मध्य प्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के अध्यक्ष केशव सिंह बघेल बुधवार को सागर पहुँचे। यहाँ उन्होंने क्षेत्र की गौशालाओं का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए गौवंश के संरक्षण और उनकी देखभाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी हासिल की। निरीक्षण के दौरान, अध्यक्ष बघेल ने गौशाला प्रबंधन के साथ चर्चा की और पशुओं के लिए उपलब्ध चारे, पानी तथा चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार गौ-संवर्धन और पशुधन विकास के लिए लगातार प्रतिबद्धता से काम कर रही है, और गौशालाओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में से एक है। गौशाला से संबंधित भूमि पर अवैध कब्जे के गंभीर मुद्दे पर पूछे जाने पर, केशव सिंह बघेल ने स्वीकार किया कि उन्हें इस संबंध में कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जानकारी ली जाएगी और उसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि स्थिति की गंभीरता अपेक्षित हुई, तो इस विषय को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि गौशाला की भूमि और उसके संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने अप्रैल 2026 में केशव सिंह बघेल को मध्य प्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया था। अपनी नियुक्ति के बाद से ही, वे विभिन्न जिलों का दौरा कर पशुधन विकास योजनाओं की प्रगति और गौशालाओं की व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के अध्यक्ष केशव सिंह बघेल बुधवार को सागर पहुँचे। यहाँ उन्होंने क्षेत्र की गौशालाओं का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए गौवंश के संरक्षण और उनकी देखभाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी हासिल की। निरीक्षण के दौरान, अध्यक्ष बघेल ने गौशाला प्रबंधन के साथ चर्चा की और पशुओं के लिए उपलब्ध चारे, पानी तथा चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार गौ-संवर्धन और पशुधन विकास के लिए लगातार प्रतिबद्धता से काम कर रही है, और गौशालाओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में से एक है। गौशाला से संबंधित भूमि पर अवैध कब्जे के गंभीर मुद्दे पर पूछे जाने पर, केशव सिंह बघेल ने स्वीकार किया कि उन्हें इस संबंध में कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जानकारी ली जाएगी और उसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि स्थिति की गंभीरता अपेक्षित हुई, तो इस विषय को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि गौशाला की भूमि और उसके संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने अप्रैल 2026 में केशव सिंह बघेल को मध्य प्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया था। अपनी नियुक्ति के बाद से ही, वे विभिन्न जिलों का दौरा कर पशुधन विकास योजनाओं की प्रगति और गौशालाओं की व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।
- सागर जिले में पड़ रही झुलसा देने वाली गर्मी से जहाँ लोग एयर कंडीशनर और कूलरों का सहारा ले रहे हैं, वहीं बेजुबान जानवर भी बेहाल हैं। एक वीडियो में देखा गया कि कैसे एक समझदार गजराज (हाथी) वाटर टैंकर से पानी लेकर खुद को राहत पहुँचा रहा है। पानी की हर बौछार के साथ उसकी खुशी और सुकून साफ नजर आ रहा था। इस असहनीय गर्मी के मौसम में सभी से एक छोटी सी अपील की गई है कि यदि संभव हो, तो अपने घरों के बाहर, छतों पर या रास्तों में पशु-पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम अवश्य करें, क्योंकि थोड़ी सी दयालुता इस मौसम में किसी की जान बचा सकती है।1
- गुजरात के राजकोट के पास चोटीला में एक दर्दनाक सड़क हादसे में जैन साधु पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब का देवलोक हो गया है। वे श्वेताम्बर पंथ के आचार्य श्री अजित शेखर सूरीजी के शिष्य थे। जानकारी के अनुसार, पंन्यास श्री ओंकार शेखर विजयजी महाराज साहेब, जो संसार में भंवरजी चुन्नाजी के सुपुत्र शैलेष भाई के नाम से जाने जाते थे, एक सड़क दुर्घटना का शिकार हुए। रीवा, मध्य प्रदेश में हुए ऐसे ही एक हादसे के बाद, यह एक और घटना है जिसने 'अहिंसा पथ के राही' को छीन लिया है।1
- बीना के कुरवाई रोड क्षेत्र में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय रहवासियों और प्रशासन के बीच विवाद उत्पन्न हो गया है। रोड किनारे पाइप लाइन डालने और नाले के निर्माण के लिए जेसीबी से खुदाई की जा रही है, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। यह कार्य एक मकान के सामने बनी पक्की आईसीसी सड़क के नीचे नाला निर्माण के लिए किया जा रहा है। मकान मालिक क्षमा पांडे ने इस निर्माण कार्य पर आपत्ति जताते हुए कई सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस कार्य से उनके मकान और आसपास की संरचना को नुकसान पहुँच सकता है, साथ ही यह भी आरोप है कि कार्य बिना किसी उचित जानकारी के किया जा रहा है। दूसरी ओर, भगत सिंह वार्ड के पार्षद प्रतिनिधि आकाश यादव ने नगर पालिका के कार्य को नियमों के अनुसार बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नाले का निर्माण आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। फिलहाल, इस निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों और नगर पालिका के बीच असहमति बनी हुई है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या समाधान प्रस्तुत करता है।1
- बीना के सागर गेट अंडर ब्रिज से लगातार गिर रहे गंदे पानी ने शहरवासियों को भारी परेशानी में डाल दिया है, जिससे लोगों में गहरा असंतोष व्याप्त है। यह गंदा पानी न केवल राहगीरों पर गिर रहा है, बल्कि रेलवे ट्रैक पर भी जा रहा है, जिससे किसी बड़ी अनहोनी घटना का खतरा मंडरा रहा है। कांग्रेस सेवादल के शहर अध्यक्ष प्रमोद राय ने बताया कि पिछले लगभग एक हफ्ते से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन रेल प्रशासन कुंभकरणीय नींद में है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो आम जनता के सहयोग से आंदोलन किया जाएगा। चेतन धाम निवासी सुदर्शन जैन ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा कि सुबह नहा-धोकर निकलने पर गंदगी का सामना करना पड़ता है, जिससे पूरा दिन मन में ग्लानि महसूस होती है। उन्होंने यह भी बताया कि अंडर ब्रिज से बचने के लिए ओवर ब्रिज का रास्ता लेने पर करीब 3 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। गांधी वार्ड निवासी शिवकुमार अहिरवार ने भी बताया कि गंदा पानी काफी समय से टपक रहा है, लेकिन रेल प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है और उन्हें शीघ्र व्यवस्था करवानी चाहिए। सिंधी कॉलोनी के जन्नू लाल राय के अनुसार, यह समस्या अंडर ब्रिज के निर्माण के बाद से ही इसमें मौजूद खामी के कारण बनी हुई है, जहां समय पर सफाई नहीं होती। उन्होंने भी इस बात पर जोर दिया कि गंदा पानी रेलवे ट्रैक पर जाने से कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। अशोक सेन ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि गंदे पानी के कारण लोग सुपरमार्केट और बड़ी बजरिया आने से कतराते हैं, क्योंकि या तो उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, या अंडर ब्रिज से निकलने पर गंदे पानी का सामना करना पड़ता है। लोगों की मांग है कि रेलवे प्रशासन इस समस्या का शीघ्र निराकरण करे।2
- सागर-बीना रोड पर एक कैप्सूल टैंकर ने भीषण कहर बरपाया, जिसके चलते एक युवक कुचला गया। इस घटना में अनियंत्रित टैंकर दुकानों में भी घुस गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।1
- मध्य प्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के अध्यक्ष केशव सिंह बघेल बुधवार को सागर पहुँचे। यहाँ उन्होंने क्षेत्र की गौशालाओं का गहन निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए गौवंश के संरक्षण और उनकी देखभाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी हासिल की। निरीक्षण के दौरान, अध्यक्ष बघेल ने गौशाला प्रबंधन के साथ चर्चा की और पशुओं के लिए उपलब्ध चारे, पानी तथा चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रदेश सरकार गौ-संवर्धन और पशुधन विकास के लिए लगातार प्रतिबद्धता से काम कर रही है, और गौशालाओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में से एक है। गौशाला से संबंधित भूमि पर अवैध कब्जे के गंभीर मुद्दे पर पूछे जाने पर, केशव सिंह बघेल ने स्वीकार किया कि उन्हें इस संबंध में कई शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जानकारी ली जाएगी और उसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। अध्यक्ष ने यह भी कहा कि यदि स्थिति की गंभीरता अपेक्षित हुई, तो इस विषय को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि गौशाला की भूमि और उसके संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने अप्रैल 2026 में केशव सिंह बघेल को मध्य प्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम का अध्यक्ष नियुक्त किया था। अपनी नियुक्ति के बाद से ही, वे विभिन्न जिलों का दौरा कर पशुधन विकास योजनाओं की प्रगति और गौशालाओं की व्यवस्थाओं का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं।1
- सागर जिले की गौरझामर पंचायत में सुनार नदी के बेलघाट स्थल पर प्रतिदिन भारी मात्रा में कचरा डाला जा रहा है। यह स्थिति तब है जब आमतौर पर नदी, तालाब और अन्य जल संवर्धन के स्रोतों की सफाई और गहराई बढ़ाने की बात की जाती है, लेकिन यहाँ इसके विपरीत नदी में कचरा भरकर उसकी गहराई कम की जा रही है। इस कृत्य से लोगों के लिए नदी का उपयोग भी कम हो रहा है, और यह कार्य जानबूझकर किया गया प्रतीत होता है। जिम्मेदार लोगों को इस बारे में जानकारी दिए जाने के बावजूद, पंचायत प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। जो कचरा निपटान पहले किसी तरह हो रहा था, वह अब खुलेआम रोजाना सुनार नदी के बेलघाट स्थल पर किया जा रहा है। इस गंभीर लापरवाही पर संबंधित विभाग के अधिकारियों को शीघ्र ठोस कदम उठाने चाहिए।1
- आज बीना की नई बस्ती ईदगाह हिल्स में नमाज़ अदा की गई। इस अवसर पर सभी को ईद की शुभकामनाएं दी गईं।1
- मध्य प्रदेश के सागर जिले की केसली तहसील के गौरझामर थाना अंतर्गत नाहर मऊ गांव में एक भीषण आग लगने की दुखद और नाराज़ करने वाली घटना सामने आई है। इस अग्निकांड में कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा सहित कुल चार घरों को देखते ही देखते भीषण आग ने राख कर दिया, जिससे इन गरीब परिवारों की वर्षों की मेहनत, राशन और सारा सामान नष्ट हो गया। यह उनके लिए एक बहुत बड़ा झटका है। राहत की बात यह रही कि इस अग्निकांड में किसी की जान नहीं गई। ग्रामीणों और सरपंच की त्वरित सूझबूझ से आग को पूरे गांव में फैलने से रोका जा सका, जिसकी सराहना की गई है। घटना के बाद पटवारी, तहसीलदार केसली, मंडल अध्यक्ष जैसे अधिकारी मौके पर पहुंचे। थाना प्रभारी नासिर फारूकी और उनकी टीम ने भी तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला। हालांकि, इस पूरे मामले में फायर ब्रिगेड की गंभीर लापरवाही देखने को मिली। सूचना के बावजूद फायर ब्रिगेड लगभग एक घंटे की देरी से पहुंची, जिसे बेहद निंदनीय बताया गया है। एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि डायल 112 पर हुई बातचीत के दौरान देवरी फायर ब्रिगेड के एक पायलट ने नंबर ब्लॉक कर दिया, जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे लापरवाही की मिसाल बताते हुए कहा गया है कि ग्रामीण इलाकों में इतनी देरी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और फायर ब्रिगेड को 15-20 मिनट के भीतर पहुंच जाना चाहिए था। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है और देवरी फायर ब्रिगेड के जिम्मेदार अधिकारियों, खासकर संबंधित पायलट पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की गई है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में फायर स्टेशनों की संख्या बढ़ाने और 24 घंटे वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी मांग उठी है। प्रभावित परिवारों - कल्याण विश्वकर्मा, जगमोहन विश्वकर्मा और राजू विश्वकर्मा को तत्काल आर्थिक सहायता, राशन किट, कपड़े और अन्य आवश्यक सामान मुहैया कराने पर जोर दिया गया है। ग्रामीणों का आक्रोश इस लापरवाही को लेकर पूरी तरह जायज ठहराया गया है।5