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ब्लॉक को कांग्रेस कमेटी ने गेहूं खरीदी को लेकर सौंपा ज्ञापन ब्लाक कांग्रेस ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में किसानों के गेहूं खरीदी को लेकर आंदोलन कर दिया ज्ञापन। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा अगर समस्या का निदान नहीं हुआ तो भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में जंगी प्रदर्शन किया जाएगा।
Rajendra Gangwal
ब्लॉक को कांग्रेस कमेटी ने गेहूं खरीदी को लेकर सौंपा ज्ञापन ब्लाक कांग्रेस ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में किसानों के गेहूं खरीदी को लेकर आंदोलन कर दिया ज्ञापन। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा अगर समस्या का निदान नहीं हुआ तो भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में जंगी प्रदर्शन किया जाएगा।
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- ब्लाक कांग्रेस ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती के नेतृत्व में किसानों के गेहूं खरीदी को लेकर आंदोलन कर दिया ज्ञापन। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा अगर समस्या का निदान नहीं हुआ तो भोपाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में जंगी प्रदर्शन किया जाएगा।2
- जावर में मारपीट व जातिसूचक गालियों का मामला, तीन आरोपियों के नाम नहीं जोड़ने का आरोप; पीड़ित परिवार ने एसडीओपी को दिया आवेदन जावर/सीहोर। थाना जावर क्षेत्र में मारपीट, छेड़छाड़ और जातिसूचक गालियों के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) आष्टा को लिखित आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव के चलते एफआईआर में तीन आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए। आवेदन में पीड़िता अरुण,परमार पिता गणपत सिंह परमार निवासी ग्राम चामसी, तहसील जावर जिला सीहोर ने बताया कि 4 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे वह घर पर काम कर रही थी। इसी दौरान गांव के अनिल पिता देवनारायण अपने साथ सुनील, सचिन एवं अर्जुन के साथ घर आए। आरोप है कि अनिल और उसके साथियों ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए हाथ पकड़कर जबरन सड़क की ओर खींचने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके पिता बीच-बचाव करने आए तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोट आई। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसके पिता को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गाली-गलौज की। घटना के बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि जावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन उसके बताए अनुसार सभी आरोपियों के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि राजनीतिक दबाव के कारण अर्जुन, सुनील और सचिन पिता देवनारायण के नाम नहीं जोड़े गए। पीड़ित परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ⚖️ दर्ज धाराएं (थाना जावर) पुलिस ने प्रकरण में निम्न धाराएं दर्ज की हैं — भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 धारा 74 – मारपीट / चोट पहुंचाना धारा 296(b) – गाली-गलौज / अशोभनीय कृत्य धारा 115(2) – चोट पहुंचाना धारा 351(3) – आपराधिक धमकी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) धारा 3(1)(द) धारा 3(1)(ध) धारा 3(1)(w)(i) धारा 3(2)(va) पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं पीड़ित परिवार ने सभी आरोपियों के नाम जोड़कर सख्त कार्रवाई की मांग की1
- जावर में मारपीट व जातिसूचक गालियों का मामला, तीन आरोपियों के नाम नहीं जोड़ने का आरोप; पीड़ित परिवार ने एसडीओपी को दिया आवेदन जावर/सीहोर। थाना जावर क्षेत्र में मारपीट, छेड़छाड़ और जातिसूचक गालियों के मामले में पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) आष्टा को लिखित आवेदन सौंपकर आरोप लगाया है कि राजनीतिक दबाव के चलते एफआईआर में तीन आरोपियों के नाम शामिल नहीं किए गए। आवेदन में पीड़िता अरुण,परमार पिता गणपत सिंह परमार निवासी ग्राम चामसी, तहसील जावर जिला सीहोर ने बताया कि 4 अप्रैल 2026 की रात करीब 8 बजे वह घर पर काम कर रही थी। इसी दौरान गांव के अनिल पिता देवनारायण अपने साथ सुनील, सचिन एवं अर्जुन के साथ घर आए। आरोप है कि अनिल और उसके साथियों ने उसके साथ छेड़छाड़ करते हुए हाथ पकड़कर जबरन सड़क की ओर खींचने का प्रयास किया। पीड़िता के शोर मचाने पर उसके पिता बीच-बचाव करने आए तो आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोट आई। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता और उसके पिता को जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए गाली-गलौज की। घटना के बाद घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि जावर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई, लेकिन उसके बताए अनुसार सभी आरोपियों के नाम एफआईआर में शामिल नहीं किए गए। आवेदन में उल्लेख किया गया है कि राजनीतिक दबाव के कारण अर्जुन, सुनील और सचिन पिता देवनारायण के नाम नहीं जोड़े गए। पीड़ित परिवार ने मामले में निष्पक्ष जांच कर सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ⚖️ दर्ज धाराएं (थाना जावर) पुलिस ने प्रकरण में निम्न धाराएं दर्ज की हैं — भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 धारा 74 – मारपीट / चोट पहुंचाना धारा 296(b) – गाली-गलौज / अशोभनीय कृत्य धारा 115(2) – चोट पहुंचाना धारा 351(3) – आपराधिक धमकी अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (संशोधन 2015) धारा 3(1)(द) धारा 3(1)(ध) धारा 3(1)(w)(i) धारा 3(2)(va) पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं पीड़ित परिवार ने सभी आरोपियों के नाम जोड़कर सख्त कार्रवाई की मांग की1
- कन्नौद के खिवनी अभ्यारण में दिखा दुर्लभ भारतीय भेड़ियाः दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली रस्टी स्पॉटेड भी नजर आई अकेले रहती है कन्नौद, कन्नौद के खिवनी वन्यजीव अभयारण्य से वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से एक सकारात्मक और उत्साहजनक खबर सामने आई है। हाल ही में बाघ गणना के तहत लगाए गए कैमरा ट्रैप में दुर्लभ भारतीय भेड़िया और दुनिया की सबसे छोटी जंगली बिल्लियों में गिनी जाने वाली रस्टी स्पॉटेड कैट के चित्र कैद हुए हैं। इन प्रजातियों की मौजूदगी अभयारण्य की समृद्ध जैव विविधता और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत मानी जा रही है। खिवनी अभ्यारण्य अधीक्षक विकास माहोरे, एंव रेजर भीमसिह सिसोदिया ने बताया कि, वन विभाग द्वारा नियमित रूप से कैमरा ट्रैप के जरिए वन्यजीवों की निगरानी की जाती है। इस बार की मॉनिटरिंग में इन दुर्लभ जीवों का दिखना खास महत्व रखता है, जो क्षेत्र के प्राकृतिक आवास की गुणवत्ता को दर्शाता है। वन विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय भेड़िया घास के मैदानों का अहम शिकारी होता है। इसकी उपस्थिति यह बताती है कि यहां खाद्य श्रृंखला मजबूत है और पारिस्थितिकी संतुलित बना हुआ है। वहीं रस्टी स्पॉटेड कैट बेहद दुर्लभ और शर्मीली प्रजाति है, जिसका वजन सामान्यतः 1 किलो के आसपास होता है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट में ‘नियर थ्रेटेंड’ श्रेणी में शामिल है। यह बिल्ली रात्रिचर होती है, पेड़ों पर आसानी से चढ़ जाती है और अकेले रहना पसंद करती है। अपने छोटे आकार के बावजूद यह तेज और कुशल शिकारी मानी जाती है, इसलिए इसे “कैट्स का हमिंगबर्ड” भी कहा जाता है। इसके अलावा अभयारण्य में बाघ युवराज और बाघिन मीरा अपने शावकों के साथ लगातार देखे जा रहे हैं। वन विभाग के मुताबिक, बाघ परिवार की नियमित गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि खिवनी अब बाघों के लिए स्थायी आवास के रूप में विकसित हो रहा है। सुरक्षित वातावरण और बेहतर कॉरिडोर कनेक्टिविटी के चलते यहां बाघों की मौजूदगी लगातार मजबूत हो रही है।1
- Post by Sajid Pathan1
- कालापीपल विधानसभा की ग्राम पंचायत काकाडखेड़ा दुबड़ी के अंतर्गत सुने मकान चोरी की वारदात एक मामला सामने आया है जिसमें मकान मालिक सौरभ भाई पुत्र कमल जिनके मकान में चोरी की वारदात हुई है जब हमने आकर हमारी टीम ने यहां पर सर्च किया तो चोर ने चोरी तो की है लेकिन कुछ सबूत छोड़ गया है 112 डायल को सूचना दी मौका पर पुलिस पहुंची और सर्च किया मेंन रोड के दरवाजे पर ताला लगा हुआ था और पीछे के दरवाजे से चोर ने दावा बोला जिसमें एलसीडी टीवी और रकम 2 किलो बताई जा रही है मंगलसूत्र दो पांच कुंतल गेहूं चोरी हुए हैं1
- बैरसिया क्षेत्र में एक वेयरहाउस में बड़ी मात्रा में गेहूं भंडारण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। किसान कांग्रेस ने मामले में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। जिसके बाद क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। किसान कांग्रेस भोपाल ग्रामीण के अध्यक्ष रामभाई मेहर के नेतृत्व में सोमवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रैली के रूप में बैरसिया थाने पहुंचे और थाना प्रभारी वीरेन्द्र सेन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एक स्थानीय वेयरहाउस में 6522.50 क्विंटल गेहूं का अवैध भंडारण किया गया है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित वेयरहाउस को खाद्य विभाग द्वारा जांच के बाद ब्लैकलिस्ट किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। किसान कांग्रेस के अनुसार जांच के दौरान बड़ी मात्रा में गेहूं सरकारी बारदानों में भरा हुआ पाया गया था जबकि कुछ गेहूं खुले में भी रखा मिला। संगठन ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में जमाखोरी और कालाबाजारी की आशंका है तथा वेयरहाउस प्रबंधन और संबंधित संस्थाओं के बीच मिलीभगत की जांच की जानी चाहिए। संगठन ने प्रशासन से आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 कालाबाजारी निवारण अधिनियम 1980 तथा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। किसान कांग्रेस का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से न केवल शासकीय व्यवस्था प्रभावित होती है, बल्कि किसानों के हितों को भी नुकसान पहुंचता है। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि प्रदेश में जहां एक ओर बारदानों की कमी के कारण गेहूं खरीदी प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर एक ही स्थान पर बड़ी संख्या में बारदानों का उपयोग कई सवाल खड़े करता है। इधर खाद्य विभाग द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र के अन्य वेयरहाउसों की जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक स्तर पर पूरे प्रकरण की जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। किसान कांग्रेस के जिला ग्रामीण अध्यक्ष रामभाई मेहर ने चेतावनी दी है कि यदि मामले में शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा और आवश्यक होने पर न्यायालय की शरण भी लेगा। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनोखी मानसिंह पटेल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- इंदौर बैतूल हाईवे स्थित धनतलाब घाट पर जल्द जाम से मिल सकेगा छुटकारा, फोरलेन हाईवे का निर्माण कार्य घाट पर चल रहा है तेजी से मिलेगी राहत कन्नौद। राष्ट्रीय राजमार्ग इंदौर बैतूल फोर लेन का कार्य भी अब त्वरित गति से धनतालाब घाट पर भी प्रारंभ हो गया है। पुराना सिंगल रोड़ से कुछ ही दूरी यानी दतुनी नदी के किनारे किनारे बनने वाले इस रोड़ की दूरी कहीं दो सौ फीट तो कहीं सो फिट तो कहीं पचास फिट की दूरी से ही गुजर रहा है। इस रोड़ पर पहाड़ी को समतल किया जा रहा है।कहीं कहीं काफी कार्य हो चुका है।इस घाट पर जहां संकीर्ण पुलिया है वहां से कुछ दूरी यानी सो फिट की दूरी पर पीलर पर पुल बनेगा ।जबकि जहां पहाड़ी को समतल किया गया है वहां जमीन तल पर रोड़ बनेगा। श्रीजी कंपनी के अधिकारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि घाट पर जहां गहरी खाई है वहां तकरीबन 15 से 20 पीलर बनेंगे। उनकी ऊंचाई तकरीबन 20 फिट के लगभग होगी।इसकी डिजाइन भी बन चुकी है। घाट के ऊपरी हिस्सा पर कार्य शुरू हो चुका है ।इंदौर तरफ से आने पर उल्टे हाथ पर यानी उत्तर दिशा जहां घाट समाप्त होता है वहां से उक्त कार्य त्वरित गति से किया जा रहा है। पहाड़ियों को समतल किया जा रहा है ।प्रयास यह होगा कि जल्दी रोड़ समतल हो जायेगा तो घाट पर जब जाम लगेगा तो नवीन फोर लेन वाले कच्चे रोड़ से वाहनों की आवाजाही शुरू की जा सकती है।यह प्रयास किया जा रहा है।पीलर जब तक खड़े नहीं हो जाते तब तक साईड वाले वैकल्पिक रोड़ से जाम के समय में वाहनों को निकाला जा सकता है।वैसे इसमें कुछ समय लगेगा। क्योंकि कंपनी के वाहनों को भी कार्य करने के लिए वैकल्पिक रोड़ की आवश्यकता है।अभी तक धनतालाब घाट से लेकर ननासा तक 28 छोटी बड़ी पुल पुलिया बनकर तैयार हो चुकी है । पांच किलोमीटर का बेस बनकर तैयार हो चुका है जिसमें बहुत जल्दी डामरीकरण किया जाएगा। धनतालाब घाट पर चार पांच फीट की सीमेंट की मोटी दीवार बनेगी जो दातूनी नदी की किनारे किनारे बनेगी जिससे रोड़ की मजबूती की जायेगी। एक बड़ा पुलिया भी घाट की कुछ दूरी पर बन रहा है जिसमें दतुनी नदी को एक जगह से नीचे से निकाला जाएगा । पानीगांव बिजवाड़ रोड़ को जोड़ने वाला बड़ा अंडरपास पुलिया का निर्माण कार्य काफी हो चुका है उसमें अब छत डलने वाली है। वैसे इस रोड़ को पूर्ण होने में अभी एक से डेढ़ साल लगेगा।1