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कमजोर बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, सूखने लगी खरीफ की फसलें कमजोर बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, सूखने लगी खरीफ की फसलें हरीश राव, श्रीकोलायत बज्जू। बज्जू क्षेत्र में इस बार कमजोर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से कई खेतों में खरीफ की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। बारिश की बेरुखी के साथ बिजली कटौती और खेती की लगातार बढ़ती लागत ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में कई जगह खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पाई है। समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है और कई जगह पौधे मुरझाने लगे हैं। किसानों का कहना है कि खरीफ की खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती है, लेकिन इस बार बारिश की कमी से फसल पर संकट गहराता जा रहा है। वहीं बिजली कटौती के कारण सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। डीजल, खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री की बढ़ती लागत के बीच किसान पहले से आर्थिक दबाव में हैं। ऐसे में फसल खराब होने की स्थिति में किसानों के सामने पूरे साल की मेहनत और लागत डूबने का खतरा बना हुआ है। माणकासर निवासी किसान विसनाराम कड़ेला ने बताया कि किसानों ने पूरी मेहनत और उम्मीद के साथ खरीफ की फसल बोई थी, लेकिन कमजोर बारिश के कारण अब फसलें सूखने लगी हैं। उन्होंने कहा कि किसान प्रकृति और व्यवस्था, दोनों की मार झेल रहा है। यदि समय रहते बारिश नहीं हुई और सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसान विसनाराम कड़ेला ने सरकार और प्रशासन से क्षेत्र में फसलों की स्थिति का सर्वे करवाकर किसानों को समय पर राहत देने की मांग की है। साथ ही बिजली आपूर्ति में सुधार कर सिंचाई व्यवस्था सुचारु करने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि खेती केवल एक फसल नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सालभर की उम्मीद होती है। ऐसे में फसल संकट के समय किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समय पर राहत और ठोस व्यवस्था की जरूरत है।

9 hrs ago
user_आवाज़
आवाज़
Media company कोलायत, बीकानेर, राजस्थान•
9 hrs ago

कमजोर बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, सूखने लगी खरीफ की फसलें कमजोर बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, सूखने लगी खरीफ की फसलें हरीश राव, श्रीकोलायत बज्जू। बज्जू क्षेत्र में इस बार कमजोर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से कई खेतों में खरीफ की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। बारिश की बेरुखी के साथ बिजली कटौती और खेती की लगातार बढ़ती लागत ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। क्षेत्र में कई जगह खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पाई है। समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है और कई जगह पौधे मुरझाने लगे हैं। किसानों का कहना है कि खरीफ की खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती है, लेकिन इस बार बारिश की कमी से फसल पर संकट गहराता जा रहा है। वहीं बिजली कटौती के कारण सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। डीजल, खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री की बढ़ती लागत के बीच किसान पहले से आर्थिक दबाव में हैं। ऐसे में फसल खराब होने की स्थिति में किसानों के सामने पूरे साल की मेहनत और लागत डूबने का खतरा बना हुआ है। माणकासर निवासी किसान विसनाराम कड़ेला ने बताया कि किसानों ने पूरी मेहनत और उम्मीद के साथ खरीफ की फसल बोई थी, लेकिन कमजोर बारिश के कारण अब फसलें सूखने लगी हैं। उन्होंने कहा कि किसान प्रकृति और व्यवस्था, दोनों की मार झेल रहा है। यदि समय रहते बारिश नहीं हुई और सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। किसान विसनाराम कड़ेला ने सरकार और प्रशासन से क्षेत्र में फसलों की स्थिति का सर्वे करवाकर किसानों को समय पर राहत देने की मांग की है। साथ ही बिजली आपूर्ति में सुधार कर सिंचाई व्यवस्था सुचारु करने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि खेती केवल एक फसल नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सालभर की उम्मीद होती है। ऐसे में फसल संकट के समय किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समय पर राहत और ठोस व्यवस्था की जरूरत है।

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    कमजोर बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, सूखने लगी खरीफ की फसलें
कमजोर बारिश ने किसानों की कमर तोड़ी, सूखने लगी खरीफ की फसलें
हरीश राव, श्रीकोलायत
बज्जू। बज्जू क्षेत्र में इस बार कमजोर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पर्याप्त बारिश नहीं होने से कई खेतों में खरीफ की फसलें सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं। बारिश की बेरुखी के साथ बिजली कटौती और खेती की लगातार बढ़ती लागत ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
क्षेत्र में कई जगह खेतों में पर्याप्त नमी नहीं बन पाई है। समय पर पानी नहीं मिलने से फसलों की बढ़वार प्रभावित हो रही है और कई जगह पौधे मुरझाने लगे हैं। किसानों का कहना है कि खरीफ की खेती काफी हद तक मानसून पर निर्भर रहती है, लेकिन इस बार बारिश की कमी से फसल पर संकट गहराता जा रहा है।
वहीं बिजली कटौती के कारण सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। डीजल, खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री की बढ़ती लागत के बीच किसान पहले से आर्थिक दबाव में हैं। ऐसे में फसल खराब होने की स्थिति में किसानों के सामने पूरे साल की मेहनत और लागत डूबने का खतरा बना हुआ है।
माणकासर निवासी किसान विसनाराम कड़ेला ने बताया कि किसानों ने पूरी मेहनत और उम्मीद के साथ खरीफ की फसल बोई थी, लेकिन कमजोर बारिश के कारण अब फसलें सूखने लगी हैं। उन्होंने कहा कि किसान प्रकृति और व्यवस्था, दोनों की मार झेल रहा है। यदि समय रहते बारिश नहीं हुई और सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
किसान विसनाराम कड़ेला ने सरकार और प्रशासन से क्षेत्र में फसलों की स्थिति का सर्वे करवाकर किसानों को समय पर राहत देने की मांग की है। साथ ही बिजली आपूर्ति में सुधार कर सिंचाई व्यवस्था सुचारु करने की मांग उठाई है।
किसानों का कहना है कि खेती केवल एक फसल नहीं, बल्कि पूरे परिवार की सालभर की उम्मीद होती है। ऐसे में फसल संकट के समय किसानों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि समय पर राहत और ठोस व्यवस्था की जरूरत है।
    user_आवाज़
    आवाज़
    Media company कोलायत, बीकानेर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • बीकानेर में सेना ने बम को डिफ्यूज किया तो तेज धमाके के साथ रेत का गुबार उठा। बम करीब डेढ़ महीने पहले जरजनसर क्षेत्र में जसवंतसर के पास खेत में मिला था। कार्रवाई से पहले पुलिस ने पहले ही इलाके को सुरक्षित कर लिया था। #news #update #viral
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    बीकानेर में सेना ने बम को डिफ्यूज किया तो तेज धमाके के साथ रेत का गुबार उठा। बम करीब डेढ़ महीने पहले जरजनसर क्षेत्र में जसवंतसर के पास खेत में मिला था। कार्रवाई से पहले पुलिस ने पहले ही इलाके को सुरक्षित कर लिया था।
#news #update #viral
    user_Bikaner local news
    Bikaner local news
    Local News Reporter बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • पीबीएम हॉस्पिटल के टीबी विभाग और न्युरोलोजी के बीच बनाई प्याऊ धीरे धीरे पानी पीने के नल हटाये गए और फिर बनी प्याऊ में ऐसी लगाकर बेड लगाकर अड्डा बना लिया मरीजों और उनके परिजनों के पानी पिने के लिए बनी प्याऊ मैं ऐसी और बेड किस लिए पीबीएम हॉस्पिटल प्रशासन की अनुमति से या मनमानी से
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    पीबीएम हॉस्पिटल के टीबी विभाग और न्युरोलोजी के बीच बनाई प्याऊ   धीरे धीरे पानी पीने के नल हटाये गए 
और फिर बनी प्याऊ में ऐसी लगाकर बेड लगाकर अड्डा बना  लिया मरीजों और उनके परिजनों के  पानी पिने के लिए बनी प्याऊ मैं ऐसी और बेड किस लिए पीबीएम हॉस्पिटल प्रशासन की अनुमति से या मनमानी से
    user_आईरा समाचार बीकानेर
    आईरा समाचार बीकानेर
    Journalist Bikaner, Rajasthan•
    9 hrs ago
  • BJP को वोट नहीं देने की खाई थी सौगंध! अब उन्हीं चेहरों को BJP ने दे दिया टिकट? बीकानेर नगर निगम चुनाव में टिकट को लेकर चर्चाएं तेज। देखिए वीडियो और बताइए—इनमें से कौन-कौन BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रहा है? #Bikaner #BikanerNews #BJP #BJPNews #NagarNigamElection #BikanerNagarNigam #RajasthanPolitics #BikanerPolitics #Election2026 #PoliticalNews #BreakingNews #SSSONews
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    BJP को वोट नहीं देने की खाई थी सौगंध! 
अब उन्हीं चेहरों को BJP ने दे दिया टिकट?

बीकानेर नगर निगम चुनाव में टिकट को लेकर चर्चाएं तेज।
देखिए वीडियो और बताइए—इनमें से कौन-कौन BJP के टिकट पर चुनाव लड़ रहा है?

#Bikaner #BikanerNews #BJP #BJPNews #NagarNigamElection #BikanerNagarNigam #RajasthanPolitics #BikanerPolitics #Election2026 #PoliticalNews #BreakingNews #SSSONews
    user_SSSO News
    SSSO News
    बीकानेर, बीकानेर, राजस्थान•
    11 hrs ago
  • 37 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रहलाद राम तानान सेवानिवृत्त भव्य समारोह में हुआ भावभीना अभिनंदन, सहकर्मियों और शिक्षकों ने दी सम्मानपूर्वक विदाई पादूकलां,,नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड से शिक्षा विभाग में करीब 37 वर्षों की गौरवपूर्ण और बेदाग सेवा पूरी करने के बाद मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रियांबड़ी प्रहलाद राम तानान राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए।उनके सम्मान में भव्य विदाई एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, स्काउट-गाइड पदाधिकारियों और शुभचिंतकों ने पहुंचकर उन्हें भावभीनी विदाई दी। प्रहलाद राम तानान अपने सेवाकाल के दौरान समय की पाबंदी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और मधुर व्यवहार के लिए विशेष पहचान रखते रहे। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ हमेशा सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए विभागीय कार्यों का पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा से निर्वहन किया।प्रहलाद राम तानान ने 2 अगस्त 1990 को राजकीय माध्यमिक विद्यालय गगराना में प्रधानाध्यापक के रूप में अपनी राजकीय सेवा यात्रा शुरू की थी। इसके बाद प्रधानाध्यापक,प्रधानाचार्य सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं देते हुए वे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पद तक पहुंचे। 27 सितंबर 2022 से वे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रियांबड़ी के पद पर कार्यरत रहे। वे राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ रियांबड़ी से भी जुड़े रहे। विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि तानान की पहचान केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि सरल, सहज, समयनिष्ठ और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में रही है।‌समारोह में मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरु, मेड़ता के पूर्व विधायक सुखाराम नेतड़िया, रामचंद्र जारोड़ा, रियांबड़ी अतिरिक्त मुख्य शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह चारण, प्रधानाचार्य रुपाराम तंवर, वन प्रेमी एवं वरिष्ठ अध्यापक अनिल कुमार टाक सहित ब्लॉक रियांबड़ी के समस्त प्रधानाचार्य, अध्यापक और विद्यालय स्टाफ मौजूद रहे। 37 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए प्रहलाद राम तानान को समारोह में उपस्थित लोगों ने सुखी, स्वस्थ और शांतिपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं। वहीं सहकर्मियों ने कहा कि शिक्षा विभाग में उनके योगदान और सरल व्यवहार की कमी हमेशा महसूस होगी। बाईट रियांबड़ी ब्लॉक अतिरिक्त मुख्य शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह चारण
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    37 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रहलाद राम तानान सेवानिवृत्त


भव्य समारोह में हुआ भावभीना अभिनंदन, सहकर्मियों और शिक्षकों ने दी सम्मानपूर्वक विदाई

पादूकलां,,नागौर जिले के रियांबड़ी उपखंड से  शिक्षा विभाग में करीब 37 वर्षों की गौरवपूर्ण और बेदाग सेवा पूरी करने के बाद मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रियांबड़ी प्रहलाद राम तानान राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए।उनके सम्मान में भव्य विदाई एवं अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में जनप्रतिनिधियों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, स्काउट-गाइड पदाधिकारियों और शुभचिंतकों ने पहुंचकर उन्हें भावभीनी विदाई दी। प्रहलाद राम तानान अपने सेवाकाल के दौरान समय की पाबंदी, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और मधुर व्यवहार के लिए विशेष पहचान रखते रहे। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ हमेशा सहयोगात्मक रवैया अपनाते हुए विभागीय कार्यों का पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा से निर्वहन किया।प्रहलाद राम तानान ने 2 अगस्त 1990 को राजकीय माध्यमिक विद्यालय गगराना में प्रधानाध्यापक के रूप में अपनी राजकीय सेवा यात्रा शुरू की थी। इसके बाद प्रधानाध्यापक,प्रधानाचार्य सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं देते हुए वे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी के पद तक पहुंचे। 27 सितंबर 2022 से वे मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रियांबड़ी के पद पर कार्यरत रहे। वे राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ रियांबड़ी से भी जुड़े रहे। विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। समारोह में वक्ताओं ने कहा कि तानान की पहचान केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि सरल, सहज, समयनिष्ठ और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में रही है।‌समारोह में मेड़ता विधायक लक्ष्मण राम कलरु, मेड़ता के पूर्व विधायक सुखाराम नेतड़िया, रामचंद्र जारोड़ा, रियांबड़ी अतिरिक्त मुख्य शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह चारण, प्रधानाचार्य रुपाराम तंवर, वन प्रेमी एवं वरिष्ठ अध्यापक अनिल कुमार टाक सहित ब्लॉक रियांबड़ी के समस्त प्रधानाचार्य, अध्यापक और विद्यालय स्टाफ मौजूद रहे। 37 वर्षों की सेवा के बाद सेवानिवृत्त हुए प्रहलाद राम तानान को समारोह में उपस्थित लोगों ने सुखी, स्वस्थ और शांतिपूर्ण सेवानिवृत्त जीवन की शुभकामनाएं दीं। वहीं सहकर्मियों ने कहा कि शिक्षा विभाग में उनके योगदान और सरल व्यवहार की कमी हमेशा महसूस होगी।                        बाईट रियांबड़ी ब्लॉक अतिरिक्त मुख्य शिक्षा अधिकारी गोपाल सिंह चारण
    user_प्रदीप कुमार डागा
    प्रदीप कुमार डागा
    Local News Reporter नागौर, नागौर, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • भाजपा ने सौंपा 25 के 25 उम्मीदवारों की लिस्ट उपखंड अधिकारी को श्री विजयनगर उपखंड अधिकारी को भाजपा ने अपने 25 वार्डों में 25 उम्मीदवार उतारे
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    भाजपा ने सौंपा 25 के 25 उम्मीदवारों की लिस्ट उपखंड अधिकारी को 
श्री विजयनगर उपखंड अधिकारी को भाजपा ने अपने 25 वार्डों में 25 उम्मीदवार उतारे
    user_श्री विजयनगर
    श्री विजयनगर
    पत्रकारिता विजयनगर, श्री गंगानगर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • 🌸🌿 सत्तू वाली तीज का पावन त्योहार 🌿🌸 महिलाओं ने सत्तू वाली तीज का पावन पर्व बहुत ही हर्षोल्लास, उमंग और खुशी के साथ मनाया। 💐✨ पूजा-अर्चना, पारंपरिक रीति-रिवाज और महिलाओं की खुशियों से पूरा माहौल भक्तिमय एवं आनंदमय हो गया। 🙏🌺 तीज माता का आशीर्वाद सभी बहनों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियाँ लेकर आए। 🌿🙏
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    🌸🌿 सत्तू वाली तीज का पावन त्योहार 🌿🌸

महिलाओं ने सत्तू वाली तीज का पावन पर्व बहुत ही हर्षोल्लास, उमंग और खुशी के साथ मनाया। 💐✨

पूजा-अर्चना, पारंपरिक रीति-रिवाज और महिलाओं की खुशियों से पूरा माहौल भक्तिमय एवं आनंदमय हो गया। 🙏🌺

तीज माता का आशीर्वाद सभी बहनों के जीवन में सुख, समृद्धि और खुशियाँ लेकर आए। 🌿🙏
    user_Gulabi Bhati
    Gulabi Bhati
    मेड़ता, नागौर, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • बहुला चतुर्थी पर महिलाओं ने की पत्ति की दीर्घायु की कामना पादूकलां,,कस्बे सहित आस पास के ग्रामीण आंचल में सोमवार को बहुला चतुर्थी धुमधाम से बनाई।सुहागिन महिलाओं ने सोलह श्रृंगार से अंलकृत होकर अपने पत्ति की दीर्धायु की कामना के लिए बहुला चतुर्थी भगवान गणेशजी महाराज की पुजा अर्चना व कथा सुनकर तथा चद्रमा को अर्ग देकर अपने पत्ति से आर्शीवाद प्राप्त किया और सुहागिनें अपने पत्ति की लम्बी उम्र की कामना की और अपने परिवार की भी कुशल कामना की। मंदिर व अपने घरों के बहार आंगन में महिलायें एकजुट होकर के  मंगल गीत गाती हुई  बहुला चतुर्थी भगवान गणेशजी महाराज की पुजा अर्चना की। पति की लम्बी उम्र की कामना के लिए कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाने वाला व्रत करवा चौथ है। कथावाचक देवकी देवी बोहरा व सुमनदेवी उपाध्याय ने बताया कि बहुला चतुर्थी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को कहा जाता है। यह तिथि बहुला चौथ के नाम से भी जानी जाती है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। वर्ष की प्रमुख चार चतुर्थियों में से एक यह भी है। इस दिन व्रत रखकर माताएँ अपने पुत्रों की रक्षा हेतु कामना करती हैं। बहुला चतुर्थी के दिन गेहूँ एवं चावल से निर्मित वस्तुएँ भोजन में ग्रहण करना वर्जित है। गाय तथा शेर की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजन करने का विधान प्रचलित है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चन्द्रमा के उदय होने तक बहुला चतुर्थी का व्रत करने का बहुत ही महत्त्व है। विधिण्विधान से प्रथम पूजनीय भगवान गणेश की पूजा की जाती है। रात्रि में चन्द्रमा के उदय होने पर उन्हें अध्र्य दिया जाता है। कई स्थानों पर शंख में दूध,सुपारी,गंध तथा अक्षत चावल से भगवान श्रीगणेश और चतुर्थी तिथि को भी अध्र्य दिया जाता है। इस प्रकार इस संकष्ट चतुर्थी का पालन जो भी व्यक्ति करता हैए उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। व्यक्ति को मानसिक तथा शारीरिक कष्टों से छुटकारा मिलता है। जो व्यक्ति संतान के लिए व्रत नहीं रखते हैंए उन्हें संकट  विघ्न तथा सभी प्रकार की बाधाएँ दूर करने के लिए इस व्रत को अवश्य करना चाहिए। रात को महिलाऐ चद्रमा को अर्ग देकर भोजन की ।
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    बहुला चतुर्थी पर महिलाओं ने की पत्ति की दीर्घायु की कामना
पादूकलां,,कस्बे सहित आस पास के ग्रामीण आंचल में  सोमवार को बहुला चतुर्थी धुमधाम से बनाई।सुहागिन महिलाओं ने सोलह श्रृंगार से अंलकृत होकर अपने पत्ति की दीर्धायु की कामना के लिए बहुला चतुर्थी भगवान गणेशजी महाराज की पुजा अर्चना व कथा सुनकर तथा चद्रमा को अर्ग देकर अपने पत्ति से आर्शीवाद प्राप्त किया और सुहागिनें अपने पत्ति की लम्बी उम्र की कामना की और अपने परिवार की भी कुशल कामना की। मंदिर व अपने घरों के बहार आंगन में महिलायें एकजुट होकर के  मंगल गीत गाती हुई  बहुला चतुर्थी भगवान गणेशजी महाराज की पुजा अर्चना की। पति की लम्बी उम्र की कामना के लिए कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखा जाने वाला व्रत करवा चौथ है। कथावाचक देवकी देवी बोहरा व सुमनदेवी उपाध्याय ने बताया कि बहुला चतुर्थी भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को कहा जाता है। यह तिथि बहुला चौथ के नाम से भी जानी जाती है। इस दिन भगवान श्रीगणेश के निमित्त व्रत किया जाता है। वर्ष की प्रमुख चार चतुर्थियों में से एक यह भी है। इस दिन व्रत रखकर माताएँ अपने पुत्रों की रक्षा हेतु कामना करती हैं। बहुला चतुर्थी के दिन गेहूँ एवं चावल से निर्मित वस्तुएँ भोजन में ग्रहण करना वर्जित है। गाय तथा शेर की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पूजन करने का विधान प्रचलित है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन चन्द्रमा के उदय होने तक बहुला चतुर्थी का व्रत करने का बहुत ही महत्त्व है। विधिण्विधान से प्रथम पूजनीय भगवान गणेश की पूजा की जाती है। रात्रि में चन्द्रमा के उदय होने पर उन्हें अध्र्य दिया जाता है। कई स्थानों पर शंख में दूध,सुपारी,गंध तथा अक्षत चावल से भगवान श्रीगणेश और चतुर्थी तिथि को भी अध्र्य दिया जाता है। इस प्रकार इस संकष्ट चतुर्थी का पालन जो भी व्यक्ति करता हैए उसकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। व्यक्ति को मानसिक तथा शारीरिक कष्टों से छुटकारा मिलता है। जो व्यक्ति संतान के लिए व्रत नहीं रखते हैंए उन्हें संकट  विघ्न तथा सभी प्रकार की बाधाएँ दूर करने के लिए इस व्रत को अवश्य करना चाहिए। रात को महिलाऐ चद्रमा को अर्ग देकर भोजन की ।
    user_प्रदीप कुमार डागा
    प्रदीप कुमार डागा
    Local News Reporter नागौर, नागौर, राजस्थान•
    17 hrs ago
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