बीजापुर के मद्देड़ स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। बीते सप्ताह बीजापुर प्रवास के दौरान इस विद्यालय का निरीक्षण किया गया था, जहां विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उनकी सुरक्षा, शैक्षणिक व्यवस्था और स्कूल की समग्र स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए गए थे। स्कूल में सामने आए कुछ गंभीर मामलों को देखते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग द्वारा बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम की धारा 13 एवं सहपठित धारा 15 के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित मामलों की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बीजापुर के मद्देड़ स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। बीते सप्ताह बीजापुर प्रवास के दौरान इस विद्यालय का निरीक्षण किया गया था, जहां विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उनकी सुरक्षा, शैक्षणिक व्यवस्था और स्कूल की समग्र स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए गए थे। स्कूल में सामने आए कुछ गंभीर मामलों को देखते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग द्वारा बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम की धारा 13 एवं सहपठित धारा 15 के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित मामलों की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- बीजापुर के मद्देड़ स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। बीते सप्ताह बीजापुर प्रवास के दौरान इस विद्यालय का निरीक्षण किया गया था, जहां विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उनकी सुरक्षा, शैक्षणिक व्यवस्था और स्कूल की समग्र स्थिति का जायजा लिया गया। निरीक्षण के बाद संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के तत्काल निराकरण के निर्देश दिए गए थे। स्कूल में सामने आए कुछ गंभीर मामलों को देखते हुए बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने संज्ञान लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है। आयोग द्वारा बाल अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम की धारा 13 एवं सहपठित धारा 15 के तहत प्रकरण दर्ज किया जा रहा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बच्चों के अधिकारों, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी संबंधित मामलों की नियमानुसार जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पंडरी थाना पुलिस ने एक संयुक्त कार्रवाई के दौरान शातिर हिस्ट्रीशीटर वाहन चोर अभिषेक राय उर्फ जीतू को गिरफ्तार किया है। 26 वर्षीय इस आरोपी के कब्जे से चोरी के तीन दोपहिया वाहन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक बाइक समेत कुल चार वाहन बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ वाहन चोरी, चोरी और डकैती सहित 15 से अधिक आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि वह अपने भाई के साथ मिलकर पंडरी और विधानसभा सहित अलग-अलग क्षेत्रों से वाहनों की चोरी करता था और पकड़े जाने से बचने के लिए चोरी की गाड़ियों के नंबर प्लेट बदल देता था। इस मामले में आरोपी का भाई फिलहाल फरार चल रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है।1
- चिरमिरी में यातायात अभियान के दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस विशेष अभियान के तहत कुल ₹60 हजार का जुर्माना लगाया गया है।1
- अंबिकापुर के गांधी नगर के पास स्थित कोयतूर बाजार में आदिवासी साहित्य, संस्कृति और आभूषणों सहित सभी प्रकार की सामग्रियां उपलब्ध हैं। यहां आने वाले लोगों के लिए आदिवासी संस्कृति और साहित्य से जुड़ी विभिन्न सामग्रियां एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गई हैं।1
- अनूपपुर जिले के अमरकंटक स्थित सोनमुंडा ग्लास स्काईवॉक पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए अत्याचार और दबंगई का अड्डा बन गया है। मां नर्मदा की पावन नगरी में नगर पालिका की आड़ में तैनात दर्जन भर से अधिक युवक यहां आने वाले श्रद्धालु परिवारों के साथ सरेआम बदतमीजी और बदसलूकी कर रहे हैं। शांति और दर्शन की चाह में आने वाले लोग अपने परिवारों के साथ होने के कारण इन दबंगों के दुर्व्यवहार को चुपचाप सहने के लिए मजबूर हैं। ये युवक न केवल पर्यटकों की जेब काट रहे हैं, बल्कि उनके सम्मान को भी ठेस पहुंचा रहे हैं। इस ग्लास स्काईवॉक पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है। 38 लाख रुपये के ठेके और 20 रुपये के टिकट के इस खेल में यात्रियों की सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। इतनी ऊंचाई पर बने स्काईवॉक पर किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए न तो कोई बचाव तंत्र (Safety System) मौजूद है और न ही कोई सुरक्षा सामग्री रखी गई है। हजारों की भारी भीड़ के बीच यदि कोई अनहोनी होती है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा, यह एक बड़ा यक्ष प्रश्न है। इस पूरी स्थिति ने नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठेका देते समय सुरक्षा मानकों को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया है। सुविधा के नाम पर रास्ता रोकना, यात्रियों को धमकाना और उनका अपमान करना ही अब यहां की हकीकत बन चुका है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि श्रद्धालुओं का सम्मान ठेकेदारों के हाथों बिक चुका है।1
- सरगुजा के परसा में आज आसमान में बहुत ज्यादा बादल छाए हुए हैं और हल्की बूंदाबांदी हो रही है। मौसम के इस हाल की वजह से किसान भाइयों के लिए परेशानी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है क्योंकि फसल करने का समय भी निकलता जा रहा है। ऐसा लग रहा है कि अगले दो-चार दिन मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहेगा, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।1
- सूरजपुर जिले का सोनगरा मार्केट अपनी सादगी और जीवंत माहौल के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस ग्रामीण बाजार में रोजमर्रा की जरूरत का लगभग हर सामान और ताज़ी सब्जियां बेहद वाजिब और उचित दामों पर आसानी से मिल जाती हैं। यहां का सरल माहौल, लोगों की सहज सादगी और बाजार की रौनक लोगों को बेहद पसंद आ रही है। इसके साथ ही, सोनगरा के स्थानीय निवासियों और इस बाजार का दौरा कर चुके लोगों से अपने अनुभव व विचार साझा करने की अपील भी की गई है।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के गृह ग्राम के जशपुर पुलिस स्टेशन का एक हैरान करने वाला नजारा सामने आया है, जो किसी साउथ फिल्म के दृश्य जैसा लग रहा है। इस स्थिति पर तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए सवाल उठाया गया है कि क्या यह उचित है और क्या राज्य में अब कोई नियम-कानून बच भी गया है या नहीं। पुलिस का मनोबल गिरने से बचाने के लिए सरकार से पुरजोर मांग की गई है कि वह ऐसे लोगों के खिलाफ तुरंत कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी करे ताकि पुलिस का मनोबल कम न होने पाए।1