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छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने प्रदेश की महान लोक कलाकार और विश्वविख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला और लोक परंपरा के संरक्षण के माध्यम से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उनका जीवन और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
Pradesh Khabar News Network
छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र की शुरुआत में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने प्रदेश की महान लोक कलाकार और विश्वविख्यात पंडवानी गायिका तीजन बाई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि तीजन बाई ने अपनी अद्वितीय कला और लोक परंपरा के संरक्षण के माध्यम से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई। उनका जीवन और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
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- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आज मौसम खराब रहने और दिन भर बादल छाए रहने की आशंका बनी हुई है। इलाके में वर्तमान में हल्की-हल्की बारिश आ रही है, जिससे ऐसा लग रहा है कि आज या कल किसान भाइयों की फसल फिर लाने लगेगी।1
- छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष द्वारा लाया गया स्थगन प्रस्ताव अध्यक्ष द्वारा अस्वीकार किए जाने के बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के गर्भगृह (वेल) में पहुंचकर जोरदार नारेबाजी की और अपना विरोध प्रदर्शित किया। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नियमों का उल्लंघन करते हुए गर्भगृह में प्रवेश कर नारेबाजी करने के कारण संबंधित कांग्रेस विधायक विधानसभा के नियमों के तहत स्वतः निलंबित हो गए। इस हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही भी कुछ समय के लिए प्रभावित रही। इस पूरे विवाद पर विपक्ष ने सरकार पर विभिन्न मुद्दों पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष ने कांग्रेस विधायकों के इस प्रदर्शन को नियमों के विरुद्ध बताते हुए उनके खिलाफ हुई कार्रवाई को उचित ठहराया है।1
- बलरामपुर जिले के राजपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंडी कला में केवाईसी के नाम पर महिलाओं का अंगूठा लगवाकर उनके नाम से धोखाधड़ी कर खाद निकालने के मामले में कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीण महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। महिलाओं का आरोप है कि महतारी वंदन योजना के तहत केवाईसी कराने के बहाने उनका अंगूठा लगवाया गया और बिना उनकी जानकारी के उनके खातों से यूरिया तथा डीएपी खाद निकाल ली गई। इस गंभीर गड़बड़ी की जांच में पुष्टि होने के बावजूद अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जिससे नाराज होकर दर्जनों महिलाओं ने राजपुर थाने पहुंचकर जमकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने आरोप लगाया है कि प्रशासन द्वारा जांच में मामला पूरी तरह सही पाए जाने के बाद भी दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। मामले की जांच में कुल 926 बोरी यूरिया और 56 बोरी डीएपी खाद अवैध रूप से निकाला जाना पाया गया है, जिसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कलेक्टर के समक्ष प्रकरण प्रस्तुत किया गया है। थाने पर हो रहे प्रदर्शन की सूचना मिलते ही तहसीलदार नरेंद्र कंवर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाते हुए तीन दिनों के भीतर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद महिलाएं शांत जरूर हो गई हैं, लेकिन उन्होंने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है। महिलाओं का कहना है कि यदि तय समय यानी तीन दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो वे नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगी।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ (उदयपुर) में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद एक महिला के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद इस मामले में यह कार्रवाई अमल में लाई गई है।1
- छत्तीसगढ़ के जशपुर में NH-43 के वैकल्पिक मार्ग पर साल 2016 के बाद पहली बार डामर की नई परत बिछाई गई है। वर्षों से जर्जर हालत में पड़ी इस सड़क पर आवागमन करना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। सड़क को सुधारने के लिए कई ठेकेदार आए और गए, लेकिन इसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया था। अब M/s विनोद जैन को यह कार्य मिलने के बाद सड़क को बेहतर बनाया गया है। सड़क दुरुस्त होने से स्थानीय लोगों और राहगीरों को बड़ी राहत मिली है और लोग इस कार्य की सराहना कर रहे हैं।1
- छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र की शुरुआत से पहले विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका एवं लोक कला की महान हस्ती तीजन बाई के निधन पर शोक संदेश पढ़ते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान सदन के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। विधानसभा में मौजूद सभी सदस्यों ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध करने में तीजन बाई के अमूल्य योगदान को अत्यंत आदरपूर्वक याद किया।1
- सरगुजा के उदयपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दाल गांव में बारिश न होने के कारण किसान भाई बेहद परेशान हैं और उनकी लहलहाती खेती पानी के लिए तरस रही है। गाँव में मौसम का हाल यह है कि अत्यधिक उमस बढ़ गई है, जिससे खेती पर संकट मंडरा रहा है। वर्तमान मौसमी परिस्थितियों को देखकर ऐसा लग रहा है कि अभी अगले दो-तीन सप्ताह तक बारिश नहीं होगी, जिससे किसानों की चिंताएं और अधिक गहरी हो गई हैं।1
- बीजापुर के मद्देड़ स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। बीते सप्ताह बीजापुर प्रवास के दौरान इस विद्यालय का निरीक्षण किया गया था, जहां विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उनकी सुरक्षा, शैक्षणिक व्यवस्था और स्कूल की समग्र स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए गए थे। स्कूल में सामने आए कुछ गंभीर मामलों को देखते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग द्वारा बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम की धारा 13 एवं सहपठित धारा 15 के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित मामलों की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर के पत्थलगांव थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को तार-तार करने वाली एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ पुलिस बल और खुद एसडीओपी (SDOP) ध्रुवेश जायसवाल की मौजूदगी में सत्ता से जुड़े कथित भू-माफियाओं और गुंडों ने थाने के भीतर पत्रकार अमित पांडेय की बेरहमी से पिटाई कर दी। अमित पांडेय का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने एक बेबस परिवार की बेशकीमती जमीन को फर्जीवाड़े से हड़पने और विरोध करने पर भू-स्वामी की हत्या करने वाले कथित भू-माफियाओं के काले कारनामों को उजागर किया था। इस घटना के बाद से ही लोग बेहद आक्रोशित हैं और सोशल मीडिया पर #JusticeForAmitPandey और #पत्थलगांव_गुंडाराज के साथ न्याय की मांग कर रहे हैं। पीड़ित परिवार पिछले 15 वर्षों से घुट-घुट कर जीने को मजबूर था और अमित पांडेय की खबरों से उनके भीतर न्याय की उम्मीद जगी थी। लेकिन कोयला चोरी, अवैध रेत खनन, नकली बीज बेचने और सौ करोड़ की सरकारी व निजी जमीनें हड़पने के धंधे में डूबे रसूखदारों ने पुलिस को अपनी 'प्राइवेट सिक्योरिटी' की तरह इस्तेमाल किया। रसूखदारों ने पत्रकार का हौसला तोड़ने के लिए उन पर रंगदारी और वसूली (Extortion) के झूठे केस थोपने की धमकी देकर चरित्र हनन की घटिया साजिश रची। इस संकट की घड़ी में प्रेस क्लब के कुछ दलाल भी पीड़ित पत्रकार के साथ खड़े होने के बजाय सत्ता और रसूखदारों की चाटुकारिता में व्यस्त रहे। इस पूरी वारदात ने सुशासन के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं और लोग व्यवस्था को #सुशासन_या_जंगलराज का नाम दे रहे हैं। इस घिनौने कांड में सबसे संदिग्ध भूमिका एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल की मानी जा रही है, जिन पर साजिश के तहत पत्रकार को थाने बुलाकर अपराधियों से पिटवाने के गंभीर आरोप लग रहे हैं। ध्रुवेश जायसवाल का इतिहास पहले भी दागी रहा है। बलरामपुर (वाड्रफनगर) कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने कोयला-रेत माफिया और पुलिसिया सांठगांठ को उजागर करने वाले निर्भीक पत्रकारों पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा था, जिसके बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) को इनके खिलाफ जांच के निर्देश देने पड़े थे। इसके अलावा, सरगुजा पदस्थापना के दौरान आदिवासियों (विशेषकर पहाड़ी कोरवाओं) का हक डकारने वाले भ्रष्ट एनजीओ को मूक संरक्षण देने में भी इनकी कार्यप्रणाली संदिग्ध रही थी। यही कारण है कि अब आक्रोशित जनता सीधे तौर पर #SuspendDhruveshJaiswal की मांग कर रही है। इस पूरे मामले में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस भी सिर्फ सोशल मीडिया की 'टॉइलट एक्टिविज्म' तक ही सीमित नजर आ रही है। आरोप है कि पत्थलगांव के इन 'सेठों' के तार कांग्रेस के बड़े नेताओं से भी जुड़े हैं, जिसके चलते पार्टी केवल औपचारिकता निभा रही है। छत्तीसगढ़ की राजनीति का सबसे बड़ा विरोधाभास तब सामने आया जब सरगुजा संभाग के कद्दावर नेता और पीसीसी चीफ की दौड़ में शामिल टी.एस. सिंहदेव (टीएस बाबा) ने अपने ही क्षेत्र में हुई इस अमानवीय घटना पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। लोग अब सवाल पूछ रहे हैं कि क्या 'महाराज' ने सेठों के रसूख के आगे घुटने टेक दिए हैं, और इसीलिए सोशल मीडिया पर #TS_Singhdeo_Silent_Why की गूंज सुनाई दे रही है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं और विपक्ष मूकदर्शक बना रहे, तब यह लड़ाई सीधे जनता बनाम व्यवस्था की बन जाती है।3