प्रयागराज जिले के कौधियारा क्षेत्र मे महाशिवरात्रि पर सुहागिनों की आस्था उमड़ी, शिवालयों में दिखा भक्ति का सैलाब महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे जनपद में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। विशेष रूप से प्रयागराज के जमुना पार क्षेत्र में मंदिरों और शिवालयों में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। रविवार सुबह से ही मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। महिलाओं ने जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया। ग्रामीण अंचलों में परंपरा के अनुसार गन्ना, आम का बौर, जवा की बाली और मटर जैसी फसलों को भी भोलेनाथ के चरणों में समर्पित किया गया। मान्यता है कि खेती से जुड़ी इन उपजों को अर्पित करने से परिवार में सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन में स्थिरता बनी रहती है। जमुना पार के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं ने निर्जला एवं फलाहार व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ से सदा सुहागन रहने और परिवार की खुशहाली की कामना की। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात की समुचित व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसरों में स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण और व्यवस्था संभाली। महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि प्रयागराज की धरती पर आस्था और परंपरा की जड़ें कितनी गहरी हैं। महिलाओं की अटूट श्रद्धा और विश्वास
प्रयागराज जिले के कौधियारा क्षेत्र मे महाशिवरात्रि पर सुहागिनों की आस्था उमड़ी, शिवालयों में दिखा भक्ति का सैलाब महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे जनपद में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। विशेष रूप से प्रयागराज के जमुना पार क्षेत्र में मंदिरों और शिवालयों में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। रविवार सुबह से ही मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। महिलाओं ने जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया। ग्रामीण अंचलों में परंपरा के अनुसार गन्ना, आम का बौर, जवा की बाली और मटर जैसी फसलों को भी भोलेनाथ के चरणों में समर्पित किया गया। मान्यता है कि खेती से जुड़ी इन उपजों को अर्पित करने से परिवार में सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन में स्थिरता बनी रहती है। जमुना पार के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं ने निर्जला एवं फलाहार व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ से सदा सुहागन रहने और परिवार की खुशहाली की कामना की। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात की समुचित व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसरों में स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण और व्यवस्था संभाली। महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि प्रयागराज की धरती पर आस्था और परंपरा की जड़ें कितनी गहरी हैं। महिलाओं की अटूट श्रद्धा और विश्वास
- प्रयागराज जिले के कौधियारा क्षेत्र मे महाशिवरात्रि पर सुहागिनों की आस्था उमड़ी, शिवालयों में दिखा भक्ति का सैलाब महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर पूरे जनपद में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। विशेष रूप से प्रयागराज के जमुना पार क्षेत्र में मंदिरों और शिवालयों में महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुहागिन महिलाओं ने व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मांगा। रविवार सुबह से ही मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। महिलाओं ने जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया। ग्रामीण अंचलों में परंपरा के अनुसार गन्ना, आम का बौर, जवा की बाली और मटर जैसी फसलों को भी भोलेनाथ के चरणों में समर्पित किया गया। मान्यता है कि खेती से जुड़ी इन उपजों को अर्पित करने से परिवार में सुख-समृद्धि और दांपत्य जीवन में स्थिरता बनी रहती है। जमुना पार के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाओं ने निर्जला एवं फलाहार व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ से सदा सुहागन रहने और परिवार की खुशहाली की कामना की। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और रुद्राभिषेक का आयोजन भी किया गया, जिससे पूरा क्षेत्र शिवमय हो उठा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात की समुचित व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसरों में स्वयंसेवकों ने प्रसाद वितरण और व्यवस्था संभाली। महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि प्रयागराज की धरती पर आस्था और परंपरा की जड़ें कितनी गहरी हैं। महिलाओं की अटूट श्रद्धा और विश्वास1
- कौंधियारा क्षेत्र के अकोढ़ा उपडाकघर पर कई दिनों से ताला लटका होने से ग्रामीणों में नाराजगी है। डाकघर नियमित न खुलने से एटीएम कार्ड, आधार से जुड़े पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। लोग रोज चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन निराश लौटना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की1
- सुहागरात पर दुल्हन बोली-छुआ तो जिंदगी से हाथ धो बैठोगे: कानपुर में कहा- मैं किसी और की, बॉयफ्रेंड के पास भेज दो कानपुर में सुहागरात वाले दिन दुल्हन ने पति को धमकी दी। कहा- मुझसे दूर रहना। मुझे छूना मत। मैं किसी और की हूं। अगर तुमने मुझे छुआ तो तुम अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठोगे। अगर तुम अपनी भलाई चाहते हो तो मुझे मेरे बॉयफ्रेंड के पास भेज दो। 2 महीने तक लड़का दुल्हन को मनाता रहा। मगर वह नहीं मानी। एक दिन दुल्हन ने अपने गले में फांसी का फंदा डाल लिया। युवक ने उसे किसी तरह बचाया। इसके बाद फिर दुल्हन ने उसे धमकी दी। शादी के ढ़ाई महीने बाद धमकी से डरा युवक थाने पहुंचा।1
- सनातन व्यवस्था सेवा ट्रस्ट द्वारा प्रसाद वितरण का आयोजन मेजा प्रयागराज सनातन व्यवस्था सेवा ट्रस्ट द्वारा महाशिवरात्रि के उपलक्ष में प्रसाद वितरण का आयोजन किया जा रहा है पर स्वागत और अभिनंदन किया जा रहा है मंदिर से1
- प्रयागराज जनपद के मेजा क्षेत्र स्थित सिरसा गंगा घाट पर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हज़ारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। तड़के सुबह से ही श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए घाट पर पहुंचने लगे। “हर हर महादेव” के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा और माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाने के बाद पास स्थित श्री श्री नाथ बाबा मंदिर में विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक व पूजन-अर्चन किया। मंदिर परिसर में लंबी कतारें देखी गईं। भक्तों ने परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे। घाट पर साफ-सफाई, बैरिकेडिंग और पुलिस बल की तैनाती के चलते श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। महाशिवरात्रि के अवसर पर सिरसा गंगा घाट का नज़ारा श्रद्धा, आस्था और भक्ति से सराबोर दिखाई दिया।1
- मेजा, प्रयागराज। प्रयागराज के मेजा तहसील क्षेत्र के विकास खंड उरूवा अंतर्गत नगर पंचायत सिरसा स्थित श्रीनाथ बाबा मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बन रही थी। तड़के से ही भक्त जलाभिषेक और दर्शन-पूजन के लिए मंदिर पहुंचने लगे थे। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा। गंगा स्नान के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। सुबह से ही रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और पूजा-अर्चना का क्रम चलता रहा। महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने उपवास रखकर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की मंगलकामना की। नगर पंचायत अध्यक्ष सिरसा लखन केसरी ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन की तैनाती की गई है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण में दर्शन-पूजन कर सकें। प्रशासनिक सतर्कता और भक्तों की आस्था के संगम के बीच श्रीनाथ बाबा मंदिर में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ पूजन अर्चन कियाजा रहा है।1
- Post by सोनू कुमार1
- विधानसभा से लौटे बारा विधायक डॉ. वाचस्पति का शंकरगढ़ में ऐतिहासिक अभिनंदन सदन में उठाए गए मुद्दों से बढ़ी उम्मीदें, विकास को लेकर दिया बड़ा संकेत विधानसभा में नारीबारी को ब्लॉक, जारी को नगर पंचायत, शंकरगढ़ में पेयजल, प्रतापपुर में स्थाई पुल बनाने की मांग की बारा प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र की बारा तहसील अंतर्गत नगर पंचायत शंकरगढ़ का राम भवन चौराहा उस समय जनआस्था और राजनीतिक उत्साह का केंद्र बन गया, जब बारा विधानसभा के विधायक डॉ. वाचस्पति विधानसभा सत्र से लौटकर क्षेत्र में पहुंचे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई थी कि सदन में बारा की आवाज किस दृढ़ता से उठाई गई। विधानसभा में रखे गए मुद्दे—स्थानीय सड़क निर्माण, शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल संकट और आधारभूत ढांचे के विस्तार—को लेकर क्षेत्र में नई उम्मीदों का वातावरण बना हुआ है। लोगों के बीच यह भावना स्पष्ट दिखाई दी कि सदन में हुई बहस और प्रस्तुत तथ्यों ने बारा विधानसभा की जरूरतों को नई गंभीरता के साथ सामने रखा है। जैसे ही डॉ. वाचस्पति राम भवन चौराहे पर पहुंचे, स्वागत का क्रम शुरू हो गया। भाजपा, अपना दल (एस), निषाद पार्टी, एम वी ग्रुप और व्यापार मंडल के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने फूल मालाओं से उनका अभिनंदन किया। पूरा वातावरण अनुशासित ऊर्जा और आत्मीय समर्थन से भरा नजर आया। इस अवसर पर विधायक डॉ. वाचस्पति ने कहा कि विधानसभा में उठाए गए मुद्दे केवल शब्द नहीं, बल्कि क्षेत्र की जनता की अपेक्षाओं और अधिकारों की अभिव्यक्ति हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि जनता द्वारा इस बार एक और अवसर प्रदान किया गया तो बारा विधानसभा की हर गली, हर मोहल्ला और हर कोना विकास की नई पहचान बनेगा। आधारभूत सुविधाओं का विस्तार, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और क्षेत्रीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में ठोस कार्य होते दिखाई देंगे। विधानसभा में रखे गए उनके प्रस्तावों और सवालों से यह प्रतीत हो रहा है कि आने वाले समय में बारा क्षेत्र विकास की नई रफ्तार पकड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों के बीच यह विश्वास उभरकर सामने आया कि सदन में प्रभावी प्रस्तुति भविष्य की योजनाओं की नींव साबित हो सकती है। राम भवन चौराहे पर उमड़ा यह जनसमर्थन केवल एक स्वागत नहीं, बल्कि विकास की संभावनाओं पर जनता की मुहर जैसा दृश्य बन गया। शंकरगढ़ की यह संध्या लंबे समय तक क्षेत्र की राजनीतिक स्मृतियों में दर्ज रहने वाली मानी जा रही है। अभिनंदन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ विनोद त्रिपाठी, व्यापार मंडल अध्यक्ष अरविंद केसरवानी, अपना दल एस विधानसभा अध्यक्ष गुड्डू पटेल, रोहित केसरवानी, सुजीत केसरवानी, विधायक प्रतिनिधि श्यामू निषाद, मीडिया प्रभारी नीरज केसरवानी, राजकुमार पटेल, धीरज सिंह, संदीप पटेल, ई. प्रकाश सिंह, राजू द्विवेदी, नितेश निषाद, रामजतन बंसल, दीपक, सहित दर्जनों लोग मौजूद रहें।2