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उत्तर प्रदेश के पीलीभीत स्थित अमरिया क्षेत्र में अप्सरा नदी में एक युवक के कूदने की आशंका जताई जा रही है। घटना को लेकर पुलिस और गोताखोरों द्वारा नदी में तलाश अभियान चलाया जा रहा है।
MOHD ARIF
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत स्थित अमरिया क्षेत्र में अप्सरा नदी में एक युवक के कूदने की आशंका जताई जा रही है। घटना को लेकर पुलिस और गोताखोरों द्वारा नदी में तलाश अभियान चलाया जा रहा है।
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- बिथरी चैनपुर क्षेत्र के ग्राम तैयतपुर में अपनी पत्नी से हो रहे घरेलू विवाद के दौरान बीच-बचाव करने उठे 70 वर्षीय बुजुर्ग की उनके ही बेटे ने चाकू मारकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान जसवंत के पुत्र रामदीन (70 वर्ष) के रूप में हुई है। परिजनों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, रामदीन का 32 वर्षीय पुत्र बाबू राम अपनी पत्नी के साथ किसी बात को लेकर झगड़ रहा था। पास ही बैठे पिता रामदीन जब मामले को शांत कराने और बीच-बचाव करने उठे, तभी बेटे बाबू ने उनके सीने पर चाकू से हमला कर दिया। इस वार से घायल होकर रामदीन की मौके पर ही मृत्यु हो गई। सीओ हाईवे देवेश सिंह के मुताबिक, दोपहर करीब 2 बजे घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति की जानकारी जुटाई। पुलिस ने मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाकर साक्ष्य जुटाए और हत्या में इस्तेमाल किया गया आला कत्ल बरामद कर लिया। इसके बाद शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों की तरफ से अभी तक कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है, और फिलहाल घटना स्थल पर शांति व्यवस्था कायम है।1
- उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में दो पत्रकारों को कथित रूप से हिरासत में लिए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के विरोध में जिलेभर के पत्रकार एकजुट होकर सड़क पर उतर आए। प्रेस क्लब में बैठक के बाद पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकाला और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपने पहुंचे। जिलाधिकारी के उपलब्ध न होने पर पत्रकार विकास भवन के सभागार में धरने पर बैठ गए। मामले की जानकारी मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की पहल पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) मौके पर पहुंचे और पत्रकारों से वार्ता की। पत्रकारों ने एसओजी (SOG) टीम पर कार्रवाई की मांग रखी, जिस पर एसपी ने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद पत्रकारों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। बताया गया कि 23 जुलाई की शाम करीब सात बजे 'हिंदी खबर' टीवी चैनल और 'नेटवर्क-10 नेशनल न्यूज' चैनल के पत्रकार शाहजहांपुर से पुवायां जा रहे थे। आरोप है कि चिनौर के पास एसओजी प्रभारी और उनकी टीम ने दोनों को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए अपने वाहन में बैठा लिया और उनके मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए। करीब तीन घंटे तक पत्रकारों का अपने साथियों और परिजनों से संपर्क नहीं हो सका और भारी विरोध के बाद उन्हें छोड़ा गया। उन्हें डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के काफिले को काले झंडे दिखाए जाने का वीडियो वायरल करने के आरोप में उठाया गया था। ज्ञापन में पत्रकारों ने एसओजी प्रभारी व टीम पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है और कहा कि भविष्य में किसी भी पत्रकार के विरुद्ध कार्रवाई से पूर्व मान्यता प्राप्त पत्रकार संगठन को सूचना दी जाए।1
- उत्तर प्रदेश के रामपुर में चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज है। रामपुर के सियासी माहौल पर बात करते हुए भारत भूषण गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2027 में जनता एक बार फिर नया इतिहास लिखेगी। यूपी चुनाव 2027 के परिप्रेक्ष्य में स्थानीय स्तर पर सीधी बात और स्थानीय नेता के साथ को महत्वपूर्ण बताया गया है।1
- बरेली जंक्शन से मथुरा जाने वाली एक एक्सप्रेस ट्रेन उपलब्ध न होने के कारण रद्द हो गई, जिसके बाद यात्रियों को टिकट का रिफंड नहीं मिलने का मामला सामने आया है। आरोप है कि रिफंड के लिए जब परेशान यात्री टिकट काउंटर पर पहुंचे, तो वहां मौजूद महिला कर्मचारी ने उनसे अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस पूरी घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर हिमांशु पटेल के हैंडल से साझा किया गया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है। पोस्ट में @RailMinIndia, @RailwaySeva और @drmizzatnagar को टैग करते हुए पूरे मामले की जांच करने और यात्रियों को रिफंड दिलाने की मांग की गई है। फिलहाल इस प्रकरण पर रेलवे प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।1
- पीलीभीत के पूरनपुर तहसील क्षेत्र स्थित महद खास (महादिया) गांव में जर्जर और जलभराव से परेशान ग्रामीणों ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया है। पिछले 10 वर्षों से सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे ग्रामीणों ने होली चौराहे से खमरिया माइनर तक करीब 400 मीटर लंबे कीचड़ और पानी से भरे रास्ते पर धान की रोपाई कर अपना गुस्सा जताया। ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क पूरी तरह खेत जैसी बन चुकी है, तो उसमें धान ही उगा दिया जाए। इस जर्जर रास्ते के कारण स्कूली बच्चों, किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों को आवाजाही में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि दशक भर से सड़क निर्माण की मांग करने पर हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। इसी मार्ग पर भारत निर्माण राजीव गांधी सेवा केंद्र भी स्थित है, जहां अधिकारियों का नियमित आना-जाना रहता है, इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। वहीं मामले में ग्राम प्रधान कोमिल प्रसाद का कहना है कि फरवरी महीने में सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाकर लगभग 50 ट्रॉली मिट्टी डलवाई गई थी, लेकिन मार्ग पर अतिक्रमण होने के कारण कार्य अधूरा रह गया। प्रधान के अनुसार अधिकांश लोगों ने अतिक्रमण हटा लिया है, लेकिन एक व्यक्ति द्वारा कब्जा न हटाने से निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटवाकर सड़क का निर्माण शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई कर सड़क नहीं बनवाई गई, तो आने वाले दिनों में और बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा।1
- दिल्ली आंदोलन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का पहला बयान सामने आया है। इस पूरे मामले पर उन्होंने अत्यंत कड़े लफ्ज़ों में अपनी बात रखी है।1
- गन्ना किसानों के हक में एक बड़ा फैसला सामने आया है, जहाँ मिल मालिकों की उस दलील को दरकिनार कर दिया गया जिसमें उन्होंने हजारों करोड़ रुपये का ब्याज देने पर मिलें बंद होने की बात कही थी। इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि गन्ना किसानों की बदहाली के लिए कोई तो जिम्मेवार होगा। अदालत ने इस मामले में गन्ना आयुक्त को सीधे तलब कर लिया है। अदालत ने गन्ना आयुक्त को निर्देश दिया है कि वह अगली तारीख 03 अगस्त 2026 को पिछले आदेशों के तहत गन्ना भुगतान के विलंब पर ब्याज भुगतान से जुड़े पूरे आंकड़े प्रस्तुत करें। फैसले के तहत गन्ना भुगतान में देरी होने पर अब 12 प्रतिशत की जगह 15 प्रतिशत की दर से ब्याज देना अनिवार्य होगा। वी एम सिंह पिछले 30 साल से इस मुद्दे पर संघर्षरत हैं।1
- सिलवासा में बाढ़ के कारण हालात बेहद बिगड़ चुके हैं। क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है और वहां से बेहद खतरनाक विजुअल्स सामने आ रहे हैं, जो स्थिति की भयावहता को दर्शा रहे हैं।1