*बिष्णुगढ़ के बिलंडी में 300 फीट गहरे एयर वेंट में तलाश की कोशिश नाकाम, NDRF टीम बैरंग लौटी* बिष्णुगढ़: बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के रखवा गांव निवासी गणेश महतो के लापता होने के चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मंगलवार को घर से निकलने के बाद परिजन और ग्रामीणों ने बिलंडी गांव स्थित कोनार नहर के करीब 300 फीट गहरे एयर वेंट के पास उनकी चप्पलें बरामद की थीं। आशंका है कि गणेश महतो इसी एयर वेंट में गिर गए होंगे। सूचना पर घटना के 3 दिन बाद शुक्रवार रात NDRF की 30 सदस्यीय टीम बिष्णुगढ़ पहुंची और शनिवार को खोजबीन की तैयारी की, लेकिन अत्यंत गहराई और जोखिम के कारण टीम ने हाथ खड़े कर दिए इसके बाद टीम बैरंग वापस लौट गई। NDRF की कोशिश नाकाम होने से परिजनों में मायूसी है। अब परिजन खुद शव की तलाश करने का मन बना रहे हैं। बिष्णुगढ़ सीओ नित्यानंद दास ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि वरीय पदाधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी जा रही है। आगे की रणनीति वरीय अधिकारी तय करेंगे।
*बिष्णुगढ़ के बिलंडी में 300 फीट गहरे एयर वेंट में तलाश की कोशिश नाकाम, NDRF टीम बैरंग लौटी* बिष्णुगढ़: बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के रखवा गांव निवासी गणेश महतो के लापता होने के चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मंगलवार को घर से निकलने के बाद परिजन और ग्रामीणों ने बिलंडी गांव स्थित कोनार नहर के करीब 300 फीट गहरे एयर वेंट के पास उनकी चप्पलें बरामद की थीं। आशंका है कि गणेश महतो इसी एयर वेंट में गिर गए होंगे। सूचना पर घटना के 3 दिन बाद शुक्रवार रात NDRF की 30 सदस्यीय टीम बिष्णुगढ़ पहुंची और शनिवार को खोजबीन की तैयारी की, लेकिन अत्यंत गहराई और जोखिम के कारण टीम ने हाथ खड़े कर दिए इसके बाद टीम बैरंग वापस लौट गई। NDRF की कोशिश नाकाम होने से परिजनों में मायूसी है। अब परिजन खुद शव की तलाश करने का मन बना रहे हैं। बिष्णुगढ़ सीओ नित्यानंद दास ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि वरीय पदाधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी जा रही है। आगे की रणनीति वरीय अधिकारी तय करेंगे।
- *बिष्णुगढ़ के बिलंडी में 300 फीट गहरे एयर वेंट में तलाश की कोशिश नाकाम, NDRF टीम बैरंग लौटी* बिष्णुगढ़: बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के रखवा गांव निवासी गणेश महतो के लापता होने के चार दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है। मंगलवार को घर से निकलने के बाद परिजन और ग्रामीणों ने बिलंडी गांव स्थित कोनार नहर के करीब 300 फीट गहरे एयर वेंट के पास उनकी चप्पलें बरामद की थीं। आशंका है कि गणेश महतो इसी एयर वेंट में गिर गए होंगे। सूचना पर घटना के 3 दिन बाद शुक्रवार रात NDRF की 30 सदस्यीय टीम बिष्णुगढ़ पहुंची और शनिवार को खोजबीन की तैयारी की, लेकिन अत्यंत गहराई और जोखिम के कारण टीम ने हाथ खड़े कर दिए इसके बाद टीम बैरंग वापस लौट गई। NDRF की कोशिश नाकाम होने से परिजनों में मायूसी है। अब परिजन खुद शव की तलाश करने का मन बना रहे हैं। बिष्णुगढ़ सीओ नित्यानंद दास ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि वरीय पदाधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी जा रही है। आगे की रणनीति वरीय अधिकारी तय करेंगे।1
- झारखंड में भारी बारिश को लेकर आपदा विभाग का हाई अलर्ट रांची: मौसम विभाग ने लो प्रेशन एरिया के प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है और इसके चलते ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची की चेतावनी के बाद स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी अस्पतालों और आपदा विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के लिए कहा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 36 घंटों में डिप्रेशन झारखंड से उत्तरी छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिससे तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्यवासियों से बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने तथा जलभराव वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को 24x7 सक्रिय रखने और पीने के पानी को उबालकर पीने की भी हिदायत दी। झारखंड में भारी बारिश को लेकर आपदा विभाग का हाई अलर्ट रांची: मौसम विभाग ने लो प्रेशन एरिया के प्रभाव से झारखंड के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है और इसके चलते ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची की चेतावनी के बाद स्वास्थ्य एवं आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सभी अस्पतालों और आपदा विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के लिए कहा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले 36 घंटों में डिप्रेशन झारखंड से उत्तरी छत्तीसगढ़, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिससे तेज हवाओं और भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्यवासियों से बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों का विशेष ध्यान रखने तथा जलभराव वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को 24x7 सक्रिय रखने और पीने के पानी को उबालकर पीने की भी हिदायत दी।1
- FIR के बाद कतरास में गरमाया सियासी माहौल! पार्षद निरुपमा देवी की आंदोलन की चेतावनी, अशोक लाल बोले—“डरने वाले नहीं!”1
- धनबाद जिले के कतरास में अवैध खनन से शुरू हुए विवाद में कुल 3 FIR दर्ज की गई है जिसमे कई आरोपी नामज़द है मामला अवैध कोयला खनन , सड़क जाम , वीडियो बनाने को लेकर दर्ज है नामजद आरोपी में वार्ड 5 की पार्षद ने कतरास थाना प्रभारी , समाजसेवी भाजपा नेता वशिष्ठ चौहान पर गंभीर आरोप लगाए हैं । #dhanbad1
- देवरी को अनुमंडल बनाने की मांग को लेकर महाधरना, बारिश के बीच जुटे लोग, मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू को दी गई श्रद्धांजलि गिरिडीह जिले के देवरी प्रखंड को अनुमंडल का दर्जा देने की मांग को लेकर बुधवार को प्रखंड कार्यालय परिसर में एकदिवसीय महाधरना प्रदर्शन किया गया। नागरिक मंच देवरी के बैनर तले आयोजित इस महाधरना में भारी बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में लोग जुटे और देवरी को अनुमंडल बनाने की मांग को लेकर आवाज बुलंद की। धरना के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “गांव-गांव को जगाना है, देवरी को अनुमंडल बनाना है” और “जन-जन को जगाना है, देवरी को अनुमंडल बनाना है” जैसे नारे लगाए। इस दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने हाल ही में दिवंगत हुए झारखंड के मंत्री एवं गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। लोगों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। बारिश के बावजूद धरना स्थल पर लोगों की मौजूदगी और एकजुटता देखने को मिली। कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग और स्थानीय नागरिक शामिल हुए। नागरिक मंच के बैनर तले आयोजित इस महाधरना के माध्यम से सरकार और प्रशासन से देवरी को अनुमंडल का दर्जा देने की मांग की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि देवरी को अनुमंडल बनाने से क्षेत्र के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए होने वाली परेशानी कम होगी। अब देखना होगा कि देवरी को अनुमंडल बनाने की इस मांग पर सरकार और प्रशासन की ओर से क्या पहल की जाती है।1
- कतरास स्थित पांचगढ़ी बाजार हनुमान मेंशन में खुला आहर रेस्टोरेंट1
- गजलीटांड कतरास हादसा: बरसी पर उमड़ी भीड़, शहीद स्तम्भ पर दी गई अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि झारखंड के धनबाद जिले में स्थित कतरास का गजलीटांड (Gajli Tand) हादसा भारतीय औद्योगिक और खनन इतिहास के सबसे काले और वीभत्स अध्यायों में से एक है। यह वह त्रासदी थी, जिसने न सिर्फ जमीन के अंदर काम करने वाले मजदूरों के हौसलों को झकझोरा, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी थी। आज एक बार फिर, इस दर्दनाक हादसे की याद में पूरा इलाका गमगीन हो उठा।" आज इस भीषण त्रासदी की बरसी पर मृतक मजदूरों के परिवारजनों समेत सैंकड़ों स्थानीय लोगों ने गजली टांड शहीद स्तम्भ पर पहुंचकर नम आँखों से श्रद्धांजलि दी। इस दौरान वहाँ मौजूद पीड़ित परिवारों के दर्द और सिसकियों से पूरा माहौल गमगीन दिखा। दशकों बीत जाने के बाद भी अपनों को खोने का गम इन परिवारों के दिलों में आज भी जिंदा है। लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर उन तमाम अनाम शहीदों को याद किया, जिन्होंने अपनी जान गँवाई थी। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) की गजलीटांड कोलियरी में भारी मानसूनी बारिश के कारण पास की कतरा नदी का बांध टूट गया था, जिससे करोड़ों गैलन पानी अचानक भूमिगत खदान (Underground Mine) के अंदर जा घुसा था और सैकड़ों मजदूर अंदर ही फंस गए थे। सरकारी रिकॉर्ड में इस हादसे में 64 से अधिक मजदूरों की मौत दर्ज की गई, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि मृतकों का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा था, क्योंकि कई शव कभी बरामद ही नहीं हो सके। "गजलीटांड सिर्फ एक प्राकृतिक आपदा नहीं थी, बल्कि यह सुरक्षा मानकों की अनदेखी और घोर प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा थी।" सुरक्षा पर सवाल: इस घटना ने देश भर की खदानों में मजदूरों की सुरक्षा और आपातकालीन निकास मार्गों पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। आज शहीद स्तम्भ पर उमड़ी यह भीड़ इस बात की गवाही देती है कि भले ही समय बीत गया हो, लेकिन इस खूनी हादसे के जख्म आज भी पूरी तरह हरे हैं। "गजलीटांड का यह हादसा हमें आज भी यह याद दिलाता है कि देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए जो कोयला हम निकालते हैं, उसकी कीमत इन बेकसूर मजदूरों ने अपनी जान देकर चुकाई है। आज शहीद स्तम्भ पर श्रद्धांजलि देते हुए हर शख्स की बस यही मांग थी कि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो और मजदूरों की सुरक्षा से कभी समझौता न किया जाए। इन्हें शत-शत नमन, धन्यवाद।"1
- Post by जनता न्यूज़ 241