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रोहतास में आयोजित विशेष सहयोग शिविर के दौरान डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने शिविर में प्राप्त आवेदनों और शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की व जानकारी साझा की। शिविर के दौरान शिक्षा से जुड़ी ज़मीनी स्थिति भी सामने आई, जिसके अनुसार दावथ प्रखंड मुख्यालय पर आठवीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई ग्रहण करने के लिए बच्चों को 6 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। जबकि सरकार के नियमानुसार प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज का संचालन किया जाना है।
ANIL KUMAR GIRI
रोहतास में आयोजित विशेष सहयोग शिविर के दौरान डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने शिविर में प्राप्त आवेदनों और शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की व जानकारी साझा की। शिविर के दौरान शिक्षा से जुड़ी ज़मीनी स्थिति भी सामने आई, जिसके अनुसार दावथ प्रखंड मुख्यालय पर आठवीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई ग्रहण करने के लिए बच्चों को 6 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। जबकि सरकार के नियमानुसार प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज का संचालन किया जाना है।
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- रोहतास में आयोजित विशेष सहयोग शिविर के दौरान डीएम दीपक कुमार मिश्रा ने शिविर में प्राप्त आवेदनों और शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की व जानकारी साझा की। शिविर के दौरान शिक्षा से जुड़ी ज़मीनी स्थिति भी सामने आई, जिसके अनुसार दावथ प्रखंड मुख्यालय पर आठवीं कक्षा के बाद आगे की पढ़ाई ग्रहण करने के लिए बच्चों को 6 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। जबकि सरकार के नियमानुसार प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज का संचालन किया जाना है।1
- अरवल जिले के कलेर प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में कम उम्र के बच्चों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, महज 10 से 12 वर्ष की आयु के बच्चे भी सिगरेट और अन्य धूम्रपान उत्पादों का सेवन करते देखे जा रहे हैं। पहले जहां इस उम्र के बच्चे खेलकूद और पढ़ाई में समय बिताते थे, वहीं अब गलत संगति और आसानी से उपलब्ध तंबाकू उत्पादों के कारण बच्चे नशे की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे अभिभावकों की चिंता लगातार बढ़ रही है। शिक्षकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि कम उम्र में धूम्रपान की यह आदत बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है। इसके साथ ही पढ़ाई से दूरी, अनुशासनहीनता और अन्य सामाजिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो इसका असर आने वाली पीढ़ी के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर पड़ सकता है। इस बढ़ती समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूलों और गांवों के आसपास नाबालिगों को तंबाकू एवं सिगरेट की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही विशेष जागरूकता अभियान चलाकर बच्चों और अभिभावकों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जाए। लोगों का मानना है कि परिवार, विद्यालय, समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से ही इस समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।1
- औरंगाबाद जिले के दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में 5 बेड वाले डायलिसिस सेंटर का शुभारंभ किया गया है। डीएम अभिलाषा शर्मा ने फीता काटकर इस नए डायलिसिस सेंटर का उद्घाटन किया। हसपुरा और औरंगाबाद क्षेत्र के दाउदनगर अनुमंडलीय अस्पताल में 5 बेड की क्षमता वाले इस डायलिसिस सेंटर की शुरुआत की गई है।1
- जंतर-मंतर पर चल रहे जनसंघर्ष के समर्थन और अलोकतांत्रिक पुलिसिया कार्रवाई, शिक्षा की दुर्दशा तथा असंवेदनशील व्यवस्था के विरोध में सिविल सोसायटी, आरा के तत्वावधान में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। बुधवार को आरा के जयप्रकाश स्मारक स्थित मुक्ताकाश मंच पर चल रहे इस प्रदर्शन में मुख्य आकर्षण "प्रतिरोध की कविताओं का पाठ" रहा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने जनतंत्र, सामाजिक न्याय, शिक्षा और नागरिक अधिकारों पर केंद्रित कविताओं का पाठ किया। इसमें नीलाम्बुज सरोज ने रमाशंकर यादव विद्रोही की कविता "औरतें", मंच संचालन करते हुए आशुतोष पाण्डेय और कुमार ने सुनील श्रीवास्तव की कविता "कविता का समय", कमलेश कुमार ने विजेंद्र अनिल की कविता "कहाँ हैं तुम्हारी फाइलें", जनार्दन मिश्र ने "सुनो तानाशाह कोई सुरक्षित नहीं", सुशील कुमार ने दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल, धर्मदेव कुमार ने विजेंद्र अनिल की कविता "सिलसिले", व्यास जी ने "भड़कता था शोला गोला अनल का", नंद किशोर यादव ने "तानाशाह", आमोद कुमार ने "हम आयेंगे, फिर लौटकर", डॉ लक्ष्मी कुमारी ने दिनकर जी की कविता "आग की भीख" तथा विजय मेहता ने दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल "ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दुहरा हुआ होगा" का पाठ किया। धरने को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जनतंत्र केवल चुनावों तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के शांतिपूर्ण प्रतिरोध, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सवाल पूछने के अधिकार से मजबूत होता है। कार्यक्रम में अध्यक्षीय संबोधन जेपी सेनानी नाथूराम ने दिया और धन्यवाद ज्ञापन अशोक मानव ने किया। इस दौरान डॉ सुरेंद्र प्रसाद, अचल कुमार प्रसाद, दीपक सिंह, पवन कुमार, धनंजय सिंह, कृष्ण मोहन ठाकुर, संतोष कुमार और महेंद्र शर्मा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षक, साहित्यकार एवं छात्र-युवा शामिल हुए। अंत में निर्णय लिया गया कि यह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन आगामी दिनों में भी प्रतिदिन प्रातः 11:00 बजे जयप्रकाश स्मारक, मुक्ताकाश मंच, आरा में जारी रहेगा।1
- उपचुनाव के दौरान चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कम से कम एक सीट पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग की गई है। इसमें चुनौती देते हुए कहा गया है कि एक सीट पर बैलेट पेपर से चुनाव कराकर देख लिया जाए, अगर जीत होती है तो सब सही है, नहीं तो सीधे तौर पर चोरी की जा रही है।1
- भोजपुर जिले के सहार स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत मंगलवार को 25 गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान चिकित्सकों की टीम ने महिलाओं के रक्तचाप, वजन और हीमोग्लोबिन समेत अन्य आवश्यक स्वास्थ्य पैमानों की जांच की और गर्भावस्था से जुड़ी स्वास्थ्य स्थिति का सटीक आकलन किया। जांच के बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने उपस्थित गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार लेने, नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य जांच कराने, समय पर आयरन व कैल्शियम की दवाएं खाने और संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके अलावा, गर्भावस्था के दौरान ध्यान में रखी जाने वाली आवश्यक सावधानियों के प्रति भी महिलाओं को जागरूक किया गया। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना, सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा देना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। प्रत्येक गर्भवती महिला तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए अभियान के तहत समय-समय पर इस तरह के जांच शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।1
- रोहतास के एसपी रोशन कुमार ने विभिन्न प्रकार के अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने और उनके निवारण के संबंध में ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं के साथ संवाद स्थापित किया है। इस संवाद के दौरान उन्होंने अपराध जागरूकता और सुरक्षा से जुड़ी कई अहम जानकारियां साझा कीं।1
- दिल्ली में एक पुलिस वाले द्वारा छात्र को गोली मारे जाने के बाद हंगामा खड़ा हो गया। गोली चलने की इस घटना से छात्र भड़क गए और उन्होंने पुलिस वाले को ही पीटना शुरू कर दिया। वहीं इस पूरी घटना को लेकर गोदी मीडिया की कवरेज पर सवाल उठाए जा रहे हैं कि वह मामले में क्या और कैसे दिखा रही है।1