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मथुरा में 2 करोड़ 4 लाख की साइबर ठगी का खुलासा | डिजिटल अरेस्ट गैंग के 5 ठग गिरफ्तार

10 hrs ago
user_EN Daily National
EN Daily National
Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
10 hrs ago

मथुरा में 2 करोड़ 4 लाख की साइबर ठगी का खुलासा | डिजिटल अरेस्ट गैंग के 5 ठग गिरफ्तार

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • Post by विजय कुमार
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    Post by विजय कुमार
    user_विजय कुमार
    विजय कुमार
    Deoria, Uttar Pradesh•
    4 hrs ago
  • म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के... ? बीच सड़क आपस में भिड़ गई लड़कियां हरियाणा के करनाल में आईटीआई की छात्राएं बताई जा रही हैं.
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    म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के... ?
बीच सड़क आपस में भिड़ गई लड़कियां
हरियाणा के करनाल में आईटीआई की छात्राएं बताई जा रही हैं.
    user_Times Update
    Times Update
    Journalist कुशी नगर, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • लेखपाल की मृत्यु के बाद परिवार रजिस्टर बना विवाद की जड़, युवती के वैवाहिक दर्जे पर सवाल अम्बेडकरनगर। विकास खंड रामनगर की ग्राम सभा शेखपुर मलपुरा में परिवार रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों को लेकर उठा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वर्गीय सत्यनारायण, जो राजस्व विभाग में लेखपाल पद पर कार्यरत रह चुके थे, की मृत्यु के बाद उनकी पुत्री अर्चना के वैवाहिक दर्जे को लेकर गांव और प्रशासन के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। अर्चना का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद गांव की एक महिला ने स्वयं को सत्यनारायण की पत्नी बताते हुए परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज करा लिया, जबकि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसी कथित गलत प्रविष्टि के बाद सत्यनारायण की चल-अचल संपत्ति को लेकर विवाद लगातार गहराता चला गया। वैवाहिक स्थिति बनी विवाद की धुरी अर्चना के वैवाहिक होने या न होने को लेकर गांव में दो स्पष्ट धड़े बन चुके हैं। एक पक्ष में ग्राम सभा के वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान और अर्चना के मामा सहित 13 लोग शामिल हैं, जो अर्चना को विवाहित बता रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, गांव में आयोजित खुली बैठक में 26 ग्रामीणों ने अर्चना को अविवाहित बताते हुए समर्थन दिया, जिससे पूरे मामले में विरोधाभास सामने आया है। तीन वर्षों से नहीं सुलझ सका मामला अर्चना का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से अपना नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कराने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर विकास खंड कार्यालय तक के चक्कर काट रही है। हर बार जांच और विचार का आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। अर्चना का तर्क है कि यदि उसे विवाहित बताया जा रहा है तो संबंधित पक्ष को विवाह से जुड़े प्रमाण—जैसे विवाह पंजीकरण, पति का विवरण या अन्य वैधानिक दस्तावेज—प्रस्तुत करने चाहिए। उसका दावा है कि आज तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आ सका है। नियमों की अनदेखी का आरोप पंचायत और राजस्व नियमों के अनुसार परिवार रजिस्टर में किसी भी नाम को जोड़ने या संशोधित करने से पहले दस्तावेजी साक्ष्य और विधिवत सत्यापन आवश्यक होता है। ऐसे में बिना स्पष्ट प्रमाण के प्रविष्टि किए जाने के आरोप प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला जानकारों के अनुसार, सत्यनारायण के पास सरकारी सेवा के साथ-साथ पर्याप्त चल और अचल संपत्ति थी। परिवार रजिस्टर में प्रविष्टियों के आधार पर ही संपत्ति के उत्तराधिकार का निर्धारण होता है, इसलिए यह विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर हो गया है। निष्पक्ष जांच की मांग गांव के लोगों और अर्चना ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, तब तक न केवल परिवार रजिस्टर बल्कि संपत्ति संबंधी विवाद भी सुलझ नहीं पाएगा। फिलहाल यह मामला ग्राम सभा की सीमाओं से निकलकर प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और महिला के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक नियमों के अनुसार कार्रवाई कर इस विवाद पर विराम लगाते हैं।
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    लेखपाल की मृत्यु के बाद परिवार रजिस्टर बना विवाद की जड़, युवती के वैवाहिक दर्जे पर सवाल
अम्बेडकरनगर।
विकास खंड रामनगर की ग्राम सभा शेखपुर मलपुरा में परिवार रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों को लेकर उठा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। स्वर्गीय सत्यनारायण, जो राजस्व विभाग में लेखपाल पद पर कार्यरत रह चुके थे, की मृत्यु के बाद उनकी पुत्री अर्चना के वैवाहिक दर्जे को लेकर गांव और प्रशासन के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
अर्चना का आरोप है कि पिता की मृत्यु के बाद गांव की एक महिला ने स्वयं को सत्यनारायण की पत्नी बताते हुए परिवार रजिस्टर में अपना नाम दर्ज करा लिया, जबकि इसका कोई वैधानिक आधार नहीं है। इसी कथित गलत प्रविष्टि के बाद सत्यनारायण की चल-अचल संपत्ति को लेकर विवाद लगातार गहराता चला गया।
वैवाहिक स्थिति बनी विवाद की धुरी
अर्चना के वैवाहिक होने या न होने को लेकर गांव में दो स्पष्ट धड़े बन चुके हैं।
एक पक्ष में ग्राम सभा के वर्तमान प्रधान, पूर्व प्रधान और अर्चना के मामा  सहित 13 लोग शामिल हैं, जो अर्चना को विवाहित बता रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, गांव में आयोजित खुली बैठक में 26 ग्रामीणों ने अर्चना को अविवाहित बताते हुए समर्थन दिया, जिससे पूरे मामले में विरोधाभास सामने आया है।
तीन वर्षों से नहीं सुलझ सका मामला
अर्चना का कहना है कि वह पिछले तीन वर्षों से अपना नाम परिवार रजिस्टर में दर्ज कराने के लिए ग्राम पंचायत से लेकर विकास खंड कार्यालय तक के चक्कर काट रही है। हर बार जांच और विचार का आश्वासन तो मिला, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया।
अर्चना का तर्क है कि यदि उसे विवाहित बताया जा रहा है तो संबंधित पक्ष को विवाह से जुड़े प्रमाण—जैसे विवाह पंजीकरण, पति का विवरण या अन्य वैधानिक दस्तावेज—प्रस्तुत करने चाहिए। उसका दावा है कि आज तक ऐसा कोई प्रमाण सामने नहीं आ सका है।
नियमों की अनदेखी का आरोप
पंचायत और राजस्व नियमों के अनुसार परिवार रजिस्टर में किसी भी नाम को जोड़ने या संशोधित करने से पहले दस्तावेजी साक्ष्य और विधिवत सत्यापन आवश्यक होता है। ऐसे में बिना स्पष्ट प्रमाण के प्रविष्टि किए जाने के आरोप प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला
जानकारों के अनुसार, सत्यनारायण के पास सरकारी सेवा के साथ-साथ पर्याप्त चल और अचल संपत्ति थी। परिवार रजिस्टर में प्रविष्टियों के आधार पर ही संपत्ति के उत्तराधिकार का निर्धारण होता है, इसलिए यह विवाद अब कानूनी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर गंभीर हो गया है।
निष्पक्ष जांच की मांग
गांव के लोगों और अर्चना ने प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दस्तावेजों के आधार पर निर्णय लेने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होगी, तब तक न केवल परिवार रजिस्टर बल्कि संपत्ति संबंधी विवाद भी सुलझ नहीं पाएगा।
फिलहाल यह मामला ग्राम सभा की सीमाओं से निकलकर प्रशासनिक व्यवस्था की पारदर्शिता और महिला के अधिकारों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन चुका है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी कब तक नियमों के अनुसार कार्रवाई कर इस विवाद पर विराम लगाते हैं।
    user_Anubhavi Aankhen
    Anubhavi Aankhen
    Journalist अल्लापुर, अंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • raunapar power house ke antargat Hyderabad Gram Sabha primary school ke nikat jarjar LT tar Aaye Din 11000 Mein Satna Sathi Bade Agjane ka Karan banaa Hua Hai Kai bar complaint karne se bhi Prashasnik karyvahi Nahin Ki ja rahi
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    raunapar power house ke antargat Hyderabad Gram Sabha primary school ke nikat jarjar LT tar Aaye Din 11000 Mein Satna Sathi Bade Agjane ka Karan banaa Hua Hai Kai bar complaint karne se bhi Prashasnik karyvahi Nahin Ki ja rahi
    user_Sanatani Bageshwar Dham Sarkar
    Sanatani Bageshwar Dham Sarkar
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    40 min ago
  • महराजगंज में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कौशल विकास मिशन और आईटीआई से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में रोजगार मेलों की पारदर्शिता, छात्रवृत्ति और युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार देने पर जोर दिया गया। प्रशासन के इस कदम से जिले के युवाओं को बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है।
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    महराजगंज में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। 
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा की अध्यक्षता में कौशल विकास मिशन और आईटीआई से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा बैठक हुई। 
बैठक में रोजगार मेलों की पारदर्शिता, छात्रवृत्ति और युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार देने पर जोर दिया गया। प्रशासन के इस कदम से जिले के युवाओं को बेहतर भविष्य की उम्मीद जगी है।
    user_Aapan Maharajganj
    Aapan Maharajganj
    Newspaper publisher नौतनवा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by समाचार बिकेगा नहीं दिखेगा
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    Post by समाचार बिकेगा नहीं दिखेगा
    user_समाचार बिकेगा नहीं दिखेगा
    समाचार बिकेगा नहीं दिखेगा
    Journalist आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2 करोड़ की ठगी! मथुरा साइबर पुलिस ने किया बड़े गैंग का पर्दाफाश
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    डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2 करोड़ की ठगी! मथुरा साइबर पुलिस ने किया बड़े गैंग का पर्दाफाश
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • रिश्तों में डबल स्टैंडर्ड क्यों? एक कड़वा लेकिन ज़रूरी सवाल आज भी हमारे समाज में रिश्ता तय करते समय सबसे पहले लड़की के रंग-रूप खूबसूरती और शरीर पर चर्चा शुरू हो जाती है। रंग साफ़ है या नहीं? दिखने में कैसी है? फोटो भेजिए ज़रा… लेकिन सवाल ये है कि जब यही कसौटी लड़के पर लागू की जाए, तो लोग असहज क्यों हो जाते हैं? जब लड़के वालों ने लड़की के रंग पर टिप्पणी की, तो लड़की वालों ने भी लड़के के फिज़िकल स्टैंडर्ड पर सवाल उठा दिए। अचानक माहौल बदल गया। जो बात पहले नॉर्मल लग रही थी, वही अब गलत और अपमानजनक लगने लगी। दूसरों की कमियाँ निकालना आसान होता है, लेकिन जब वही आईना अपनी तरफ़ घुमा दिया जाए तो सच्चाई चुभने लगती है। रिश्ता कोई प्रोडक्ट नहीं रिश्ता कोई मार्केट का सामान नहीं है जिसे रंग, कद, वजन या लुक्स के आधार पर पास-फेल किया जाए। रिश्ता दो इंसानों की सोच, संस्कार, समझ और इज्ज़त से बनता है। अगर लड़की को परखा जाएगा, तो लड़का भी परखा जाएगा। बराबरी चाहिए तो सोच में भी बराबरी लानी होगी। जब तक हम सिर्फ लड़की से परफेक्ट होने की उम्मीद रखते रहेंगे तब तक रिश्ते नहीं सौदे होते रहेंगे। अब सवाल आपसे ▪️ क्या रिश्ता तय करते वक्त सिर्फ लुक्स देखना सही है? ▪️ क्या लड़की वालों का यह जवाब समाज को सोचने पर मजबूर करता है? ▪️ क्या अब समय नहीं आ गया कि हम डबल स्टैंडर्ड छोड़ें?
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    रिश्तों में डबल स्टैंडर्ड क्यों?  एक कड़वा लेकिन ज़रूरी सवाल
आज भी हमारे समाज में रिश्ता तय करते समय सबसे पहले लड़की के रंग-रूप खूबसूरती और शरीर पर चर्चा शुरू हो जाती है।
रंग साफ़ है या नहीं?
दिखने में कैसी है?
फोटो भेजिए ज़रा…
लेकिन सवाल ये है कि जब यही कसौटी लड़के पर लागू की जाए, तो लोग असहज क्यों हो जाते हैं?
जब लड़के वालों ने लड़की के रंग पर टिप्पणी की, तो लड़की वालों ने भी लड़के के फिज़िकल स्टैंडर्ड पर सवाल उठा दिए। 
अचानक माहौल बदल गया। जो बात पहले  नॉर्मल लग रही थी, वही अब गलत और अपमानजनक लगने लगी।
दूसरों की कमियाँ निकालना आसान होता है,
लेकिन जब वही आईना अपनी तरफ़ घुमा दिया जाए
तो सच्चाई चुभने लगती है।
रिश्ता कोई प्रोडक्ट नहीं
रिश्ता कोई मार्केट का सामान नहीं है
जिसे रंग, कद, वजन या लुक्स के आधार पर पास-फेल किया जाए।
रिश्ता दो इंसानों की सोच, संस्कार, समझ और इज्ज़त से बनता है।
अगर लड़की को परखा जाएगा,
तो लड़का भी परखा जाएगा।
बराबरी चाहिए तो सोच में भी बराबरी लानी होगी।
जब तक हम सिर्फ लड़की से परफेक्ट होने की उम्मीद रखते रहेंगे
तब तक रिश्ते नहीं सौदे होते रहेंगे।
अब सवाल आपसे
▪️ क्या रिश्ता तय करते वक्त सिर्फ लुक्स देखना सही है?
▪️ क्या लड़की वालों का यह जवाब समाज को सोचने पर मजबूर करता है?
▪️ क्या अब समय नहीं आ गया कि हम डबल स्टैंडर्ड छोड़ें?
    user_Times Update
    Times Update
    Journalist कुशी नगर, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • महराजगंज से बड़ी खबर! भारत-नेपाल सीमा पर संगठित खाद तस्करी का खेल बेखौफ जारी है। भारत में 266 रुपये में मिलने वाली यूरिया नेपाल में 500–600 रुपये में बेची जा रही है। साइकिल, बाइक और ई-रिक्शा से सीमा पार कराई जा रही खाद, छोटे कैरियर पकड़े जाते हैं लेकिन असली सरगना अब भी कानून से बाहर। प्रशासन की कार्रवाई पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल।
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    महराजगंज से बड़ी खबर! भारत-नेपाल सीमा पर संगठित खाद तस्करी का खेल बेखौफ जारी है। 
भारत में 266 रुपये में मिलने वाली यूरिया नेपाल में 500–600 रुपये में बेची जा रही है।
साइकिल, बाइक और ई-रिक्शा से सीमा पार कराई जा रही खाद, छोटे कैरियर पकड़े जाते हैं लेकिन असली सरगना अब भी कानून से बाहर। प्रशासन की कार्रवाई पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल।
    user_Aapan Maharajganj
    Aapan Maharajganj
    Newspaper publisher नौतनवा, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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