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सागर जहरीली शराब कांड के दूसरे आरोपी का भी आज शॉर्ट एनकाउंटर किया गया है। ऐसे में अब हमारे राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। अब हर अपराधी के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Govardhan kushwaha
सागर जहरीली शराब कांड के दूसरे आरोपी का भी आज शॉर्ट एनकाउंटर किया गया है। ऐसे में अब हमारे राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है। अब हर अपराधी के खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा ग्राम चौदस में ड्रेसिंग टेबल के नीचे छुपा बैठा था 5 फीट लंबा कोबरा सर्पमित्र ने सुरक्षित रेस्क्यू कर टाला बड़ा हादसा, पलंग पर खेल रहे थे मासूम 15 सितंबर मंगलवार 12 बजे सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने बताया कि बबलिया मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम चौदस निवासी बैजू यादव के घर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब श्रृंगार करते समय उनकी पत्नी को ड्रेसिंग टेबल के नीचे एक इंडियन कोबरा (नाग) दिखा। पास ही पलंग पर बच्चे खेल रहे थे। महिला ने तुरंत पति को सूचना दी, जिसके बाद बैजू यादव निवास के सर्पमित्र रंजीत ठाकुर को सूचना दी और अपने साथ उन्हें मौके पर लेकर आए। सर्पमित्र रंजीत ठाकुर ने सूझबूझ से कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे जंगल में छोड़ दिया। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के चक्कर में समय न गंवाएं, सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाएं।1
- देश का विरोध कांग्रेस के DNA में है। जब भारत की दुनिया में प्रशंसा हो रही है, तब कांग्रेस को उसमें भी बुराई खोजनी है। नाराज फूफाओं को तो हर खुशी में खोट ढूंढने का बहाना चाहिए।........ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान1
- धान में पीलेपन और झुलसने से किसान चिंतित, चूसक कीटों का बढ़ा प्रकोप* *कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने किसानों को किया सतर्क, एक एकड़ में 12 स्प्रे पंप के अनुसार दवा छिड़काव की सलाह* डिंडौरी। जिले में इन दिनों धान की फसल में पीलापन आने और पौधों के झुलसने की समस्या सामने आ रही है। खेतों में रस चूसक कीटों, विशेषकर भूरा एवं सफेद फुदका के प्रकोप से धान के पौधे कमजोर होकर पीले पड़ रहे हैं। कीट पौधों के निचले हिस्से से रस चूसकर फसल को नुकसान पहुंचा रहे हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र डिंडौरी के *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. पी.एल. अंबूलकर* ने किसानों को धान की फसल की नियमित निगरानी करने तथा कीटों का प्रकोप दिखाई देने पर समय रहते नियंत्रण के उपाय करने की सलाह दी है। दो दवाओं में से किसी एक का ही करें छिड़काव डॉ. अंबूलकर द्वारा दी गई सलाह के अनुसार चूसक कीटों के नियंत्रण के लिए एक एकड़ क्षेत्र में 12 स्प्रे पंप के हिसाब से निम्न में से किसी एक दवा का उपयोग किया जा सकता है— थायमेथोक्सम 25 WG — 80 ग्राम प्रति एकड़ इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL — लगभग 60 मिलीलीटर प्रति एकड़ किसानों को विशेष रूप से ध्यान रखना है कि दोनों दवाओं का एक साथ उपयोग नहीं करना है। दोनों में से किसी एक दवा का ही अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि दवा का छिड़काव कीटों की स्थिति देखकर और अनुशंसित मात्रा में ही करें। बिना विशेषज्ञ की सलाह के अलग-अलग रसायनों को मिलाकर छिड़काव न करें तथा दवा के लेबल पर दिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। अधिक प्रकोप होने पर दोबारा छिड़काव *वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. गीता सिंह* ने कृषकों को सलाह देते हुए बताया कि यदि फसल में कीटों का प्रकोप अधिक रहता है तो मौसम की स्थिति को देखते हुए 10 से 15 दिन बाद दोबारा छिड़काव किया जा सकता है। हालांकि अनावश्यक रूप से बिना परामर्श रसायनों का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे फसल को नुकसान पहुंच सकता है। नीमास्त्र और जीवामृत के उपयोग की सलाह कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक उपायों को भी अपनाने की सलाह दी है। किसानों से नीमास्त्र तैयार कर उसका उपयोग करने तथा खाद के रूप में जीवामृत का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इससे फसल प्रबंधन में रासायनिक दवाओं पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। फसल की लगातार निगरानी जरूरी विशेषज्ञों ने किसानों से कहा है कि धान के खेतों में लगातार निगरानी रखें। जहां पौधों में अचानक पीलापन, झुलसने के लक्षण या चूसक कीटों की संख्या बढ़ती दिखाई दे, वहां तत्काल कृषि विशेषज्ञ या कृषि विभाग से सलाह लेकर नियंत्रण उपाय करें। समय पर कीटों का नियंत्रण नहीं होने पर धान की पैदावार प्रभावित हो सकती है।1
- कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने जिलेवासियों से अपील की है कि स्वामित्व योजना के तहत अपने संपत्ति संबंधी अधिकारों का अभिलेख एवं पंजीयन अवश्य कराएं। यह योजना ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का वैध स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि निर्धारित प्रक्रिया में सहयोग करते हुए आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन की कार्रवाई समय पर पूर्ण कराएं। स्वामित्व अधिकार मिलने से संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आएगी और ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति का सुरक्षित एवं वैध अधिकार प्राप्त होगा।1
- ग्राम पंचायत करोंदी में स्वच्छता अभियान की सराहनीय पहल स्थान: ग्राम पंचायत करोंदी ग्राम पंचायत करोंदी में राष्ट्रव्यापी 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव को स्वच्छ, सुंदर और रोगमुक्त बनाना है।1
- सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- होटल-रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, गंदगी और एक्सपायरी सामग्री मिली सिवनी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने 13 एवं 14 सितंबर को जिले के 9 होटल, रेस्टोरेंट और खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगह साफ-सफाई में कमी, खाद्य सामग्री के अनुचित भंडारण, एक्सपायरी सामग्री और अन्य खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिला। रूखड़ के जंगल कैंप रिजॉर्ट, वनराज रिजॉर्ट खवासा, द सोल ट्री रिजॉर्ट कोहका और न्यू हिमांशु रेस्टोरेंट खवासा में विभिन्न कमियां मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 32 के तहत सुधार सूचना पत्र जारी किए गए। विभाग ने स्पष्ट किया कि खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे।1
- मां एचपी गैस एजेंसी बकोरी की मनमानी, एजेंसी बंद मिलने से भड़के उपभोक्ता मां एचपी गैस एजेंसी बकोरी की मनमानी, एजेंसी बंद मिलने से भड़के उपभोक्ता एजेंसी पर नियमों की अनदेखी, सिलेंडर व ई-केवाईसी के नाम पर ग्रामीणों के शोषण का आरोप बबलिया के उपभोक्ता बकोरी स्थित मां एचपी गैस एजेंसी की मनमानी से त्रस्त हैं। बबलिया के उपभोक्ता प्रहलाद वरकड़े, बाबूलाल यादव, मिलन सिंह सहित दर्जनों उपभोक्ता 15 सितंबर मंगलवार 12 बजे से लाइन में खड़े रहे, लेकिन एजेंसी बंद मिली। यहां तक कि सिलेंडर खाली करने आए ट्रक चालक भी घंटों इंतजार करते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन के नियमों को ताक पर रखकर घर-घर आपूर्ति के बजाय लोगों को रोज चक्कर कटवाए जा रहे हैं। मनमाने दामों पर गैस बेचने और नि:शुल्क ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है; पैसे न देने पर दिनभर बैठाकर परेशान किया जाता है। आदिवासी व ग्रामीण उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से एजेंसी संचालक पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।1