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जीजा और साले ने लगाई आग सब लोगों करे मादा तो सही होगा जरूर बांदा जिले की गौरी कला गांव में साले के जीजा ने अपने जीजा के साथ लगाई आग जसपुरा की पुलिस सुन नहीं रही बात सब लोगों तक वीडियो बनाने पहुंचाइए सहायता कीजिए अगर कोई अपनी राय दे सकता है तो अपनी राय दे और ज्यादा से ज्यादा शेयर करो कि लोगो तक ये बात पहुंचे अपराधी पक्छ/ जीजा का नामा__पंकज विश्वकर्मा जीजा के जीजा का नाम__कौशल किशोर
Siddharth Vishwakarma
जीजा और साले ने लगाई आग सब लोगों करे मादा तो सही होगा जरूर बांदा जिले की गौरी कला गांव में साले के जीजा ने अपने जीजा के साथ लगाई आग जसपुरा की पुलिस सुन नहीं रही बात सब लोगों तक वीडियो बनाने पहुंचाइए सहायता कीजिए अगर कोई अपनी राय दे सकता है तो अपनी राय दे और ज्यादा से ज्यादा शेयर करो कि लोगो तक ये बात पहुंचे अपराधी पक्छ/ जीजा का नामा__पंकज विश्वकर्मा जीजा के जीजा का नाम__कौशल किशोर
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- बांदा जिले की गौरी कला गांव में साले के जीजा ने अपने जीजा के साथ लगाई आग जसपुरा की पुलिस सुन नहीं रही बात सब लोगों तक वीडियो बनाने पहुंचाइए सहायता कीजिए अगर कोई अपनी राय दे सकता है तो अपनी राय दे और ज्यादा से ज्यादा शेयर करो कि लोगो तक ये बात पहुंचे अपराधी पक्छ/ जीजा का नामा__पंकज विश्वकर्मा जीजा के जीजा का नाम__कौशल किशोर2
- हमीरपुर। शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित पूजा गेस्ट हाउस के बाहर बारातियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। इस दौरान लात-घूंसे चले और कुर्सियां भी फेंकी गईं। मारपीट के दौरान गेस्ट हाउस के सामने दुकान पर सामान खरीद रहे एक स्थानीय निवासी के सिर में पत्थर लग गया, जिससे वह घायल हो गया। बताया जा रहा है कि बारातियों के बीच आपसी विवाद के चलते यह झगड़ा हुआ, जिसकी चपेट में आकर स्थानीय व्यक्ति घायल हो गया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के पूजा गेस्ट हाउस का है। 🚨1
- मा.काशीराम जयंती पर कांग्रेस पार्टी ने कांशीराम के सामाजिक न्याय के संघर्ष को याद करते हुए उन्हें भारत रत्न देने की मांग उठाई।1
- बांदा के रामदा होटल में नेशनल एंटी करप्शन कमिटी आफ इंडिया के जिला इकाई के पदाधिकारी को प्रशस्ति पत्र और आई कार्ड देकर नियुक्त किया गया और उज्जवल भविष्य की कामना की1
- बबेरू ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत कुचेंदू ग्राम पंचायत मे बनी गौशाला में इस तरह की चिलचिलाती धूप और गर्मी से गौवंशों की प्यास से हालत खराब हो रही है। गौशाला में पानी पीने की व्यवस्थाएं पूरी तरह से धड़ाम है, जब इस विषय में ग्राम प्रधान कमलेश कुमार वर्मा से बातचीत की गई, तो बताया कि पिछले फरवरी माह से गौशाला में लगा समरसेबल खराब पड़ा है, कई बार ग्राम पंचायत अधिकारी पूजा सिंह व खंड विकास अधिकारी को लिखित में पत्र दे चुके हैं, और समस्या का समाधान कराए जाने की मांग किया है। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी अभी तक समरसेबल बन नहीं पाया है। जिससे गोवंशों को पीने के लिए तालाब से समरसेबल के माध्यम से पानी पीने के लिए भर व्यवस्था की जाती है,। वहीं ग्राम प्रधान कमलेश कुमार वर्मा ने ग्राम पंचायत अधिकारी पूजा सिंह के ऊपर गंभीर आरोप भी लगाया है, और कहा कि ग्राम पंचायत अधिकारी पूजा सिंह के द्वारा भूसा और अन्य सामग्री का भुगतान नहीं करवा रही हैं, जबकि ग्राम पंचायत के खाते में पर्याप्त धन करीब 11 लाख रुपए पड़ा हुआ है, और यह भी आरोप लगाया कि जब तक 50% कमीशन नहीं मिलेगा तब तक मैं भुगतान नहीं करूंगी, क्या कहा ग्राम प्रधान कमलेश वर्मा आप भी सुने1
- बांदा । जनपद में आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी, कालाबाजारी और कृत्रिम कमी को रोकने के लिए जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने रविवार को शहर के विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट और गैस एजेंसियों का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों की जांच कर गैस सिलेंडरों के उपयोग और वितरण व्यवस्था की पड़ताल की गई। जांच के दौरान साई दरबार रेस्टोरेंट में कुल 12 गैस सिलेंडर पाए गए, जिनमें 3 कमर्शियल और 9 घरेलू श्रेणी के सिलेंडर थे। रेस्टोरेंट में घरेलू गैस सिलेंडरों का उपयोग पाए जाने पर संचालक के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा सारंग होटल, कृष्णा स्वीट्स, सिग्नेचर और राजदरबार रेस्टोरेंट में भी जांच की गई। यहां उपयोग में लाए जा रहे सभी गैस सिलेंडर कमर्शियल श्रेणी के पाए गए और किसी भी प्रकार का घरेलू सिलेंडर परिसर में नहीं मिला। संयुक्त टीम ने संकल्प गैस एजेंसी और आराधना इंडेन गैस एजेंसी का भी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गैस वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और त्वरित बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान आराधना इंडेन गैस एजेंसी में मौजूद लोगों ने समय पर गैस न मिलने की शिकायत की। कुछ उपभोक्ताओं ने बताया कि टोकन किसी और के नाम पर जारी हुआ, जबकि गैस की डिलीवरी किसी अन्य व्यक्ति को कर दी गई। ऑनलाइन रिपोर्ट और भौतिक रिकॉर्ड में भी अंतर पाया गया, जिसके चलते एजेंसी संचालक के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है और अनियमितताओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में आवश्यक वस्तुओं, पेट्रोलियम उत्पादों और रसोई गैस की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और कहीं भी जमाखोरी, कालाबाजारी या घरेलू गैस के अवैध उपयोग की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें, ताकि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।1
- #Apkiawajdigital गाजियाबाद/दिल्ली | रविवार, 15 मार्च 2026 विशेष संवाददाता: किसी माता-पिता के लिए इससे हृदयविदारक क्षण क्या होगा कि वे अपने ही जिगर के टुकड़े को 'अंतिम विदाई' देने के लिए अस्पताल ले जाएं, यह जानते हुए कि अब वह कभी वापस नहीं लौटेगा। गाजियाबाद के लोनी निवासी हरीश राणा, जो पिछले 13 वर्षों से बिस्तर पर बेजान पड़े थे, रविवार को दिल्ली एम्स (AIIMS) पहुंचाए गए। यहां मेडिकल बोर्ड की देखरेख में उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम से हटाकर 'इच्छा मृत्यु' (पैसिव यूथेनेशिया) देने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। एक हादसे ने छीन ली थी मुस्कान घटना साल 2011 की है, जब हरीश चंडीगढ़ में पढ़ रहे थे। एक हादसे में वह चौथी मंजिल से गिर गए और उनके सिर में गंभीर चोट आई। तब से हरीश न बोल सके, न हिल सके। वह एक ऐसी स्थिति में पहुंच गए जिसे चिकित्सा विज्ञान में 'कोमा' कहा जाता है। देश के बड़े से बड़े अस्पताल हरीश को दोबारा खड़ा करने में नाकाम रहे। 13 साल की तपस्या और खाली होती तिजोरी हरीश के पिता अशोक राणा ने अपने बेटे को वापस पाने के लिए अपनी जिंदगी की हर पाई खर्च कर दी। मां ने 13 सालों तक साये की तरह अपने बेटे की सेवा की, उसे नहलाने से लेकर खिलाने तक का हर काम एक नवजात शिशु की तरह किया। लेकिन जब आर्थिक संसाधन पूरी तरह खत्म हो गए और हरीश की स्थिति में कोई सुधार नहीं दिखा, तो भारी मन से माता-पिता ने 'इच्छा मृत्यु' का कठिन विकल्प चुना। "सबको माफ करना, सबसे माफी मांगना..." रविवार की सुबह जब एम्बुलेंस हरीश को एम्स ले जाने के लिए उनके घर पहुंची, तो पूरा मोहल्ला फफक कर रो पड़ा। माता-पिता ने रुंधे गले और कांपते हाथों से अपने बेटे को विदा किया। सोशल मीडिया पर भी यह विदाई वायरल हो रही है, जहां लोग कह रहे हैं— "हरीश, अब सब कष्टों से मुक्त होकर जाओ।" कानूनी प्रक्रिया के तहत विदाई भारत में 'पैसिव यूथेनेशिया' (निष्क्रिय इच्छा मृत्यु) को सुप्रीम कोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी है। हरीश का मामला भी इसी कानूनी दायरे में आता है। एम्स के डॉक्टरों की टीम और कानूनी पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में अब हरीश को शांतिपूर्ण मृत्यु की ओर ले जाया जा रहा है। संपादकीय टिप्पणी: हरीश राणा की कहानी केवल एक मेडिकल केस नहीं है, बल्कि यह माता-पिता के निस्वार्थ प्रेम और हमारे देश की महंगी स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच पिसते आम आदमी की दास्तां भी है। 13 साल तक एक बेजान शरीर में जान तलाशने वाले इस परिवार का धैर्य वंदनीय है।1
- हमीरपुर: राठ कोतवाली क्षेत्र के सरसई गांव में नहीं थम रहा मिट्टी का अवैध खनन। रात के अंधेरे में धड़ल्ले से गरज रहा जेसीबी का पंजा, सैकड़ों ट्रैक्टरों में भरकर निकाली जा रही मिट्टी। बिना अनुमति हो रही खुदाई, सड़कों पर दौड़ रहे मिट्टी लदे ट्रैक्टर। पुलिस की नाक के नीचे फलफूल रहा मिट्टी का काला कारोबार। 🚜🚨1