सोहागपुर के मालवीय होटल के सामने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश के तीन मंत्रियों का किया पुतला दहन सोहागपुर के मालवीय होटल के सामने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश के तीन मंत्रियों का किया पुतला दहन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मध्य प्रदेश के तीन मंत्रियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह प्रदर्शन कैलाश विजयवर्गीय द्वारा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में किया। साथ ही प्रदेश में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के खिलाफ भी आक्रोश जताया गया। इसके अतिरिक्त, कर्नल सोफिया कुरेशी मामले में न्यायालय के आदेश की कथित अवहेलना को लेकर मंत्री विजय शाह के विरोध में भी नारेबाजी की गई। कांग्रेस कमेटी द्वारा नगर के मालवीय होटल के सामने दोपहर लगभग 1 बजे मंत्रियों के पुतले दहन किए गए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की बात कही। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुधीर सिंह ठाकुर, अर्पित तिवारी, ऋषभ दीक्षित, आजाद सिंह पटेल, सचिन श्रोती, कार्तिक शर्मा, आकाश चौरसिया सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सोहागपुर के मालवीय होटल के सामने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश के तीन मंत्रियों का किया पुतला दहन सोहागपुर के मालवीय होटल के सामने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश के तीन मंत्रियों का किया पुतला दहन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मध्य प्रदेश के तीन मंत्रियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह प्रदर्शन कैलाश विजयवर्गीय द्वारा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में किया। साथ ही प्रदेश में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के खिलाफ भी आक्रोश जताया गया। इसके अतिरिक्त, कर्नल सोफिया कुरेशी मामले में न्यायालय के आदेश की कथित अवहेलना को लेकर मंत्री विजय शाह के विरोध में भी नारेबाजी की गई। कांग्रेस कमेटी द्वारा नगर के मालवीय होटल के सामने दोपहर लगभग 1 बजे मंत्रियों के पुतले दहन किए गए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की बात कही। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुधीर सिंह ठाकुर, अर्पित तिवारी, ऋषभ दीक्षित, आजाद सिंह पटेल, सचिन श्रोती, कार्तिक शर्मा, आकाश चौरसिया सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
- नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के बजट वर्ष 2026-27 में लोक निर्माण कार्य अनुदानों की मांगों के अंतर्गत पिपरिया विधानसभा क्षेत्र की अनेक महत्वपूर्ण सड़कों को सम्मिलित किया गया है। यह निर्णय क्षेत्र के ग्रामीण विकास, सुगम आवागमन एवं आधारभूत संरचना सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। बजट में सम्मिलित प्रमुख मार्ग इस प्रकार हैं— खापरखेड़ा–चांदौन–कुडारी–रिछेड़ा–माल्हनवाड़ा मार्ग – 32.3 कि.मी. बनखेड़ी उमरधा माथनी सांडिया मार्ग (पी.क्यू.सी. मार्ग) – 3.4 कि.मी. माथनी से सेमरीतला मार्ग – 2.4 कि.मी. नगवाड़ा खर्चली पतरकुही मार्ग – 2 कि.मी. पिपरिया शोभापुर हनुमान मढ़िया से कुम्हावड़ मार्ग – 2.8 कि.मी. पोसरा से महलवाड़ा कन्हवार मार्ग – 3 कि.मी. लोकप्रिय सांसद दर्शन सिंह चौधरी के सतत प्रयासों से इन मार्गों को बजट में सम्मिलित किया गया। सांसद श्री चौधरी ने इस उपलब्धि पर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, लोक निर्माण विभाग मंत्री श्री राकेश सिंह तथा वित्त मंत्री श्री जगदीश देवड़ा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण अंचलों को मुख्य मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, किसानों को अपनी उपज के परिवहन में सुविधा होगी तथा विद्यार्थियों एवं आमजन को आवागमन में राहत प्राप्त होगी। इन नई सड़कों के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। स्कूली बच्चों को विद्यालय आने-जाने में अब अधिक सुविधा और सुरक्षा मिलेगी। बुजुर्गजनों को चलने-फिरने में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी। साथ ही किसानों को अपनी कृषि उपज को समय पर और सुगमता से बाजार तक पहुँचाने में मदद मिलेगी, जिससे उनकी आय में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। साथ ही पिपरिया क्षेत्र के विधायक श्री ठाकुरदास नागवंशी सहित समस्त जनप्रतिनिधियों एवं क्षेत्रवासियों को भी इस उपलब्धि के लिए बधाई दी गई। सांसद श्री चौधरी ने विश्वास व्यक्त किया कि पिपरिया विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास हेतु आगे भी इसी प्रकार सतत प्रयास जारी रहेंगे। जिला विकास समिति सदस्य नीतिराज सिंह पटेल सहित ग्रामीण लोगों ने इस सराहनीय कदम की प्रशंसा करते हुए इसे गांव के समग्र विकास की दिशा में एक सकारात्मक और दूरदर्शी पहल बताया है।1
- शादी के दौरान दहेज न मिलने पर भोपाल के मनीष डोडिया दूल्हा और उनके पिता बारात लेकर लौट गए। मंडप में खड़ी दुल्हन हैरान और आहत रह गई। हाथ-पैर में लगी मेहंदी के बावजूद वह फूट-फूट कर रो पड़ी और सीधे कोतवाली थाने पहुंची। जानकारी के अनुसार, वर पक्ष ने शादी के लिए 3 लाख रुपये और बाइक की मांग रखी। पीड़िता के परिवार ने अपनी क्षमता अनुसार व्यवस्था की, लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी। शादी के दौरान भी दूल्हा और उसके पिता ने मेहमानों के सामने दहेज की मांग जारी रखी। इसके बाद उन्होंने पहले दी गई सोने की अंगूठी और चेन लौटाकर बिना शादी किए बारात वापस ले ली। पीड़िता ने थाने में बयान दर्ज कराया। पुलिस ने उसे सांत्वना दी और दूल्हा और उसके पिता के खिलाफ दहेज एक्ट का मामला दर्ज कर लिया है।4
- Awaaz Nahin Mil Pa Rahe Gram Panchayat1
- मुख्यमंत्री ने माफी मांग ली तो क्या हो गया..? वे हमारे कप्तान हैं... किसी ज्योतिष से पूछूंगा... जुबान पर शनि बैठा है या नहीं गुस्से का क्या है... कभी कभी आ जाता है पत्रकारों से चर्चा के दौरान बोले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय...1
- खाली बोरियां और मिलावटी माल मिलने के बावजूद पुलिस कार्रवाई से बचती नजर चौलाचोन स्थित एकलव्य वेयरहाउस में करोड़ों रुपये की मूंग गायब होने के मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन की जांच टीम ने भले ही 9,899 बोरियां मूंग गायब होने का खुलासा कर दिया हो, लेकिन देर रात तक इस मामले में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज नहीं की जा सकी। गायब मूंग की कीमत लगभग 4 करोड़ 22 हजार रुपये आंकी गई है। खाली बोरियां और मिलावटी माल भी बरामद जांच के दौरान टीम ने गोदाम में मिट्टी और रेत मिली नॉन-फेयर एवरेज क्वालिटी (नॉन-एफएक्यू) मूंग के साथ-साथ कई खाली बोरियां भी बरामद की हैं। यह स्थिति साफ संकेत दे रही है कि रिकॉर्ड में दर्ज माल और वास्तविक स्टॉक में भारी गड़बड़ी है। सूत्रों के अनुसार, दस्तावेजों में हेराफेरी कर मूंग की निकासी की गई और उसके बदले खाली बोरियां और मिलावटी माल रख दिया गया। क्यों नहीं दर्ज हुई एफआईआर? सवाल यह उठता है कि जब इतनी बड़ी अनियमितता सामने आ चुकी है, तो अब तक प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं की गई? जानकारों का मानना है कि या तो प्रशासन उच्चाधिकारियों के आदेश का इंतजार कर रहा है या फिर आरोपियों को बचाने की मंशा से कार्रवाई में देरी की जा रही है। जांच टीम का गठन, रिपोर्ट सौंपी गई बता दें कि वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन ने मामले की जांच के लिए कृषि विभाग, विपणन संघ और जिला प्रशासन के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक पांच सदस्यीय टीम का गठन किया था। टीम ने गोदाम में मौजूद भौतिक स्टॉक का स्टॉक रजिस्टर, परिवहन चालान, गुणवत्ता प्रमाणपत्र और आवक-जावक के सभी अभिलेखों से बारीकी से मिलान किया। जांच में दस्तावेजी रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के बीच भारी अंतर पाए जाने पर टीम ने विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। अन्य गोदामों की भी होगी जांच सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वेयरहाउस के शाखा प्रबंधक की शिकायत के आधार पर अब जिले के अन्य गोदामों की भी जांच कराई जाएगी। प्रशासन का रुख केवल एक गोदाम तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे भंडारण तंत्र की पारदर्शिता की गहन पड़ताल की जाएगी। यदि अन्य स्थानों पर भी अनियमितताएं पाई गईं तो व्यापक स्तर पर कार्रवाई होने की संभावना है।2
- 1 फरवरी से बंद पुराने बस स्टैंड की समस्या को लेकर बस मालिक कंडक्टर और ड्राइवर पहुंचे थे बस स्टैंड के पास दुकानदारों के साथ गजानन तिवारी के निवास पर लगाई थी मदद की गुहार फिर क्या था कि तिवारी ने कमर कसी और एसडीएम, आरटीओ, सहित कमिश्नर तक लिखा पड़ी कर ज्ञापन दिया सभी के साथ मिलकर , और आंदोलन की रणनीति बनाई, कांग्रेस ने हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जिसके बाद एक बैठक रेस्ट हाउस में कोई धरने की घोषणा होने के बाद लेकिन वह धरना एसडीएम के आश्वासन पर नहीं किया क्योंकि उन्होंने कहा था कि मांगे मान ली जाएगी और बस का संचालन शुरू कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ फिर 20 दिन के संघर्ष के बाद से प्रारंभ हुई भूख हड़ताल जिससे शासन प्रशासन ने उनकी मांगे स्वीकार करके बस का संचालन शुरू कर दिया और फोन पर एसडीएम महोदय ने तिवारी को बताया कि आपका ज्ञापन में जो आपकी मांगे थी उसी अनुसार हमने बस का संचालन चालू कर दिया है, आप अपना अनशन तोड़ दें तो तिवारी ने कहा कि मैं जिनके लिए लड़ाई लड़ रहा था उन्हीं के हाथों अपना अनशन तोडूंगा तभी बड़ी संख्या में बस के मालिक बस के कंडक्टर और बस के ड्राइवर सहित बस स्टैंड के दुकानदार और व्यापारी संगठनों ने गजानन तिवारी का धरना स्थल जय स्तंभ चौक पर फूल माला पहनकर स्वागत किया धन्यवाद दिया और जूस पिलाकर किया तुड़वाया अनशन और बस स्टैंड से आए सभी ने कहा कि आपने और आपके साथियों ने हमारी लड़ाई लड़ी और भूख हड़ताल कर आप डटे रहे, उन्होंने यह भी कहा कि अगर आप भूख हड़ताल नहीं करते तो हमारी समस्याएं नहीं सुलझती जिस पर तिवारी ने कहा कि यह समस्या कोई राजनीतिक नहीं थी जन भावनाओं से जुड़ी थी इसके समर्थन में पूरा सेवादल और कांग्रेस परिवार आपके साथ खड़ा है इटारसी शहर का हर नागरिक खड़ा है और तिवारी ने शासन प्रशासन सहित हर व्यक्ति का धन्यवाद दिया जिन्होंने उनके साथ इस संघर्ष में इस समस्या को सुलझाने में सहयोग किया क्योंकि समस्या ग्रामीण महिलाओं बच्चों स्कूल के छात्रों मजदूरों सहित बस मालिक और इटारसी के व्यापारियों की थी जो इटारसी में एकदम से भूचाल बनकर उभर गई थी लेकिन अंत भला तो सब भला कहकर तिवारी ने सभी का अभिवादन किया क्योंकि दिनभर बड़ी संख्या में भूख हड़ताल को सभी ने समर्थन दिया1
- सोहागपुर के मालवीय होटल के सामने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मध्यप्रदेश के तीन मंत्रियों का किया पुतला दहन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर मध्य प्रदेश के तीन मंत्रियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यह प्रदर्शन कैलाश विजयवर्गीय द्वारा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार पर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में किया। साथ ही प्रदेश में बिगड़ती स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के खिलाफ भी आक्रोश जताया गया। इसके अतिरिक्त, कर्नल सोफिया कुरेशी मामले में न्यायालय के आदेश की कथित अवहेलना को लेकर मंत्री विजय शाह के विरोध में भी नारेबाजी की गई। कांग्रेस कमेटी द्वारा नगर के मालवीय होटल के सामने दोपहर लगभग 1 बजे मंत्रियों के पुतले दहन किए गए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की बात कही। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सुधीर सिंह ठाकुर, अर्पित तिवारी, ऋषभ दीक्षित, आजाद सिंह पटेल, सचिन श्रोती, कार्तिक शर्मा, आकाश चौरसिया सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- आज सदन में रमज़ान के पावन माह को लेकर यह मुद्दा उठाया गया कि सहरी और इफ्तार के समय मस्जिदों से दी जाने वाली पारंपरिक समय-सूचना (ऐलान) सदियों पुरानी व्यवस्था है, और केवल रोज़ेदारों की सुविधा के लिए होती है, सरकार से मांग की गई कि इस पवित्र महीने में आवश्यक घोषणा ऐलान की अनुमति दी जाए, क्योंकि सभी धर्मों की आस्था और परंपराओं का सम्मान ही हमारी साझा संस्कृति की पहचान है.1
- Post by Vineet maheshwari1