रायपुर आबकारी विभाग ने 22 जून 2026 को अवैध शराब कारोबार और मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया और कुल 12.42 बल्क लीटर अवैध देशी मदिरा मसाला जब्त की गई। साथ ही, ओवररेटिंग की लगातार मिल रही शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन मदिरा दुकान कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई आबकारी विभाग को मिली सूचना के आधार पर ग्राम तुलसी (मानपुर), थाना तिल्दा निवासी प्रकाश सिरमौर के मकान पर दबिश देकर शुरू हुई। तलाशी के दौरान 38 पाव देशी मदिरा मसाला (शोले) बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 6.84 बल्क लीटर थी। आरोपी प्रकाश सिरमौर के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त, ग्राम कोहका निवासी विजय बंजारे और युवराज बंजारे के विरुद्ध भी धारा 34(1)(ख) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया और उनके पास से 5.58 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई। मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतों पर हुई त्वरित कार्रवाई में तीन कर्मचारियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया। यह पूरी कार्रवाई आबकारी सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह के निर्देश पर तथा प्रभारी उपायुक्त आबकारी रायपुर श्री राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। उक्त प्रकरण आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त तिल्दा मेधा मिश्रा द्वारा पंजीबद्ध किया गया, जिसमें आबकारी उपनिरीक्षक अलेक्स एक्का, कमल कुंजाम, आबकारी आरक्षक अमिताभ सिंह ध्रुव, जितेन्द्र मिश्रा, ऋत्विक खोबरागड़े, टीकम तथा वाहन चालक रेवाराम का विशेष योगदान रहा।
रायपुर आबकारी विभाग ने 22 जून 2026 को अवैध शराब कारोबार और मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया और कुल 12.42 बल्क लीटर अवैध देशी मदिरा मसाला जब्त की गई। साथ ही, ओवररेटिंग की लगातार मिल रही शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए तीन मदिरा दुकान कर्मचारियों को सेवा से पृथक कर उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई आबकारी विभाग को मिली सूचना के आधार पर ग्राम तुलसी (मानपुर), थाना तिल्दा निवासी प्रकाश सिरमौर के मकान पर दबिश देकर शुरू हुई। तलाशी के दौरान 38 पाव देशी मदिरा मसाला (शोले) बरामद हुई, जिसकी कुल मात्रा 6.84 बल्क लीटर थी। आरोपी प्रकाश सिरमौर के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), 34(2) एवं 59(क) के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त,
ग्राम कोहका निवासी विजय बंजारे और युवराज बंजारे के विरुद्ध भी धारा 34(1)(ख) के अंतर्गत प्रकरण दर्ज किया गया और उनके पास से 5.58 बल्क लीटर अवैध मदिरा जब्त की गई। मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग की शिकायतों पर हुई त्वरित कार्रवाई में तीन कर्मचारियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 39(ग) के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से पृथक कर दिया गया। यह पूरी कार्रवाई आबकारी सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त श्री पदुम सिंह एल्मा, कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह के निर्देश पर तथा प्रभारी उपायुक्त आबकारी रायपुर श्री राजेश शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। उक्त प्रकरण आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त तिल्दा मेधा मिश्रा द्वारा पंजीबद्ध किया गया, जिसमें आबकारी उपनिरीक्षक अलेक्स एक्का, कमल कुंजाम, आबकारी आरक्षक अमिताभ सिंह ध्रुव, जितेन्द्र मिश्रा, ऋत्विक खोबरागड़े, टीकम तथा वाहन चालक रेवाराम का विशेष योगदान रहा।
- छत्तीसगढ़ में पत्रकारों पर कथित फर्जी मुकदमे, एफआईआर और प्रताड़ना के विरोध में छत्तीसगढ़िया पत्रकार महासंघ ने धरसींवा में एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदेशभर से आए सैकड़ों पत्रकारों ने एकजुट होकर पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की पुरजोर मांग उठाई। प्रदर्शन के तहत, पत्रकारों ने पहले धरसींवा रेस्ट हाउस में एक सभा आयोजित की, जिसके बाद पैदल मार्च करते हुए धरसींवा थाना पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस महानिदेशक और गृह मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। महासंघ का आरोप है कि प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ लगातार ऐसे मामले दर्ज किए जा रहे हैं, जिनसे उन्हें कानूनी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने इस स्थिति को लोकतंत्र और स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय बताया। सभा के दौरान वक्ताओं ने धरसींवा के एक पत्रकार के विशेष मामले का उल्लेख किया, जिन्होंने क्षेत्र में नाबालिग से हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को उजागर किया था। हालांकि, बाद में उसी पत्रकार को मामले में सह-आरोपी बनाकर जेल भेज दिया गया। महासंघ ने इस कार्रवाई पर तीखे सवाल उठाते हुए पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले को तत्काल निरस्त करने और इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। पत्रकारों ने सामूहिक रूप से जोर दिया कि छत्तीसगढ़ में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करना नितांत आवश्यक है, ताकि उनकी सुरक्षा और स्वतंत्र कार्य वातावरण सुनिश्चित हो सके। उन्होंने भविष्य में पत्रकारों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कथित दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई को रोकने की भी मांग की। इस प्रदर्शन में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्ररथ गर्व, उपाध्यक्ष पुनीत सोनकर, अब्दुल शमीम, सुधीर तंबोली आजाद, प्रेम सोनी सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों, तहसीलों और ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पत्रकार मौजूद रहे, जिसमें तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के कई पत्रकारों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।3
- छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के खल्लारी थाना क्षेत्र के ग्राम झारा में एक बहन, भारती टंडन, को प्रेम जाल में फंसाकर सामूहिक बलात्कार का शिकार बनाया गया। इस जघन्य वारदात को अंजाम देने के बाद दुष्कर्मियों ने उसे रेत में दफना दिया। पोस्ट के अनुसार, देश के किसी भी कोने में व्याप्त 'जात-पात, ऊंच-नीच' की दीवारें और घृणा, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोगों की जान ले रही है। इसी जातिगत घृणा और दूषित प्रवृत्ति के लोगों ने इस बहन का बलात्कार किया। इस पर 'सीताराम' को शर्म आनी चाहिए, जो स्वयं को 'श्रेष्ठ धर्म' बताता है और अपने भीतर मौजूद भेदभाव, जात-पात व ऊंच-नीच को बढ़ावा देता है।1
- मुंगेली जिले के पथरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सोढ़ी की महिलाओं ने कथित दबंगई के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानमंत्री सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बस्ती में पानी की निकासी के लिए डाली गई पाइप को चोवाराम खुंटे और उनके परिवार ने दादागिरी दिखाते हुए मिट्टी डालकर बंद कर दिया है। ग्रामीण यह भी दावा कर रहे हैं कि आरोपी, पटवारी और आरआई द्वारा किए गए गलत सीमांकन का फायदा उठाकर उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। महिलाओं ने बताया कि जब उन्होंने दूसरी जगह पाइप डालने की कोशिश की, तब भी आरोपियों ने उन्हें गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। बरसात के मौसम में पानी निकासी बंद होने के कारण बच्चों और अन्य ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने थाना प्रभारी पथरिया को एक लिखित आवेदन दिया है, जिसमें चोवाराम खुंटे, रमेश खुंटे, सतीश खुंटे सहित कुल सात लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने प्रशासन से पुरानी पाइप को तुरंत खुलवाने और पानी निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने की भी गुहार लगाई है ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके।1
- बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के थाना पलारी पुलिस ने पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा के निर्देशन में ग्राम धमनी में एक विशेष जन-जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को सुरक्षित, जागरूक और कानून के प्रति सजग बनाना था। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को देश में लागू नवीन न्याय संहिता की सरल भाषा में जानकारी दी, जिसमें उनके अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट की गईं। इसके अतिरिक्त, साइबर अपराधों से बचाव पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जहाँ ग्रामीणों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों और डिजिटल धोखाधड़ी से सतर्क रहने की समझाइश दी गई। पुलिस ने उनसे अनजान लिंक पर क्लिक न करने, बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने और साइबर अपराध होने पर तत्काल शिकायत करने की अपील की। यातायात जागरूकता अभियान के तहत, पुलिस ने "सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा" का संदेश देते हुए दोपहिया वाहन चालकों से अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया। इसके परिणामस्वरूप, ग्राम धमनी के ग्रामीणों ने एकजुटता दिखाते हुए अपने गांव को "हेलमेट युक्त ग्राम" बनाने का संकल्प लिया। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए, पुलिस ने ग्रामीणों को गांव के प्रमुख स्थानों और घरों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम के बाद, पुलिस बल ने महिला कमांडो के साथ ग्राम धमनी में फ्लैग मार्च किया, जिससे ग्रामीणों, खासकर महिलाओं और बच्चों में सुरक्षा का भरोसा बढ़ा। इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को नशे से दूर रहने और गांव को "नशा मुक्त" बनाए रखने का संदेश दिया, जिस पर ग्रामीणों ने "नशा मुक्त ग्राम" की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। पुलिस ने ग्रामीणों से कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को देने की अपील की। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम में ग्राम सरपंच हरदयाल पैकरा, उपसरपंच पिलाराम निर्मलकर, युवा ग्राम समिति के अध्यक्ष और महिला कमांडो अध्यक्ष श्रीमती जोऊरहीन बाई सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ओ.पी. शर्मा ने कार्यक्रम की सफलता पर ग्राम धमनी के नागरिकों और थाना पलारी पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस और जनता के बीच बेहतर समन्वय से ही सुरक्षित और आदर्श समाज का निर्माण संभव है।4
- छत्तीसगढ़ के तिल्दा में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल फर्जी NOC विवाद के विरोध में तिल्दा थाने के सामने धरने पर बैठ गए हैं। उन्होंने स्पष्ट घोषणा की है कि यदि इस मामले में FIR दर्ज नहीं की जाती, तो उनका यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।1
- बलौदाबाजार में लवन रोड स्थित यामाहा शोरूम के पास एक अज्ञात वाहन की टक्कर से एक गोवंश गंभीर रूप से घायल हो गया। सड़क किनारे घायल अवस्था में पड़े इस गोवंश की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेता मनोज तिवारी तत्काल मौके पर पहुंचे और गौ रक्षकों के साथ मिलकर घायल गोवंश को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अज्ञात वाहन चालक गोवंश को टक्कर मारने के बाद मौके से फरार हो गया था, जिससे गोवंश सड़क पर असहाय अवस्था में पड़ा था। मनोज तिवारी ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना देर किए गौ रक्षकों के सहयोग से घायल गोवंश को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका तत्काल उपचार कराया गया। स्थानीय लोगों ने मनोज तिवारी की इस त्वरित पहल की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि समय पर उपचार मिलने से गोवंश की स्थिति में सुधार होगा। इस दौरान मनोज तिवारी ने लोगों से सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतने तथा दुर्घटना की स्थिति में घायल पशुओं की मदद के लिए आगे आने की अपील भी की। इस मानवीय कार्य के लिए क्षेत्र में मनोज तिवारी और गौ रक्षकों की संवेदनशीलता की व्यापक चर्चा हो रही है, और लोगों ने उनके इस प्रयास की प्रशंसा की है।1
- बलौदा बाजार के ग्राम खर्वे में चार महीने से चल रही लगातार संदिग्ध मौतों का रहस्य आखिरकार खुल गया है। पुलिस की गहन जांच में गांव के ही 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को इन घटनाओं का मुख्य आरोपी पाया गया है। आरोपी अपने परिचितों को ही निशाना बनाता था और पुरानी रंजिश, विवाद या छोटी-छोटी बातों के चलते शराब में सुहागा (जहर) मिलाकर उनकी जान ले लेता था। जांच में सामने आई कहानी चौंकाने वाली है, जिसमें पता चला कि आरोपी ने इंसानों पर जहर आजमाने से पहले एक कुत्ते पर इसका परीक्षण किया था। कुत्ते पर जहर का असर देखने के बाद ही उसने लोगों को निशाना बनाना शुरू किया। अपनी वारदातों के बाद, वह खुद मृतकों को अस्पताल पहुंचाता और उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होता था, जिससे गांव में किसी को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब 06 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने कसडोल के SDOP को आवेदन देकर फरवरी से 14 मई तक हुई 8 संदिग्ध मौतों की जानकारी दी और रामसहाय जायसवाल पर संदेह जताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और 7 मृतकों के शवों का उत्खनन कर पोस्टमार्टम कराया, जिन्हें मेकाहारा रायपुर की विशेष मेडिकल टीम ने जांचा। फॉरेंसिक परीक्षण के लिए डीएनए, विसरा और अन्य नमूने भी सुरक्षित किए गए, जबकि मृतक बुधराम जायसवाल का पहले ही अंतिम संस्कार हो चुका था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, ग्रामीणों से पूछताछ और लगातार निगरानी के आधार पर रामसहाय से कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने शुरुआत में गुमराह करने की कोशिश की, पर अंततः अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने चूहा मारने की दवा के नाम पर सुहागा (जहर) प्राप्त किया था। उसने 06 फरवरी 2026 को बद्री को गाली-गलौज और शराब के लिए परेशान करने के चलते, 20 फरवरी 2026 को बुठालु को पुराने विवाद और सामाजिक रंजिश के कारण, 12 मार्च 2026 को छत्तुराम को अपनी पत्नी के प्रति गलत नियत रखने की शंका में, 20 मार्च 2026 को बुधराम जायसवाल को जमीन विवाद और पुरानी रंजिश के चलते, 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार को, 28 अप्रैल 2026 को गजानंद को बैगा-गुनिया करने की शंका में, 29 अप्रैल 2026 को चैतुराम को 50 हजार रुपये के कर्ज पर ब्याज से छुटकारा पाने के लिए, और 14 मई 2026 को महेतरू राम को वर्ष 2023 के चुनावी विवाद व पुरानी रंजिश के कारण जहरीली शराब पिलाई थी। इसके अतिरिक्त, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी जहर मिली शराब दी गई थी, जिसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया और पुलिस ने इसे हत्या के प्रयास के रूप में दर्ज किया। पुलिस ने रामसहाय जायसवाल के खिलाफ 8 हत्या और 1 हत्या के प्रयास सहित कुल 9 आपराधिक प्रकरण दर्ज किए हैं। इस पूरे मामले की जांच में IG रायपुर श्री अमरेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह, SDOP कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के निर्देशन में निरीक्षक प्रवीण मिंज एवं साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- बुधवार सुबह 11:00 बजे हिर्री पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात 10:00 बजे एक कॉलर से फोन पर सूचना प्राप्त हुई कि हिर्री स्थित शासकीय शराब दुकान के चखना सेंटर के बाहर एक व्यक्ति ने अज्ञात कारणों से अपने ही गले पर धारदार वस्तु से वार कर लिया है। वह लहूलुहान स्थिति में बैठा था और अस्पताल जाने को तैयार नहीं हो रहा था। सूचना मिलने पर डायल 112 की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुँची। घटनास्थल पर टीम को एक व्यक्ति मिला, जिसने केवल पैंट पहना हुआ था और उसके हाथ व बांह पर टैटू बने थे। उसके गर्दन पर किसी धारदार वस्तु से चोट के निशान थे और खून बह रहा था। पूछताछ करने पर उसने खुद को बिलासपुर के मिनी बस्ती का निवासी बताया और यह भी कहा कि वह उसी चखना सेंटर का संचालक है। हालांकि, जब उससे घटना के संबंध में पूछताछ की गई, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और न ही अस्पताल जाने पर राजी हुआ। फिलहाल, इस संबंध में हिर्री थाने में अब तक किसी प्रकार की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।1