logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

सारंगढ़ में लगातार हो रही बारिश अब खतरे की घंटी बन चुकी है, जहाँ सारंगढ़-सरसीवा मार्ग पर ग्राम चुरेला के पास स्थित एनएच-130बी के पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना की कोई खबर नहीं है, लेकिन स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और आवागमन काफी जोखिम भरा हो गया है। आश्चर्य की बात यह है कि इस गंभीर खतरे के बावजूद बस, ट्रक, कार और बाइक चालक लगातार अपनी जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं। इस लगातार आवाजाही से दुर्घटना की आशंका और भी अधिक बढ़ गई है, जिस पर यदि प्रशासन ने समय रहते सख्ती नहीं दिखाई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह स्थिति हर साल बारिश के मौसम में बनती है, जिससे यह साफ होता है कि यह सिर्फ एक तात्कालिक समस्या नहीं है। क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस पुल को बड़ा और नया बनाने की मांग करती आ रही है, लेकिन प्रशासन और सरकार दोनों ने ही इस गंभीर विषय पर कभी ध्यान नहीं दिया। संकरा और छोटा पुल होने के कारण यहाँ पहले भी हादसे होते रहे हैं, लेकिन अनदेखी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। जनता पूछ रही है कि प्रशासन कब जागेगा और इस जानलेवा समस्या का स्थायी समाधान कब निकलेगा।

8 hrs ago
user_पत्रकारिकता
पत्रकारिकता
Local News Reporter सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
8 hrs ago

सारंगढ़ में लगातार हो रही बारिश अब खतरे की घंटी बन चुकी है, जहाँ सारंगढ़-सरसीवा मार्ग पर ग्राम चुरेला के पास स्थित एनएच-130बी के पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। हालांकि अभी तक किसी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना की कोई खबर नहीं है, लेकिन स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है और आवागमन काफी जोखिम भरा हो गया है। आश्चर्य की बात यह है कि इस गंभीर खतरे के बावजूद बस, ट्रक, कार और बाइक चालक लगातार अपनी जान जोखिम में डालकर पुल पार कर रहे हैं। इस लगातार आवाजाही से दुर्घटना की आशंका और भी अधिक बढ़ गई है, जिस पर यदि प्रशासन ने समय रहते सख्ती नहीं दिखाई तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह स्थिति हर साल बारिश के मौसम में बनती है, जिससे यह साफ होता है कि यह सिर्फ एक तात्कालिक समस्या नहीं है। क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस पुल को बड़ा और नया बनाने की मांग करती आ रही है, लेकिन प्रशासन और सरकार दोनों ने ही इस गंभीर विषय पर कभी ध्यान नहीं दिया। संकरा और छोटा पुल होने के कारण यहाँ पहले भी हादसे होते रहे हैं, लेकिन अनदेखी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। जनता पूछ रही है कि प्रशासन कब जागेगा और इस जानलेवा समस्या का स्थायी समाधान कब निकलेगा।

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए कलेक्टर ने एक विशेष पहल शुरू की है, जिसके तहत जिले में 175 कुपोषित बच्चों की पहचान की गई है। इन बच्चों के लिए एक विशेष निगरानी और सुपोषण योजना लागू की गई है, जिसकी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सौंपी गई है। इस पहल के अंतर्गत, कुपोषित बच्चों वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का चिन्हांकन किया गया है और उन केंद्रों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी नियमित रूप से बच्चों के स्वास्थ्य, वजन और पोषण स्तर की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही, गृह भ्रमण कर अभिभावकों को पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जाएगा। कलेक्टर ने सभी आवंटित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आपको बता दें कि जिले में अब तक 72 आंगनबाड़ी केंद्र कुपोषण मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। जिला अस्पताल सारंगढ़ में संचालित सुपोषण केंद्र भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले दो सालों में 465 कुपोषित बच्चों को एनआरसी सेंटर में भर्ती कर उपचार और सुपोषण आहार प्रदान किया गया। जनवरी से दिसंबर 2024 तक भर्ती हुए 177 बच्चों में से 80 प्रतिशत बच्चे सामान्य श्रेणी में आए, वहीं साल 2025 में भर्ती 170 बच्चों में लगभग 83 प्रतिशत बच्चे सामान्य श्रेणी में शामिल हुए। प्रशासन का लक्ष्य लगातार निगरानी, उपचार और पोषण आहार के माध्यम से पूरे जिले को कुपोषण मुक्त बनाना है। कलेक्टर की इस शानदार पहल की चारों ओर खूब चर्चा हो रही है, जिसमें जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की इस नई कोशिश और 175 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन पर प्रशासनिक निगरानी रखने पर जोर दिया जा रहा है।
    1
    सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले को कुपोषण मुक्त बनाने के लिए कलेक्टर ने एक विशेष पहल शुरू की है, जिसके तहत जिले में 175 कुपोषित बच्चों की पहचान की गई है। इन बच्चों के लिए एक विशेष निगरानी और सुपोषण योजना लागू की गई है, जिसकी जिम्मेदारी महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को सौंपी गई है।

इस पहल के अंतर्गत, कुपोषित बच्चों वाले आंगनबाड़ी केंद्रों का चिन्हांकन किया गया है और उन केंद्रों पर अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी नियमित रूप से बच्चों के स्वास्थ्य, वजन और पोषण स्तर की निगरानी करेंगे। इसके साथ ही, गृह भ्रमण कर अभिभावकों को पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जाएगा। कलेक्टर ने सभी आवंटित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

आपको बता दें कि जिले में अब तक 72 आंगनबाड़ी केंद्र कुपोषण मुक्त घोषित किए जा चुके हैं। जिला अस्पताल सारंगढ़ में संचालित सुपोषण केंद्र भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पिछले दो सालों में 465 कुपोषित बच्चों को एनआरसी सेंटर में भर्ती कर उपचार और सुपोषण आहार प्रदान किया गया। जनवरी से दिसंबर 2024 तक भर्ती हुए 177 बच्चों में से 80 प्रतिशत बच्चे सामान्य श्रेणी में आए, वहीं साल 2025 में भर्ती 170 बच्चों में लगभग 83 प्रतिशत बच्चे सामान्य श्रेणी में शामिल हुए।

प्रशासन का लक्ष्य लगातार निगरानी, उपचार और पोषण आहार के माध्यम से पूरे जिले को कुपोषण मुक्त बनाना है। कलेक्टर की इस शानदार पहल की चारों ओर खूब चर्चा हो रही है, जिसमें जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की इस नई कोशिश और 175 कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन पर प्रशासनिक निगरानी रखने पर जोर दिया जा रहा है।
    user_पत्रकारिकता
    पत्रकारिकता
    Local News Reporter सारंगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • यह पोस्ट भक्तिपूर्ण उद्घोषों 'हर हर महादेव' और 'जय शिव शंभु' को व्यक्त करती है।
    2
    यह पोस्ट भक्तिपूर्ण उद्घोषों 'हर हर महादेव' और 'जय शिव शंभु' को व्यक्त करती है।
    user_𝑲𝒓𝒊𝒔𝒉𝒏𝒂
    𝑲𝒓𝒊𝒔𝒉𝒏𝒂
    Police Officer सारंगढ़ बिलाईगढ़, सारंगढ़ बिलाईगढ़, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • रायगढ़ के ढीमरापुर चौक स्थित एक घर में बिस्तर के नीचे बेहद जहरीला 'कॉमन करैत' सांप छिपा बैठा था। इस सांप को 'साइलेंट किलर' के रूप में जाना जाता है, जिससे घर में नींद की आड़ में मौत का साया मंडरा रहा था। खतरनाक स्थिति को देखते हुए, इस जहरीले सांप को घर से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है।
    1
    रायगढ़ के ढीमरापुर चौक स्थित एक घर में बिस्तर के नीचे बेहद जहरीला 'कॉमन करैत' सांप छिपा बैठा था। इस सांप को 'साइलेंट किलर' के रूप में जाना जाता है, जिससे घर में नींद की आड़ में मौत का साया मंडरा रहा था। खतरनाक स्थिति को देखते हुए, इस जहरीले सांप को घर से सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया गया है।
    user_Raigarh Chhattisgarh
    Raigarh Chhattisgarh
    रायगढ़, रायगढ़, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • जांजगीर में एक ग्रामीण के साथ उठाईगिरी की घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात बदमाशों ने उसकी बाइक की डिक्की से 60,000 रुपये चुरा लिए। ग्रामीण बैंक आया था और इसी दौरान यह वारदात हुई। घटना के बाद, घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
    1
    जांजगीर में एक ग्रामीण के साथ उठाईगिरी की घटना सामने आई है, जहाँ अज्ञात बदमाशों ने उसकी बाइक की डिक्की से 60,000 रुपये चुरा लिए। ग्रामीण बैंक आया था और इसी दौरान यह वारदात हुई। घटना के बाद, घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया है। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
    user_Bhupendra lahare
    Bhupendra lahare
    Farmer मलखरोदा, सक्ती, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के सिसरिंगा घाट पर भारतमाला सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि बंजारी मंदिर के सामने हुए इस निर्माण में निर्धारित राइट ऑफ वे (ROW) के बाहर तक बुलडोजर चलाकर मंदिर की संपत्तियों, सरकारी निर्माण और वन भूमि को प्रभावित किया गया, वह भी बिना अधिग्रहण और बिना किसी मुआवजे के। उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, निर्माण एजेंसी मेसर्स दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने मई 2026 में स्थानीय एसडीएम से केवल ROW के किनारे स्थित एक सामुदायिक शौचालय को हटाने की अनुमति मांगी थी, जिसमें कार्य पूरा होने के बाद उसके पुनर्निर्माण का आश्वासन भी दिया गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों और उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक, ROW से कई मीटर बाहर स्थित सामुदायिक शौचालय, एक कुआँ, मंदिर से जुड़ी संपत्तियां और वन भूमि पर मौजूद बड़ी संख्या में पेड़ भी प्रभावित हुए हैं। इन पर आरोप है कि इनका न तो अधिग्रहण किया गया, न नुकसान का आंकलन हुआ और न ही कोई मुआवजा दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि ROW के बाहर स्थित वन संपदा को हुए नुकसान के संबंध में उन्हें कोई सूचना या अनुमति का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि हाईटेंशन बिजली टावर को शिफ्ट करने से बचने के लिए सड़क निर्माण दूसरी ओर ROW के बाहर तक किया गया। इस मामले में, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के सीईओ एम. एल. साहू ने सामुदायिक शौचालय के प्रभावित होने, अधिग्रहण या हटाए जाने की कोई जानकारी न होने की बात कही है। दूसरी ओर, DBL के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह ने कहा है कि जहाँ भी नुकसान हुआ है, उसका निर्माण कराया जाएगा। यह पूरा प्रकरण अब गंभीर जांच का विषय बन गया है, जहाँ यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि नुकसान वास्तव में ROW के बाहर हुआ, तो इसकी अनुमति किसने दी, नुकसान का आंकलन क्यों नहीं किया गया, संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
    4
    छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र के सिसरिंगा घाट पर भारतमाला सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि बंजारी मंदिर के सामने हुए इस निर्माण में निर्धारित राइट ऑफ वे (ROW) के बाहर तक बुलडोजर चलाकर मंदिर की संपत्तियों, सरकारी निर्माण और वन भूमि को प्रभावित किया गया, वह भी बिना अधिग्रहण और बिना किसी मुआवजे के।

उपलब्ध दस्तावेज़ों के अनुसार, निर्माण एजेंसी मेसर्स दिलीप बिल्डकॉन लिमिटेड (DBL) ने मई 2026 में स्थानीय एसडीएम से केवल ROW के किनारे स्थित एक सामुदायिक शौचालय को हटाने की अनुमति मांगी थी, जिसमें कार्य पूरा होने के बाद उसके पुनर्निर्माण का आश्वासन भी दिया गया था। हालांकि, स्थानीय अधिकारियों और उपलब्ध जानकारियों के मुताबिक, ROW से कई मीटर बाहर स्थित सामुदायिक शौचालय, एक कुआँ, मंदिर से जुड़ी संपत्तियां और वन भूमि पर मौजूद बड़ी संख्या में पेड़ भी प्रभावित हुए हैं। इन पर आरोप है कि इनका न तो अधिग्रहण किया गया, न नुकसान का आंकलन हुआ और न ही कोई मुआवजा दिया गया। वन विभाग के अधिकारियों का भी कहना है कि ROW के बाहर स्थित वन संपदा को हुए नुकसान के संबंध में उन्हें कोई सूचना या अनुमति का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लग रहे हैं कि हाईटेंशन बिजली टावर को शिफ्ट करने से बचने के लिए सड़क निर्माण दूसरी ओर ROW के बाहर तक किया गया।

इस मामले में, जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के सीईओ एम. एल. साहू ने सामुदायिक शौचालय के प्रभावित होने, अधिग्रहण या हटाए जाने की कोई जानकारी न होने की बात कही है। दूसरी ओर, DBL के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह ने कहा है कि जहाँ भी नुकसान हुआ है, उसका निर्माण कराया जाएगा। यह पूरा प्रकरण अब गंभीर जांच का विषय बन गया है, जहाँ यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि नुकसान वास्तव में ROW के बाहर हुआ, तो इसकी अनुमति किसने दी, नुकसान का आंकलन क्यों नहीं किया गया, संबंधित विभागों ने क्या कार्रवाई की, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है, तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी।
    user_ऋषभ तिवारी
    ऋषभ तिवारी
    पत्रकार Udaipur (Dharamjaigarh), Raigarh•
    2 hrs ago
  • बिलासपुर जिले में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खरीफ सीजन में धान की बोनी और रोपाई का काम तेजी से चल रहा है। इस स्थिति को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। केंद्र ने किसानों को प्रमाणित और उन्नत किस्म के धान के बीजों का उपयोग करने, बीजोपचार अपनाने तथा संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करते हुए वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सिफारिश की है। कृषि विज्ञान केंद्र ने विशेष रूप से इंद्रावती धान, एमटीयू-1153, विक्रम टीसीआर और छत्तीसगढ़ धान-1919 जैसी उन्नत एवं प्रमाणित किस्मों के बीजों के इस्तेमाल की सलाह दी है। सीधी बोनी करने वाले किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 50 किलोग्राम बीज का उपयोग करने, 20 सेंटीमीटर की कतार दूरी रखने और 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई पर बुवाई करने की अनुशंसा की गई है, जिससे पौधों का समान विकास होता है और फसल प्रबंधन आसान हो जाता है। रोपाई विधि अपनाने वाले किसानों को 20 से 21 दिन की स्वस्थ पौध का उपयोग करने तथा 20x10 सेंटीमीटर की दूरी पर प्रति स्थान 2 से 3 पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, नर्सरी की उचित देखभाल, समय पर रोपाई पूरी करने और खेत में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। केंद्र ने किसानों को बुवाई से पहले बीजोपचार अनिवार्य रूप से करने, समय पर खरपतवार नियंत्रण करने और अनुशंसित मात्रा में नत्रजन, स्फुर एवं पोटाश का संतुलित उपयोग करने की भी सलाह दी है ताकि फसल की अच्छी बढ़वार सुनिश्चित हो सके और अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में जिले में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को इस अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर धान की बोनी एवं रोपाई का कार्य समय पर पूरा करने की सलाह दी गई है। साथ ही, कीटनाशकों का छिड़काव केवल मौसम साफ रहने पर ही करने और खेतों की नियमित निगरानी रखने की अपील भी की गई है।
    1
    बिलासपुर जिले में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के साथ ही खरीफ सीजन में धान की बोनी और रोपाई का काम तेजी से चल रहा है। इस स्थिति को देखते हुए कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर ने किसानों के लिए मौसम आधारित कृषि सलाह जारी की है। केंद्र ने किसानों को प्रमाणित और उन्नत किस्म के धान के बीजों का उपयोग करने, बीजोपचार अपनाने तथा संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करते हुए वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सिफारिश की है।

कृषि विज्ञान केंद्र ने विशेष रूप से इंद्रावती धान, एमटीयू-1153, विक्रम टीसीआर और छत्तीसगढ़ धान-1919 जैसी उन्नत एवं प्रमाणित किस्मों के बीजों के इस्तेमाल की सलाह दी है। सीधी बोनी करने वाले किसानों के लिए प्रति हेक्टेयर 50 किलोग्राम बीज का उपयोग करने, 20 सेंटीमीटर की कतार दूरी रखने और 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई पर बुवाई करने की अनुशंसा की गई है, जिससे पौधों का समान विकास होता है और फसल प्रबंधन आसान हो जाता है। रोपाई विधि अपनाने वाले किसानों को 20 से 21 दिन की स्वस्थ पौध का उपयोग करने तथा 20x10 सेंटीमीटर की दूरी पर प्रति स्थान 2 से 3 पौधे लगाने का सुझाव दिया गया है। इसके अतिरिक्त, नर्सरी की उचित देखभाल, समय पर रोपाई पूरी करने और खेत में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।

केंद्र ने किसानों को बुवाई से पहले बीजोपचार अनिवार्य रूप से करने, समय पर खरपतवार नियंत्रण करने और अनुशंसित मात्रा में नत्रजन, स्फुर एवं पोटाश का संतुलित उपयोग करने की भी सलाह दी है ताकि फसल की अच्छी बढ़वार सुनिश्चित हो सके और अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सके। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में जिले में घने बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है। ऐसे में किसानों को इस अनुकूल मौसम का लाभ उठाकर धान की बोनी एवं रोपाई का कार्य समय पर पूरा करने की सलाह दी गई है। साथ ही, कीटनाशकों का छिड़काव केवल मौसम साफ रहने पर ही करने और खेतों की नियमित निगरानी रखने की अपील भी की गई है।
    user_Durgesh maravi
    Durgesh maravi
    Korba, Chhattisgarh•
    3 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल स्थित तुरतुरिया में, तेज बहाव के बीच सैकड़ों लोग फंस गए हैं।
    1
    छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल स्थित तुरतुरिया में, तेज बहाव के बीच सैकड़ों लोग फंस गए हैं।
    user_Tarachanad Kathotre
    Tarachanad Kathotre
    Advertising agency Lawan, Baloda Bazar•
    7 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.