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बाड़ी में चुनाव से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च:मतदाताओं से कहा- बिना डर करें मतदान; पोलिंग बूथों का भी लिया जायजा बाड़ी में नगर पालिका चुनाव को लेकर प्रशासन मतदाताओं को जागरूक करने का अभियान चला रहा है। वहीं, शहर की पुलिस भी निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के लिए लगातार मुख्य बाजार में फ्लैग मार्च कर रही है। इसके साथ ही, पुलिस अधिकारियों ने वार्डों में लोगों से मिलने का अभियान भी शुरू किया है।
रोहित वर्मा
बाड़ी में चुनाव से पहले पुलिस का फ्लैग मार्च:मतदाताओं से कहा- बिना डर करें मतदान; पोलिंग बूथों का भी लिया जायजा बाड़ी में नगर पालिका चुनाव को लेकर प्रशासन मतदाताओं को जागरूक करने का अभियान चला रहा है। वहीं, शहर की पुलिस भी निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान के लिए लगातार मुख्य बाजार में फ्लैग मार्च कर रही है। इसके साथ ही, पुलिस अधिकारियों ने वार्डों में लोगों से मिलने का अभियान भी शुरू किया है।
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- टाइगर रिजर्व के विरोध में 23वें दिन भी आंदोलन जारी, हजारों ग्रामीणों ने उठाई विस्थापन के खिलाफ आवाज X पर दिनभर ट्रेंड हुआ #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो, सरकार के सामने रखी मांगें टाइगर रिजर्व के विरोध में 23वें दिन भी आंदोलन जारी, हजारों ग्रामीणों ने उठाई विस्थापन के खिलाफ आवाज सरमथुरा। धौलपुर-करौली टाइगर रिजर्व के प्रस्ताव को लेकर सरमथुरा उपखंड क्षेत्र में ग्रामीणों का विरोध लगातार जारी है। गुरुवार को आंदोलन के 23वें दिन धरना स्थल पर हजारों की संख्या में ग्रामीण जुटे। आसपास के गांवों के साथ ही दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे। टाइगर रिजर्व के विरोध में चल रहे आंदोलन को लेकर गुरुवार को X (ट्विटर) पर #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो अभियान दिनभर ट्रेंड करता रहा। अभियान के माध्यम से लोगों ने सरकार के सामने अपनी मांगें और स्थानीय लोगों की चिंताएं रखीं। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में पोस्ट और संदेशों के जरिए टाइगर रिजर्व को लेकर ग्रामीणों की आपत्तियों को सामने रखा गया। विस्थापन और रोजगार को लेकर चिंता आंदोलन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि टाइगर रिजर्व बनने की स्थिति में क्षेत्र के लोगों के सामने घर, जमीन और रोजगार को लेकर गंभीर संकट पैदा हो सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि संरक्षण के नाम पर उन्हें उनके पारंपरिक क्षेत्र और रोजगार से दूर करने की स्थिति बन रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वे बाघ और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण के विरोध में नहीं हैं, लेकिन संरक्षण की प्रक्रिया में स्थानीय लोगों के हितों को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका स्पष्ट कहना है कि “जानवर भी बचें और इंसान भी।” लाल पत्थर से जुड़ा है हजारों परिवारों का रोजगार सरमथुरा क्षेत्र की पहचान यहां के लाल पत्थर से भी जुड़ी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लंबे समय से पत्थर से जुड़े कार्यों के माध्यम से हजारों परिवारों को रोजगार मिलता रहा है। उनका कहना है कि यदि पत्थर से जुड़े रोजगार पर असर पड़ा और साथ ही टाइगर रिजर्व के कारण विस्थापन की स्थिति बनी, तो स्थानीय परिवारों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है। दूर-दराज से पहुंच रहा समर्थन धरने में केवल प्रस्तावित टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़े ग्रामीण ही नहीं, बल्कि आसपास और दूर-दराज के इलाकों से भी लोग पहुंच रहे हैं। आंदोलनकारियों का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग अपनी क्षमता के अनुसार आंदोलन को तन-मन-धन से सहयोग दे रहे हैं। लगातार बढ़ती भीड़ से आंदोलन को मजबूती मिलने का दावा किया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों और सरकार से संवाद की मांग ग्रामीणों की प्रमुख मांगों में सरकार और प्रशासन के साथ प्रभावी संवाद भी शामिल है। आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने दिनों से धरना जारी रहने के बावजूद उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के लिए गंभीर स्तर पर बातचीत होनी चाहिए। ग्रामीण सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहे हैं कि टाइगर रिजर्व बनने की स्थिति में स्थानीय लोगों के घर, जमीन, रोजगार और भविष्य को लेकर क्या व्यवस्था होगी। सोशल मीडिया से धरना स्थल तक गूंजा विरोध गुरुवार को X पर चले अभियान ने आंदोलन को सोशल मीडिया पर भी व्यापक चर्चा में ला दिया। #करौली_धौलपुर_टाइगर_रिजर्व_रद्द_करो के जरिए आंदोलनकारियों और समर्थकों ने सरकार से अपनी मांगों पर विचार करने की अपील की। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकार तक स्थानीय लोगों की आवाज पहुंचाना है। अब आंदोलन के 23वें दिन ग्रामीणों की नजर सरकार और प्रशासन की अगली पहल पर टिकी है। एक ओर वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों के रोजगार, जमीन और भविष्य से जुड़े सवाल हैं। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि किसी भी निर्णय से पहले प्रभावित लोगों से संवाद किया जाए और ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के हित भी सुरक्षित रहें।1
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- लगभग तीन लाख से अधिक पौधारोपण के साथ ‘हरियालो धौलपुर’ का लिया संकल्प धौलपुर। पंचायत समिति धौलपुर की ग्राम पंचायत दुबाटी के डाईट परिसर में आयोजित जिला स्तरीय हरियालो राजस्थान कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी सचिव राजन विशाल, जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी ने वृक्षारोपण कर किया। इस अवसर पर प्रभारी सचिव ने कहा कि मिशन हरियालो राजस्थान पर्यावरण अनुकूलन में वृक्षों की महत्ता को देखते हुए शुरू किया है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण के साथ ही इसके संरक्षण की जिम्मेदारी का भी रोड मैप तय किया है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में शुरू से ही प्रकृति को पूजने की परंपरा है प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है और अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम उसका संरक्षण करें। उन्होंने राजस्थान को हरियालो करने के संकल्प में प्रत्येक व्यक्ति को अपना अहम योगदान देने का आहवान किया। उन्होंने कहा कि अर्मता देवी विश्नोई ने जोधपुर के खेजड़ली गांव में खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की सर्वोच्च आहूति दी थी। उन्होंने प्रेरणादायक संदेश देते हुए कहा कि सर सांधे रूख रहे तो भी सस्ता जाएं। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाने के बाद उनकी सुरक्षा सर्वोपरी है।इस अवसर पर जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी बताया कि पूरे जिले में चल रहे वृक्षारोपण महाभियान के तहत एक ही दिन में लगभग 3 लाख से अधिक वृक्ष एक साथ लगाये गये हैं। उन्होंने बताया कि एक-एक पेड़ की जिओ टेगिंग मौके पर ही की गई है जिससे उसका फॉलो अप तथा संरक्षण किया जा सके। उन्होंने बताया कि वृक्षारोपण महाभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जहां-जहां पर भी पौधे लगा रहें हैं वहां प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोग भी संरक्षण की नैतिक जिम्मेदारी लें जिससे हम पर्यावरण के संरक्षण में योगदान दे सकें।इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद श्रेष्ठा श्री, उप वन संरक्षक वी चेतन कुमार सहित अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे।4
- यूजीसी नियमों के विरोध में जनशक्ति स्वराज पार्टी ने किया प्रदर्शन बयाना। जनशक्ति स्वराज पार्टी ने जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी जमीनी सक्रियता की शुरुआत करते हुए यूजीसी के नियमों के विरोध में बयाना क्षेत्र के गांव खानखेड़ा बागरेन में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने यूजीसी नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और विरोध जताया। पार्टी संस्थापक कृष्णा परमार सैंपऊ के निर्देशानुसार आयोजित प्रदर्शन का नेतृत्व नीकेश सिंह जादौन ने किया, जबकि रवि प्रताप सिंह ने प्रमुख भूमिका निभाई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पुतलों का दहन कर विरोध दर्ज कराया। इस अवसर पर नीकेश सिंह जादौन ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े किसी भी मुद्दे पर जनशक्ति स्वराज पार्टी पीछे नहीं हटेगी। यूजीसी के नियमों को वापस लेने की मांग को लेकर पार्टी आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर यह जनशक्ति स्वराज पार्टी की पहली हुंकार है। अब जनहित से जुड़े प्रत्येक मुद्दे पर जनता की आवाज बनकर मैदान में उतरना संगठन का संकल्प है। प्रदर्शन में प्रशांत जादौन, कुलवीर जादौन, सुनील जादौन सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- बाड़ी शहर में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम, मंदिरों में होने लगी तैयारी, बाजार में भी दुकानों पर कृष्ण जन्म से जुड़े सामान की बिक्री बाड़ी शहर में कृष्ण जन्मोत्सव की धूम, मंदिरों में होने लगी तैयारी, बाजार में भी दुकानों पर कृष्ण जन्म से जुड़े सामान की बिक्री, ऑनलाइन कारोबार से दुकानदारी हो रही प्रभावित, कमजोर ग्राहकी से दुकानदार परेशान, सरकार से नियम बनाने की मांग, शुक्रवार को हुआ कृष्ण जन्मोत्सव, मंदिरों पर सजेंगी झांकियां।1