निवाली: नम आँखों और जयकारों के साथ गणगौर माता को दी गई भावभीनी विदाई निवाली (सुनील सोनी निवाली: नम आँखों और जयकारों के साथ गणगौर माता को दी गई भावभीनी विदाई निवाली (सुनील सोनी) | निवाली नगर में लोक संस्कृति और आस्था का महापर्व 'गणगौर' हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। मंगलवार, 24 मार्च को सेंधवा रोड स्थित ऐतिहासिक सरकारी बावड़ी पर माता गणगौर का विसर्जन किया गया। इस दौरान पूरा नगर माता की भक्ति में सराबोर नजर आया। दो दिनों की 'मान-मनुहार' के बाद विदाई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार और सोमवार दो दिनों तक श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना और लाड़-चाव (मान-मनुहार) कर माता को विसर्जन से रोका था। मंगलवार को विदाई की बेला आते ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जय ओंकार भीलाला समाज के सेंधवा रोड स्थित विशाल पांडाल से बैंड-बाजे और ढोल-ताशों की गूंज के साथ माता की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बेटी की तरह दी गई विदाई शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने माता के चरणों को पखारकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। जवारों की टोकरियों को सिर पर धारण कर महिलाएं और पुरुष श्रद्धा भाव से बावड़ी की ओर बढ़े। विसर्जन के समय दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था; श्रद्धालुओं ने अपनी लाड़ली बेटी की तरह माता को नम आँखों से विदा किया। विदाई मार्ग पर माता के सम्मान में गुलाब के फूलों की पंखुड़ियाँ बिछाई गई थीं। प्रशासनिक व्यवस्था और पूजन विधान नगर परिषद द्वारा बावड़ी स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु बिजली, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी। रथों को विसर्जन स्थल पर रखकर विधि-विधान से पूजन और महाआरती की गई। माता को नारियल अर्पित कर प्रसाद स्वरूप धानी, चने, सूखे मेवे और मिष्ठान का वितरण किया गया। संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन वापसी के समय सभी श्रद्धालु रथों को लेकर पंडित परिवार के निवास पर पहुँचे और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान युवा और बुजुर्ग रथों को माथे पर रखकर लोक धुनों पर नृत्य करते हुए अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए। पुलिस और यातायात प्रबंधन कार्यक्रम के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहा। भीड़ को देखते हुए कुछ समय के लिए बड़े वाहनों को रोककर यातायात नियंत्रित किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़ कम होने के पश्चात यातायात पुन: सामान्य कर दिया गया।
निवाली: नम आँखों और जयकारों के साथ गणगौर माता को दी गई भावभीनी विदाई निवाली (सुनील सोनी निवाली: नम आँखों और जयकारों के साथ गणगौर माता को दी गई भावभीनी विदाई निवाली (सुनील सोनी) | निवाली नगर में लोक संस्कृति और आस्था का महापर्व 'गणगौर' हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। मंगलवार, 24 मार्च को सेंधवा रोड स्थित ऐतिहासिक सरकारी बावड़ी पर माता गणगौर का विसर्जन किया गया। इस दौरान पूरा नगर माता की भक्ति में सराबोर नजर आया। दो दिनों की 'मान-मनुहार' के बाद विदाई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार और सोमवार दो दिनों तक श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना और लाड़-चाव (मान-मनुहार) कर माता को विसर्जन से रोका था। मंगलवार को विदाई की बेला आते ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जय ओंकार भीलाला समाज के सेंधवा रोड स्थित
विशाल पांडाल से बैंड-बाजे और ढोल-ताशों की गूंज के साथ माता की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बेटी की तरह दी गई विदाई शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने माता के चरणों को पखारकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। जवारों की टोकरियों को सिर पर धारण कर महिलाएं और पुरुष श्रद्धा भाव से बावड़ी की ओर बढ़े। विसर्जन के समय दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था; श्रद्धालुओं ने अपनी लाड़ली बेटी की तरह माता को नम आँखों से विदा किया। विदाई मार्ग पर माता के सम्मान में गुलाब के फूलों की पंखुड़ियाँ बिछाई गई थीं। प्रशासनिक व्यवस्था और पूजन विधान नगर परिषद द्वारा बावड़ी स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु बिजली, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी। रथों को विसर्जन स्थल पर रखकर विधि-विधान
से पूजन और महाआरती की गई। माता को नारियल अर्पित कर प्रसाद स्वरूप धानी, चने, सूखे मेवे और मिष्ठान का वितरण किया गया। संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन वापसी के समय सभी श्रद्धालु रथों को लेकर पंडित परिवार के निवास पर पहुँचे और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान युवा और बुजुर्ग रथों को माथे पर रखकर लोक धुनों पर नृत्य करते हुए अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए। पुलिस और यातायात प्रबंधन कार्यक्रम के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहा। भीड़ को देखते हुए कुछ समय के लिए बड़े वाहनों को रोककर यातायात नियंत्रित किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़ कम होने के पश्चात यातायात पुन: सामान्य कर दिया गया।
- निवाली: नम आँखों और जयकारों के साथ गणगौर माता को दी गई भावभीनी विदाई निवाली (सुनील सोनी) | निवाली नगर में लोक संस्कृति और आस्था का महापर्व 'गणगौर' हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। मंगलवार, 24 मार्च को सेंधवा रोड स्थित ऐतिहासिक सरकारी बावड़ी पर माता गणगौर का विसर्जन किया गया। इस दौरान पूरा नगर माता की भक्ति में सराबोर नजर आया। दो दिनों की 'मान-मनुहार' के बाद विदाई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रविवार और सोमवार दो दिनों तक श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा-अर्चना और लाड़-चाव (मान-मनुहार) कर माता को विसर्जन से रोका था। मंगलवार को विदाई की बेला आते ही भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। जय ओंकार भीलाला समाज के सेंधवा रोड स्थित विशाल पांडाल से बैंड-बाजे और ढोल-ताशों की गूंज के साथ माता की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बेटी की तरह दी गई विदाई शोभायात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालुओं ने माता के चरणों को पखारकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। जवारों की टोकरियों को सिर पर धारण कर महिलाएं और पुरुष श्रद्धा भाव से बावड़ी की ओर बढ़े। विसर्जन के समय दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था; श्रद्धालुओं ने अपनी लाड़ली बेटी की तरह माता को नम आँखों से विदा किया। विदाई मार्ग पर माता के सम्मान में गुलाब के फूलों की पंखुड़ियाँ बिछाई गई थीं। प्रशासनिक व्यवस्था और पूजन विधान नगर परिषद द्वारा बावड़ी स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु बिजली, स्ट्रीट लाइट, पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी। रथों को विसर्जन स्थल पर रखकर विधि-विधान से पूजन और महाआरती की गई। माता को नारियल अर्पित कर प्रसाद स्वरूप धानी, चने, सूखे मेवे और मिष्ठान का वितरण किया गया। संस्कृति का अनूठा प्रदर्शन वापसी के समय सभी श्रद्धालु रथों को लेकर पंडित परिवार के निवास पर पहुँचे और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान युवा और बुजुर्ग रथों को माथे पर रखकर लोक धुनों पर नृत्य करते हुए अपने-अपने घरों की ओर रवाना हुए। पुलिस और यातायात प्रबंधन कार्यक्रम के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन अपनी टीम के साथ मुस्तैद रहा। भीड़ को देखते हुए कुछ समय के लिए बड़े वाहनों को रोककर यातायात नियंत्रित किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। भीड़ कम होने के पश्चात यातायात पुन: सामान्य कर दिया गया।3
- ऑपरेशन प्रहार के तहत पुलिस की बड़ी कार्यवाही, 60 हजार रुपए कीमत की 2 अवैध देशी पिस्टल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज1
- बड़वानी जिलेभर में पेट्रोल-डीजल को लेकर फैली अफवाहों को लेकर मंगलवार रात 11 बजे के बाद तक पेट्रोल पंपों पर लोगों की वाहन लिए खड़े भीड़ नजर आई। वहीं खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जिले में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बताते हुए अफवाहों से बचने की अपील की गई है।दरअसल मंगलवार को शाम ढलते ही अधिकाश पेट्रोल पम्प पर पेट्रोल,डीजल भरवाने के लिए लगी लबी लंबी कतारें लगने लगी कोई पेट्रोल तो कोई डीजल भरवाने पहुंच गया तो कोई कैंन में ईधन लेने पहुंचा। मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी बड़वानी भरत सिंह जमरे ने देर-रात बयान जारी कर सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध होने और उपभोक्ताओं को नियमित रूप से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति होने का बयान जारी किया।1
- सेंधवा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक चलते हुए ट्रक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही सेंधवा फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लेने से एक बड़ी दुर्घटना टल गई। बताया जा रहा है कि ट्रक चालक अजय मोर्यवंशी एवं समीर खान ने सूझबूझ का परिचय देते हुए वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोक लिया, जिससे जनहानि नहीं हुई। आग लगने के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, हालांकि प्रारंभिक अनुमान शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी का लगाया जा रहा है। फायर ब्रिगेड और स्थानीय प्रशासन की तत्परता से स्थिति को जल्द नियंत्रण में ले लिया गया और यातायात भी सामान्य कर दिया गया।1
- बड़वानी।कुंदन नगर के पास गोरीधाम कॉलोनी क्षेत्र स्थित खेत में अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी तेजी से फैली कि करीब 3 एकड़ में खड़ी फसल जलकर पूरी तरह खाक हो गई। इस हादसे में किसान मोहन अगलचा सहित अन्य किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। प्रत्यक्षदर्शियों और किसानों के अनुसार आग लगने का कारण विद्युत लाइन में फॉल्ट माना जा रहा है। पीड़ित किसान संतोष ने आरोप लगाया कि विद्युत मंडल की लापरवाही के कारण यह घटना हुई है। उन्होंने कहा कि खेतों में कई जगह तार ढीले और खुले पड़े हैं, जिनकी समय पर मरम्मत नहीं की जाती, जिससे इस तरह की घटनाएं होती हैं। वहीं सेंगवा निवासी अनिल ने बताया कि उनकी करीब 3 एकड़ की खेती थी, जिसमें से अधिकांश फसल जल गई और केवल थोड़ा हिस्सा ही बच पाया। उन्होंने भी विद्युत मंडल को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि समय पर लाइन सुधार कार्य होता, तो यह नुकसान नहीं होता। घटना की सूचना मिलते ही नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, जिससे आग को अन्य खेतों में फैलने से रोका जा सका। फिलहाल नुकसान के आकलन के लिए सर्वे टीम का इंतजार किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि पटवारी से संपर्क किया गया है, जिन्होंने जल्द मौके पर पहुंचने की बात कही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सर्वे कर उचित मुआवजा देने और विद्युत व्यवस्था सुधारने की मांग की है।1
- Post by SNY R LIVE MP1
- बाड़ी विसर्जन के साथ गणगौर उत्सव का समापन, नम आंखों से दी गणगौर मैया को विदाई कालीबावड़ी (निप्र)। निमाड़ के लोकपर्व गणगौर उत्सव का सोमवार को बाड़ी (ज्वारों) के विसर्जन के साथ भावपूर्ण समापन हुआ। ग्यारस तिथि से तीज तक चले इस पारंपरिक पर्व में पूरे ग्राम में उत्साह और आस्था का माहौल बना रहा। समापन से पूर्व ग्राम के सभी रथों एवं माता की सवारी में शामिल झाड़ों का नगर के प्राचीन श्रीराम मंदिर में एकत्रीकरण किया गया। यहां धनियर राजा और रणु बाई के रूप में बाबा भोलेनाथ और माता पार्वती के प्रतीक रथों को महिला-पुरुष युगल दंपत्तियों ने अपने माथे पर उठाकर श्रद्धा के साथ नृत्य किया। इस दौरान मंदिर परिसर भक्ति और लोकपरंपरा के रंग में सराबोर नजर आया। इसके बाद निकले चल समारोह ने पूरे नगर का भ्रमण किया। जिस-जिस गली से यह जुलूस गुजरा, वहां ग्रामीणों—जिनमें बच्चे भी शामिल रहे—ने रथों को उठाने वाले, झाड़, आरती, तलवार और कलश धारण करने वालों के चरण धोकर उनका सम्मान किया। यह दृश्य आस्था, परंपरा और आपसी सम्मान की अनूठी मिसाल बनकर सामने आया। अंत में ग्राम के जगन्नाथ मौर्य के कुएं पर ज्वारों का विसर्जन किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। महिलाओं ने नम आंखों से ज्वारों की टोकरी को गले लगाकर गणगौर मैया को विदाई दी। पूरे आयोजन के दौरान निमाड़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की झलक देखने को मिली।4
- निवाली: प्रथम वर्षगांठ पर भक्ति का सैलाब, भव्य कलश यात्रा के साथ श्रीराम कथा का मंगल शुभारंभ निवाली | 24 मार्च, मंगलवार (सुनील सोनी) धर्म और आस्था की नगरी निवाली में आज एक अनुपम दृश्य देखने को मिला। गुमड़िया रोड स्थित नवनिर्मित श्री संकटमोचन पंचमुखी हनुमान मंदिर की प्रथम वर्षगांठ के पावन अवसर पर समूचा नगर राममयी हो गया। इस खास उपलक्ष्य में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा का भव्य शुभारंभ आज एक विशाल कलश यात्रा के साथ हुआ। केसरिया बाने में सजा नगर, पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत प्रातः काल से ही नगर में उत्सव का माहौल था। स्थानीय श्रीराम मंदिर से गाजे-बाजे के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए चल रही थीं। पारंपरिक वेशभूषा ने भारतीय संस्कृति की छटा बिखेर दी—जहां महिलाएं पीली व लाल साड़ियों में सुसज्जित थीं, वहीं पुरुष पीले कुर्ते-पायजामे और साफे में धर्म ध्वजा थामे नजर आए। गरबा और धार्मिक गीतों पर झूमे श्रद्धालु कलश यात्रा श्रीराम मंदिर से प्रारंभ होकर श्रीराम चौक, पीपल चौराहा और सेंधवा रोड बस स्टैंड पहुंची। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और माता सीता के स्वरूपों के साथ-साथ कथावाचक पंडित जी की बग्घी का पुष्प वर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। भक्ति का उत्साह ऐसा था कि युवाओं और महिलाओं ने ढोल-ताशों और बैंड की थाप पर जमकर गरबा किया और धार्मिक गीतों पर झूम उठे। व्यास पीठ पर श्री रामचरितमानस की स्थापना कलश यात्रा के कथा स्थल (कंचन जीजी परिसर) पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने शिरोधार्य श्रीरामचरितमानस ग्रंथ और कलशधारी कन्याओं की अगवानी की। विधि-विधान से पूजन के पश्चात कलश स्थापना की गई और पवित्र मानस ग्रंथ को व्यास गादी पर सुशोभित किया गया। आज से भक्ति की बयार कथा व्यास संतोष शर्मा के मुखारविंद से आज सायं 7:30 बजे से मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के दिव्य चरित्र का संगीतमय वर्णन प्रारंभ हुईं मंदिर समिति ने समस्त धर्मप्रेमी जनता से आग्रह किया है कि प्रतिदिन रात्रि 10:00 बजे तक चलने वाली इस अमृतमयी कथा का श्रवण कर पुण्य लाभ प्राप्त करें। यह आयोजन 24 मार्च से शुरू होकर 1 अप्रैल तक निरंतर चलेगा।3