नामचीन "बलिया ढाबा" के संचालक संजय ओझा ने शिवनाथ नदी में लगाई छलांग, शव बरामद नामचीन "बलिया ढाबा" के संचालक संजय ओझा ने शिवनाथ नदी में लगाई छलांग, शव बरामद _पथरिया चौक में पसरा मातम, आत्महत्या की वजह अब भी रहस्य_ *धमधा, दुर्ग।* धमधा क्षेत्र के सबसे पुराने और नामचीन होटलों में शुमार "बलिया ढाबा" से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। आज सुबह पथरिया चौक स्थित इस ढाबे के संचालक संजय ओझा ने शिवनाथ नदी पुल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना से पूरे धमधा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। *सुबह-सुबह मचा हड़कंप* जानकारी के मुताबिक संजय ओझा रोज की तरह सुबह घर से निकले थे। लेकिन आज वे ढाबा न जाकर सीधे शिवनाथ नदी के किनारे पहुंचे और अचानक नदी में छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने जब उन्हें नदी में डूबते देखा तो शोर मचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही धमधा पुलिस व नंदिनी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और में साथ दुर्ग से *SDRF की टीम* भी मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद संजय ओझा का शव नदी से बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। *"बलिया ढाबा" - धमधा क्षेत्र की पहचान* पथरिया चौक पर स्थित "बलिया ढाबा" धमधा क्षेत्र का सबसे पुराना और लोकप्रिय ढाबा माना जाता है। हाईवे से गुजरने वाले ट्रक ड्राइवरों से लेकर आम लोगों तक, सभी की पहली पसंद यही ढाबा था। संजय ओझा पिछले कई सालों से इस ढाबे का संचालन कर रहे थे। मिलनसार स्वभाव और शानदार खाने की वजह से इलाके में उनकी अच्छी खासी पहचान थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहते थे। अचानक इस कदम से कोई भी यकीन नहीं कर पा रहा। *आत्महत्या की वजह अब भी रहस्य* पुलिस ने शव बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के ठोस कारणों का पता नहीं चल पाया है। क्या आर्थिक तंगी थी? पारिवारिक विवाद? या कोई और वजह? पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। सुसाइड नोट भी मौके से बरामद नहीं हुआ है। थाना प्रभारी ने बताया कि _"मामले की हर बिंदु पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।"_ *इलाके में शोक की लहर* इस खबर के फैलते ही बलिया ढाबा पर लोगों का तांता लग गया। ग्राहक और शुभचिंतक ढाबा बंद देखकर हैरान रह गए। कई लोगों की आंखें नम थीं। सोशल मीडिया पर भी लोग संजय ओझा को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा - _"संजय भैया बहुत अच्छे इंसान थे। क्या वजह रही होगी जो उन्हें ये कदम उठाना पड़ा, समझ नहीं आ रहा।"_ फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पूरे धमधा क्षेत्र में इस घटना के बाद सनसनी फैली हुई है।
नामचीन "बलिया ढाबा" के संचालक संजय ओझा ने शिवनाथ नदी में लगाई छलांग, शव बरामद नामचीन "बलिया ढाबा" के संचालक संजय ओझा ने शिवनाथ नदी में लगाई छलांग, शव बरामद _पथरिया चौक में पसरा मातम, आत्महत्या की वजह अब भी रहस्य_ *धमधा, दुर्ग।* धमधा क्षेत्र के सबसे पुराने और नामचीन होटलों में शुमार "बलिया ढाबा" से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। आज सुबह पथरिया चौक स्थित इस ढाबे के संचालक संजय ओझा ने शिवनाथ नदी पुल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना से पूरे धमधा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। *सुबह-सुबह मचा हड़कंप* जानकारी के मुताबिक संजय ओझा रोज की तरह सुबह घर से निकले थे। लेकिन आज वे ढाबा न जाकर सीधे शिवनाथ नदी के किनारे पहुंचे और अचानक नदी में छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने जब उन्हें नदी में डूबते देखा तो शोर मचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही धमधा पुलिस व नंदिनी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और में साथ दुर्ग से *SDRF की टीम* भी मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद संजय ओझा का शव नदी से बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। *"बलिया ढाबा" - धमधा क्षेत्र की पहचान* पथरिया चौक पर स्थित "बलिया ढाबा" धमधा क्षेत्र का सबसे पुराना और लोकप्रिय ढाबा माना जाता है। हाईवे से गुजरने वाले ट्रक ड्राइवरों से लेकर आम लोगों तक, सभी की पहली पसंद यही ढाबा था। संजय ओझा पिछले कई सालों से इस ढाबे का संचालन कर रहे थे। मिलनसार स्वभाव और शानदार खाने की वजह से इलाके में उनकी अच्छी खासी पहचान थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहते थे। अचानक इस कदम से कोई भी यकीन नहीं कर पा रहा। *आत्महत्या की वजह अब भी रहस्य* पुलिस ने शव बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के ठोस कारणों का पता नहीं चल पाया है। क्या आर्थिक तंगी थी? पारिवारिक विवाद? या कोई और वजह? पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। सुसाइड नोट भी मौके से बरामद नहीं हुआ है। थाना प्रभारी ने बताया कि _"मामले की हर बिंदु पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।"_ *इलाके में शोक की लहर* इस खबर के फैलते ही बलिया ढाबा पर लोगों का तांता लग गया। ग्राहक और शुभचिंतक ढाबा बंद देखकर हैरान रह गए। कई लोगों की आंखें नम थीं। सोशल मीडिया पर भी लोग संजय ओझा को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा - _"संजय भैया बहुत अच्छे इंसान थे। क्या वजह रही होगी जो उन्हें ये कदम उठाना पड़ा, समझ नहीं आ रहा।"_ फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पूरे धमधा क्षेत्र में इस घटना के बाद सनसनी फैली हुई है।
- छत्तीसगढ़ में पनीर बैन ? एनालॉग नक़ली पनीर बनाना बेचना प्रतिबंधित हुआ। लगेगा 5 लाख जुर्माना छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर राज्य में एनालॉग पनीर (नकली पनीर) के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। यह पाबंदी मक्खन और क्रीम जैसे गैर-मानक डेयरी उत्पादों पर भी लागू की गई है।1
- हर-हर महादेव के जयघोष के साथ लगभग 400 श्रद्धालु बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना* रिपोर्टर रोहित वर्मा लोकेशन खरोरा *हर-हर महादेव के जयघोष के साथ लगभग 400 श्रद्धालु बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना* खरोरा सावन माह के पावन अवसर पर क्षेत्र से लगभग 400 श्रद्धालुओं का जत्था भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए बाबा बैजनाथ धाम के लिए श्रद्धाभाव के साथ रवाना हुआ। श्रद्धालुओं में गजब का उत्साह देखने को मिला। पूरा वातावरण "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।यात्रा के शुभारंभ अवसर पर पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, जिला पंचायत सदस्य ईशान वैष्णो, प्रणम्य पांडेय , कांग्रेस महामंत्री डिगेश्वर यदु, भुवन वर्मा, मोहरा सरपंच प्रतिनिधि जवाहर वर्मा, गिरधारी वर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं शिवभक्त उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं का स्वागत कर उनकी सुखद एवं मंगलमय यात्रा की कामना की।श्रद्धालु पारंपरिक केसरिया वेशभूषा में भगवान शिव के भजनों एवं जयघोष के साथ रवाना हुए। यात्रा के दौरान अनुशासन, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने बाबा बैजनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा तथा सभी के सुख-शांति की प्रार्थना करने की बात कही। यात्रा को लेकर क्षेत्रवासियों में भी विशेष उत्साह और धार्मिक आस्था का माहौल बना रहा।4
- युवा मित्र मंडल कबीरधाम छत्तीसगढ़ के द्वारा कवर्धा शहर के सिग्नल चौक में एक जुट होकर सभी ने इस छत्तीसगढ़ के वीर सपूतो को श्रद्धांजलि अर्पित की... जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में 31 जुलाई 2026 की शाम को आतंकवादियों ने एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों—दीपक रात्रे और भूपेंद्र भैना की गोली मारकर हत्या कर दी। इस कायराना लक्षित हमले (टारगेट किलिंग) में दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आज युवा मित्र मंडल कबीरधाम छत्तीसगढ़ के द्वारा कवर्धा शहर के सिग्नल चौक में एक जुट होकर सभी ने इस छत्तीसगढ़ के वीर सपूतो को श्रद्धांजलि अर्पित की... #कवर्धा #कबीरधाम #छत्तीसगढ़ #श्रद्धांजलि #वीरसपूत दीपकरात्रे भूपेंद्रभैना JammuKashmir Kulgam TargetKilling TerrorAttack Tribute1
- युवा आपदा मित्र योजना के तहत सात दिवसीय प्रशिक्षण शुरू 130 स्वयंसेवकों को मिलेगा आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण युवा आपदा मित्र योजना के तहत सात दिवसीय प्रशिक्षण शुरू 130 स्वयंसेवकों को मिलेगा आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह विभाग द्वारा संचालित युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत आपदा मित्र स्वयंसेवकों के सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार को शासकीय सांदीपनि विद्यालय, बालाघाट में हुआ। प्रशिक्षण के पहले दिन जिले के करीब 130 स्वयंसेवकों ने भाग लेकर आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर जी.एस. धुर्वे (आईएएस) ने कहा कि आपदा के समय प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रशासन और आमजन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता, अनुशासन और समर्पण के साथ पूरा करने तथा अर्जित ज्ञान का उपयोग जनहित एवं आपदा राहत कार्यों में करने का आह्वान किया। इस अवसर पर शासकीय सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वहीं, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ललित उड्डे ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि सात दिवसीय प्रशिक्षण में खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू), प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव, राहत एवं बचाव कार्य सहित विभिन्न विषयों पर सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में प्लाटून कमांडेंट श्याम सिंह धुर्वे, प्लाटून कमांडेंट सुश्री अर्चना, विभागीय अधिकारी तथा प्रशिक्षण दल के सदस्य भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षित "आपदा मित्र" के रूप में तैयार किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर ये स्वयंसेवक जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्राकृतिक एवं अन्य आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।1
- नामचीन "बलिया ढाबा" के संचालक संजय ओझा ने शिवनाथ नदी में लगाई छलांग, शव बरामद नामचीन "बलिया ढाबा" के संचालक संजय ओझा ने शिवनाथ नदी में लगाई छलांग, शव बरामद _पथरिया चौक में पसरा मातम, आत्महत्या की वजह अब भी रहस्य_ *धमधा, दुर्ग।* धमधा क्षेत्र के सबसे पुराने और नामचीन होटलों में शुमार "बलिया ढाबा" से जुड़ी एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। आज सुबह पथरिया चौक स्थित इस ढाबे के संचालक संजय ओझा ने शिवनाथ नदी पुल से कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इस घटना से पूरे धमधा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। *सुबह-सुबह मचा हड़कंप* जानकारी के मुताबिक संजय ओझा रोज की तरह सुबह घर से निकले थे। लेकिन आज वे ढाबा न जाकर सीधे शिवनाथ नदी के किनारे पहुंचे और अचानक नदी में छलांग लगा दी। आसपास मौजूद लोगों ने जब उन्हें नदी में डूबते देखा तो शोर मचाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही धमधा पुलिस व नंदिनी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और में साथ दुर्ग से *SDRF की टीम* भी मौके पर पहुंची। गोताखोरों ने करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद संजय ओझा का शव नदी से बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। *"बलिया ढाबा" - धमधा क्षेत्र की पहचान* पथरिया चौक पर स्थित "बलिया ढाबा" धमधा क्षेत्र का सबसे पुराना और लोकप्रिय ढाबा माना जाता है। हाईवे से गुजरने वाले ट्रक ड्राइवरों से लेकर आम लोगों तक, सभी की पहली पसंद यही ढाबा था। संजय ओझा पिछले कई सालों से इस ढाबे का संचालन कर रहे थे। मिलनसार स्वभाव और शानदार खाने की वजह से इलाके में उनकी अच्छी खासी पहचान थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि संजय हमेशा हंसते-मुस्कुराते रहते थे। अचानक इस कदम से कोई भी यकीन नहीं कर पा रहा। *आत्महत्या की वजह अब भी रहस्य* पुलिस ने शव बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या के ठोस कारणों का पता नहीं चल पाया है। क्या आर्थिक तंगी थी? पारिवारिक विवाद? या कोई और वजह? पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। सुसाइड नोट भी मौके से बरामद नहीं हुआ है। थाना प्रभारी ने बताया कि _"मामले की हर बिंदु पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।"_ *इलाके में शोक की लहर* इस खबर के फैलते ही बलिया ढाबा पर लोगों का तांता लग गया। ग्राहक और शुभचिंतक ढाबा बंद देखकर हैरान रह गए। कई लोगों की आंखें नम थीं। सोशल मीडिया पर भी लोग संजय ओझा को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा - _"संजय भैया बहुत अच्छे इंसान थे। क्या वजह रही होगी जो उन्हें ये कदम उठाना पड़ा, समझ नहीं आ रहा।"_ फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पूरे धमधा क्षेत्र में इस घटना के बाद सनसनी फैली हुई है।1