युवा मित्र मंडल कबीरधाम छत्तीसगढ़ के द्वारा कवर्धा शहर के सिग्नल चौक में एक जुट होकर सभी ने इस छत्तीसगढ़ के वीर सपूतो को श्रद्धांजलि अर्पित की... जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में 31 जुलाई 2026 की शाम को आतंकवादियों ने एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों—दीपक रात्रे और भूपेंद्र भैना की गोली मारकर हत्या कर दी। इस कायराना लक्षित हमले (टारगेट किलिंग) में दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आज युवा मित्र मंडल कबीरधाम छत्तीसगढ़ के द्वारा कवर्धा शहर के सिग्नल चौक में एक जुट होकर सभी ने इस छत्तीसगढ़ के वीर सपूतो को श्रद्धांजलि अर्पित की... #कवर्धा #कबीरधाम #छत्तीसगढ़ #श्रद्धांजलि #वीरसपूत दीपकरात्रे भूपेंद्रभैना JammuKashmir Kulgam TargetKilling TerrorAttack Tribute
युवा मित्र मंडल कबीरधाम छत्तीसगढ़ के द्वारा कवर्धा शहर के सिग्नल चौक में एक जुट होकर सभी ने इस छत्तीसगढ़ के वीर सपूतो को श्रद्धांजलि अर्पित की... जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम इलाके में 31 जुलाई 2026 की शाम को आतंकवादियों ने एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूरों—दीपक रात्रे और भूपेंद्र भैना की गोली मारकर हत्या कर दी। इस कायराना लक्षित हमले (टारगेट किलिंग) में दीपक की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। आज युवा मित्र मंडल कबीरधाम छत्तीसगढ़ के द्वारा कवर्धा शहर के सिग्नल चौक में एक जुट होकर सभी ने इस छत्तीसगढ़ के वीर सपूतो को श्रद्धांजलि अर्पित की... #कवर्धा #कबीरधाम #छत्तीसगढ़ #श्रद्धांजलि #वीरसपूत दीपकरात्रे भूपेंद्रभैना JammuKashmir Kulgam TargetKilling TerrorAttack Tribute
- Post by Akash Chakarwarti1
- बारिश की सौगात बनी पुटू, 1800 रुपये किलो होने के बावजूद स्वाद के दीवानों की लगी भीड़ बिलासपुर में बारिश का मौसम शुरू होते ही जंगलों और जमीन से प्राकृतिक रूप से निकलने वाले सरई पुटू, दाढ़ी पुटू और पैरा पुटू की बाजार में आवक बढ़ गई है। शहर के कलेक्ट्रेट के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग इन मौसमी पुटुओं की बिक्री करने पहुंच रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा मांग दाढ़ी पुटू की है, जो कुछ दिन पहले करीब 1800 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था। ऊंची कीमत के बावजूद इसे खरीदने वालों की कमी नहीं है और लोग बड़े चाव से इसका स्वाद ले रहे हैं।1
- 1962 संजीवनी योजना पर सवाल: डीजल नहीं होने से नहीं पहुंची पशु चिकित्सा टीम, बीमार भैंस की मौत का आरोप डिंडौरी। - मध्यप्रदेश शासन की पशु चिकित्सा विभाग की 1962 संजीवनी योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। डिंडोरी जिले के जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम छांटा में एक किसान ने आरोप लगाया है कि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने के कारण उसकी भैंस की मौत हो गई। पीड़ित किसान के अनुसार, उसने अपनी बीमार भैंस के इलाज के लिए 1962 संजीवनी योजना के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क किया। किसान का कहना है कि पहली बार फोन करने पर संबंधित पशु चिकित्सक ने बताया कि पिछले 15 दिनों से वाहन के लिए डीजल उपलब्ध नहीं है, इसलिए टीम मौके पर नहीं पहुंच सकती। किसान को किसी अन्य स्थान से इलाज कराने की सलाह दी गई। किसान ने बताया कि 4 अगस्त को उसने दोबारा 1962 सेवा पर कॉल किया, लेकिन इस बार भी संबंधित डॉक्टर ने वही जवाब दिया कि डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण सेवा देना संभव नहीं है। आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने से उसकी भैंस की हालत लगातार बिगड़ती गई और अंततः उसकी मौत हो गई। इस मामले में जब जिला पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि यदि किसान ने 1962 सेवा पर कॉल दर्ज कराया है, तो संबंधित टीम को मौके पर जाना अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि डीजल नहीं होने जैसी कोई समस्या विभाग के संज्ञान में नहीं है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी डीजल की कमी से इनकार कर रहे हैं, तो फिर संबंधित डॉक्टर द्वारा किसान को डीजल न होने का हवाला देकर सेवा देने से इनकार क्यों किया गया? आखिर इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? यदि समय पर पशु चिकित्सकीय सहायता मिल जाती, तो क्या किसान की भैंस की जान बच सकती थी? यह मामला न केवल 1962 संजीवनी योजना की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को मिलने वाली आपातकालीन सेवाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर करता है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या नहीं।2
- युवा आपदा मित्र योजना के तहत सात दिवसीय प्रशिक्षण शुरू 130 स्वयंसेवकों को मिलेगा आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण युवा आपदा मित्र योजना के तहत सात दिवसीय प्रशिक्षण शुरू 130 स्वयंसेवकों को मिलेगा आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण मध्यप्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह विभाग द्वारा संचालित युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत आपदा मित्र स्वयंसेवकों के सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ बुधवार को शासकीय सांदीपनि विद्यालय, बालाघाट में हुआ। प्रशिक्षण के पहले दिन जिले के करीब 130 स्वयंसेवकों ने भाग लेकर आपदा प्रबंधन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर जी.एस. धुर्वे (आईएएस) ने कहा कि आपदा के समय प्रशिक्षित स्वयंसेवक प्रशासन और आमजन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता, अनुशासन और समर्पण के साथ पूरा करने तथा अर्जित ज्ञान का उपयोग जनहित एवं आपदा राहत कार्यों में करने का आह्वान किया। इस अवसर पर शासकीय सांदीपनि विद्यालय के प्राचार्य डॉ. युवराज राहंगडाले ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वहीं, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट ललित उड्डे ने प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि सात दिवसीय प्रशिक्षण में खोज एवं बचाव (सर्च एंड रेस्क्यू), प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन, बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव, राहत एवं बचाव कार्य सहित विभिन्न विषयों पर सैद्धांतिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम में प्लाटून कमांडेंट श्याम सिंह धुर्वे, प्लाटून कमांडेंट सुश्री अर्चना, विभागीय अधिकारी तथा प्रशिक्षण दल के सदस्य भी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद सभी प्रतिभागियों को प्रशिक्षित "आपदा मित्र" के रूप में तैयार किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर ये स्वयंसेवक जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर प्राकृतिक एवं अन्य आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।1
- बलौदाबाजार पुलिस की अनोखी पहल: दुर्घटना संभावित स्थलों पर ड्राइवरों को पढ़ाया ‘सुरक्षा पाठ’, मवेशियों को पहनाई रेडियम बेल्ट ब्लैक स्पॉट पर ब्रीथ एनालाइजर से जांच, सड़क सुरक्षा के लिए रेडियम, संकेतक और स्टॉपर लगाए जा रहे बलौदाबाजार पुलिस की अनोखी पहल: दुर्घटना संभावित स्थलों पर ड्राइवरों को पढ़ाया ‘सुरक्षा पाठ’, मवेशियों को पहनाई रेडियम बेल्ट ब्लैक स्पॉट पर ब्रीथ एनालाइजर से जांच, सड़क सुरक्षा के लिए रेडियम, संकेतक और स्टॉपर लगाए जा रहे बलौदाबाजार, 5 अगस्त। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और ब्लैक स्पॉट पर हादसों में कमी लाने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने अभिनव जागरूकता अभियान शुरू किया है। अभियान के तहत दुर्घटना संभावित स्थलों पर वाहन चालकों को रोककर यातायात नियमों का ‘सुरक्षा पाठ’ पढ़ाया जा रहा है। साथ ही मुख्य मार्गों पर घूमने वाले मवेशियों को रेडियम बेल्ट पहनाई जा रही है, ताकि रात्रि के समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस अधीक्षक गौरव राय (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक खोमन सिन्हा के मार्गदर्शन तथा उप पुलिस अधीक्षक (यातायात) संजय कुमार साहू के नेतृत्व में बुधवार को सकरी बायपास सहित अन्य दुर्घटना संभावित स्थलों पर विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान छत्तीसगढ़ ड्राइवर संघ के सहयोग से भारी, बस एवं छोटे वाहनों के चालकों को रोककर ब्रीथ एनालाइजर से जांच की गई और उन्हें शराब या अन्य नशे का सेवन कर वाहन नहीं चलाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, अनावश्यक ओवरटेक से बचने तथा सड़क पर वाहन खड़ा नहीं करने की समझाइश दी गई। यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मुख्य मार्गों पर घूमने वाले मवेशियों को रेडियम बेल्ट पहनाने का अभियान भी चलाया। इससे रात के समय वाहन चालकों को पशु दूर से दिखाई देंगे और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। इसके अलावा लवन, कसडोल, सिमगा और भाटापारा क्षेत्र के दुर्घटना संभावित स्थलों पर रेडियम टिकली, स्टॉपर और चेतावनी संकेतक पट्टिकाएं लगाई जा रही हैं, जिससे वाहन चालकों को समय रहते सतर्क किया जा सके। यातायात पुलिस ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों में सुरक्षित यातायात व्यवहार विकसित करने के उद्देश्य से यह व्यापक अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।1
- आबकारी विभाग के अधिकारियों (SI रायजादा एवं SI गीता) द्वारा बैगा जनजाति के उत्पीड़न, अवैध वसूली एवं झूठे प्रकरण दर्ज करने के विरुद्ध तत्काल निलंबन एवं कानूनी कार्यवाही मांग। आबकारी विभाग के अधिकारियों (SI रायजादा एवं SI गीता) द्वारा बैगा जनजाति के उत्पीड़न, अवैध वसूली एवं झूठे प्रकरण दर्ज करने के विरुद्ध तत्काल निलंबन एवं कानूनी कार्यवाही मांग। हम राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र 'बैगा समाज' के निवासी, अत्यंत आक्रोश और व्यथा के साथ सूचित करना चाहते हैं कि आबकारी विभाग के अधिकारी 'एस.आई. रायजादा एवं एस.आई. गीता द्वारा हमारे समाज के भोले-भाले लोगों का सुनियोजित तरीके से शोषण किया जा रहा है। आरोप है कि ये अधिकारी निजी लाभ के लिए न केवल झूठे मामले बना रहे हैं, बल्कि कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाकर हमारे लोगों को जेल की यातनाएं भुगतने पर मजबूर कर रहे हैं। हालिया घटनाओं का विवरण निम्न है: 1. 'समरत बैगा (ग्राम छेरकीकछार/छोटे बेंदा): दिनांक 10 जून 2026 को घर से 5-6 लीटर महुआ शराब को ज़ब्त कर उसे जबरन 10 लीटर बनाकर प्रकरण दर्ज किया गया। कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए, जिससे भयभीत होकर वे आज भी लापता हैं। 2. "शहरु बैगा (ग्राम चौरा/भोरमदेव) #k1