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राशन वितरण के दौरान विवाद, महिला ने डीलर पर धक्का-मुक्की का लगाया आरोप; जांच में जुटा खाद्य सुरक्षा विभाग। क्षेत्र के सातलखेड़ी कस्बे में राशन वितरण के दौरान एक महिला और राशन डीलर के बीच विवाद हो गया। महिला ने आरोप लगाया कि राशन मांगने पर डीलर ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की, जिससे वह नीचे गिर गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की अधिकारी अदिति शर्मा ने बताया कि महिला की ओर से राशन डीलर के खिलाफ धक्का-मुक्की की शिकायत दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संबंधित परिवार में आठ सदस्य हैं, जिनमें से कुछ सदस्यों के हिस्से का खाद्यान्न पहले ही दूसरे राशन डीलर से उठाया जा चुका था। इसी बात को लेकर महिला और डीलर के बीच विवाद हुआ। वहीं राशन डीलर ने महिला के आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसने किसी तरह की धक्का-मुक्की नहीं की। महिला को केवल राशन वितरण की स्थिति समझाई गई थी और कहासुनी के दौरान उसे वहां से जाने के लिए कहा गया। डीलर का दावा है कि महिला पैर फिसलने से गिरी थी, उसे जानबूझकर धक्का नहीं दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

13 hrs ago
user_Mangilal Charan
Mangilal Charan
Local News Reporter रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
13 hrs ago

राशन वितरण के दौरान विवाद, महिला ने डीलर पर धक्का-मुक्की का लगाया आरोप; जांच में जुटा खाद्य सुरक्षा विभाग। क्षेत्र के सातलखेड़ी कस्बे में राशन वितरण के दौरान एक महिला और राशन डीलर के बीच विवाद हो गया। महिला ने आरोप लगाया कि राशन मांगने पर डीलर ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की, जिससे वह नीचे गिर गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की अधिकारी अदिति शर्मा ने बताया कि महिला की ओर से राशन डीलर के खिलाफ धक्का-मुक्की की शिकायत दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संबंधित परिवार में आठ सदस्य हैं, जिनमें से कुछ सदस्यों के हिस्से का

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खाद्यान्न पहले ही दूसरे राशन डीलर से उठाया जा चुका था। इसी बात को लेकर महिला और डीलर के बीच विवाद हुआ। वहीं राशन डीलर ने महिला के आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसने किसी तरह की धक्का-मुक्की नहीं की। महिला को केवल राशन वितरण की स्थिति समझाई गई थी और कहासुनी के दौरान उसे वहां से जाने के लिए कहा गया। डीलर का दावा है कि महिला पैर फिसलने से गिरी थी, उसे जानबूझकर धक्का नहीं दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राशन वितरण के दौरान विवाद, महिला ने डीलर पर धक्का-मुक्की का लगाया आरोप; जांच में जुटा खाद्य सुरक्षा विभाग। क्षेत्र के सातलखेड़ी कस्बे में राशन वितरण के दौरान एक महिला और राशन डीलर के बीच विवाद हो गया। महिला ने आरोप लगाया कि राशन मांगने पर डीलर ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की, जिससे वह नीचे गिर गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की अधिकारी अदिति शर्मा ने बताया कि महिला की ओर से राशन डीलर के खिलाफ धक्का-मुक्की की शिकायत दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संबंधित परिवार में आठ सदस्य हैं, जिनमें से कुछ सदस्यों के हिस्से का खाद्यान्न पहले ही दूसरे राशन डीलर से उठाया जा चुका था। इसी बात को लेकर महिला और डीलर के बीच विवाद हुआ। वहीं राशन डीलर ने महिला के आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसने किसी तरह की धक्का-मुक्की नहीं की। महिला को केवल राशन वितरण की स्थिति समझाई गई थी और कहासुनी के दौरान उसे वहां से जाने के लिए कहा गया। डीलर का दावा है कि महिला पैर फिसलने से गिरी थी, उसे जानबूझकर धक्का नहीं दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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    राशन वितरण के दौरान विवाद, महिला ने डीलर पर धक्का-मुक्की का लगाया आरोप; जांच में जुटा खाद्य सुरक्षा विभाग।
क्षेत्र के सातलखेड़ी कस्बे में राशन वितरण के दौरान एक महिला और राशन डीलर के बीच विवाद हो गया। महिला ने आरोप लगाया कि राशन मांगने पर डीलर ने उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की, जिससे वह नीचे गिर गई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। खाद्य सुरक्षा विभाग की अधिकारी अदिति शर्मा ने बताया कि महिला की ओर से राशन डीलर के खिलाफ धक्का-मुक्की की शिकायत दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार संबंधित परिवार में आठ सदस्य हैं, जिनमें से कुछ सदस्यों के हिस्से का खाद्यान्न पहले ही दूसरे राशन डीलर से
उठाया जा चुका था। इसी बात को लेकर महिला और डीलर के बीच विवाद हुआ। वहीं राशन डीलर ने महिला के आरोपों से इनकार किया है। उसका कहना है कि उसने किसी तरह की धक्का-मुक्की नहीं की। महिला को केवल राशन वितरण की स्थिति समझाई गई थी और कहासुनी के दौरान उसे वहां से जाने के लिए कहा
गया। डीलर का दावा है कि महिला पैर फिसलने से गिरी थी, उसे जानबूझकर धक्का नहीं दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
    user_Mangilal Charan
    Mangilal Charan
    Local News Reporter रामगंज मंडी, कोटा, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • मंगलपुरा टेक इलाके में एक सूने मकान को अज्ञात बदमाशों ने बनाया निशाना झालावाड़। शहर के मंगलपुरा टेक इलाके में एक सूने मकान को अज्ञात बदमाशों ने निशाना बनाते हुए ताला तोड़कर लाखों रुपये का कीमती सामान चोरी कर लिया। वारदात के दौरान बदमाश मकान से मोबाइल, लैपटॉप, सोने की चेन, अंगूठियां, कानों के सेट, पायल, सिक्के सहित मकान के जरूरी दस्तावेज भी चुरा ले गए। मकान मालिक की ओर से शनिवार शाम को कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की गई है। मकान मालिक चिरायु श्रीवास्तव निवासी मंगलपुरा टेक ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह वार्ड नंबर 8 स्थित चप्पल वालों की गली में रहता है। वह लंबे समय से जयपुर में एक निजी कम्पनी में कार्यरत होने से जयपुर ही रहता है, ऐसे में मकान पर ताला लगा हुआ था। शनिवार सुबह पड़ोसियों ने फोन कर सूचना दी कि मकान के दरवाजे खुले हुए हैं और कुछ गड़बड़ लग रही है। पड़ोसियों से सूचना मिलने के बाद चिरायु श्रीवास्तव जयपुर से झालावाड़ के लिए रवाना हुए। झालावाड़ पहुंचने पर उन्होंने मकान में जाकर देखा तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। अंदर जाकर कमरों की जांच की तो सामान बिखरा हुआ मिला। अलमारी और अन्य स्थानों पर रखे सामान की जांच करने पर चोरी की वारदात का पता चला। पीड़ित के अनुसार, चोर मकान से दो मोबाइल, एक लैपटॉप, एक सोने की चेन, दो अंगूठियां, तीन कानों के सेट, पायल और चांदी के सिक्के सहित अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। इसके अलावा मकान से संबंधित जरूरी दस्तावेज भी गायब मिले। पीड़ित ने शनिवार शाम को कोतवाली पुलिस को लिखित रिपोर्ट देकर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है।
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    मंगलपुरा टेक इलाके में एक सूने मकान को अज्ञात बदमाशों ने बनाया निशाना
झालावाड़। शहर के मंगलपुरा टेक इलाके में एक सूने मकान को अज्ञात बदमाशों ने निशाना बनाते हुए ताला तोड़कर लाखों रुपये का कीमती सामान चोरी कर लिया। वारदात के दौरान बदमाश मकान से मोबाइल, लैपटॉप, सोने की चेन, अंगूठियां, कानों के सेट, पायल, सिक्के सहित मकान के जरूरी दस्तावेज भी चुरा ले गए। मकान मालिक की ओर से शनिवार शाम को कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट देकर कार्रवाई की मांग की गई है।
मकान मालिक चिरायु श्रीवास्तव निवासी मंगलपुरा टेक ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि वह वार्ड नंबर 8 स्थित चप्पल वालों की गली में रहता है। वह लंबे समय से जयपुर में एक निजी कम्पनी में कार्यरत होने से जयपुर ही रहता है, ऐसे में मकान पर ताला लगा हुआ था। शनिवार सुबह पड़ोसियों ने फोन कर सूचना दी कि मकान के दरवाजे खुले हुए हैं और कुछ गड़बड़ लग रही है। पड़ोसियों से सूचना मिलने के बाद चिरायु श्रीवास्तव जयपुर से झालावाड़ के लिए रवाना हुए। झालावाड़ पहुंचने पर उन्होंने मकान में जाकर देखा तो मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ था। अंदर जाकर कमरों की जांच की तो सामान बिखरा हुआ मिला। अलमारी और अन्य स्थानों पर रखे सामान की जांच करने पर चोरी की वारदात का पता चला। पीड़ित के अनुसार, चोर मकान से दो मोबाइल, एक लैपटॉप, एक सोने की चेन, दो अंगूठियां, तीन कानों के सेट, पायल और चांदी के सिक्के सहित अन्य कीमती सामान चोरी कर ले गए। इसके अलावा मकान से संबंधित जरूरी दस्तावेज भी गायब मिले। पीड़ित ने शनिवार शाम को कोतवाली पुलिस को लिखित रिपोर्ट देकर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा चोरी गए सामान की बरामदगी की मांग की है।
    user_Ravindra Singh
    Ravindra Singh
    पत्रकार झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • सकारात्मक कार्यप्रणाली का परिणाम: वर्षों की प्रतीक्षा हुई समाप्त, पात्र परिवारों को मिले आवासीय पट्टे* * *जिला प्रशासन और नगर परिषद् की प्रभावी कार्ययोजना से फोलोअप शहरी सेवा शिविर बना जनविश्वास का केन्द्र* झालावाड़,। राज्य सरकार के सुशासन, पारदर्शिता एवं जनकल्याण के संकल्प को धरातल पर साकार करते हुए नगर परिषद् झालावाड़ द्वारा फोलोअप शहरी सेवा शिविर के माध्यम से पात्र नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान की जा रही है। शुक्रवार को अम्बेडकर भवन में आयोजित फोलोअप शहरी सेवा शिविर में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों को आवासीय पट्टों का वितरण कर उनके वर्षों पुराने इंतजार को समाप्त किया। शिविर में लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया तथा नगर परिषद् की सकारात्मक एवं जनहितैषी कार्यप्रणाली की व्यापक सराहना हुई। इस अवसर पर जिला कलक्टर ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन एवं नगर परिषद् का उद्देश्य आमजन को कम से कम समय में अधिकतम राहत उपलब्ध कराना है। इसी सोच के साथ नगर परिषद् ने सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण किया है। उन्होंने बताया कि अनेक ऐसे परिवार थे जो लंबे समय से आवासीय पट्टों की प्रतीक्षा कर रहे थे। उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी की गईं और आज उन्हें उनके पट्टे सौंपे गए। उन्होंने कहा कि नगर परिषद् की कार्यप्रणाली का सबसे सकारात्मक उदाहरण यह है कि कुछ पात्र आवेदकों को आवेदन करने के मात्र दो दिन के भीतर ही आवासीय पट्टे उपलब्ध करा दिए गए। यह उपलब्धि नगर परिषद् की पूरी टीम की प्रतिबद्धता, कुशल कार्यप्रणाली, समन्वित प्रयासों तथा जनसेवा के प्रति दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है। जिला कलक्टर ने कहा कि प्रशासन का प्रयास केवल पट्टों का वितरण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार को उसका वैधानिक अधिकार समय पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नगर परिषद् झालावाड़ क्षेत्र में कोई भी पात्र व्यक्ति पट्टे से वंचित नहीं रहेगा तथा शेष लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रत्येक आवेदन का त्वरित एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए। शिविर के दौरान लंबे समय से लंबित प्रकरणों का समाधान होने पर लाभार्थियों ने जिला प्रशासन एवं नगर परिषद् के प्रति आभार व्यक्त किया। वर्षों से अपने आवासीय अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को जब उनके हाथों में पट्टे मिले तो उनके चेहरों पर खुशी, संतोष और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। यह शिविर आमजन के लिए केवल दस्तावेज वितरण का कार्यक्रम नहीं बल्कि शासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और सुशासन का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया। नगर परिषद् के कार्यवाहक आयुक्त मनीष कुमार ने बताया कि शिविर में 69-ए के अंतर्गत 1, स्टेट ग्रांट एक्ट के 18, तथा कृषि भूमि नियमन के 84 पट्टों का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री आवास योजना के 11 कब्जा पत्र, 4 भवन निर्माण स्वीकृतियां तथा 8 नामांतरण प्रकरणों का भी मौके पर निस्तारण कर लाभार्थियों को राहत प्रदान की गई। ---00---
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    सकारात्मक कार्यप्रणाली का परिणाम: वर्षों की प्रतीक्षा हुई समाप्त, पात्र परिवारों को मिले आवासीय पट्टे*
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*जिला प्रशासन और नगर परिषद् की प्रभावी कार्ययोजना से फोलोअप शहरी सेवा शिविर बना जनविश्वास का केन्द्र*
झालावाड़,। राज्य सरकार के सुशासन, पारदर्शिता एवं जनकल्याण के संकल्प को धरातल पर साकार करते हुए नगर परिषद् झालावाड़ द्वारा फोलोअप शहरी सेवा शिविर के माध्यम से पात्र नागरिकों को त्वरित राहत प्रदान की जा रही है। शुक्रवार को अम्बेडकर भवन में आयोजित फोलोअप शहरी सेवा शिविर में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थियों को आवासीय पट्टों का वितरण कर उनके वर्षों पुराने इंतजार को समाप्त किया। शिविर में लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया तथा नगर परिषद् की सकारात्मक एवं जनहितैषी कार्यप्रणाली की व्यापक सराहना हुई।
इस अवसर पर जिला कलक्टर ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला प्रशासन एवं नगर परिषद् का उद्देश्य आमजन को कम से कम समय में अधिकतम राहत उपलब्ध कराना है। इसी सोच के साथ नगर परिषद् ने सुनियोजित कार्ययोजना बनाकर लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निस्तारण किया है। उन्होंने बताया कि अनेक ऐसे परिवार थे जो लंबे समय से आवासीय पट्टों की प्रतीक्षा कर रहे थे। उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए सभी आवश्यक प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी की गईं और आज उन्हें उनके पट्टे सौंपे गए।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद् की कार्यप्रणाली का सबसे सकारात्मक उदाहरण यह है कि कुछ पात्र आवेदकों को आवेदन करने के मात्र दो दिन के भीतर ही आवासीय पट्टे उपलब्ध करा दिए गए। यह उपलब्धि नगर परिषद् की पूरी टीम की प्रतिबद्धता, कुशल कार्यप्रणाली, समन्वित प्रयासों तथा जनसेवा के प्रति दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रमाण है।
जिला कलक्टर ने कहा कि प्रशासन का प्रयास केवल पट्टों का वितरण करना नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार को उसका वैधानिक अधिकार समय पर उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि नगर परिषद् झालावाड़ क्षेत्र में कोई भी पात्र व्यक्ति पट्टे से वंचित नहीं रहेगा तथा शेष लंबित प्रकरणों का भी शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आमजन को अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और प्रत्येक आवेदन का त्वरित एवं पारदर्शी तरीके से निस्तारण किया जाए।
शिविर के दौरान लंबे समय से लंबित प्रकरणों का समाधान होने पर लाभार्थियों ने जिला प्रशासन एवं नगर परिषद् के प्रति आभार व्यक्त किया। वर्षों से अपने आवासीय अधिकार की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों को जब उनके हाथों में पट्टे मिले तो उनके चेहरों पर खुशी, संतोष और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। यह शिविर आमजन के लिए केवल दस्तावेज वितरण का कार्यक्रम नहीं बल्कि शासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और सुशासन का प्रभावी उदाहरण बनकर सामने आया।
नगर परिषद् के कार्यवाहक आयुक्त मनीष कुमार ने बताया कि शिविर में 69-ए के अंतर्गत 1, स्टेट ग्रांट एक्ट के 18, तथा कृषि भूमि नियमन के 84 पट्टों का वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री आवास योजना के 11 कब्जा पत्र, 4 भवन निर्माण स्वीकृतियां तथा 8 नामांतरण प्रकरणों का भी मौके पर निस्तारण कर लाभार्थियों को राहत प्रदान की गई।
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    user_Jhalawar hulchal
    Jhalawar hulchal
    झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • झालावाड़: पीएम श्री स्कूल दुर्गपुरा पहुंचे जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़, विद्यार्थियों को पढ़ाया इतिहास का पाठ ​झालावाड़। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने हाल ही में पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दुर्गपुरा, झालरापाटन ब्लॉक का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा में पहुँचकर विद्यार्थियों को सीधे इतिहास विषय पढ़ाकर प्रेरित किया। ​कलेक्टर राठौड़ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान एक साधना है, जो निरंतर अध्ययन और जिज्ञासु प्रवृत्ति से प्राप्त होती है। उन्होंने बच्चों को 'क्यों' के तर्क पर जाने और इतिहास को गहराई से समझने के गुर सिखाए। कक्षा में गागरोन दुर्ग और आसपास के ऐतिहासिक संदर्भों पर चर्चा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के प्रति उत्साह जगाया।
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    झालावाड़: पीएम श्री स्कूल दुर्गपुरा पहुंचे जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़, विद्यार्थियों को पढ़ाया इतिहास का पाठ
​झालावाड़। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने हाल ही में पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दुर्गपुरा, झालरापाटन ब्लॉक का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा में पहुँचकर विद्यार्थियों को सीधे इतिहास विषय पढ़ाकर प्रेरित किया।
​कलेक्टर राठौड़ ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान एक साधना है, जो निरंतर अध्ययन और जिज्ञासु प्रवृत्ति से प्राप्त होती है। उन्होंने बच्चों को 'क्यों' के तर्क पर जाने और इतिहास को गहराई से समझने के गुर सिखाए। कक्षा में गागरोन दुर्ग और आसपास के ऐतिहासिक संदर्भों पर चर्चा करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास और प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी के प्रति उत्साह जगाया।
    user_📡 Express News✍️
    📡 Express News✍️
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • मंदसौर जिले का सबसे बड़ा ग्राम जो तहसील गरोठ में आता है परंतु एकमात्र खेल का मैदान वह भी झुरमुर झाड़ियां से घिरा हुआ 10 सालों से
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    मंदसौर जिले का सबसे बड़ा ग्राम जो तहसील गरोठ में आता है परंतु एकमात्र खेल का मैदान वह भी झुरमुर झाड़ियां से घिरा हुआ 10 सालों से
    user_Sanjay Kumar yati
    Sanjay Kumar yati
    गरोठ, मंदसौर, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • भैंसरोड़गढ़ गांव के लिए ऐतिहासिक पल: सत्येंद्र सिसोदिया बने गांव के पहले विकास अधिकारी 1960 से 2026 तक का इंतजार हुआ खत्म, पंचायत समिति भैंसरोड़गढ़ में पहली बार गांव के अधिकारी को मिली विकास अधिकारी पद पर नियमित पदोन्नति पंचायत समिति भैंसरोड़गढ़ के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भैंसरोड़गढ़ गांव के सत्येंद्र सिसोदिया को राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा विकास अधिकारी के पद पर नियमित रूप से पदोन्नत किए जाने के बाद गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। इसे भैंसरोड़गढ़ गांव के लिए गौरव और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। पंचायत समिति भैंसरोड़गढ़ का गठन राजस्थान पंचायती राज व्यवस्था के प्रारंभिक दौर 1959-60 में हुआ था। इसके बाद वर्ष 1960 से 2026 तक के लंबे सफर में भैंसरोड़गढ़ गांव से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस पद पर नियमित रूप से विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नत नहीं हुआ था। हालांकि, इस दौरान भैंसरोड़गढ़ गांव के कुछ अधिकारियों को समय-समय पर कार्य व्यवस्थार्थ विकास अधिकारी का दायित्व सौंपा गया। स्वयं सत्येंद्र सिसोदिया भी पूर्व में कई बार कार्य व्यवस्थार्थ विकास अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, लेकिन अब उन्हें पहली बार विकास अधिकारी के पद पर नियमित पदोन्नति मिली है। सरकारी नियमों के तहत मिली पदोन्नति राजस्थान सरकार के पंचायत राज विभाग, जयपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राजस्थान ग्रामीण विकास राज्य सेवा नियम, 2007 के नियम 26 के अंतर्गत गठित विभागीय समिति की अभिशंषा के आधार पर राजस्थान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम, 1998 के तहत अतिरिक्त विकास अधिकारियों को राजस्थान ग्रामीण विकास राज्य सेवा की कनिष्ठ वेतन श्रृंखला (विकास अधिकारी), पे मैट्रिक्स लेवल 14 में पदोन्नत किया गया है। यह पदोन्नति आदेश राजस्थान सरकार पंचायत राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉक्टर जोगाराम द्वारा जारी किए गए। गांव में खुशी की लहर सत्येंद्र सिसोदिया की विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नति की खबर मिलते ही भैंसरोड़गढ़ गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों ने सिसोदिया को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं। ग्रामीणों का कहना है कि भैंसरोड़गढ़ गांव के लिए यह केवल एक अधिकारी की पदोन्नति नहीं, बल्कि गांव के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण है। गांव के किसी अधिकारी को विकास अधिकारी के पद पर नियमित पदोन्नति मिलना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। सत्येंद्र सिसोदिया की इस उपलब्धि से भैंसरोड़गढ़ गांव का नाम पंचायत समिति स्तर पर एक बार फिर गौरवान्वित हुआ है।
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    भैंसरोड़गढ़ गांव के लिए ऐतिहासिक पल: सत्येंद्र सिसोदिया बने गांव के पहले विकास अधिकारी


1960 से 2026 तक का इंतजार हुआ खत्म, पंचायत समिति भैंसरोड़गढ़ में पहली बार गांव के अधिकारी को मिली विकास अधिकारी पद पर नियमित पदोन्नति
पंचायत समिति भैंसरोड़गढ़ के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भैंसरोड़गढ़ गांव के सत्येंद्र सिसोदिया को राजस्थान सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा विकास अधिकारी के पद पर नियमित रूप से पदोन्नत किए जाने के बाद गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है। इसे भैंसरोड़गढ़ गांव के लिए गौरव और ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
पंचायत समिति भैंसरोड़गढ़ का गठन राजस्थान पंचायती राज व्यवस्था के प्रारंभिक दौर 1959-60 में हुआ था। इसके बाद वर्ष 1960 से 2026 तक के लंबे सफर में भैंसरोड़गढ़ गांव से कोई भी अधिकारी या कर्मचारी इस पद पर नियमित रूप से विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नत नहीं हुआ था।
हालांकि, इस दौरान भैंसरोड़गढ़ गांव के कुछ अधिकारियों को समय-समय पर कार्य व्यवस्थार्थ विकास अधिकारी का दायित्व सौंपा गया। स्वयं सत्येंद्र सिसोदिया भी पूर्व में कई बार कार्य व्यवस्थार्थ विकास अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं, लेकिन अब उन्हें पहली बार विकास अधिकारी के पद पर नियमित पदोन्नति मिली है।
सरकारी नियमों के तहत मिली पदोन्नति
राजस्थान सरकार के पंचायत राज विभाग, जयपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार, राजस्थान ग्रामीण विकास राज्य सेवा नियम, 2007 के नियम 26 के अंतर्गत गठित विभागीय समिति की अभिशंषा के आधार पर राजस्थान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज राज्य एवं अधीनस्थ सेवा नियम, 1998 के तहत अतिरिक्त विकास अधिकारियों को राजस्थान ग्रामीण विकास राज्य सेवा की कनिष्ठ वेतन श्रृंखला (विकास अधिकारी), पे मैट्रिक्स लेवल 14 में पदोन्नत किया गया है।
यह पदोन्नति आदेश राजस्थान सरकार पंचायत राज विभाग के शासन सचिव एवं आयुक्त डॉक्टर जोगाराम द्वारा जारी किए गए।
गांव में खुशी की लहर
सत्येंद्र सिसोदिया की विकास अधिकारी के पद पर पदोन्नति की खबर मिलते ही भैंसरोड़गढ़ गांव में खुशी की लहर दौड़ गई।
ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, शुभचिंतकों एवं क्षेत्रवासियों ने सिसोदिया को नई जिम्मेदारी के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
ग्रामीणों का कहना है कि भैंसरोड़गढ़ गांव के लिए यह केवल एक अधिकारी की पदोन्नति नहीं, बल्कि गांव के लिए गौरव का ऐतिहासिक क्षण है। गांव के किसी अधिकारी को विकास अधिकारी के पद पर नियमित पदोन्नति मिलना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
सत्येंद्र सिसोदिया की इस उपलब्धि से भैंसरोड़गढ़ गांव का नाम पंचायत समिति स्तर पर एक बार फिर गौरवान्वित हुआ है।
    user_Pawan Mehar
    Pawan Mehar
    Local News Reporter रावतभाटा, चित्तौड़गढ़, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • आज 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर जयपुर के राजस्थान हैंडलूम हाउस से खादी उत्पादों की खरीदारी कर अपनी समृद्ध विरासत को सहेजने का एक छोटा-सा प्रयास किया। आज 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर जयपुर के राजस्थान हैंडलूम हाउस से खादी उत्पादों की खरीदारी कर अपनी समृद्ध विरासत को सहेजने का एक छोटा-सा प्रयास किया। हमारे बुनकरों और कारीगरों का हुनर ही राजस्थान की लोक संस्कृति की असली पहचान है। आइए, स्थानीय शिल्प को बढ़ावा दें और अपनी इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लें। #NationalHandloomDay
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    आज 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर जयपुर के राजस्थान हैंडलूम हाउस से खादी उत्पादों की खरीदारी कर अपनी समृद्ध विरासत को सहेजने का एक छोटा-सा प्रयास किया।

आज 'राष्ट्रीय हथकरघा दिवस' पर आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आह्वान पर जयपुर के राजस्थान हैंडलूम हाउस से खादी उत्पादों की खरीदारी कर अपनी समृद्ध विरासत को सहेजने का एक छोटा-सा प्रयास किया।
हमारे बुनकरों और कारीगरों का हुनर ही राजस्थान की लोक संस्कृति की असली पहचान है। आइए, स्थानीय शिल्प को बढ़ावा दें और अपनी इस गौरवशाली विरासत को नई पीढ़ी तक पहुँचाने का संकल्प लें।
#NationalHandloomDay
    user_भवानीमंडी न्यूज
    भवानीमंडी न्यूज
    पचपहाड़, झालावाड़, राजस्थान•
    18 hrs ago
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