जालौन में ईओ का महिलाओं ने खींचा दुपट्टा, VIDEO:सरकारी भूमि से 40 साल पुराने अवैध मकान तोड़ने पर हुआ हंगामा कोंच (जालौन), जालौन के कोंच नगर पालिका क्षेत्र के गांधी नगर इलाके में सोमवार दोपहर एक बजे नगर पालिका प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। राजस्व विभाग और पुलिस टीम के साथ मिलकर पालिका की परती भूमि पर बने अस्थायी मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। ये मकान लगभग 40 वर्षों से अवैध रूप से कब्जा कर बनाए गए थे। कार्रवाई के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने ईओ का दुपट्टा खींचा। मकान गिराने पहुंची नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव का दुपट्टा खींचा। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान नगर पालिका प्रशासन की टीम। विरोध करती महिलाओं को हटाती पुलिस। मामला कोंच नगर पालिका क्षेत्र के गांधी नगर इलाके का है। सोमवार दोपहर करीब एक बजे नगर पालिका की टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। परती भूमि पर बने अस्थायी तीन मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान कई परिवारों का घरेलू सामान मलबे में दब गया, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बस्ती की महिलाओं ने इसका कड़ा विरोध किया। अपने घरों को गिरते देख कई महिलाएं आक्रोशित हो गईं और मौके पर मौजूद अधिकारियों से बहस करने लगीं। पुलिस ने कब्जाधारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के अनुसार, इन अतिक्रमणकारियों को पूर्व में कई बार नोटिस और चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं हटाया। कुछ महिलाओं ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) के साथ धक्का-मुक्की करने और उनके कपड़े खींचने का भी प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और महिलाओं को समझाकर शांत कराया। पीड़ितों का ईओ पर तानाशाही का आरोप शांति देवी, ममता, चुन्ना लाल पीड़ित परिवारों के मकान गिराए गए हैं। उन्होंने नगर पालिका पर तानाशाही का आरोप लगाया है और बताया कि उन्हें यह जगह नसबंदी ऑपरेशन में मिली थी, और हम सभी लोग करीब 40 साल से यहां निवास कर रहे हैं। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने इसको सरकारी भूमि बताकर हमारे मकानों को गिरा दिया है। अचानक घर टूटने से उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम वीरेंद्र गुप्ता, नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव, सीओ परमेश्वर प्रसाद, कोतवाली प्रभारी ब्रजेंद्र कुमार, वरिष्ठ अशोक वर्मा, आरआई सुनील यादव और लिपिक शहजाद सहित राजस्व व पुलिस विभाग की टीमें मौजूद थीं। नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव ने बताया कि वहां रह रहे परिवारों को 15 दिन पहले नोटिस दी गई थी। इसके बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराना आवश्यक था और यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है।
जालौन में ईओ का महिलाओं ने खींचा दुपट्टा, VIDEO:सरकारी भूमि से 40 साल पुराने अवैध मकान तोड़ने पर हुआ हंगामा कोंच (जालौन), जालौन के कोंच नगर पालिका क्षेत्र के गांधी नगर इलाके में सोमवार दोपहर एक बजे नगर पालिका प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। राजस्व विभाग और पुलिस टीम के साथ मिलकर पालिका की परती भूमि पर बने अस्थायी मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। ये मकान लगभग 40 वर्षों से अवैध रूप से कब्जा कर बनाए गए थे। कार्रवाई के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने ईओ का दुपट्टा खींचा। मकान गिराने पहुंची नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव का दुपट्टा खींचा। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान नगर पालिका प्रशासन की टीम। विरोध करती महिलाओं को हटाती पुलिस। मामला कोंच नगर पालिका क्षेत्र के गांधी नगर इलाके का है। सोमवार दोपहर करीब एक बजे नगर पालिका की टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। परती भूमि पर बने अस्थायी तीन मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान कई परिवारों का घरेलू सामान मलबे में दब गया, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बस्ती की महिलाओं ने इसका कड़ा विरोध किया। अपने घरों को गिरते देख कई महिलाएं आक्रोशित हो गईं और मौके पर मौजूद अधिकारियों से बहस करने लगीं। पुलिस ने कब्जाधारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के अनुसार, इन अतिक्रमणकारियों को पूर्व में कई बार नोटिस और चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं हटाया। कुछ महिलाओं ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) के साथ धक्का-मुक्की करने और उनके कपड़े खींचने का भी प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और महिलाओं को समझाकर शांत कराया। पीड़ितों का ईओ पर तानाशाही का आरोप शांति देवी, ममता, चुन्ना लाल पीड़ित परिवारों के मकान गिराए गए हैं। उन्होंने नगर पालिका पर तानाशाही का आरोप लगाया है और बताया कि उन्हें यह जगह नसबंदी ऑपरेशन में मिली थी, और हम सभी लोग करीब 40 साल से यहां निवास कर रहे हैं। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने इसको सरकारी भूमि बताकर हमारे मकानों को गिरा दिया है। अचानक घर टूटने से उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम वीरेंद्र गुप्ता, नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव, सीओ परमेश्वर प्रसाद, कोतवाली प्रभारी ब्रजेंद्र कुमार, वरिष्ठ अशोक वर्मा, आरआई सुनील यादव और लिपिक शहजाद सहित राजस्व व पुलिस विभाग की टीमें मौजूद थीं। नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव ने बताया कि वहां रह रहे परिवारों को 15 दिन पहले नोटिस दी गई थी। इसके बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराना आवश्यक था और यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है।
- जालौन में ईओ का महिलाओं ने खींचा दुपट्टा, VIDEO:सरकारी भूमि से 40 साल पुराने अवैध मकान तोड़ने पर हुआ हंगामा कोंच (जालौन), जालौन के कोंच नगर पालिका क्षेत्र के गांधी नगर इलाके में सोमवार दोपहर एक बजे नगर पालिका प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। राजस्व विभाग और पुलिस टीम के साथ मिलकर पालिका की परती भूमि पर बने अस्थायी मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। ये मकान लगभग 40 वर्षों से अवैध रूप से कब्जा कर बनाए गए थे। कार्रवाई के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने ईओ का दुपट्टा खींचा। मकान गिराने पहुंची नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव का दुपट्टा खींचा। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान नगर पालिका प्रशासन की टीम। विरोध करती महिलाओं को हटाती पुलिस। मामला कोंच नगर पालिका क्षेत्र के गांधी नगर इलाके का है। सोमवार दोपहर करीब एक बजे नगर पालिका की टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। परती भूमि पर बने अस्थायी तीन मकानों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान कई परिवारों का घरेलू सामान मलबे में दब गया, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बस्ती की महिलाओं ने इसका कड़ा विरोध किया। अपने घरों को गिरते देख कई महिलाएं आक्रोशित हो गईं और मौके पर मौजूद अधिकारियों से बहस करने लगीं। पुलिस ने कब्जाधारियों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों के अनुसार, इन अतिक्रमणकारियों को पूर्व में कई बार नोटिस और चेतावनी दी जा चुकी थी, लेकिन उन्होंने कब्जा नहीं हटाया। कुछ महिलाओं ने अधिशासी अधिकारी (ईओ) के साथ धक्का-मुक्की करने और उनके कपड़े खींचने का भी प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत स्थिति को नियंत्रित किया और महिलाओं को समझाकर शांत कराया। पीड़ितों का ईओ पर तानाशाही का आरोप शांति देवी, ममता, चुन्ना लाल पीड़ित परिवारों के मकान गिराए गए हैं। उन्होंने नगर पालिका पर तानाशाही का आरोप लगाया है और बताया कि उन्हें यह जगह नसबंदी ऑपरेशन में मिली थी, और हम सभी लोग करीब 40 साल से यहां निवास कर रहे हैं। इसके बावजूद नगर पालिका प्रशासन ने इसको सरकारी भूमि बताकर हमारे मकानों को गिरा दिया है। अचानक घर टूटने से उनके सामने रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था की मांग की है। इस कार्रवाई के दौरान एसडीएम वीरेंद्र गुप्ता, नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव, सीओ परमेश्वर प्रसाद, कोतवाली प्रभारी ब्रजेंद्र कुमार, वरिष्ठ अशोक वर्मा, आरआई सुनील यादव और लिपिक शहजाद सहित राजस्व व पुलिस विभाग की टीमें मौजूद थीं। नगर पालिका की ईओ मोनिका उमराव ने बताया कि वहां रह रहे परिवारों को 15 दिन पहले नोटिस दी गई थी। इसके बाद भी कब्जा नहीं हटाया गया। सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराना आवश्यक था और यह कार्रवाई नियमानुसार की गई है।1
- सड़क हादसे में राजमिस्त्री की मौत, परिवार का इकलौता सहारा छिना कानपुर देहात। संदलपुर ब्लॉक के नैप्लापुर गांव निवासी गोपाल पाल (23) पुत्र असर्फी लाल की सड़क हादसे में इलाज के दौरान मौत हो गई। गोपाल पेशे से राजमिस्त्री था और रोज़गार के सिलसिले में अपने गांव नैप्लापुर से औरैया जा रहा था। यह दर्दनाक हादसा नैप्लापुर गांव के पास कल दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ। ग्रामीणों के अनुसार गोपाल की मोटरसाइकिल की आमने-सामने लोडर वाहन से टक्कर हो गई। बताया जा रहा है कि लोडर औरैया से मंगलपुर की ओर जा रहा था। हादसे के बाद लोडर को गांव में ही खड़ा कर दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लोडर चालक नशे की हालत में था। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से गंभीर रूप से घायल गोपाल को पहले हवासपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत नाजुक देखते हुए उसे सीधे हैलट अस्पताल, कानपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान हैलट अस्पताल में गोपाल ने दम तोड़ दिया। गोपाल अपने परिवार का मुख्य सहारा था। वह दो भाइयों में बड़ा था, उसका छोटा भाई गोविंद है। परिवार में मां राजकुमारी और पिता असर्फी लाल हैं। गोपाल की तीन बहनें हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। हादसे की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं गांव में शोक की लहर फैल गई है।1
- राजपुर थाना क्षेत्र में यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाने का मामला सामने आया है। भाल गांव के समीप डीजे की तेज धुन पर एक स्कॉर्पियो कार में सवार युवक कार की छत पर बैठकर हुड़दंग मचाते नजर आए। इस दौरान सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे स्कूली बच्चों सहित राहगीरों को निकलने में भारी परेशानी उठानी पड़ी। लापरवाह युवकों की इस हरकत से किसी बड़े हादसे की आशंका भी बनी रही। कार सवार युवकों का यह वीडियो रविवार को करीब 10 बजे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करती है।1
- सड़क दुर्घटना में घायल राम दुलारी की मौत, शव घर लाए स्वजन मंगलपुर के ताली गांव निवासी राम दुलारी (57) की सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए ले गए थे, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका। मौत की सूचना मिलते ही स्वजन शव घर ले आए, जिससे गांव में शोक का माहौल है।2
- जालौन जिले से गुजरने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे से जुड़ी खबर, चलते चलते आग का गोला बना ट्रक, ड्राइवर और कंडक्टर ने कूदकर जान बचाई, शाहजहांपुर से झांसी ईट लादकर ले जा रहा था ट्रक, मौके पर पहुंची पुलिस तथा फायरबिग्रेड ने आग पर काबू पाया, जालौन जिले के बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के किलोमीटर संख्या 230 कुठोंद थाना क्षेत्र का मामला!!1
- Post by Sugirv Kushwha1
- जालौन उरई शराब पीने से रोकने पर की मारपीट1
- जालौन जालौन में युवक को शराब पीने से मना करना पड़ोसी को पड़ा भारी, युवक ने अपने साथियों संग बीच सड़क पर पड़ोसी को बेरहमी से पीटा, आधा दर्जन से अधिक लोगों ने लाठी और सरिया से मारपीट कर पड़ोसी व्यक्ति को किया गंभीर घायल, गंभीर रूप घायल हुए व्यक्ति को जिला प्रशासन उरई में कराया गया भर्ती, बीच सड़क पर मारपीट का वीडियो राहगीरों ने बनाकर सोशल मीडिया पर हुआ वायरल, सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी, जालौन के उरई कोतवाली क्षेत्र के झांसी चुंगी का मामला।4