चरवा में नकली लिक्विड यूरिया फैक्ट्री का भंडाफोड़* *पुलिस व कॉपीराइट टीम की संयुक्त कार्रवाई, भारी मात्रा में माल बरामद* कौशाम्बी। चरवा थाना क्षेत्र के पांसौर गांव में पुलिस और कॉपीराइट टीम ने संयुक्त छापेमारी कर नकली लिक्विड डीएलएफ यूरिया बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके से भारी मात्रा में नकली लिक्विड यूरिया,पैकिंग सामग्री,फर्जी लेबल, स्टिकर, रैपर और हजारों की संख्या में भरे और खाली डिब्बे बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार फैक्ट्री में एक नामी कंपनी के नाम का दुरुपयोग कर नकली लिक्विड डीएलएफ यूरिया तैयार किया जा रहा था। इसे असली उत्पाद बताकर किसानों और बाजार में बेचा जाता था। प्रारंभिक जांच में बड़े स्तर पर नकली उत्पाद बनाकर सप्लाई किए जाने की आशंका है। छापेमारी में ईआईपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के इन्वेस्टिगेटर पीयूष श्रीवास्तव और देवेंद्र प्रताप सिंह की टीम भी शामिल रही। सूचना मिलते ही कृषि विभाग, जीएसटी विभाग और कॉपीराइट विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने बरामद सभी सामान कब्जे में ले लिया है। फैक्ट्री संचालक के खिलाफ *कॉपीराइट एक्ट, जीएसटी एक्ट और आवश्यक वस्तु अधिनियम* के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच हो रही है। इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच में और तथ्य मिलने पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा।
चरवा में नकली लिक्विड यूरिया फैक्ट्री का भंडाफोड़* *पुलिस व कॉपीराइट टीम की संयुक्त कार्रवाई, भारी मात्रा में माल बरामद* कौशाम्बी। चरवा थाना क्षेत्र के पांसौर गांव में पुलिस और कॉपीराइट टीम ने संयुक्त छापेमारी कर नकली लिक्विड डीएलएफ यूरिया बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके से भारी मात्रा में नकली लिक्विड यूरिया,पैकिंग सामग्री,फर्जी लेबल, स्टिकर, रैपर और हजारों की संख्या में भरे और खाली डिब्बे बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार फैक्ट्री में एक नामी कंपनी के नाम का दुरुपयोग कर नकली लिक्विड डीएलएफ यूरिया तैयार किया जा रहा था। इसे असली उत्पाद बताकर किसानों और बाजार में बेचा जाता था। प्रारंभिक जांच में बड़े स्तर पर नकली उत्पाद बनाकर सप्लाई किए जाने की आशंका है। छापेमारी में ईआईपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के इन्वेस्टिगेटर पीयूष श्रीवास्तव और देवेंद्र प्रताप सिंह की टीम भी शामिल रही। सूचना मिलते ही कृषि विभाग, जीएसटी विभाग और कॉपीराइट विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने बरामद सभी सामान कब्जे में ले लिया है। फैक्ट्री संचालक के खिलाफ *कॉपीराइट एक्ट, जीएसटी एक्ट और आवश्यक वस्तु अधिनियम* के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच हो रही है। इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच में और तथ्य मिलने पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा।
- निषाद पार्टी से मिल सकता है संजय शुक्ला को बना सकते हैं उम्मीदवार सूत्रों की माने तो2
- रूस में टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है। 2026 में अब तक करीब 25 लाख पर्यटक रूस पहुंच चुके हैं। यह पिछले साल के मुकाबले 20% ज्यादा है। इसकी जानकारी एक रूसी अधिकारी ने दी। भारतीयों के लिए रूस जाना अब पहले से आसान हो गया है। टूरिस्ट ई-वीजा के लिए किसी इनविटेशन की जरूरत नहीं है। इसे करीब 4 दिन में हासिल किया जा सकता है। रूस का मतलब सिर्फ मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग नहीं है। यहां घूमने के लिए कई और खूबसूरत जगहें भी हैं।1
- एक तरफ आय दोगनी का दावा दूसरी तरफ यूरिया के लिए लाइन में किसान खाद के लिए मारामारी प्रयागराज। केंद्र और राज्य सरकार जहां किसानों की आय दोगुनी करने का बखान कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यूरिया खाद के लिए किसानों को घंटों लाइन में लगना पड़ रहा है। इसी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद किसानों में आक्रोश है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि धूप में सैकड़ों किसान बोरे लेकर खाद केंद्र के बाहर कतार में खड़े हैं। किसी के सिर पर गमछा है तो कोई छाता लगाकर घंटों से अपनी बारी का इंतजार कर रहा है। आरोप है कि खाद समय पर और पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रही, जिससे रबी की बुवाई प्रभावित हो रही है। किसानों का दर्द लाइन में लगे किसान ने वीडियो में कहा, "सरकार कहती है किसान की आय दोगुनी करेंगे। पहले समय पर खाद तो दे दो। सुबह 5 बजे से लगे हैं, नंबर ही नहीं आ रहा। काला बाजारी भी हो रही है।सोशल मीडिया पर गुस्सा वीडियो वायरल होते ही कमेंट में किसान अपनी परेशानी बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि "वादा बड़े-बड़े और हालात जमीनी स्तर पर खराब। खाद, बीज, डीजल महंगा और मिलता भी नहीं। क्या है मांग किसान संगठनों ने मांग की है: खाद की कालाबाजारी पर तुरंत रोक लगेहर सहकारी समिति और निजी दुकानों पर पर्याप्त यूरिया की सप्लाई हो पारदर्शी वितरणके लिए टोकन सिस्टम लागू हो इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने पर उन्होंने कहा कि मांग के अनुसार खाद की आपूर्ति कराई जा रही है और कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई होगी। सरकार के दावों और किसानों की जमीनी हकीकत के बीच का यह फर्क वायरल वीडियो के बाद एक बार फिर चर्चा में है।1
- दलित परिवार के घर में घुसकर मारपीट व जातिसूचक गाली-गलौज का आरोप, चार नामजद समेत अन्य पर एससी/एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप, खीरी पुलिस ने दर्ज की एफआईआर; एसीपी कौंधियारा को सौंपी गई विवेचना कोरांव, प्रयागराज। खीरी थाना क्षेत्र के बहरैचा पुरवा उचेहरा गांव में एक दलित परिवार के साथ कथित तौर पर घर में घुसकर मारपीट, जातिसूचक गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर खीरी पुलिस ने चार नामजद आरोपियों सहित कुछ अन्य अज्ञात लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं एवं अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले की जांच सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) कौंधियारा को सौंपी गई है। पुलिस के अनुसार, बहरैचा पुरवा उचेहरा गांव निवासी राहुल कुमार चमार पुत्र स्वर्गीय रामदास की शिकायत पर थाना खीरी में एफआईआर संख्या 0138/2026 दर्ज की गई। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि सोमवार 3 अगस्त की शाम करीब 8 बजे संतोष सिंह, अखिलेश सिंह, शशिदेव सिंह उर्फ अभयराज तथा कुछ अन्य लोग बाइक से उनके घर पहुंचे। शिकायत के अनुसार, आरोपित डंडा, कटवासा और तमंचे जैसे हथियारों से लैस थे। पीड़ित का आरोप है कि पुराने विवाद को लेकर आरोपियों ने घर के बाहर गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर घर में घुसकर उनके साथ मारपीट की। शोर सुनकर बीच-बचाव करने पहुंचे उनके बड़े भाई लाल बहादुर, मां मनगिरिया और पत्नी दिव्या भारती के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर पूरे परिवार का अपमान किया गया तथा गोली मारने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने अपनी तहरीर में यह भी उल्लेख किया है कि मुख्य आरोपी के विरुद्ध पहले से भी गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसके कारण उनका परिवार भय के माहौल में रह रहा है। उन्होंने पुलिस से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। खीरी पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना सहायक पुलिस आयुक्त (कौंधियारा) अब्दुस सलाम खान को सौंपी गई है। एसीपी कौंधियारा अब्दुस सलाम खान ने बताया कि प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना की जा रही है। घटनास्थल सहित अन्य साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस मामले में पीड़ित राहुल कुमार का घटना के संबंध में अपना पक्ष रखते हुए बनाया गया एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।4
- शिव मंदिर के त्रिशूल पर गिरी आकाशीय बिजली, गुंबद क्षतिग्रस्त बड़ा हादसा टला, मंदिर के ऊपरी हिस्से में पड़े दरार और काले निशान मेजा, प्रयागराज। मेजा थाना क्षेत्र के खौर गांव स्थित एक शिव मंदिर पर मंगलवार को बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से मंदिर का गुंबद क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। जानकारी के अनुसार मंगलवार गांव में स्थित शिव मंदिर के त्रिशूल पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली गिरते ही मंदिर का ऊपरी हिस्सा कई जगह से फट गया और वहां काले निशान पड़ गए। गांव निवासी लालचन्द्र ने बताया कि उन्होंने अपने घर के पास ही इस शिव मंदिर का निर्माण कराया है। मंदिर के ऊपरी हिस्से में त्रिशूल लगा हुआ है, जिस पर आकाशीय बिजली गिरी। उन्होंने बताया कि घटना के समय मंदिर परिसर में कोई भी श्रद्धालु मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद ग्रामीणों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना रहा। वहीं, मंदिर के क्षतिग्रस्त हिस्से को देखने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई।1
- चरवा में नकली लिक्विड यूरिया फैक्ट्री का भंडाफोड़* *पुलिस व कॉपीराइट टीम की संयुक्त कार्रवाई, भारी मात्रा में माल बरामद* कौशाम्बी। चरवा थाना क्षेत्र के पांसौर गांव में पुलिस और कॉपीराइट टीम ने संयुक्त छापेमारी कर नकली लिक्विड डीएलएफ यूरिया बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके से भारी मात्रा में नकली लिक्विड यूरिया,पैकिंग सामग्री,फर्जी लेबल, स्टिकर, रैपर और हजारों की संख्या में भरे और खाली डिब्बे बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार फैक्ट्री में एक नामी कंपनी के नाम का दुरुपयोग कर नकली लिक्विड डीएलएफ यूरिया तैयार किया जा रहा था। इसे असली उत्पाद बताकर किसानों और बाजार में बेचा जाता था। प्रारंभिक जांच में बड़े स्तर पर नकली उत्पाद बनाकर सप्लाई किए जाने की आशंका है। छापेमारी में ईआईपीआर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के इन्वेस्टिगेटर पीयूष श्रीवास्तव और देवेंद्र प्रताप सिंह की टीम भी शामिल रही। सूचना मिलते ही कृषि विभाग, जीएसटी विभाग और कॉपीराइट विभाग की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने बरामद सभी सामान कब्जे में ले लिया है। फैक्ट्री संचालक के खिलाफ *कॉपीराइट एक्ट, जीएसटी एक्ट और आवश्यक वस्तु अधिनियम* के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच हो रही है। इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच में और तथ्य मिलने पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जाएगा।1