logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

लेलुंगा में संत रामेश्वर गहिरा गुरु कॉलेज के प्रोफेसर रेमन भार्गव को बीच सड़क पर एक छात्रा और उसके मंगेतर ने बुरी तरह पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग कह रहे हैं कि प्रोफेसर साहब, ज्ञान न सही, थप्पड़ तो भरपूर खा गए। सूत्रों के अनुसार, तथाकथित 'बुद्धिजीवी' प्रोफेसर रेमन भार्गव पिछले डेढ़ साल से इस छात्रा को परेशान कर रहे थे। जब उनकी 'असाइनमेंट' मर्यादा की सभी हदें पार कर गई, तब छात्रा ने गुरु का सम्मान और डिग्री की चिंता छोड़कर 'प्रैक्टिकल परीक्षा' लेने का निर्णय लिया। छात्रा ने अपने मंगेतर के साथ मिलकर प्रोफेसर भार्गव को बाजार में घेर लिया। जैसे ही प्रोफेसर अपनी 'गंदी करतूतों' का नया चैप्टर खोलने बाजार निकले, छात्रा और उसके मंगेतर ने बीच सड़क पर ही उनकी 'स्पेशल क्लास' लगा दी। चश्मदीदों का कहना है कि मार इतनी करारी थी कि प्रोफेसर भार्गव को अपनी पूरी 'थ्योरी' याद आ गई, और छेड़खानी का ऐसा करारा जवाब मिला कि उनका 'भूत' वहीं सड़क पर ही उतर गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही लाइक्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। लोग इस 'कुटाई' को साल का सबसे बेहतरीन 'सड़कछाप न्याय' बता रहे हैं। विडंबना यह है कि जो प्रोफेसर कल तक कॉलेज में बच्चों को 'अनुशासन और संस्कार' सिखाते थे, वे आज सड़क पर खुद 'अनुशासन' का लाइव डेमो लेते दिखे। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब यूनिवर्सिटी इनके इस 'प्रैक्टिकल अनुभव' को इनके सीवी में जोड़ेगी? यह घटना जितनी हास्यास्पद है, उतनी ही गंभीर भी मानी जा रही है। शिक्षा के मंदिर में बैठकर छात्राओं पर डोरे डालने वाले ऐसे 'भेड़ियों' का यही हश्र होना चाहिए। भले ही कानून अपनी जगह काम करता रहेगा, लेकिन छात्रा और उसके मंगेतर ने जो 'ऑन-द-शॉट' इलाज किया है, उसने बाकी 'मजनुओं' को भी कड़ा संदेश दे दिया है कि सुधर जाएं, वरना लेलुंगा जैसी 'कुटाई' कहीं भी हो सकती है।

1 hr ago
user_Ajit gupta
Ajit gupta
Local News Reporter पत्थलगाँव, जशपुर, छत्तीसगढ़•
1 hr ago

लेलुंगा में संत रामेश्वर गहिरा गुरु कॉलेज के प्रोफेसर रेमन भार्गव को बीच सड़क पर एक छात्रा और उसके मंगेतर ने बुरी तरह पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग कह रहे हैं कि प्रोफेसर साहब, ज्ञान न सही, थप्पड़ तो भरपूर खा गए। सूत्रों के अनुसार, तथाकथित 'बुद्धिजीवी' प्रोफेसर रेमन भार्गव पिछले डेढ़ साल से इस छात्रा को परेशान कर रहे थे। जब उनकी 'असाइनमेंट' मर्यादा की सभी हदें पार कर गई, तब छात्रा ने गुरु का सम्मान और डिग्री की चिंता छोड़कर 'प्रैक्टिकल परीक्षा' लेने का निर्णय लिया। छात्रा ने अपने मंगेतर के साथ मिलकर प्रोफेसर भार्गव को बाजार में घेर लिया। जैसे ही प्रोफेसर अपनी 'गंदी करतूतों' का नया चैप्टर खोलने बाजार निकले, छात्रा और उसके मंगेतर ने बीच सड़क पर ही उनकी 'स्पेशल क्लास' लगा दी। चश्मदीदों का कहना है कि मार इतनी करारी थी कि प्रोफेसर भार्गव को अपनी पूरी 'थ्योरी' याद आ गई, और छेड़खानी का ऐसा करारा जवाब मिला कि उनका 'भूत' वहीं सड़क पर ही उतर गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही लाइक्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। लोग इस 'कुटाई' को साल का सबसे बेहतरीन 'सड़कछाप न्याय' बता रहे हैं। विडंबना यह है कि जो प्रोफेसर कल तक कॉलेज में बच्चों को 'अनुशासन और संस्कार' सिखाते थे, वे आज सड़क पर खुद 'अनुशासन' का लाइव डेमो लेते दिखे। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब यूनिवर्सिटी इनके इस 'प्रैक्टिकल अनुभव' को इनके सीवी में जोड़ेगी? यह घटना जितनी हास्यास्पद है, उतनी ही गंभीर भी मानी जा रही है। शिक्षा के मंदिर में बैठकर छात्राओं पर डोरे डालने वाले ऐसे 'भेड़ियों' का यही हश्र होना चाहिए। भले ही कानून अपनी जगह काम करता रहेगा, लेकिन छात्रा और उसके मंगेतर ने जो 'ऑन-द-शॉट' इलाज किया है, उसने बाकी 'मजनुओं' को भी कड़ा संदेश दे दिया है कि सुधर जाएं, वरना लेलुंगा जैसी 'कुटाई' कहीं भी हो सकती है।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव और प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष संगीता सिंह ग्राम नकटी पहुँचे।
    1
    पूर्व उप मुख्यमंत्री टी एस सिंहदेव और प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यकारी अध्यक्ष संगीता सिंह ग्राम नकटी पहुँचे।
    user_Suraj Gupta
    Suraj Gupta
    सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • अंबिकापुर में आज पहली जोरदार बारिश हुई है, जहाँ झमाझम पानी बरसा। पोस्ट के माध्यम से लोगों से पूछा गया है कि क्या उनके इलाके में भी पानी आ रहा है।
    1
    अंबिकापुर में आज पहली जोरदार बारिश हुई है, जहाँ झमाझम पानी बरसा। पोस्ट के माध्यम से लोगों से पूछा गया है कि क्या उनके इलाके में भी पानी आ रहा है।
    user_Ashish Kumar tirkey
    Ashish Kumar tirkey
    Driver बतौली, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी की प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी विरोध दर्ज कराया। मैनपाट, कमलेश्वरपुर और रोपाखार क्षेत्र के लोगों ने परियोजना पर अपनी आपत्तियां उठाते हुए खनन के खिलाफ प्रशासनिक और सीएमडीसी अधिकारियों के सामने जमकर नारे लगाए। बुधवार को हुई इस जनसुनवाई के दौरान करीब 147 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन के खिलाफ 7 लोगों ने लिखित और 53 लोगों ने मौखिक रूप से, कुल 60 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि खनन से पर्यावरण, जलस्रोत, वन क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने एक स्वर में कहा कि बॉक्साइट माइंस खुलने से उनकी जल, जंगल व जमीन को खतरा है और कंपनी सिर्फ बॉक्साइट खोदकर चली जाएगी, जिससे इलाके का विकास नहीं होगा। यह भी बताया गया कि मैनपाट के रोपाखार, कमलेश्वरपुर, सरभंजा व लुरैना पथरई में सीएमडीसी को बॉक्साइट खनन के लिए लीज पर भूमि मिली है और पूर्व में भी हुई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए टेंट-पंडाल उखाड़ दिए थे। जनसुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि इस सुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल खनन शुरू होने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, सीएमडीसी के रायपुर से आए अधिकारी ने कहा कि परियोजना की पूरी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण विरोध की स्थिति बनी है और वे लोगों को परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
    1
    सरगुजा के मैनपाट में सीएमडीसी की प्रस्तावित बॉक्साइट खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई में स्थानीय ग्रामीणों ने भारी विरोध दर्ज कराया। मैनपाट, कमलेश्वरपुर और रोपाखार क्षेत्र के लोगों ने परियोजना पर अपनी आपत्तियां उठाते हुए खनन के खिलाफ प्रशासनिक और सीएमडीसी अधिकारियों के सामने जमकर नारे लगाए। बुधवार को हुई इस जनसुनवाई के दौरान करीब 147 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रस्तावित खनन के खिलाफ 7 लोगों ने लिखित और 53 लोगों ने मौखिक रूप से, कुल 60 लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं।

ग्रामीणों ने आशंका जताई कि खनन से पर्यावरण, जलस्रोत, वन क्षेत्र और स्थानीय जनजीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने एक स्वर में कहा कि बॉक्साइट माइंस खुलने से उनकी जल, जंगल व जमीन को खतरा है और कंपनी सिर्फ बॉक्साइट खोदकर चली जाएगी, जिससे इलाके का विकास नहीं होगा। यह भी बताया गया कि मैनपाट के रोपाखार, कमलेश्वरपुर, सरभंजा व लुरैना पथरई में सीएमडीसी को बॉक्साइट खनन के लिए लीज पर भूमि मिली है और पूर्व में भी हुई जनसुनवाई का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध करते हुए टेंट-पंडाल उखाड़ दिए थे।

जनसुनवाई में मौजूद अपर कलेक्टर सुनील कुमार नायक ने बताया कि इस सुनवाई का उद्देश्य प्रस्तावित परियोजना के पर्यावरणीय प्रभावों का आकलन करना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों का गंभीरता से परीक्षण किया जाएगा तथा नियमानुसार सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ही आगे कोई निर्णय लिया जाएगा। नायक ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल खनन शुरू होने का कोई निर्णय नहीं हुआ है। वहीं, सीएमडीसी के रायपुर से आए अधिकारी ने कहा कि परियोजना की पूरी जानकारी लोगों तक नहीं पहुंचने के कारण विरोध की स्थिति बनी है और वे लोगों को परियोजना से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी उपलब्ध कराएंगे।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    बतौली, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय 'रामगढ़ महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ की ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि को नमन करते हुए प्रदेश के विकास और संस्कृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण दावा भी किया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल और रामगढ़ महोत्सव में पहुँचा है। अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक 'सीता बेंगरा' और 'जोगीमारा' गुफाओं का भ्रमण किया और उनके पुरातात्विक महत्व को करीब से समझा। उन्होंने रामगढ़ के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि त्रेतायुग में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास काल का कुछ समय इस पावन भूमि पर व्यतीत किया था, जिसे उन्होंने अत्यंत सौभाग्य की बात कहा। मुख्यमंत्री साय ने समस्त क्षेत्रवासियों को रामगढ़ महोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का आह्वान भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "रामगढ़ की यह धरती प्रभु श्री राम के चरणों से पवित्र हुई है। यहाँ की ऐतिहासिक गुफाओं और पौराणिक गाथाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता है। इस महोत्सव में आना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।" मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
    1
    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय 'रामगढ़ महोत्सव' के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ की ऐतिहासिक और पौराणिक भूमि को नमन करते हुए प्रदेश के विकास और संस्कृति संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने यह महत्वपूर्ण दावा भी किया कि छत्तीसगढ़ के इतिहास में यह पहला अवसर है, जब कोई मुख्यमंत्री इस पावन स्थल और रामगढ़ महोत्सव में पहुँचा है।

अपने दौरे के दौरान, मुख्यमंत्री ने विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक 'सीता बेंगरा' और 'जोगीमारा' गुफाओं का भ्रमण किया और उनके पुरातात्विक महत्व को करीब से समझा। उन्होंने रामगढ़ के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि त्रेतायुग में प्रभु श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने अपने वनवास काल का कुछ समय इस पावन भूमि पर व्यतीत किया था, जिसे उन्होंने अत्यंत सौभाग्य की बात कहा। मुख्यमंत्री साय ने समस्त क्षेत्रवासियों को रामगढ़ महोत्सव की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का आह्वान भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "रामगढ़ की यह धरती प्रभु श्री राम के चरणों से पवित्र हुई है। यहाँ की ऐतिहासिक गुफाओं और पौराणिक गाथाओं को विश्व पटल पर पहचान दिलाना हमारी प्राथमिकता है। इस महोत्सव में आना मेरे लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।"

मुख्यमंत्री के इस दौरे को क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देने और स्थानीय संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
    user_प्रदेश उजाला
    प्रदेश उजाला
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • दुर्गापुर कोल ब्लॉक के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने कोल ब्लॉक से संबंधित ड्रोन सर्वे और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
    1
    दुर्गापुर कोल ब्लॉक के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने एक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने कोल ब्लॉक से संबंधित ड्रोन सर्वे और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    32 min ago
  • जशपुर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शादी समारोह से ठीक पहले एक 'बड़ा खेल' हो गया। बताया गया है कि फेरे होने से पहले ही दुल्हन अपने परिजनों के साथ सोने-चांदी के गहने लेकर फरार हो गई।
    1
    जशपुर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ शादी समारोह से ठीक पहले एक 'बड़ा खेल' हो गया। बताया गया है कि फेरे होने से पहले ही दुल्हन अपने परिजनों के साथ सोने-चांदी के गहने लेकर फरार हो गई।
    user_Suraj Gupta
    Suraj Gupta
    सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • लेलुंगा में संत रामेश्वर गहिरा गुरु कॉलेज के प्रोफेसर रेमन भार्गव को बीच सड़क पर एक छात्रा और उसके मंगेतर ने बुरी तरह पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग कह रहे हैं कि प्रोफेसर साहब, ज्ञान न सही, थप्पड़ तो भरपूर खा गए। सूत्रों के अनुसार, तथाकथित 'बुद्धिजीवी' प्रोफेसर रेमन भार्गव पिछले डेढ़ साल से इस छात्रा को परेशान कर रहे थे। जब उनकी 'असाइनमेंट' मर्यादा की सभी हदें पार कर गई, तब छात्रा ने गुरु का सम्मान और डिग्री की चिंता छोड़कर 'प्रैक्टिकल परीक्षा' लेने का निर्णय लिया। छात्रा ने अपने मंगेतर के साथ मिलकर प्रोफेसर भार्गव को बाजार में घेर लिया। जैसे ही प्रोफेसर अपनी 'गंदी करतूतों' का नया चैप्टर खोलने बाजार निकले, छात्रा और उसके मंगेतर ने बीच सड़क पर ही उनकी 'स्पेशल क्लास' लगा दी। चश्मदीदों का कहना है कि मार इतनी करारी थी कि प्रोफेसर भार्गव को अपनी पूरी 'थ्योरी' याद आ गई, और छेड़खानी का ऐसा करारा जवाब मिला कि उनका 'भूत' वहीं सड़क पर ही उतर गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही लाइक्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। लोग इस 'कुटाई' को साल का सबसे बेहतरीन 'सड़कछाप न्याय' बता रहे हैं। विडंबना यह है कि जो प्रोफेसर कल तक कॉलेज में बच्चों को 'अनुशासन और संस्कार' सिखाते थे, वे आज सड़क पर खुद 'अनुशासन' का लाइव डेमो लेते दिखे। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब यूनिवर्सिटी इनके इस 'प्रैक्टिकल अनुभव' को इनके सीवी में जोड़ेगी? यह घटना जितनी हास्यास्पद है, उतनी ही गंभीर भी मानी जा रही है। शिक्षा के मंदिर में बैठकर छात्राओं पर डोरे डालने वाले ऐसे 'भेड़ियों' का यही हश्र होना चाहिए। भले ही कानून अपनी जगह काम करता रहेगा, लेकिन छात्रा और उसके मंगेतर ने जो 'ऑन-द-शॉट' इलाज किया है, उसने बाकी 'मजनुओं' को भी कड़ा संदेश दे दिया है कि सुधर जाएं, वरना लेलुंगा जैसी 'कुटाई' कहीं भी हो सकती है।
    1
    लेलुंगा में संत रामेश्वर गहिरा गुरु कॉलेज के प्रोफेसर रेमन भार्गव को बीच सड़क पर एक छात्रा और उसके मंगेतर ने बुरी तरह पीटा। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग कह रहे हैं कि प्रोफेसर साहब, ज्ञान न सही, थप्पड़ तो भरपूर खा गए।

सूत्रों के अनुसार, तथाकथित 'बुद्धिजीवी' प्रोफेसर रेमन भार्गव पिछले डेढ़ साल से इस छात्रा को परेशान कर रहे थे। जब उनकी 'असाइनमेंट' मर्यादा की सभी हदें पार कर गई, तब छात्रा ने गुरु का सम्मान और डिग्री की चिंता छोड़कर 'प्रैक्टिकल परीक्षा' लेने का निर्णय लिया।

छात्रा ने अपने मंगेतर के साथ मिलकर प्रोफेसर भार्गव को बाजार में घेर लिया। जैसे ही प्रोफेसर अपनी 'गंदी करतूतों' का नया चैप्टर खोलने बाजार निकले, छात्रा और उसके मंगेतर ने बीच सड़क पर ही उनकी 'स्पेशल क्लास' लगा दी। चश्मदीदों का कहना है कि मार इतनी करारी थी कि प्रोफेसर भार्गव को अपनी पूरी 'थ्योरी' याद आ गई, और छेड़खानी का ऐसा करारा जवाब मिला कि उनका 'भूत' वहीं सड़क पर ही उतर गया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर आते ही लाइक्स और कमेंट्स की बाढ़ आ गई है। लोग इस 'कुटाई' को साल का सबसे बेहतरीन 'सड़कछाप न्याय' बता रहे हैं। विडंबना यह है कि जो प्रोफेसर कल तक कॉलेज में बच्चों को 'अनुशासन और संस्कार' सिखाते थे, वे आज सड़क पर खुद 'अनुशासन' का लाइव डेमो लेते दिखे। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या अब यूनिवर्सिटी इनके इस 'प्रैक्टिकल अनुभव' को इनके सीवी में जोड़ेगी?

यह घटना जितनी हास्यास्पद है, उतनी ही गंभीर भी मानी जा रही है। शिक्षा के मंदिर में बैठकर छात्राओं पर डोरे डालने वाले ऐसे 'भेड़ियों' का यही हश्र होना चाहिए। भले ही कानून अपनी जगह काम करता रहेगा, लेकिन छात्रा और उसके मंगेतर ने जो 'ऑन-द-शॉट' इलाज किया है, उसने बाकी 'मजनुओं' को भी कड़ा संदेश दे दिया है कि सुधर जाएं, वरना लेलुंगा जैसी 'कुटाई' कहीं भी हो सकती है।
    user_Ajit gupta
    Ajit gupta
    Local News Reporter पत्थलगाँव, जशपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.