*गुमला के कोनबीर पंचायत ने रचा इतिहास: बना उत्तर भारत का पहला 95% 'बीमा युक्त' पंचायत बसिया (गुमला): झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड अंतर्गत कोनबीर पंचायत ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज पूरे उत्तर भारत में सुनाई दे रही है। कोनबीर उत्तर भारत का पहला ऐसा पंचायत बन गया है जहाँ 95.53% आबादी बीमा योजनाओं से सुरक्षित है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में पंचायत भवन में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। *एक साल की मेहनत लाई रंग* इस सफलता की नींव लगभग एक वर्ष पूर्व रखी गई थी। यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं, बल्कि एक सामूहिक प्रयास का परिणाम है। इस मिशन को सफल बनाने में निम्नलिखित लोगों और संस्थाओं ने अहम भूमिका निभाई:अमृता बड़ाइक (मुखिया, कोनबीर पंचायत)सुप्रिया भगत (बीडीओ, बसिया)मोनफ़ोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु और नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी, पुणे की टीमें इन सभी ने मिलकर पंचायत के हर घर का दरवाजा खटखटाया और ग्रामीणों को भारत सरकार की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं—प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)—के लाभ समझाए। *सम्मान समारोह और उत्साह* कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित LDM पवन कुमार ने टीम की सराहना की। अधिकारियों ने मुखिया अमृता बड़ाइक और उनकी पूरी टीम को सम्मानित किया। डोर-टू-डोर कैंपेन में शामिल स्कूली बच्चों को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान LDM पवन कुमार ने कहा की "कोनबीर पंचायत ने दिखा दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सकता है। यह मॉडल अब दूसरे पंचायतों के लिए प्रेरणा बनेगा।"
*गुमला के कोनबीर पंचायत ने रचा इतिहास: बना उत्तर भारत का पहला 95% 'बीमा युक्त' पंचायत बसिया (गुमला): झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड अंतर्गत कोनबीर पंचायत ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज पूरे उत्तर भारत में सुनाई दे रही है। कोनबीर उत्तर भारत का पहला ऐसा पंचायत बन गया है जहाँ 95.53% आबादी बीमा योजनाओं से सुरक्षित है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में पंचायत भवन में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। *एक साल की मेहनत लाई रंग* इस सफलता की नींव लगभग एक वर्ष पूर्व रखी गई थी। यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं, बल्कि एक सामूहिक प्रयास का परिणाम है। इस मिशन को सफल बनाने में निम्नलिखित लोगों और संस्थाओं ने अहम भूमिका निभाई:अमृता बड़ाइक (मुखिया, कोनबीर पंचायत)सुप्रिया भगत (बीडीओ, बसिया)मोनफ़ोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र क्राइस्ट
यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु और नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी, पुणे की टीमें इन सभी ने मिलकर पंचायत के हर घर का दरवाजा खटखटाया और ग्रामीणों को भारत सरकार की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं—प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)—के लाभ समझाए। *सम्मान समारोह और उत्साह* कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित LDM पवन कुमार ने टीम की सराहना की। अधिकारियों ने मुखिया अमृता बड़ाइक और उनकी पूरी टीम को सम्मानित किया। डोर-टू-डोर कैंपेन में शामिल स्कूली बच्चों को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान LDM पवन कुमार ने कहा की "कोनबीर पंचायत ने दिखा दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सकता है। यह मॉडल अब दूसरे पंचायतों के लिए प्रेरणा बनेगा।"
- बसिया (गुमला): झारखंड के गुमला जिले के बसिया प्रखंड अंतर्गत कोनबीर पंचायत ने एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी गूंज पूरे उत्तर भारत में सुनाई दे रही है। कोनबीर उत्तर भारत का पहला ऐसा पंचायत बन गया है जहाँ 95.53% आबादी बीमा योजनाओं से सुरक्षित है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में पंचायत भवन में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। *एक साल की मेहनत लाई रंग* इस सफलता की नींव लगभग एक वर्ष पूर्व रखी गई थी। यह किसी एक व्यक्ति की जीत नहीं, बल्कि एक सामूहिक प्रयास का परिणाम है। इस मिशन को सफल बनाने में निम्नलिखित लोगों और संस्थाओं ने अहम भूमिका निभाई:अमृता बड़ाइक (मुखिया, कोनबीर पंचायत)सुप्रिया भगत (बीडीओ, बसिया)मोनफ़ोर्ट सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु और नेशनल इंश्योरेंस एकेडमी, पुणे की टीमें इन सभी ने मिलकर पंचायत के हर घर का दरवाजा खटखटाया और ग्रामीणों को भारत सरकार की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं—प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY)—के लाभ समझाए। *सम्मान समारोह और उत्साह* कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित LDM पवन कुमार ने टीम की सराहना की। अधिकारियों ने मुखिया अमृता बड़ाइक और उनकी पूरी टीम को सम्मानित किया। डोर-टू-डोर कैंपेन में शामिल स्कूली बच्चों को उनकी निस्वार्थ सेवा के लिए प्रशस्ति पत्र देकर प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान LDM पवन कुमार ने कहा की "कोनबीर पंचायत ने दिखा दिया है कि यदि इच्छाशक्ति हो, तो सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सकता है। यह मॉडल अब दूसरे पंचायतों के लिए प्रेरणा बनेगा।"2
- जरूरी सूचना हर भारतीय के लिए है।1
- *"वैधता अधिनियम 2025 को वापस लेने की भावुक अपील" के साथ "काला दिवस" मानते हुए झारखंड राज्य पेंशनर समाज संघ सिसई ने किया विरोध प्रदर्शन* *प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन* सिसई (गुमला)। झारखंड राज्य पेंशनर्स समाज संघ सिसई के सेवानिवृत शिक्षकों ने अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ, नई दिल्ली का निवेदन वैधता अधिनियम 2025 को वापस लेने की भावुक अपील करते हुए प्रखंड मुख्यालय सिसई में विरोध प्रदर्शन करते हुए "काला दिवस" मनाया। वहीं पेंशनर्स समाज संघ सिसई के पदाधिकारियों सहित 27 सदस्यों ने प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव को प्रधानमंत्री के नाम स्वहस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा 25 मार्च 2025 से पेंशनर्स का वर्गीकरण करने और उनके बीच अंतर बनाये रखने का अधिकार है का जो अधिनियम लागू किया गया है वह बिना पूर्व सूचना के वित्त विधेयक के भाग के रूप में पेश किया गया है और 25 मार्च 2025 को लोकसभा द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है। यदि यह अधिनियम अक्षरंशः लागू होता है तो पेंशनभोगियों की सेवानिवृति की तिथि, पेंशन पात्रता के संबंध में वर्गीकरण और उनके बीच अंतर का आधार होगा। जिससे केंद्रीय वेतन आयोग के कार्यकाल से पहले से कार्यरत पेंशनर्स वेतन आयोग की सिफारिशों के लाभ से वंचित हो जायेंगे। मौजुदा पेंशनभोगियों को इस कठिन समय में पेंशन वृद्धि का लाभ ना मिलने के कारण भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। यह सरकार के घोषित उद्देश्यों के विरुद्ध है कि वह अपने सभी नागरिकों को सामाजिक न्याय और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास करती है यह भारत के सर्वोच्च न्यायालय के न्यायिक निर्णयों के भी विरुद्ध है। उन्होंने आगे बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय दिल्ली के न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के डी० एस० नौकरी और अन्य बनाम भारत संघ मामले में सिविल याचिका संख्या 5939 - 41/1980 में अपने ऐतिहासिक फैसले में जिसे नौकरी फैसला के नाम से जाना जाता है कहा था। - पेंशन एक सामाजिक कल्याणकारी उपाय है जो उन लोगों को सामाजिक आर्थिक न्याय प्रदान करता है, जो अपने जीवन के सुनहरे दिनों में हैं और जिन्होंने नियोक्ता के लिए अथक परिश्रम किया है। इस आश्वासन के साथ कि वृद्धावस्था उन्हें बेसहारा नहीं छोड़ेगा। इसमें यह भी स्पष्ट किया गया था कि पेंशन योजना का उद्देश्य पेंशनभोगियों को अभावमुक्त, सम्मानजनक, स्वतंत्र और सेवानिवृति से पहले के स्तर के समकक्ष जीवन स्तर प्रदान करना है। यह अधिनियम 01-01-2026 से पहले सेवानिवृत हुए मौजुदा पेंशनरों को अपूर्णीय क्षति पहुँचाता है और हम विनम्रतापूर्वक निवेदन करते हैं कि 01-01-2026 से पहले सेवानिवृत हुए और 01-01-2016 को या उसके बाद सेवानिवृत हुए पूर्व पेंशनरों के बीच समानता की सिफारिश 7 वें केंद्रीय वेतन आयोग द्वारा की गई थी और आपके नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा वर्ष जनवरी 2016 से इसे स्वीकार किया गया था। इस अधिनियम के लागू होने का एक वर्ष पूरा हो रहा है इन परिस्थितियों में अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के बैनर तले 25 मार्च 2026 को "काला दिवस" मनाने का निर्णय लिया गया है ताकि हम अपना विरोध प्रभावी ढंग से व्यक्त कर सकें। यह कदम इस कुख्यात अधिनियम के कारण उत्पन्न हमारी परेशानियों की ओर आपका ध्यान आकृष्ट करने के लिए उठाया गया है। मौके पर झारखंड राज्य पेंशनर्स समाज संघ सिसई के अध्यक्ष बंधु साहु, उपाध्यक्ष रवींद्रनाथ अधिकारी,सचिव रहमान अली अंसारी, कोषाध्यक्ष रंथु साहु, संरक्षक पीतांबर झा सहित भारी संख्या में संघ के सदस्यगण मौजूद थे।4
- सिसई पुलिस ने लोडेड पिस्टल के साथ दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने प्रेस वार्ता कर बताया कि एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि सिसई दुर्गा मंदिर के पास कुछ लोग अवैध हथियार के साथ किसी घटना को अंजाम देने की नीयत से घूम रहे हैं। तत्काल एक टीम का गठन किया गया और दो लोगों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। तलाशी के क्रम में एक व्यक्ति के पास से लोडेड पिस्तौल और जिंदा गोली बरामद हुआ। गिरफ्तार अभियुक्तों में सिसई निवासी प्रदीप शर्मा और मो शमीउल्लाह अंसारी शामिल है। पुलिस ने मोबाइल सहित अन्य सामान भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार मो शमीउल्लाह का पूर्व का आपराधिक इतिहास रहा है। बाइट, सुरेश प्रसाद यादव, एसडीपीओ, गुमला।3
- हमारे यहां हर तरह के टैटू बने एवं मिटाए जाते हैं एवं फेस के दाग धब्बे उच्च तकनीक लेजर मशीन द्वारा हटाए जाते हैं1
- सिमडेगा:- रामनवमी पर्व के मद्देनज़र जिले में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु उपायुक्त कंचन सिंह एवं पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस. खोटरे ने जुलूस मार्ग का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भट्टीटोली, पावर हाउस, केलाघाट मोड़ होते हुए मुख्य मार्ग से नीचे बाजार, महावीर चौक से झूलन सिंह चौक तक पैदल मार्च किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों ने मार्ग की संवेदनशीलता, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण तथा आवश्यक सुरक्षा इंतजामों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि जुलूस के दौरान किसी प्रकार की असुविधा या अव्यवस्था न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते सुनिश्चित की जाएं।इस अवसर पर उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने रामनवमी समिति के सदस्यों से मुलाकात कर त्योहार को सौहार्दपूर्ण एवं शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिले की सामाजिक समरसता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है और किसी भी परिस्थिति में अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने तथा अफवाहों से बचने की भी अपील की। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जाएंगे और संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। साथ ही, पुलिस बल की तैनाती बढ़ाई जाएगी तथा आवश्यकतानुसार दंडाधिकारियों की भी नियुक्ति की जाएगी।इस मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी प्रभात रंजन ज्ञानी, डीएसपी रनवीर सिंह, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बैजू उरांव, थाना प्रभारी सहित अन्य पुलिस एवं प्रशासनिक पदाधिकारी उपस्थित थे।1
- odisha Birmetarapur Mela1
- बसिया (गुमला): प्रखंड के कलिगा में चैती दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। भक्ति और उत्साह के इस समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। *कोयल नदी से भरा गया पवित्र जल* कलश यात्रा की शुरुआत कलिगा स्थित रामनवमी अखाड़ा पूजा पंडाल से हुई। गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा में लगभग 501 कन्याएं और महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश लिए शामिल हुईं। श्रद्धालुओं का जत्था सबसे पहले कोयल नदी के तट पर पहुँचा। वहाँ उपस्थित पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने अपने कलशों में पवित्र जल भरा। नदी तट से जल लेकर श्रद्धालु पुनः पूजा पंडाल पहुँचे, जहाँ मंत्रों के बीच कलशों की विधिवत स्थापना की गई। *भंडारे का आयोजन और क्षेत्र में उत्साह* कलश स्थापना के पश्चात पूजा समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बीच भंडारे (प्रसाद) का वितरण किया गया। पूरी यात्रा के दौरान 'जय माता दी' और माता रानी के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। भक्तों के उत्साह ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में पूजा कमेटी के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर मुख्य रूप से: पुरुषोत्तम राम, सुनील साहू, घनश्याम महतो परमानंद राम, प्रवीण सिंह, रितेश शाही रघुनंदन महतो, शरद पासवान सहित पूजा समिति के अन्य गणमान्य सदस्य और ग्रामीण उपस्थित थे।2