*बसिया: 501 श्रद्धालुओं ने उठाई कलश, माता के जयकारों से गुंजायमान हुआ कलिगा बसिया (गुमला): प्रखंड के कलिगा में चैती दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। भक्ति और उत्साह के इस समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। *कोयल नदी से भरा गया पवित्र जल* कलश यात्रा की शुरुआत कलिगा स्थित रामनवमी अखाड़ा पूजा पंडाल से हुई। गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा में लगभग 501 कन्याएं और महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश लिए शामिल हुईं। श्रद्धालुओं का जत्था सबसे पहले कोयल नदी के तट पर पहुँचा। वहाँ उपस्थित पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने अपने कलशों में पवित्र जल भरा। नदी तट से जल लेकर श्रद्धालु पुनः पूजा पंडाल पहुँचे, जहाँ मंत्रों के बीच कलशों की विधिवत स्थापना की गई। *भंडारे का आयोजन और क्षेत्र में उत्साह* कलश स्थापना के पश्चात पूजा समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बीच भंडारे (प्रसाद) का वितरण किया गया। पूरी यात्रा के दौरान 'जय माता दी' और माता रानी के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। भक्तों के उत्साह ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में पूजा कमेटी के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर मुख्य रूप से: पुरुषोत्तम राम, सुनील साहू, घनश्याम महतो परमानंद राम, प्रवीण सिंह, रितेश शाही रघुनंदन महतो, शरद पासवान सहित पूजा समिति के अन्य गणमान्य सदस्य और ग्रामीण उपस्थित थे।
*बसिया: 501 श्रद्धालुओं ने उठाई कलश, माता के जयकारों से गुंजायमान हुआ कलिगा बसिया (गुमला): प्रखंड के कलिगा में चैती दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। भक्ति और उत्साह के इस समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। *कोयल नदी से भरा गया पवित्र जल* कलश यात्रा की शुरुआत कलिगा स्थित रामनवमी अखाड़ा पूजा पंडाल से हुई। गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा में लगभग 501 कन्याएं और महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश लिए शामिल हुईं। श्रद्धालुओं का जत्था सबसे पहले कोयल नदी के तट पर पहुँचा। वहाँ उपस्थित पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने अपने कलशों
में पवित्र जल भरा। नदी तट से जल लेकर श्रद्धालु पुनः पूजा पंडाल पहुँचे, जहाँ मंत्रों के बीच कलशों की विधिवत स्थापना की गई। *भंडारे का आयोजन और क्षेत्र में उत्साह* कलश स्थापना के पश्चात पूजा समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बीच भंडारे (प्रसाद) का वितरण किया गया। पूरी यात्रा के दौरान 'जय माता दी' और माता रानी के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। भक्तों के उत्साह ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में पूजा कमेटी के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर मुख्य रूप से: पुरुषोत्तम राम, सुनील साहू, घनश्याम महतो परमानंद राम, प्रवीण सिंह, रितेश शाही रघुनंदन महतो, शरद पासवान सहित पूजा समिति के अन्य गणमान्य सदस्य और ग्रामीण उपस्थित थे।
- बसिया (गुमला): प्रखंड के कलिगा में चैती दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर भव्य कलश यात्रा निकाली गई। भक्ति और उत्साह के इस समागम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया। *कोयल नदी से भरा गया पवित्र जल* कलश यात्रा की शुरुआत कलिगा स्थित रामनवमी अखाड़ा पूजा पंडाल से हुई। गाजे-बाजे के साथ निकली इस यात्रा में लगभग 501 कन्याएं और महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश लिए शामिल हुईं। श्रद्धालुओं का जत्था सबसे पहले कोयल नदी के तट पर पहुँचा। वहाँ उपस्थित पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना संपन्न कराई, जिसके बाद सभी श्रद्धालुओं ने अपने कलशों में पवित्र जल भरा। नदी तट से जल लेकर श्रद्धालु पुनः पूजा पंडाल पहुँचे, जहाँ मंत्रों के बीच कलशों की विधिवत स्थापना की गई। *भंडारे का आयोजन और क्षेत्र में उत्साह* कलश स्थापना के पश्चात पूजा समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बीच भंडारे (प्रसाद) का वितरण किया गया। पूरी यात्रा के दौरान 'जय माता दी' और माता रानी के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। भक्तों के उत्साह ने वातावरण को पूरी तरह आध्यात्मिक बना दिया। इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में पूजा कमेटी के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मौके पर मुख्य रूप से: पुरुषोत्तम राम, सुनील साहू, घनश्याम महतो परमानंद राम, प्रवीण सिंह, रितेश शाही रघुनंदन महतो, शरद पासवान सहित पूजा समिति के अन्य गणमान्य सदस्य और ग्रामीण उपस्थित थे।2
- चैती छठ पूजा 2026 में 22 मार्च से 25 मार्च तक मनाया जा रहा है, जो चैत्र मास में सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित एक पवित्र चार दिवसीय महापर्व है। यह कठिन तप, स्वच्छता और नियम (नहाय-खाय, खरना, संध्या और उषा अर्घ्य) के साथ सुख, आरोग्य और परिवार की खुशहाली के लिए मनाया जाता है। 22 मार्च को शाम का अर्ध अर्पित किया गया और आज 25 मार्च को सुबह के अर्ध के साथ इस पर्व की समाप्ति होगी1
- सिसई पुलिस ने लोडेड पिस्टल के साथ दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव ने प्रेस वार्ता कर बताया कि एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि सिसई दुर्गा मंदिर के पास कुछ लोग अवैध हथियार के साथ किसी घटना को अंजाम देने की नीयत से घूम रहे हैं। तत्काल एक टीम का गठन किया गया और दो लोगों को संदिग्ध अवस्था में पकड़ा गया। तलाशी के क्रम में एक व्यक्ति के पास से लोडेड पिस्तौल और जिंदा गोली बरामद हुआ। गिरफ्तार अभियुक्तों में सिसई निवासी प्रदीप शर्मा और मो शमीउल्लाह अंसारी शामिल है। पुलिस ने मोबाइल सहित अन्य सामान भी बरामद किए हैं। गिरफ्तार मो शमीउल्लाह का पूर्व का आपराधिक इतिहास रहा है। बाइट, सुरेश प्रसाद यादव, एसडीपीओ, गुमला।3
- हमारे यहां हर तरह के टैटू बने एवं मिटाए जाते हैं एवं फेस के दाग धब्बे उच्च तकनीक लेजर मशीन द्वारा हटाए जाते हैं1
- सिसई (गुमला)। प्रखंड क्षेत्र के सकरौली गांव में श्री संकट मोचन हनुमान मंंदिर का विधिवत् प्राण प्रतिष्ठा किया गया। इस उपलक्ष्य में 851 कलश के साथ भव्य रूप से कलश यात्रा निकाला गया। जिसमें हिन्दू जागरण के प्रदेश परावर्तन प्रमुख संजय वर्मा, विहिप बजरंग दल सिसई के प्रखंड अध्यक्ष पंकज साहु, संरक्षक मुकेश श्रीवास्तव डेविड, रोहित शर्मा, दामोदर सिंह, तेजमोहन साहु, मुकेश ताम्रकर,आशीष यादव, आनंद साहु सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। वहीं जिला परिषद सदस्य सिसई उतरी विजयलक्ष्मी कुमारी, उर्वशी देवी सहित हज़ारों की संख्या में श्रधालु महिला पुरुष व बच्चों ने इस कलश यात्रा में भाग लिया। सभी भक्तगण जय श्री राम, जय जय श्री राम, जय हनुमान के जयघोष लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे पुरा क्षेत्र जय श्री राम के जयघोष से गुंजायमान रहा। सकरौली परास नदी के तट पर पुरोहित द्वारा विधिवत् मंत्रोचारण के साथ जलभरनी का रस्म पुरा किया गया। तत्पश्चात् मंंदिर आकर जल से भरे कलश को पांच परिक्रमा कर स्थापित किया गया। एवं विधिवत् पूजा अर्चना कर श्री संकट मोचन हनुमान जी का प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराया गया। एवं सभी भक्तों के बीच गुड़ चना, शरबत तथा महाप्रसाद का वितरण किया गया। कीर्तन मंडली द्वारा संध्या 5 बजे से 12 घंटे का अखंड हरि कीर्तन प्रारंभ किया जा चुका है। कलश यात्रा को सफल बनाने में श्री संकट मोचन हनुमान मंंदिर समिति के अध्यक्ष जगरनाथ साहु, उपाध्यक्ष अमर साहु, संदीप साहु, विकास साहु, सचिव बजरंग साहु, सह सचिव कलिंद्र साहु, कोषाध्यक्ष कृष्णा कुमार साहु, संरक्षक प्रयाग साहु , महिपाल साहु, सहित सभी कार्यकर्ताओं का भरपूर योगदान रहा।4
- जलडेगा:-चैती छठ पूजा प्रखंड मुख्यालय में श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ संपन्न हुआ। चार दिवसीय इस पावन पर्व के अंतिम दिन अहले सुबह व्रतियों ने मुंशी तालाब में उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर पूजा का समापन किया।सुबह होते ही मुंशी तालाब परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ उमड़ने लगी । व्रती वेशभूषा में जल में खड़े होकर भगवान सूर्य और छठी मैया की आराधना में लीन नजर आए। छठ गीतों और जयकारों से पूरा घाट गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। पूरे विधि-विधान के साथ अर्घ्य अर्पित कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरोगी जीवन की कामना की।इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने भी अपनी पत्नी के साथ मुंशी तालाब पहुंचकर उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। उन्होंने क्षेत्रवासियों के सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए सभी को छठ पर्व की शुभकामनाएं दीं।1
- आगामी रामनवमी मेला आयोजन के पुर अरु में विवाद की संभावना पर प्रशासन अलर्ट आयोजित हुआ शांति समिति की बैठक1
- बसिया (गुमला): शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने और पाठकों को पुस्तकों से जोड़ने के उद्देश्य से बसिया के कोनबीर स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुस्तकालय परिसर में एक भव्य पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम अनुमंडल प्रशासन, बसिया और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। *सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा मन* मेले का मुख्य आकर्षण सावित्रीबाई फुले और ज्योतिबा फुले की जीवनी पर आधारित नाटक रहा। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से उनके संघर्ष और शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान को जीवंत कर दिया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा। कार्यक्रम में एसडीओ जयवंती देवगम, जिप सदस्य बसंती डूंगडूंग, एलआरडीसी शेखर कुमार ,बीडीओ सुप्रिया भगत सीओ नरेश कुमार मुंडा, कामडारा सीओ सुप्रिया एक्का, ब्रदर सुशील समेत अनेक गण्यमान्य व्यक्ति ओर छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। *छात्र-छात्राओं में दिखा उत्साह* इस मेले में प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों से आए सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। बच्चों ने न केवल विभिन्न स्टालों पर सजी पुस्तकों का अवलोकन किया, बल्कि ज्ञान-विज्ञान और साहित्य से जुड़ी जानकारियों में भी रुचि दिखाई। स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।2