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बीकानेर में सेना ने बम को डिफ्यूज किया तो तेज धमाके के साथ रेत का गुबार उठा। बम करीब डेढ़ महीने पहले जरजनसर क्षेत्र में जसवंतसर के पास खेत में मिला था। कार्रवाई से पहले पुलिस ने पहले ही इलाके को सुरक्षित कर लिया था। #news #update #viral
Bikaner local news
बीकानेर में सेना ने बम को डिफ्यूज किया तो तेज धमाके के साथ रेत का गुबार उठा। बम करीब डेढ़ महीने पहले जरजनसर क्षेत्र में जसवंतसर के पास खेत में मिला था। कार्रवाई से पहले पुलिस ने पहले ही इलाके को सुरक्षित कर लिया था। #news #update #viral
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- बीकानेर में सेना ने बम को डिफ्यूज किया तो तेज धमाके के साथ रेत का गुबार उठा। बम करीब डेढ़ महीने पहले जरजनसर क्षेत्र में जसवंतसर के पास खेत में मिला था। कार्रवाई से पहले पुलिस ने पहले ही इलाके को सुरक्षित कर लिया था। #news #update #viral1
- BJP को वोट नहीं देने की खाई थी सौगंध! अब उन्हीं चेहरों को BJP ने दे दिया टिकट? बीकानेर नगर निगम चुनाव में टिकट को लेकर चर्चाएं तेज। देखिए वीडियो और बताइए—इनमें से कौन-कौन BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रहा है? #Bikaner #BikanerNews #BJP #BJPNews #NagarNigamElection #BikanerNagarNigam #RajasthanPolitics #BikanerPolitics #Election2026 #PoliticalNews #BreakingNews #SSSONews1
- कमजोर बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, सूखने लगी खरीफ की फसलें कमजोर बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, सूखने लगी खरीफ की फसलें हरीश राव, श्रीकोलायत बज्जू। बज्जू क्षेत्र में इस बार कमजोर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से कई खेतों में खरीफ की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। बारिश की बेरुखी के साथ बिजली कटौती और खेती की लगातार बढ़ती लागत ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में कई जगह खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पाई है। समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है और कई जगह पौधे मुरझाने लगे हैं। किसानों का कहना है कि खरीफ की खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती है, लेकिन इस बार बारिश की कमी से फसल पर संकट गहराता जा रहा है। वहीं बिजली कटौती के कारण सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। डीजल, खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री की बढ़ती लागत के बीच किसान पहले से आर्थिक दबाव में हैं। ऐसे में फसल खराब होने की स्थिति में किसानों के सामने पूरे साल की मेहनत और लागत डूबने का खतरा बना हुआ है। माणकासर निवासी किसान विसनाराम कड़ेला ने बताया कि किसानों ने पूरी मेहनत और उम्मीद के साथ खरीफ की फसल बोई थी, लेकिन कमजोर बारिश के कारण अब फसलें सूखने लगी हैं। उन्होंने कहा कि किसान प्रकृति और व्यवस्था, दोनों की मार झेल रहा है। यदि समय रहते बारिश नहीं हुई और सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसान विसनाराम कड़ेला ने सरकार और प्रशासन से क्षेत्र में फसलों की स्थिति का सर्वे करवाकर किसानों को समय पर राहत देने की मांग की है। साथ ही बिजली आपूर्ति में सुधार कर सिंचाई व्यवस्था सुचारु करने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि खेती केवल एक फसल नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सालभर की उम्मीद होती है। ऐसे में फसल संकट के समय किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समय पर राहत और ठोस व्यवस्था की जरूरत है।1
- 37 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रहलाद राम तानान सेवानिवृत्त भव्य समारोह में हुआ भावभीना अभिनंदन, सहकर्मियों और शिक्षकों ने दी सम्मानपूर्वक विदाई पादूकलां,,नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड से शिक्षा विभाग में करीब 37 वर्षों की गौरवपूर्ण और बेदाग सेवा पूरी करने के बाद मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रियांबड़ी प्रहलाद राम तानान राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए।उनके सम्मान में भव्य विदाई एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, स्काउट-गाइड पदाधिकारियों और शुभचिंतकों ने पहुंचकर उन्हें भावभीनी विदाई दी। प्रहलाद राम तानान अपने सेवाकाल के दौरान समय की पाबंदी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और मधुर व्यवहार के लिए विशेष पहचान रखते रहे। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ हमेशा सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए विभागीय कार्यों का पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा से निर्वहन किया।प्रहलाद राम तानान ने 2 अगस्त 1990 को राजकीय माध्यमिक विद्यालय गगराना में प्रधानाध्यापक के रूप में अपनी राजकीय सेवा यात्रा शुरू की थी। इसके बाद प्रधानाध्यापक,प्रधानाचार्य सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं देते हुए वे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पद तक पहुंचे। 27 सितंबर 2022 से वे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रियांबड़ी के पद पर कार्यरत रहे। वे राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ रियांबड़ी से भी जुड़े रहे। विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि तानान की पहचान केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि सरल, सहज, समयनिष्ठ और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में रही है।समारोह में मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरु, मेड़ता के पूर्व विधायक सुखाराम नेतड़िया, रामचंद्र जारोड़ा, रियांबड़ी अतिरिक्त मुख्य शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह चारण, प्रधानाचार्य रुपाराम तंवर, वन प्रेमी एवं वरिष्ठ अध्यापक अनिल कुमार टाक सहित ब्लॉक रियांबड़ी के समस्त प्रधानाचार्य, अध्यापक और विद्यालय स्टाफ मौजूद रहे। 37 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए प्रहलाद राम तानान को समारोह में उपस्थित लोगों ने सुखी, स्वस्थ और शांतिपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं। वहीं सहकर्मियों ने कहा कि शिक्षा विभाग में उनके योगदान और सरल व्यवहार की कमी हमेशा महसूस होगी। बाईट रियांबड़ी ब्लॉक अतिरिक्त मुख्य शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह चारण4
- भाजपा ने सौंपा 25 के 25 उम्मीदवारों की लिस्ट उपखंड अधिकारी को श्री विजयनगर उपखंड अधिकारी को भाजपा ने अपने 25 वार्डों में 25 उम्मीदवार उतारे1
- 🌸🌿 सत्तू वाली तीज का पावन त्योहार 🌿🌸 महिलाओं ने सत्तू वाली तीज का पावन पर्व बहुत ही हर्षोल्लास, उमंग और खुशी के साथ मनाया। 💐✨ पूजा-अर्चना, पारंपरिक रीति-रिवाज और महिलाओं की खुशियों से पूरा माहौल भक्तिमय एवं आनंदमय हो गया। 🙏🌺 तीज माता का आशीर्वाद सभी बहनों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियाँ लेकर आए। 🌿🙏1
- वार्ड 10 में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार, भाजपा के गिरिराज सिंह फिर मैदान में इकबाल खान बीकानेर नगर निगम चुनाव को लेकर वार्ड नंबर 10 में इस बार मुकाबला रोचक होने के आसार हैं। भाजपा ने गिरिराज सिंह चारण को टिकट दिया है। गिरिराज सिंह इससे पहले भी चुनाव लड़ चुके हैं और कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह के सामने कुछ मतों के अंतर से चुनाव हार गए थे।चुनाव हारने के बाद भी गिरिराज सिंह वार्ड में सक्रिय रहे और स्थानीय लोगों के अनुसार उन्होंने क्षेत्र में कई विकास कार्य करवाने के प्रयास किए। इसी के चलते इस बार उनकी दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है।वहीं कांग्रेस ने इस बार हनुमान चौधरी को प्रत्याशी बनाया है। दूसरी ओर निर्दलीय उम्मीदवार आजाद भाटी भी मैदान में हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि आजाद भाटी मुस्लिम मतदाताओं के साथ अन्य वर्गों के वोट भी हासिल कर सकते हैं, जिससे मुकाबले के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं।वहीं कांग्रेस के मौजूदा पार्षद सुरेंद्र सिंह के कार्यकाल को लेकर भी वार्ड में तरह तरह की चर्चाएं हैं। कुछ स्थानीय निवासियों का कहना है कि वार्ड में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए और इसी वजह से लोगों में नाराजगी है।कुल मिलाकर वार्ड नंबर 10 में भाजपा के गिरिराज सिंह चारण, कांग्रेस के हनुमान चौधरी और निर्दलीय आजाद भाटी के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के आसार नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि वार्ड की जनता इस बार किस प्रत्याशी के पक्ष में अपना फैसला सुनाती है।1
- न्यायपालिका में महिला जजों के यौन उत्पीड़न का ‘काला रहस्य’, वरिष्ठ वकील इंदिरा जयसिंह का सनसनीखेज दावा नई दिल्ली। पत्रकार इकबाल खान: सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह ने भारतीय न्यायपालिका में महिला जजों के कथित यौन उत्पीड़न को लेकर गंभीर और सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में यौन उत्पीड़न एक ऐसा ‘काला रहस्य’ है, जिसके बारे में कोई बात नहीं करना चाहता।इंदिरा जयसिंह के मुताबिक, उनके पास कई महिला जज शिकायत लेकर आई हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला जजों ने अपने पुरुष सहकर्मियों और वरिष्ठ जजों की ओर से यौन उत्पीड़न किए जाने की शिकायतें उनसे की हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने कई महिला जजों का प्रतिनिधित्व भी किया है।जयसिंह ने एक महिला जज का उदाहरण देते हुए दावा किया कि संबंधित महिला जज ने एक पुरुष जज की कथित मांग मानने से इनकार कर दिया था। उनके अनुसार, उस महिला जज से पुरुष जज ने अपनी 25वीं शादी की सालगिरह की पार्टी में ‘आइटम नंबर’ पर डांस करने को कहा था। महिला जज ने इसका विरोध किया और जयसिंह के मुताबिक बाद में उसे अपनी नौकरी गंवानी पड़ी।उन्होंने न्यायपालिका में मौजूद पदानुक्रम और कथित सामंती संस्कृति को ऐसी घटनाओं की एक बड़ी वजह बताया। जयसिंह ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जजों तथा जिला अदालतों की महिला जजों के बीच मौजूद पदानुक्रम का महिलाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।इंदिरा जयसिंह ने ये बातें ‘माय विजन ऑफ इंडिया 2047 एडी’ विषय पर आयोजित 29वें डीएस बोरकर मेमोरियल लेक्चर के दौरान कहीं। उनका बयान ऐसे समय सामने आया है जब न्यायपालिका के भीतर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और कार्यस्थल पर उत्पीड़न को लेकर बहस एक बार फिर तेज हुई है।जयसिंह ने उम्मीद जताई कि वर्ष 2047 तक न्यायपालिका में इस तरह की कथित प्रथाओं और महिलाओं के साथ होने वाले भेदभावपूर्ण व्यवहार में बदलाव आएगा।1