*आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यशैली से ग्रामीण परेशान, वर्षों से बंद पड़ा केंद्र, जिम्मेदार मौन* कौशाम्बी। सिराथू विकास खंड के देवखरपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति ने शासन की योजनाओं की हकीकत उजागर कर दी है। वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र में ताला लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल कागजों में संचालित हो रहा है। न तो नन्हे मासूम बच्चों को पोषाहार मिल रहा है और न ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाएं दी जा रही हैं। केंद्र परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद सिराथू की सीडीपीओ आंखें मूंदे बैठी हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर सुजाता चौहान पर अधिकारियों की इतनी मेहरबानी क्यों बरती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी नौनिहाल बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषाहार को डकार रहे हैं और शासन की योजनाओं का खुला मजाक उड़ाया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि देवखरपुर आंगनबाड़ी केंद्र की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और केंद्र को नियमित रूप से संचालित कराया जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
*आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यशैली से ग्रामीण परेशान, वर्षों से बंद पड़ा केंद्र, जिम्मेदार मौन* कौशाम्बी। सिराथू विकास खंड के देवखरपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति ने शासन की योजनाओं की हकीकत उजागर कर दी है। वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र में ताला लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल कागजों में संचालित हो रहा है। न तो नन्हे मासूम बच्चों को पोषाहार मिल रहा है और न ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाएं दी जा रही हैं। केंद्र परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद सिराथू की सीडीपीओ आंखें मूंदे बैठी हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर सुजाता चौहान पर अधिकारियों की इतनी मेहरबानी क्यों बरती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी नौनिहाल बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषाहार को डकार रहे हैं और शासन की योजनाओं का खुला मजाक उड़ाया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि देवखरपुर आंगनबाड़ी केंद्र की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और केंद्र को नियमित रूप से संचालित कराया जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
- जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चलाया गया मिशन शक्ति अभियान, किया जा रहा महिलाओं को जागरूक ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS कौशाम्बी... वृहस्पतिवार को जनपद कौशाम्बी के सभी थानों में मिशन शक्ति फेज 5.0, साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान तथा नये आपराधिक कानूनों के संबंध में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्पेशल टीमों द्वारा क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर महिलाओं-बालिकाओं को नारी सम्मान, नारी सुरक्षा, नारी स्वावलंबन एवं विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी विस्तार से दी गई। थाना मोहब्बतपुर पइंसा के ग्राम मोहब्बतपुर अनेठा में मिशन शक्ति टीम द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को साइबर अपराध से बचाव, महिला सशक्तिकरण तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के बारे में जागरूक किया गया।थाना महेवाघाट के मिशन शक्ति केंद्र में बालक-बालिकाओं एवं महिलाओं को बाल विवाह रोकथाम, गुड टच-बैड टच, आत्म-सुरक्षा, साइबर सुरक्षा तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता के संबंध में जानकारी दी गई। महिला थाना के कस्बा मंझनपुर क्षेत्र में एंटीरोमियो स्क्वाड द्वारा भ्रमणशील रहकर महिलाओं एवं बालिकाओं को नए आपराधिक कानून (BNS/BNSS), जीरो एफआईआर, ई-एफआईआर, गुड टच-बैड टच तथा महिला सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया। थाना करारी के कस्बा करारी स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बालक-बालिकाओं एवं महिलाओं को बाल विवाह निषेध, आत्म-सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव एवं महिला सशक्तिकरण विषयों पर जागरूक किया गया।थाना कड़ाधाम के श्री कारी सैय्यद सिद्दीकी इंटर कॉलेज, चूहापीरान में बालिकाओं को बाल विवाह निषेध अधिनियम, साइबर अपराध एवं महिला सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्रदान की गईं। थाना पश्चिम शरीरा के कस्बा पश्चिम शरीरा में मिशन शक्ति टीम द्वारा भ्रमणशील होकर महिलाओं एवं बालिकाओं को आत्म-सुरक्षा, गुड टच-बैड टच, साइबर सुरक्षा एवं निःशुल्क विधिक सहायता के प्रति जागरूक किया गया। थाना चरवा के मिशन शक्ति केंद्र में बाल विवाह रोकथाम, आत्म-सुरक्षा, साइबर जागरूकता, महिला सशक्तिकरण एवं विधिक सहायता संबंधी जानकारियाँ साझा की गईं।1
- *आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यशैली से ग्रामीण परेशान, वर्षों से बंद पड़ा केंद्र, जिम्मेदार मौन* कौशाम्बी। सिराथू विकास खंड के देवखरपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति ने शासन की योजनाओं की हकीकत उजागर कर दी है। वर्षों से आंगनबाड़ी केंद्र में ताला लटका हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्र केवल कागजों में संचालित हो रहा है। न तो नन्हे मासूम बच्चों को पोषाहार मिल रहा है और न ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाएं दी जा रही हैं। केंद्र परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद सिराथू की सीडीपीओ आंखें मूंदे बैठी हैं, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों में यह चर्चा जोरों पर है कि आखिर आंगनबाड़ी सुपरवाइजर सुजाता चौहान पर अधिकारियों की इतनी मेहरबानी क्यों बरती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी नौनिहाल बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषाहार को डकार रहे हैं और शासन की योजनाओं का खुला मजाक उड़ाया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि देवखरपुर आंगनबाड़ी केंद्र की तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और केंद्र को नियमित रूप से संचालित कराया जाए। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर लापरवाही पर कब संज्ञान लेता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।1
- थाने में दर्ज कराई शिकायत पुलिस से लगाई न्याय की गुहार।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- Post by Om prakash Rajput7
- ये वीडियो में जो टाइपिंग है उसे पढ़ो1
- *जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप* *कौशाम्बी। जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे।* *स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?*2
- ग्राम कानेमई में हुई हत्या की घटना का सैनी पुलिस ने किया सफल अनावरण, अभियुक्त गिरफ्तार एसपी राजेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर किया खुलासा ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS कौशाम्बी...ग्राम कानेमई में हुई हत्या की घटना का सैनी पुलिस ने सफल अनावरण कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। एसपी राजेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी है।गौरतलब हो कि दिनांक 02.02.2026 को सुबह 06.00 बजे थाना सैनी को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम कानेमई के गणेश प्रसाद की हत्या कर दी गयी है और शव, गांव के बाहर स्थित उनके मकान के बाहर टिन शेड के नीचे चारपाई पर पड़ा हुआ है। हत्या के सम्बन्ध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना सैनी पर मु0अ0सं0 36/26 धारा 103 (1) बीएनएस बनाम पूर्ण शंकर पंजीकृत किया गया था। सूचना पर तत्काल थाना सैनी पुलिस द्वारा मौके पर जाकर देखा गया तो मृतक के सिर पर धारदार हथियार से चोट के निशान पाये गये थे। साक्ष्य संकलन के क्रम में फील्ड यूनिट/फोरेंसिक टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण एवं स्थानीय पुलिस द्वारा पंचायतनामा/पोस्टमार्टम की कार्यवाही पूर्ण करायी गयी। घटना की गम्भीरता के दृष्टिगत राजेश कुमार पुलिस अधीक्षक कौशाम्बी द्वारा घटना के शीघ्र, सफल अनावरण एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु टीमों का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये थे।इसी क्रम में घटना के अनावरण हेतु गठित टीमों द्वारा इलेक्ट्रानिक सर्विलांस की मदद, सीसीटीवी कैमरो के अवलोकन तथा साक्ष्य संकलन से प्रकाश में आये अभियुक्त आकाश पुत्र पुजारी लाल निवासी कानेमई थाना सैनी जनपद कौशाम्बी को मुखबिर खास की सूचना के आधार पर भौंतर गांव के समीप स्थित तिराहा के पास से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त की निशादेही पर घटना में प्रयुक्त आला कत्ल एक कुल्हड़ी, अभियुक्त के जले हुये जेकेट का अवशेष, मृतक के मोबाइल के जले हुये अवशेष तथा घटना में प्रयुक्त मोटर साइकिल बरामद किया गया। अभियुक्त द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर बताया गया कि करीब 04 महीने पहले मैं गणेश (मृतक) की लड़की को अपने साथ भगा ले गया था, इसी वजह से उनके द्वारा मेरे खिलाफ मुकदमा लिखवा कर मुझे परेशान किया जा रहा था और वह मुझे जेल भेजवाना चाहता था, इसीलिए मैं छिपकर अपनी बुआ के घर रह रहा था। इसके बाद भी गणेश व उसके परिवार के लोगों द्वारा मेरे घर वालों को परेशान किया जा रहा था, जिससे मैंने गुस्से में आकर गणेश को जान से मारने की योजना बनाई। दिनांक 01.02.2026 की रात्रि को मैंने मोटर साईकिल की डिग्गी में कुल्हाड़ी रखकर गणेश प्रसाद के मकान के पास आया और देखा कि गणेश प्रसाद अपने मकान के आगे बने टिन शेड में चारपाई पर सो रहा था तभी मैने कुल्हाड़ी से गणेश के सिर में मारकर उसकी हत्या कर दी। वहाँ जल रहे बल्ब को तोड़कर अन्धेरा कर दिया और चारपाई पर पड़े उसके मोबाइल को भी अपने साथ ले गया था। कुल्हाड़ी को रास्ते में एक तालाब में फेक दिया और बाद में सबूत मिटाने के लिये मैंने अपने खून लगे हुये जैकेट व गणेश के मोबाइल को जला दिया था।उल्लेखनीय है कि थाना सैनी पुलिस की सक्रियता एवं निष्पक्ष कार्यवाही से घटना का सफल अनावरण किया गया तथा वास्तविक अभियुक्त आकाश के विरुद्ध कार्यवाही करते हुये मुकदमें में नामित निर्दोष व्यक्ति को जेल जाने से बचाया जा सका।विधिक कार्यवाही के पश्चात अभियुक्त को न्यायालय भेजा गया है।1