ऊंट पर बैठा दूल्हा, डीजे के साथ निकली बारात, परंपरा बनी आकर्षण का केंद्र सीमलवाड़ा। आधुनिक दौर में जहां शादी समारोहों में दूल्हे के लिए महंगी लग्जरी कारें, बग्घियां और आधुनिक सजावट का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं सीमलवाड़ा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बांसिया में रविवार को एक अनोखा और पारंपरिक नजारा देखने को मिला। यहां दूल्हा ऊंट पर सवार होकर डीजे की धुनों के साथ बारात लेकर निकला, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी के अनुसार बांसिया निवासी महेश पुत्र काउडा मनात की शादी रविवार 26 अप्रैल को आयोजित हुई। विवाह समारोह के दौरान दूल्हे महेश को ऊंट पर सवार कराया गया और बारात घर से रवाना हुई। डीजे की धुनों, नाचते-गाते बारातियों और पारंपरिक अंदाज में निकली यह बारात मुख्य गांव से होती हुई बेड़ा गांव के लिए रवाना हुई। बारात में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि आदिवासी समाज में प्राचीन समय से दूल्हे को ऊंट या घोड़े पर बैठाकर बारात ले जाने की परंपरा रही है। समय के साथ आधुनिकता बढ़ने से यह परंपरा कम होती जा रही है, लेकिन महेश मनात ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के उद्देश्य से ऊंट पर बैठकर बारात निकालने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। लोगों का कहना था कि आधुनिक साधनों के बीच अपनी परंपराओं को सहेजना और उन्हें आगे बढ़ाना समाज के लिए गर्व की बात है। बारात के दौरान युवाओं और बच्चों में भी खास उत्साह देखने को मिला तथा पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
ऊंट पर बैठा दूल्हा, डीजे के साथ निकली बारात, परंपरा बनी आकर्षण का केंद्र सीमलवाड़ा। आधुनिक दौर में जहां शादी समारोहों में दूल्हे के लिए महंगी लग्जरी कारें, बग्घियां और आधुनिक सजावट का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं सीमलवाड़ा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बांसिया में रविवार को एक अनोखा और पारंपरिक नजारा देखने को मिला। यहां दूल्हा ऊंट पर सवार होकर डीजे की धुनों के साथ बारात लेकर निकला, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी के अनुसार बांसिया निवासी महेश पुत्र काउडा मनात की शादी रविवार 26 अप्रैल को आयोजित हुई। विवाह समारोह के दौरान दूल्हे महेश को ऊंट पर सवार कराया गया और बारात घर से रवाना हुई। डीजे की धुनों, नाचते-गाते बारातियों और पारंपरिक अंदाज में निकली यह बारात मुख्य गांव से होती हुई बेड़ा गांव के लिए रवाना हुई। बारात में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि आदिवासी समाज में प्राचीन समय से दूल्हे को ऊंट या घोड़े पर बैठाकर बारात ले जाने की परंपरा रही है। समय के साथ आधुनिकता बढ़ने से यह परंपरा कम होती जा रही है, लेकिन महेश मनात ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के उद्देश्य से ऊंट पर बैठकर बारात निकालने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। लोगों का कहना था कि आधुनिक साधनों के बीच अपनी परंपराओं को सहेजना और उन्हें आगे बढ़ाना समाज के लिए गर्व की बात है। बारात के दौरान युवाओं और बच्चों में भी खास उत्साह देखने को मिला तथा पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
- Bansilal PargiSimalwara, Dungarpur🥰🤗🥰👌💯👍🙏11 hrs ago
- Nathulal Yadavसरस्वती विहार, उत्तर पश्चिमी दिल्ली, दिल्ली👏13 hrs ago
- सीमलवाड़ा। चौथिया चौरासी पंचाल समाज का 12वां सामूहिक विवाह सम्मेलन रविवार को विश्वकर्मा मंदिर उंडवा में भव्य एवं हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में आयोजित हुआ। सम्मेलन में समाज के 7 जोड़े वैदिक मंत्रोच्चार एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ परिणय सूत्र में बंधकर हमसफर बने। आयोजन में समाजबंधुओं, अतिथियों एवं ग्रामीणों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। सुबह 8 बजे से मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत गणेश स्थापना के साथ हुई। इसके बाद मंडप मुहूर्त, गृह शांति, हस्तमिलाप सहित विभिन्न वैवाहिक रस्में विधिवत संपन्न कराई गईं। पूरे मंदिर परिसर में मंगल गीतों, शुभकामनाओं और उत्साह का माहौल बना रहा। विवाह उपरांत नवदंपत्तियों के लिए आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया, जिसमें अतिथियों एवं समाज के वरिष्ठजनों ने सुखमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कारीलाल ननोमा, विधायक प्रत्याशी चौरासी ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि सामूहिक विवाह आज के समय की बड़ी सामाजिक आवश्यकता है। इससे समाज में एकता, भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि विवाह में दिखावे और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाकर वही धन बच्चों की शिक्षा, रोजगार और उज्ज्वल भविष्य पर खर्च किया जाना चाहिए। उन्होंने नववधुओं को संस्कारों का संदेश देते हुए कहा कि विवाह के बाद ससुराल ही उनका नया परिवार होता है। सास-ससुर को माता-पिता का दर्जा दें, परिवार के सभी सदस्यों का सम्मान करें, प्रेम, धैर्य और मधुर व्यवहार से घर को स्वर्ग बनाएं। वहीं वर पक्ष को भी बहू को बेटी समान सम्मान देने और उसे परिवार का अभिन्न हिस्सा मानने की सीख दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचाल कांति भाई रामगढ़ी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में समूह लगन समिति अध्यक्ष अमृत भाई पंचाल जलाई, शिवा भाई पंचाल छाणी, कांतिभाई पंचाल रामसौर, जयंती भाई पंचाल उंडवा, मथुर भाई पंचाल मोटीमोयडी, कनुभाई पंचाल, किशन कुमार पंचाल जीतपुर, सरपंच जेमाभाई उंडवा, रसिक भाई पंचाल, नटवरलाल पंचाल लिखी, देवेंद्र सिंह सोलंकी पीठ एवं राजेश प्रजापत लिखी उपस्थित रहे। समाज के दानदाताओं द्वारा नवविवाहित जोड़ों को घरेलू उपयोग की 101 छोटी-बड़ी वस्तुएं उपहार स्वरूप प्रदान की गईं। साथ ही चांदी के उपहार देकर नवदंपत्तियों का सम्मान किया गया। इससे नवदंपत्तियों को नए जीवन की शुरुआत में उपयोगी सहयोग मिला। सामूहिक विवाह के भोजनदाता के रूप में कांतिभाई पंचाल रामगढ़ी रहे, जिनका समाज द्वारा शाल ओढ़ाकर एवं पगड़ी पहनाकर सम्मान किया गया। आयोजन को सफल बनाने में समिति कार्यकर्ता सुरेश भचडिया, रमेश भाई पंचाल एनआरआई, जिग्नेश पंचाल, जितेन पंचाल, भरत भाई पंचाल, कांतिभाई पंचाल पटेल ढूंढ़ा, सुरेश जलाई, जगदीश रामसौर, डायाभाई सरथूना एवं धर्मेंद्र डीटवास का सराहनीय योगदान रहा। अतिथियों का स्वागत अमृतलाल पंचाल ने किया, जबकि आभार विशाल पंचाल डीटवास ने व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन मनोज पंचाल द्वारा किया गया। यह आयोजन समाज में सादगीपूर्ण विवाह, बेटी सम्मान, संस्कारों की परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया।4
- आसपुर से आई बारात, बनी समाज सुधार की मिसाल: बिना दहेज, बिना मांस-मदिरा हुआ अनूठा विवाह डूंगरपुर/आसपुर। शादी-ब्याह में बढ़ते दिखावे, दहेज, मांस-मदिरा और फिजूलखर्ची के दौर में आसपुर क्षेत्र से आई एक बारात ने समाज के सामने सादगी और संस्कार की मिसाल पेश की है। मेवाड़ क्षेत्र के भींडर के निकट ग्राम खिमसिंह जी का खेड़ा में संपन्न इस विवाह ने सामाजिक सुधार का संदेश दिया। विवाह में ठाकुर गोविंद सिंह राणावत और सगाजी गोपाल सिंह चौहान (गड़ा सिंहालिया, आसपुर) परिवारों ने मांस और मदिरा का पूर्ण बहिष्कार करते हुए विवाह को सादगीपूर्ण ढंग से संपन्न कराया। साथ ही दहेज जैसी कुप्रथा को भी पूरी तरह नकार दिया गया। सबसे खास बात यह रही कि तिलक-दस्तूर के नाम पर दी गई राशि को सगाजी द्वारा लौटाया गया, जिसके बाद ठाकुर गोविंद सिंह ने भी राशि लेने से इंकार कर दिया। दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से इस धनराशि को विद्यालय और गोशाला में दान करने का निर्णय लिया। इस पहल को क्षेत्र में समाज सुधार की अनूठी मिसाल माना जा रहा है। विवाह आयोजन में सर्वोदय सहयोग सेवा संस्थान के पदाधिकारियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सोहन सिंह नवलपुरा, भवर सिंह खिमसिंह जी का खेड़ा, गमेर सिंह खिमसिंह जी का खेड़ा और अरविंद सिंह भीम का खेड़ा सहित अन्य कार्यकर्ताओं का सराहनीय सहयोग रहा। संस्था पदाधिकारियों ने समाज से अपील की कि विवाह समारोहों में डीजे, राउंड टेबल और खड़े-खड़े भोजन जैसी फिजूल खर्ची पर रोक लगाई जाए तथा विवाह को परंपरा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाए। यह विवाह एक स्पष्ट संदेश देता है कि बिना दहेज, बिना शराब और बिना दिखावे के भी विवाह गरिमामय और सफल हो सकता है। इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकते हैं।1
- पुनाली के अंबेडकर पार्क में चेतना दिवस आयोजित, बाबा साहेब की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और संविधान रक्षक राजेंद्र पाल गौतम का जन्मदिन रविवार को चेतना दिवस के रूप में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग, डूंगरपुर के जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव के नेतृत्व में ग्राम पंचायत पुनाली स्थित अंबेडकर पार्क में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इसके पश्चात, उपस्थित सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए सामूहिक रूप से संविधान की शपथ ली। जिलाध्यक्ष सुखदेव यादव ने इस दौरान राजेंद्र पाल गौतम के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें एक प्रखर अंबेडकरवादी और बोधिसत्व बताया। कार्यक्रम में ब्लॉक अध्यक्ष दिनेश यादव, वार्ड पंच दिलीप यादव, धुलजी, केसु, भरत, पार्वती, धर्मेंद्र, दीपेश, शिवम सहित कई कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने संकल्प लिया कि वे बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलते हुए समाज में संवैधानिक अधिकारों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाएंगे।1
- डूंगरपुर।शहर के तीजवड़ मोड़ के निकट रविवार दोपहर एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद घायल को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया।जानकारी के अनुसार वागदरी गांव निवासी मयूर पुत्र दिनेश डामोर रविवार को हिराता गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद वह अपनी बाइक से वापस घर वागदरी लौट रहा था। इसी दौरान जब वह तीजवड़ मोड़ के पास पहुंचा, तभी उसकी बाइक अचानक अनियंत्रित होकर फिसल गई और सड़क किनारे लगे एक एंगल से जा टकराई।हादसा इतना तेज था कि बाइक सवार मयूर के सिर में गंभीर चोट लग गई और वह मौके पर ही घायल अवस्था में गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घटना की सूचना 108 एंबुलेंस को दी। सूचना पर 108 एंबुलेंस के पायलट कूरीचंद और ईएमटी रॉयल जैन मौके पर पहुंचे और घायल युवक को प्राथमिक उपचार देते हुए तत्काल डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए उदयपुर रेफर कर दिया।1
- गौ माता को राष्ट्र माता बनायें 27 अप्रैल को अपने अपने तहसील स्थल पर ग्यापन अवश्य दें गौ माता को राष्ट्र माता बनाना हमारा कर्तव्य है जात पात छोड़कर गौ माता के लिए आगे आएं1
- बदमाशों ने टेम्पो रोककर की मारपीट ,हालत गंभीर ,सागवाड़ा रेफर आसपुर थाना क्षेत्र के नलवा की घटना आसपुर थाना क्षेत्र नलवा के पास एक टेम्पो चालक रात करीब 8बजे टेम्पो लेकर घर की और जा रहा था कि पूंजपुर खेड़ा सामोर मार्ग पर नलवा के पास गाड़ी में आए बदमाशों ने मारपीट करने से टेम्पो चालक घायल हो गया ।जिसे सागवाड़ा रेफर किया गया है ।जिसकी हालत गंभीर बनी हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार चूड़ियावाडा निवासी मोहब्बत सिंह पुत्र अनोप सिंह चौहान और गोपाल सिंह पुत्र जगत सिंह राठौड़ दोनो पूंजपुर से अपने घर चूड़ियावाडा जा रहे थे कि नलवा के पास गुजरने के दौरान अचानक एक गाड़ी में सवार पांच बदमाशों ने टेम्पो के आगे गाड़ी लगाकर मोहब्बत सिंह को एक गली की तरफ ले जाकर मारपीट कर दी वही टेम्पो में बैठा गोपाल सिंह नीचे उतर कर देखा तो बदमाश मारपीट कर रहे थे ।और इसे नीचे देख कर बदमाश लठ लेकर पीछे दौड़े।बाद गांव के अन्य लोगों को जानकारी देकर बुलाया तो देखा मोहब्बत सिंह घायल पड़ा हुआ था ।तत्काल इसे गंभीर हालत में सागवाड़ा ले जाया गया । घायल की हालत गंभीर बनी हुई है। घायल के पुत्र प्रवीण सिंह ने आसपुर थाने में मामला दर्ज करवाया है।इधर ग्रामीणों ने बताया कि आए दिन नलवा के आस पास बदमाशों द्वारा मारपीट लुट पाट की घटनाएं की जाती है ।पुलिस बदमाशों को पकड़ने के लिए टीम का गठन किया गया है । गजेंद्र सिंह राव एएसआई पूंजपुर चौकी _ टेम्पो के सवारियों को लेकर मारपीट हुई है ।मामला दर्ज किया गया है।बदमाशों को जल्द पकड़ लेंगे ।1
- गौ माता को राष्ट्र माता बनायें 27 अप्रैल को अपने अपने तहसील स्थल पर ग्यापन अवश्य दें गौ माता को राष्ट्र माता बनाना हमारा प्रथम दाईत्व है आईए मीलकर गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करवाए ।4
- सीमलवाड़ा। आधुनिक दौर में जहां शादी समारोहों में दूल्हे के लिए महंगी लग्जरी कारें, बग्घियां और आधुनिक सजावट का चलन तेजी से बढ़ रहा है, वहीं सीमलवाड़ा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बांसिया में रविवार को एक अनोखा और पारंपरिक नजारा देखने को मिला। यहां दूल्हा ऊंट पर सवार होकर डीजे की धुनों के साथ बारात लेकर निकला, जिसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। जानकारी के अनुसार बांसिया निवासी महेश पुत्र काउडा मनात की शादी रविवार 26 अप्रैल को आयोजित हुई। विवाह समारोह के दौरान दूल्हे महेश को ऊंट पर सवार कराया गया और बारात घर से रवाना हुई। डीजे की धुनों, नाचते-गाते बारातियों और पारंपरिक अंदाज में निकली यह बारात मुख्य गांव से होती हुई बेड़ा गांव के लिए रवाना हुई। बारात में शामिल ग्रामीणों ने बताया कि आदिवासी समाज में प्राचीन समय से दूल्हे को ऊंट या घोड़े पर बैठाकर बारात ले जाने की परंपरा रही है। समय के साथ आधुनिकता बढ़ने से यह परंपरा कम होती जा रही है, लेकिन महेश मनात ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखने के उद्देश्य से ऊंट पर बैठकर बारात निकालने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने इसे नई पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। लोगों का कहना था कि आधुनिक साधनों के बीच अपनी परंपराओं को सहेजना और उन्हें आगे बढ़ाना समाज के लिए गर्व की बात है। बारात के दौरान युवाओं और बच्चों में भी खास उत्साह देखने को मिला तथा पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा।1