,अमीरपुरखेड़ी,ओशो आशीष ध्यान केंद्र,भुवाखेड़ी ओर श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम, अमीरपुरखेड़ी खेड़ी संस्थापक एस. एल.नागर,स्वामी ध्यान गगन के परामर्श ओर मार्गदर्शन अनुसार,ग्राम के युवाओं ने युवा नेता रघुवीर धाकड़ के नेतृत्व में पहाड़ी को अतिक्रमण मुक्त कराने का संकल्प लिया और कलयुग में 'हारे के सहारे' के रूप में पूजित बाबा खाटूश्याम का मंदिर बनाने की ठानी।क्षेत्र के श्याम भक्तों और दानदाताओं के कण-कण के सहयोग से जो कार्य 6 फरवरी 2026 को एक छोटे से मंदिर के लक्ष्य से शुरू हुआ था, देखते ही देखते विशाल मंदिर के रूप में साकार हो गया। खाटूश्याम गौशाला अध्यक्ष रमेश धाकड़ और मंदिर निर्माण अध्यक्ष रामनिवास सहित सभी श्याम प्रेमियों के अथक प्रयासों से 24 जून 2026 को 51 कुंडीय विष्णु महायज्ञ के भव्य आयोजन के बाद तीन बाणधारी बाबा खाटूश्याम की प्राण-प्रतिष्ठा विधि-विधान से सम्पन्न हुई। सादली के नाम से जानी जाने वाली यह पहाड़ी आज बाबा खाटूश्याम जी मंदिर,भुवाखेड़ी धाम के रूप में नई पहचान बना रही है।अब हर मास के तीज-त्यौहार,रविवार और एकादशी पर यहाँ निशान यात्रा के साथ हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।कहते हैं, जिसका कोई नहीं होता, उसका सहारा बाबा श्याम होता है। आज जब देशभर के मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, तो यह आस्था केवल धर्म ही नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और युवाओं को सेवा और संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बन रही है। भुवाखेड़ी धाम इसका जीवंत उदाहरण है।वर्तमान में धार्मिक आस्था के केंद्र,गरीब,मध्यम,क्या पढ़ालिखा ओर क्या अनपढ,युवा शिक्षित बेरोजगार लोगों के रोजगार का सहारा भी बन रहे है।।4
- दिलीप राणावत आपनेता ने इटावा नगरपालिका चुनाव में पैसे बांटने को लेकर क्या कहा दिलीप राणावत आपनेता ने इटावा नगरपालिका चुनाव में पैसे बांटने को लेकर क्या कहा1
- छह महीने में ही टूट गया पुल, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; निर्माण की जांच की मांग जानकारी सोमवार दोपहर 12 बजे मिली किराड़ बस्ती में पलको नदी पर छह महीने पहले बना पुल पहली बारिश में ही क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने पुल के पास प्रदर्शन कर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए और जिम्मेदारों के खिलाफ जांच की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि करीब 5 लाख रुपए की लागत से बने पुल की सतह जगह-जगह टूट गई है और क्षतिग्रस्त हिस्से से पानी बह रहा है। उन्होंने निर्माण सामग्री, माप और भुगतान की तकनीकी जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों ने जमकर नारेबाजी की।1
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- 'माटी गणेश सिद्ध गणेश' अभियान: विधायक पन्नालाल शाक्य ने की घर-घर मिट्टी के गणेश स्थापना की अपील गुना मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रेरणादायी आह्वान पर प्रदेश भर में पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक संवर्धन के उद्देश्य से 'माटी गणेश सिद्ध गणेश' अभियान चलाया जा रहा है। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद तथा नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान के अंतर्गत घर-घर माटी के गणेश बनाने एवं स्थापित करने के लिए आमजन को प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में गुना विधायक आदरणीय पन्नालाल शाक्य ने गुना जिले के समस्त नागरिकों से इस पुनीत अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का करबद्ध आह्वान किया है। उन्होंने अपील की है कि आगामी गणेश चतुर्थी पर्व पर सभी नागरिक अपने-अपने घरों में मिट्टी से निर्मित गणेश जी की ही प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन करें। अभियान का मुख्य उद्देश्य एवं संदेश: * पर्यावरण की रक्षा: प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) और रसायनों से युक्त मूर्तियों के स्थान पर मिट्टी की मूर्तियों का उपयोग जल स्रोतों और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाएगा।1