खरीयान में आगजनी, 350 बोझा अरहर जलकर खाक, गरीब परिवार हताश कुंदा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव (टोला बरवहिया) में देर रात एक दर्दनाक आगजनी की घटना सामने आई है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित रूप से दुश्मनी साधने के उद्देश्य से खरीयान में रखे करीब 350 बोझा अरहर में आग लगा दी गई, जिससे पूरा अनाज जलकर राख हो गया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि पीड़ित मजदूर विदेशी भुईया ने अपनी मेहनत से तैयार अरहर को खरीयान में जमा कर रखा था। देर रात जब सभी लोग सो रहे थे, तभी अचानक आग की तेज लपटें उठने लगीं। आग की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। इस घटना में पीड़ित परिवार की महीनों की मेहनत पल भर में जलकर खाक हो गई। गरीब मजदूर परिवार के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यह आगजनी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आपसी रंजिश में की गई है। गांव में घटना के बाद से तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं अंचलाधिकारी से भी राहत सहायता उपलब्ध कराने की अपील की गई
खरीयान में आगजनी, 350 बोझा अरहर जलकर खाक, गरीब परिवार हताश कुंदा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव (टोला बरवहिया) में देर रात एक दर्दनाक आगजनी की घटना सामने आई है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित रूप से दुश्मनी साधने के उद्देश्य से खरीयान में रखे करीब 350 बोझा अरहर में आग लगा दी गई, जिससे पूरा अनाज जलकर राख हो गया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि पीड़ित मजदूर विदेशी भुईया ने अपनी मेहनत से तैयार अरहर को खरीयान में जमा कर रखा था। देर रात जब सभी लोग सो रहे थे, तभी अचानक आग की तेज लपटें उठने लगीं। आग की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। इस घटना में पीड़ित परिवार की महीनों की मेहनत पल भर में जलकर खाक हो गई। गरीब मजदूर परिवार के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यह आगजनी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आपसी रंजिश में की गई है। गांव में घटना के बाद से तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं अंचलाधिकारी से भी राहत सहायता उपलब्ध कराने की अपील की गई
- प्रतापपुर: झारखंड में पलायन की पीड़ा एक बार फिर एक परिवार पर भारी पड़ गई। रोजगार की तलाश में घर से दूर जा रहे एक युवक की दर्दनाक मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। प्रतापपुर के देवी मंडप रोड निवासी रौशन कुमार (पिता- समोच प्रसाद) चेन्नई जाने के क्रम में ट्रेन हादसे का शिकार हो गए। जानकारी के अनुसार, गुरुवार की शाम करीब 3 बजे चलती ट्रेन में संतुलन बिगड़ने के कारण वह नीचे गिर पड़े, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। रौशन कुमार घर की आर्थिक स्थिति सुधारने के उद्देश्य से चेन्नई जा रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जवान बेटे की असमय मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भी देखा जा रहा है। उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर होते, तो रौशन को घर छोड़कर बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती और शायद आज वह जीवित होता।1
- प्रतापपुर पुलिस की नाकेबंदी में फंसी अवैध शराब से भरी गाड़ी; 10 पेटी अंग्रेजी शराब और बीयर के साथ दो शातिर दबोचे गए!1
- Post by Vikash Kumar1
- झारखंड की आज की बड़ी खबरें 🚨 मौसम का बदला मिजाज 🌧️ हजारीबाग कांड पर सियासत गरम ⚡ सड़क हादसे, अपराध और बड़ी कार्रवाई 🚔 👉 हर अपडेट सबसे पहले, सिर्फ जनसंवाद न्यूज़ रेडियो पर1
- Post by Hindustan Express News1
- Post by गौतम चंद्रवंशी जी1
- पलामू जिले के पाटन प्रखंड अंतर्गत नावाजयपुर थाना क्षेत्र के नावाखास पंचायत में स्थित बिंदा बैंकवेट हॉल के बेसमेंट में संचालित एक अवैध क्लीनिक का भंडाफोड़ करते हुए प्रशासन ने उसे सील कर दिया। यह कार्रवाई प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी पाटन अमित कुमार झा के नेतृत्व में गुप्त सूचना के आधार पर की गई। औचक छापेमारी के दौरान करीब 5 घंटे तक चले निरीक्षण में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में पाया गया कि पंडवा निवासी सेवक मेहता नामक व्यक्ति बिना किसी मान्य चिकित्सा डिग्री के खुद को डॉक्टर बताकर वर्षों से क्लीनिक चला रहा था। निरीक्षण के दौरान भवन के अंदर एक पूर्ण रूप से संचालित प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थिएटर मिला। वहां सामान्य उपयोग के नाम पर कई प्रतिबंधित दवाएं भी रखी गई थीं। ऑपरेशन थिएटर की स्थिति देखकर अधिकारियों को संदेह हुआ कि यहां नियमित रूप से अवैध शल्य चिकित्सा और प्रसव कराए जा रहे थे। इसके अलावा, एक कमरे में एलोपैथिक दवाओं का बड़ा भंडार मिला, जबकि क्लीनिक के बाहर “दिशा आरोग्य धाम जयपुर आयुर्वेद संस्थान” का बोर्ड लगा हुआ था, जो भ्रामक जानकारी देने का प्रयास दर्शाता है। डॉक्टर के ओपीडी कक्ष से गर्भवती महिलाओं की कई अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट भी बरामद की गईं। मौके पर मौजूद दो अस्पताल कर्मियों से पूछताछ के दौरान उन्होंने शुरू में भ्रामक जानकारी दी, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर स्वीकार किया कि सेवक मेहता ने किसी प्रकार की चिकित्सा शिक्षा प्राप्त नहीं की है। जांच के बाद विस्तृत प्रतिवेदन तैयार करते हुए प्रशासन ने क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई के दौरान प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अमित आजाद,अवर पुलिस निरीक्षक वीरेंद्र कुमार मेहता सहित अन्य अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे गौरतलब है कि उपायुक्त पलामू समीरा एस के निर्देश पर जिले में अवैध क्लीनिकों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।1
- कुंदा थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव (टोला बरवहिया) में देर रात एक दर्दनाक आगजनी की घटना सामने आई है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा कथित रूप से दुश्मनी साधने के उद्देश्य से खरीयान में रखे करीब 350 बोझा अरहर में आग लगा दी गई, जिससे पूरा अनाज जलकर राख हो गया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि पीड़ित मजदूर विदेशी भुईया ने अपनी मेहनत से तैयार अरहर को खरीयान में जमा कर रखा था। देर रात जब सभी लोग सो रहे थे, तभी अचानक आग की तेज लपटें उठने लगीं। आग की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था। इस घटना में पीड़ित परिवार की महीनों की मेहनत पल भर में जलकर खाक हो गई। गरीब मजदूर परिवार के सामने अब आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यह आगजनी किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आपसी रंजिश में की गई है। गांव में घटना के बाद से तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोगों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। वहीं अंचलाधिकारी से भी राहत सहायता उपलब्ध कराने की अपील की गई1