दातागंज (बदायूं)। कोतवाली दातागंज क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा दातागंज के मोहल्ला वार्ड नंबर 10 बदाम नगर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली चोरी की घटना सामने आई है। पीडित दुर्विजय सिंह पुत्र निरंजन सिंह ने बताया कि मेरे सगे भाई रामपाल अगरपाल पुत्र गण निरंजन सिंह व भतीजे शिम्भू सिंह मनवीर ओमेन्द्र पर घर की दीवार तोड़कर लाखों रुपये के जेवरात सोने की कमर बन्ध दो हार 4 चुड़ी चैन 10 अंगूठी 1 जोड़ झाले 1 जोड झुम्की व नकदी चोरी करने का आरोप लगा है। पीड़ित दुर्विजय सिंह सिंह पुत्र निरंजन सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह रोज की तरह अपनी दुकान पर गया हुआ था। इसी दौरान उसके सगे भाइयों व भतीजे ने उसके घर की दीवार तोड़कर जबरन घर में प्रवेश किया। उस समय घर में उसकी पत्नी, पुत्रवधू व बेटी मौजूद थीं। आरोप है कि अभियुक्तों ने घर में रखा सारा कीमती जेवरात और लगभग 2 लाख 70 हजार रुपये नकद उठा लिए और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली दातागंज पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कोतवाली पुलिस के अनुसार पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामदगी व अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जितेन्द्र कुमार यादव PNP न्यूज बदायूँ
दातागंज (बदायूं)। कोतवाली दातागंज क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा दातागंज के मोहल्ला वार्ड नंबर 10 बदाम नगर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली चोरी की घटना सामने आई है। पीडित दुर्विजय सिंह पुत्र निरंजन सिंह ने बताया कि मेरे सगे भाई रामपाल अगरपाल पुत्र गण निरंजन सिंह व भतीजे शिम्भू सिंह मनवीर ओमेन्द्र पर घर की दीवार तोड़कर लाखों रुपये के जेवरात सोने की कमर बन्ध दो हार 4 चुड़ी चैन 10 अंगूठी 1 जोड़ झाले 1 जोड झुम्की व नकदी चोरी
करने का आरोप लगा है। पीड़ित दुर्विजय सिंह सिंह पुत्र निरंजन सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह रोज की तरह अपनी दुकान पर गया हुआ था। इसी दौरान उसके सगे भाइयों व भतीजे ने उसके घर की दीवार तोड़कर जबरन घर में प्रवेश किया। उस समय घर में उसकी पत्नी, पुत्रवधू व बेटी मौजूद थीं। आरोप है कि अभियुक्तों ने घर में रखा सारा कीमती जेवरात और लगभग 2 लाख 70 हजार रुपये नकद उठा लिए और मौके से फरार हो
गए। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली दातागंज पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कोतवाली पुलिस के अनुसार पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामदगी व अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जितेन्द्र कुमार यादव PNP न्यूज बदायूँ
- दातागंज (बदायूं)। कोतवाली दातागंज क्षेत्र के अंतर्गत कस्बा दातागंज के मोहल्ला वार्ड नंबर 10 बदाम नगर में रिश्तों को शर्मसार करने वाली चोरी की घटना सामने आई है। पीडित दुर्विजय सिंह पुत्र निरंजन सिंह ने बताया कि मेरे सगे भाई रामपाल अगरपाल पुत्र गण निरंजन सिंह व भतीजे शिम्भू सिंह मनवीर ओमेन्द्र पर घर की दीवार तोड़कर लाखों रुपये के जेवरात सोने की कमर बन्ध दो हार 4 चुड़ी चैन 10 अंगूठी 1 जोड़ झाले 1 जोड झुम्की व नकदी चोरी करने का आरोप लगा है। पीड़ित दुर्विजय सिंह सिंह पुत्र निरंजन सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह रोज की तरह अपनी दुकान पर गया हुआ था। इसी दौरान उसके सगे भाइयों व भतीजे ने उसके घर की दीवार तोड़कर जबरन घर में प्रवेश किया। उस समय घर में उसकी पत्नी, पुत्रवधू व बेटी मौजूद थीं। आरोप है कि अभियुक्तों ने घर में रखा सारा कीमती जेवरात और लगभग 2 लाख 70 हजार रुपये नकद उठा लिए और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर कोतवाली दातागंज पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। कोतवाली पुलिस के अनुसार पीड़ित की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। बरामदगी व अन्य कानूनी कार्रवाई की जा रही है। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जितेन्द्र कुमार यादव PNP न्यूज बदायूँ3
- बदायूं से बड़ी खबर | जनप्रतिनिधियों का अनोखा विरोध प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद से इस वक्त की बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नगर के वार्ड नंबर 15, 27, 18 और 19 के सभासद अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गए। सभासदों ने शासन-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। प्रदर्शन कर रहे सभासदों का कहना है कि वे मजबूर होकर यह कदम उठाने को विवश हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि काफी समय बीत जाने के बाद भी मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी नहीं पहुंचा, जिससे जनप्रतिनिधियों में और अधिक रोष व्याप्त है। सभासदों का आरोप है कि उनके वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, लेकिन प्रशासन आंख मूंदे बैठा है। उनका कहना है कि जब जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को अपनी मांगों के लिए टंकी पर चढ़कर प्रदर्शन करना पड़ रहा है, तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इस घटनाक्रम के बाद शहर में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और लोग प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। अब देखना यह होगा कि शासन-प्रशासन कब तक संज्ञान लेकर मौके पर पहुंचता है और सभासदों की मांगों पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।1
- मिर्जापुर सोहरा मे हैण्डपम्प रिवोरिगं होने को है जल विभाग व ग्राम पंचायत अधिकारी कर रहे है अनदेखी1
- Post by Zubair Ansari1
- शुभ संध्या आज हमने अपने गेहूं में दूसरा पानी लगाया कुछ पल इंजॉय किया वह आपके सामने है1
- मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर जगह-जगह खिचड़ी भोज चाय समोसे वितरण किए गए1
- जनपद बरेली शाही क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद का बुधवार को फैसला नजर आया कोर्ट के आदेश पर करीब एक बीघा भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को बुलडोजर से जमींदोज कर दिया गया कार्रवाई के दौरान दो बुलडोजरों ने सड़क किनारे बनी चार दुकानों और पीछे बने मकान को करीब तीन घंटे में पूरी तरह ढहा दिया है1
- न्यूज़ बदायूं उझानी मेंथा फैक्ट्री हत्या मामला: अतुल तोमर का धरना, सियासी नेताओं पर साधा निशाना 13 जनवरी को मेंथा फैक्ट्री में तीन किसानों के बेटों की हत्या के मामले में भारतीय किसान यूनियन भानू के जिला अध्यक्ष अतुल तोमर फैक्ट्री परिसर में धरने पर बैठ गए। भारी पुलिस बल के दबाव के बावजूद उन्होंने साफ कहा कि जब तक हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज नहीं होगा और फैक्ट्री सीज नहीं की जाएगी, तब तक धरना खत्म नहीं होगा। किसान नेता अतुल तोमर ने जनपद के समाजवादी नेताओं को घेरते हुए कहा कि चुनाव के समय वोट मांगने वाले नेता आज पीड़ित परिवारों की मदद के लिए आगे क्यों नहीं आ रहे। उन्होंने बदायूं सांसद से तीनों पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की।1