मृत बच्ची के शव दफनाने को लेकर ससुराली और मायके पक्ष के लोग कोतवाली गेट पर भिड़े, पुलिस बनी रही अंजान उझानी,(बदायूं)। महज एक महीने की बच्ची की मौत के बाद पहुंचे पति और सास ने दफनाने को लेकर जा रहे मायके पक्ष से बच्ची का शव छीन लिया और कोतवाली लेकर आ गए। पुलिस ने इस मामले में ठोस कार्रवाई करने के बजाय पति से कह दिया कि बच्ची को ले जाकर दफना दें। पति और सास बच्ची की मां को बगैर बताए शव ले जाने लगे तब मां अपनी बच्ची को पाने के लिए तड़प उठी और उसने पति का रास्ता रोक लिया इसके बाद मृत बच्ची को लेकर दोनों पक्षों में कोतवाली गेट पर जमकर खींचतान और हंगमा हुआ। बाद में मृत बच्ची को मां के हवाले कर दिया गया। खबर लिखे जाने तक दोनों पक्ष थाने में डटे हुए थे। नगर के बहादुरगंज मौहल्ला निवासी भूरे ने अपनी पुत्री भूरी का निकाह कासगंज जिले के थाना गंजडुंडवारा के गांव गणेशपुर निवासी यामीन पुत्र कल्लू के साथ एक वर्ष पूर्व किया था। बताते हैं कि शादी के करीब सात माह बाद भूरी ने एक बेटी को जन्म दिया था जो काफी कमजोर थी। भूरी का आरोप है कि डाक्टरों ने बच्ची के इलाज की बात कही थी लेकिन ससुरालियों ने लगभग एक माह पूर्व उसे घर से निकाल कर उसके मायके भेज दिया। बताते हैं कि मायके में भूरी की बच्ची का इलाज चल रहा था लेकिन बुधवार की आधी रात बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की सूचना भूरी के पिता ने पति और ससुरालियों को दी जिस पर वह भी देर रात भूरी के पिता के घर पहुंच गए। मायके पक्ष का आरोप है कि भूरी का पति यामीन और सास समेत अन्य लोग बच्ची को मारने का आरोप लगाते हुए हंगामा और गाली गलौच करने लगे। बताते हैं कि इस पर मौजूद नागरिकों ने ससुराली पक्ष को शांत कर दिया। बताते हैं कि गुरूवार की सुबह बच्ची को दफन करने की तैयारी में मायके पक्ष के लोग लगे थे इसी दौरान पति ने एक बार फिर से हंगामा करते हुए बच्ची का शव उठा लिया और कोतवाली पहुंच गया। बताते हैं कि पति यामीन और सास ने पुलिस को पूरी बात बताई तब पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय पति को बच्ची को दफनाने का हुक्म सुना दिया। बताते हैं कि जब पति और सास जब बच्ची का शव लेकर कोतवाली से बाहर निकल कर अपने घर गंजडुंडवारा ले जाने के लिए निकले इसी दौरान मौजूद बच्ची की मां भूरी ने बच्ची का शव मांगा लेकिन पति ने बच्ची का शव देने से इंकार कर दिया तब दोनों पक्षों में बच्ची के शव को लेकर हंगामा होने लगा। इस बीच बच्ची को लेकर दोनों पक्षों में खींचतान होने से कोतवाली के बाहर खासी भीड़ जमा हो गई। बताते है कि हंगामें के शोरगुल पर कुछ पुलिस कर्मी बाहर निकले और फिर बच्ची के शव को उसकी मां को दिलवाया। पुलिस ने हंगामे के बाद दोनों पक्षों को कोतवाली में बुला लिया। मृत बच्ची की मां भूरी ने भी पुलिस को पति और सास के खिलाफ एक तहरीर सौंपी है। फिलहाल दोनों पक्ष कोतवाली में डटे हुए थे। बच्ची को दफनाया गया या नही इसकी जानकारी नही हो सकी है। मौके पर जुटे नागरिक इस मामले में पुलिस की लाहपरवाही मान रहे हैं।
मृत बच्ची के शव दफनाने को लेकर ससुराली और मायके पक्ष के लोग कोतवाली गेट पर भिड़े, पुलिस बनी रही अंजान उझानी,(बदायूं)। महज एक महीने की बच्ची की मौत के बाद पहुंचे पति और सास ने दफनाने को लेकर जा रहे मायके पक्ष से बच्ची का शव छीन लिया और कोतवाली लेकर आ गए। पुलिस ने इस मामले में ठोस कार्रवाई करने के बजाय पति से कह दिया कि बच्ची को ले जाकर दफना दें। पति और सास बच्ची की मां को बगैर बताए शव ले जाने लगे तब मां अपनी बच्ची को पाने के लिए तड़प उठी और उसने पति का रास्ता रोक लिया इसके बाद मृत बच्ची को लेकर दोनों पक्षों में कोतवाली गेट पर जमकर खींचतान और हंगमा हुआ। बाद में मृत बच्ची को मां के हवाले कर दिया गया। खबर लिखे जाने तक दोनों पक्ष थाने में डटे हुए थे। नगर के बहादुरगंज मौहल्ला निवासी भूरे ने अपनी पुत्री भूरी का निकाह कासगंज जिले के थाना गंजडुंडवारा के गांव गणेशपुर निवासी यामीन पुत्र कल्लू के साथ एक वर्ष पूर्व किया था। बताते हैं कि शादी के करीब सात माह बाद भूरी ने एक बेटी को जन्म दिया था जो काफी कमजोर थी। भूरी का आरोप है कि डाक्टरों ने बच्ची के इलाज की बात कही थी लेकिन ससुरालियों ने लगभग एक माह पूर्व उसे घर से निकाल कर उसके मायके भेज दिया। बताते हैं कि मायके में भूरी की बच्ची का इलाज चल रहा था लेकिन बुधवार की आधी रात बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत की सूचना भूरी के पिता ने पति और ससुरालियों को दी जिस पर वह भी देर रात भूरी के पिता के घर पहुंच गए। मायके पक्ष का आरोप है कि भूरी का पति यामीन और सास समेत अन्य लोग बच्ची को मारने का आरोप लगाते हुए हंगामा और गाली गलौच करने लगे। बताते हैं कि इस पर मौजूद नागरिकों ने ससुराली पक्ष को शांत कर दिया। बताते हैं कि गुरूवार की सुबह बच्ची को दफन करने की तैयारी में मायके पक्ष के लोग लगे थे इसी दौरान पति ने एक बार फिर से हंगामा करते हुए बच्ची का शव उठा लिया और कोतवाली पहुंच गया। बताते हैं कि पति यामीन और सास ने पुलिस को पूरी बात बताई तब पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेने के बजाय पति को बच्ची को दफनाने का हुक्म सुना दिया। बताते हैं कि जब पति और सास जब बच्ची का शव लेकर कोतवाली से बाहर निकल कर अपने घर गंजडुंडवारा ले जाने के लिए निकले इसी दौरान मौजूद बच्ची की मां भूरी ने बच्ची का शव मांगा लेकिन पति ने बच्ची का शव देने से इंकार कर दिया तब दोनों पक्षों में बच्ची के शव को लेकर हंगामा होने लगा। इस बीच बच्ची को लेकर दोनों पक्षों में खींचतान होने से कोतवाली के बाहर खासी भीड़ जमा हो गई। बताते है कि हंगामें के शोरगुल पर कुछ पुलिस कर्मी बाहर निकले और फिर बच्ची के शव को उसकी मां को दिलवाया। पुलिस ने हंगामे के बाद दोनों पक्षों को कोतवाली में बुला लिया। मृत बच्ची की मां भूरी ने भी पुलिस को पति और सास के खिलाफ एक तहरीर सौंपी है। फिलहाल दोनों पक्ष कोतवाली में डटे हुए थे। बच्ची को दफनाया गया या नही इसकी जानकारी नही हो सकी है। मौके पर जुटे नागरिक इस मामले में पुलिस की लाहपरवाही मान रहे हैं।
- Post by राजेश कुमार वर्मा1
- हेलीकॉप्टर से पहुंचे दूल्हा-दुल्हन1
- प्रशासनिक लाहपरवाहीः दिल्ली हाइवे पर गड्ढे भरे पानी में पलटी टैक्टर ट्राली, बाल-बाल बचे किसान बदायूं। जिले के उझानी-दिल्ली हाइवे के गांव कुड़ानरसिंहपुर के समीप हाइवे की सड़क पर बने पानी से भरे गहरे गड्ढों में फंस कर गुरूवार की सुबह गेंहू से भरी ट्राली पलट गयी, इस दौरान ट्राली पर के ऊपर बैठे किसानों ने किसी तरह से कूद कर अपनी जान बचाई। अगर किसान ट्राली से न कूदते तो बड़ा हादसा हो सकता था। ट्राली में लदा गेेंहू पानी में भींग कर बड़ी मात्रा खराब हो गया। बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बीबीगंज निवासी उदय शर्मा गुरूवार की सुबह गेंहू बेंचने के लिए ट्राली में लाद कर उझानी की नई मंडी ला रहे थे। बताते हैं कि ट्राली दिल्ली हाइवे के गांव कुड़ानरसिंहपुर के समीप पहुंची जहां हाइवे पर पानी भरा हुआ था जिसे टैªक्टर चालक ने सामान्य समझा और अपने वाहन को आगे बढ़ा दिया तभी अचानक ट्राली का पहिया सड़क पर बने पानी भरे गहरे गड्ढे में चला गया जिससे गेंहू से भरी ट्राली पलट गई और गंेहू से भरी बोरियां पानी में जा गिरी। बताते हैं कि इस दौरान ट्राली पर बैठे किसानों ने कूद कर अपनी जान बचाई अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।1
- यूपी के बदायूं जिले में सिविल लाइन क्षेत्र के अंतर्गत स्टेशन रोड पर गोपीनाथ मंदिर के पास एक पेड़ है अधिक वजन होने की वजह से पेड़ एक साइड में झुक गया है जिसके गिरने की संभावना बनी हुई है पेड़ के गिरने से कोई भी बड़ी जन हानी हो सकती है।1
- जनपद बदायूं जिले के कस्बा उझानी के कुड़ा नरसिंहपुर ग्राम में आज 5 फरवरी 2026 को प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा खामियाजा एक किसान को भुगतना पड़ा। दिल्ली रोड नेशनल हाईवे पर बने गहरे गड्ढे में किसान की ट्रॉली गिर गई, जिससे ट्रॉली में लदा पूरा गेहूं पानी में डूब गया। इस हादसे में किसान को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह गड्ढा कई महीनों से सड़क पर बना हुआ है। बारिश व पानी भराव के कारण गड्ढा दिखाई नहीं देता, जिससे आए दिन वाहन फंस रहे हैं और हादसे हो रहे हैं। बावजूद इसके, प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि “आखिर प्रशासन किस बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? कब तक किसानों और राहगीरों का नुकसान होता रहेगा?” ग्रामीणों की मांग है कि गड्ढे को तत्काल भरवाया जाए, सड़क की मरम्मत व जलनिकासी की व्यवस्था की जाए, और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो। अगर समय रहते सड़क की हालत नहीं सुधारी गई, तो आने वाले दिनों में बड़ा जान-माल का नुकसान होने से इनकार नहीं किया जा सकता। खबर का असर सबसे पहले आप तक संवाददाता: नवीन गोस्वामी जनपद न्यूज 24 यूपी1
- माघ मेला पुलिस—सुरक्षा भी, संवेदना भी। भीड़ में पति से बिछड़ी महिला श्रद्धालु को ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत मदद कर सकुशल मिलवाया। चिंता की जगह राहत लौटी—क्योंकि उत्तर प्रदेश पुलिस सिर्फ़ कर्तव्य का प्रतीक नहीं, भरोसे और अपनत्व का भी नाम है।1
- मंडी-सुंदरनगर फोरलेन (चार-लेन हाईवे) पर एक उत्तर प्रदेश रजिस्टर्ड पर्यटक कार (नंबर UP-14-FH-8572) में सवार महिला पर्यटक (या युवतियां) चलती गाड़ी के दौरान खिड़कियों/सनरूफ से बाहर निकलकर स्टंट कर रही थीं, शोर-शराबा मचा रही थीं और हुड़दंग कर रही थीं। यह हरकत बेहद खतरनाक थी, क्योंकि इससे खुद उनकी और अन्य वाहनों की जान को खतरा हो सकता था।1
- Post by राजेश कुमार वर्मा1