घर पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पोती को छोड़ने आई बुजुर्ग महिला पर गेट गिरने से मौत विभाग की लापरवाही से आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेखा देवी अपने ही घर पर चला रही थी आंगनवाड़ी केन्द्र। गांव की महिला शबाना बानो अपनी छह वर्ष की पोती को पढ़ने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्री के घर पर छोड़ने गई थी । आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेखा देवी के घर लगा लोहे का भारी भरकम मेन गेट 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला के मौत का कारण बन गया। शबाना बानो अपनी पोती को लेकर रेखा देवी के घर मेंन गेट पर पहुंची थी कि अचानक शबाना बानो के सर पर लोहे का गेट गिर पड़ा जिससे शबाना बानो की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही थाना सफदरगंज की पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुटी। मृतक महिला शबाना बानो उम्र लगभग 65 वर्ष पति अकबर अली निवासिनी ग्राम चक ग्राम पंचायत बांसा। घटना थाना सफदरगंज विकास खण्ड मसौली ग्राम पंचायत बांसा के चक गांव की है। अब जांच का विषय यह है कि आंगनवाड़ी केन्द्र निजी आवास पर रेखा देवी अपने मन से चला रहीं थीं या किसी अधिकारी के कहने पर? रिपोर्ट - मनोज शुक्ला बाराबंकी
घर पर संचालित आंगनबाड़ी केंद्र पोती को छोड़ने आई बुजुर्ग महिला पर गेट गिरने से मौत विभाग की लापरवाही से आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेखा देवी अपने ही घर पर चला रही थी आंगनवाड़ी केन्द्र। गांव की महिला शबाना बानो अपनी छह वर्ष की पोती को पढ़ने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्री के घर पर छोड़ने गई थी । आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेखा देवी के घर लगा लोहे का भारी भरकम मेन गेट 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला के मौत का कारण बन गया। शबाना बानो अपनी पोती को लेकर रेखा देवी के घर मेंन गेट पर पहुंची थी कि अचानक शबाना बानो के सर पर लोहे का गेट गिर पड़ा जिससे शबाना बानो की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही थाना सफदरगंज की पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुटी। मृतक महिला शबाना बानो उम्र लगभग 65 वर्ष पति अकबर अली निवासिनी ग्राम चक ग्राम पंचायत बांसा। घटना थाना सफदरगंज विकास खण्ड मसौली ग्राम पंचायत बांसा के चक गांव की है। अब जांच का विषय यह है कि आंगनवाड़ी केन्द्र निजी आवास पर रेखा देवी अपने मन से चला रहीं थीं या किसी अधिकारी के कहने पर? रिपोर्ट - मनोज शुक्ला बाराबंकी
- विभाग की लापरवाही से आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेखा देवी अपने ही घर पर चला रही थी आंगनवाड़ी केन्द्र। गांव की महिला शबाना बानो अपनी छह वर्ष की पोती को पढ़ने के लिए आंगनवाड़ी कार्यकत्री के घर पर छोड़ने गई थी । आंगनबाड़ी कार्यकत्री रेखा देवी के घर लगा लोहे का भारी भरकम मेन गेट 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला के मौत का कारण बन गया। शबाना बानो अपनी पोती को लेकर रेखा देवी के घर मेंन गेट पर पहुंची थी कि अचानक शबाना बानो के सर पर लोहे का गेट गिर पड़ा जिससे शबाना बानो की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही थाना सफदरगंज की पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल में जुटी। मृतक महिला शबाना बानो उम्र लगभग 65 वर्ष पति अकबर अली निवासिनी ग्राम चक ग्राम पंचायत बांसा। घटना थाना सफदरगंज विकास खण्ड मसौली ग्राम पंचायत बांसा के चक गांव की है। अब जांच का विषय यह है कि आंगनवाड़ी केन्द्र निजी आवास पर रेखा देवी अपने मन से चला रहीं थीं या किसी अधिकारी के कहने पर? रिपोर्ट - मनोज शुक्ला बाराबंकी1
- लखनऊ पारा के भपटामऊ गांव में 55 वर्षी ने खुद को गोली मारकर की खुदकुशी लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र स्थित भपटामऊ गांव में सनसनीखेज मामला सामने आया है सरदार कप्तान सिंह ने अपने ही राइफल से बंद कमरे में गोली मार ली जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल यहाँ सरदार कप्तान सिंह जिनकी उम्र लगभग (55) वर्ष बताई जा रही है जिन्होंने बंद कमरे में अपनी ही राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली मौके पर राइफल पुलिस ने बरामद की गोली की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने उसे लहूलुहान हालत में देखा लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है कि आखिर सरदार कप्तान सिंह ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया1
- संवाददाता रवि रावत लोकेशन बाराबंकी बाराबंकी के क्षेत्र स्थित कंजियापुर गांव में एक पागल कुत्ते के हमले से दहशत फैल गई। इस घटना में 85 वर्षीय वृद्ध महिला कँचाना गंभीर रूप से घायल हो गईं। कुत्ते ने तीन-चार अन्य लोगों को भी काटकर जख्मी किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पड़ोसी गांव में भी रहने वाले कुछ अन्य लोगों को भी कुत्ते ने निशाना बनाया है। जानकारी के अनुसार, कँचाना पत्नी मूलचंद अपने घर के पीछे छांव में बैठी थीं। तभी अचानक एक पागल कुत्ते ने उन पर हमला कर दिया। कुत्ते ने उन्हें कई जगह काटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। कंचन के चिल्लाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और कुत्ते को भगाया। घटना के बाद परिजन और ग्रामीण कंचन को तुरंत निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहपुर ले गए। वहां चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। डॉक्टरों के अनुसार, कंचन के शरीर पर कई गहरे जख्म थे, जिन पर लगभग 10 टांके लगाए गए हैं। उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें आवश्यक दवाएं व एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिए गए हैं।1
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- जमीनी विवाद में सुनवाई न होने से नाराज महंत ने ली जिंदा समाधि1
- गर्मी 🥵 में गर्म होता उत्तर प्रदेश की राजनीति का पारा 📍 यूपी के गाजीपुर में ये पत्थरबाजी हो रही है. यहां आज अखिलेश यादव की पार्टी का डेलिगेशन एक पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा है. लेकिन परिवार से मिलने से पहले ही डेलिगेशन पर हमला हो गया. दरअसल, पिछले दिनों यहाँ निशा विश्वकर्मा नाम की युवती की लाश मिली थी. इसी मामले को लेकर सपा का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा है. सपा के पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा का सिर फूट गया है. कई घायल है. कई पुलिसकर्मी को भी गंभीर चोटें आई ✍🏻1
- संवाददाता रवि रावत बाराबंकी के फतेहपुर में हिदायतपुर गांव में आग से प्रभावित हुए परिवारों की मदद के लिए आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के निर्देश पर पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य शानेंद्र वर्मा गुरुवार को मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की। साथ ही जरूरतमंदों को राशन सामग्री भी वितरित की। गौरतलब है कि बुधवार को गांव में अचानक लगी भीषण आग ने तीन परिवारों को प्रभावित किया था। आग की शुरुआत राम सजीवन के छप्परनुमा घर से हुई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और देखते ही देखते पड़ोसी जगदीश प्रसाद व रामू के घरों को भी अपनी चपेट में ले लिया। ग्रामीणों ने बाल्टियों और अन्य संसाधनों के जरिए आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन लपटों की तीव्रता के सामने सभी प्रयास विफल साबित हुए। इस अग्निकांड में राम सजीवन का करीब 50 हजार रुपये नकद, कपड़े, अनाज और महत्वपूर्ण कागजात जलकर राख हो गए। वहीं जगदीश प्रसाद के यहां बेटी की शादी के लिए बड़ी मेहनत से जुटाया गया सामान- पांच बोरी चावल, तीन बोरी गेहूं, चार बोरी सरसों, दस बोरी धान, एक ठेला और जरूरी कागजात - भी पूरी तरह नष्ट हो गया। इसके अलावा रामू का छप्परनुमा घर, अनाज, कपड़े, जेवरात और अन्य घरेलू सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। इस भीषण आगजनी के बाद तीनों परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। उनके सामने खाने-पीने से लेकर रोजमर्रा के जीवनयापन तक का संकट खड़ा हो गया है। घटना के बाद गांव के प्रधान बलराज यादव ने राम सजीवन व जगदीश प्रसाद को पांच-पांच हजार रुपये का सहयोग दिया था। गांव में घटना के बाद से शोक और चिंता का माहौल है, वहीं लोग पीड़ितों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं।1