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नाली निर्माण नहीं होने से सड़क पर फैला पानी, कीचड़ से राहगीर परेशान गोल गांव के वार्ड नंबर 6 में नाली निर्माण नहीं होने के कारण सड़क पर नली का गन्दा पानी फैल रहा है, जिससे आसपास की गली में कीचड़ हो गया है। इस कारण आमजन और राहगीरों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण रामलाल ने बताया कि लंबे समय से पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी भी देखी गई। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द नाली निर्माण करवाकर पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। टैग: #वार्ड6समस्या #नालीनिर्माण #ग्रामीणसमस्या #जनसमस्या #पानीनिकासी #ReporterRJ24
REPORTER RJ24
नाली निर्माण नहीं होने से सड़क पर फैला पानी, कीचड़ से राहगीर परेशान गोल गांव के वार्ड नंबर 6 में नाली निर्माण नहीं होने के कारण सड़क पर नली का गन्दा पानी फैल रहा है, जिससे आसपास की गली में कीचड़ हो गया है। इस कारण आमजन और राहगीरों को आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण रामलाल ने बताया कि लंबे समय से पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण समस्या बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी भी देखी गई। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द नाली निर्माण करवाकर पानी निकासी की व्यवस्था करने की मांग की है। टैग: #वार्ड6समस्या #नालीनिर्माण #ग्रामीणसमस्या #जनसमस्या #पानीनिकासी #ReporterRJ24
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- जावाल श्री श्री 1008 राम गिरिजा महाराज अग्नि परीक्षा का प्रथम दिन1
- सुमेरपुर उपखण्ड के जाखोड़ा गांव की प्रमुख समस्या को लेकर ग्रामीणों ने गुरुवार काे सुमेरपुर विधायक कार्यालय पहुंच राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत से मुलाकात की। इस दाैरान ग्रामीणाें ने मंत्री का स्वागत किया व जाखाेड़ा बस स्टैंड से बिलेश्वर महादेव मंदिर तक बने ग्रेवल सड़क की जगह पक्की सड़क स्वीकृत करवाने की मांग रखी। इस दौरान मंत्री ने समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने बताया कि जाखोड़ा बस स्टैंड से बिलेश्वर महादेव मंदिर तक वर्तमान में ग्रेवल सड़क है, जो ग्राम आबादी से सटी हुई है। बारिश के दिनों में इस मार्ग पर पानी भराव की समस्या गंभीर हो जाती है। इससे आमजन व श्रद्धालुओं को भारी दिक्क्त का सामना करना पड़ता है। उन्हाेंने बताया कि उक्त मार्ग पर देवासियाें का वास में बारिश के दिनाें में भराव हाेता हैं। ऐसे में वहां हाेकर निकलना भी मुश्किल हाेता है। ग्रामीणाें ने उक्त मार्ग पर पक्की सड़क स्वीकृत करवाने की मांग की ताकि आवागमन सुगम हो सके और पानी भराव की समस्या से राहत मिले। ज्ञापन देने के दाैरान विधायक प्रतिनिधि इंद्रसिंह जाखोड़ा, निंबाराम, केसाराम, देवाराम, गेनाराम, वजाराम, पोसाराम, हिराराम, गणेशराम, हरीश, दलपत सहित ग्रामीण मौजूद रहे।2
- आबूरोड के न्यू अंबिका कॉलोनी महावीर टॉकीज के पास चल रही रामलीला का दसवें दिन मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के राजतिलक के साथ रामलीला संपन्न हुई। काशी बनारस से आये रामलीला मण्डल के सचिव मकरनाथ चौरसिया ने बताया दसवे दिन की रामलीला में सर्वप्रथम कुंभकरण और मेघनाथ वध हुआ तत्पश्चात रावण वध हुआ। अधर्म पर धर्म की विजय हुई। रावण का वध होते ही जय श्री राम के नारो से पंडाल गूंज उठा। प्रभु श्री रामचंद्र जी अपने 14 वर्ष के वनवास को पूर्ण करते हुए अयोध्या को वापस आए। आबूरोड़ के वरिष्ठ जनों एवं नगर वासियों ने स्वयं भगवान का राजतिलक अपने हाथों से किया। रामलीला देखने के लिए रामलीला पंडाल में जन सैलाब उमड़ा पड़ा एव काशी के 25 कलाकारों का आभार प्रकट करते हुए कहा की बहुत ही अद्भुत मंचन किया जिसे देख दर्शक बहुत ही प्रसन्न हुए और उनके मन में भावना जागृत हुई की ऐसी रामलीलाओं का मंचन नगर में हर 2 से 4 सालों में होनी चाहिए क्योंकि यह कला एवं संस्कृति विलुप्त होती जा रही है इस इस प्रकार से निरंतर जीवन पर रखना बहुत आवश्यक है। भूपेन्द्र सम्बरिया ने बताया रामलीला मण्डल द्वारा हनुमान चालीसा का वितरण एवं सामूहिक पाठ का विशाल आयोजन भी हुआ। रामलीला से बच्चों में संस्कार स्थापित होते हैं एवं समापन पर भगवान श्री रामचंद्र जी की राजतिलक में प्रसाद भी वितरण किया गया। रामलीला के मंचन को सफल बनाने हेतु अशोक मालवीया, अनिल मालवीया, भूपेन्द्र सम्बरिया, राधेश्याम शाक्य, डॉ एमपी बंसल, नरेश त्रिवेदी, रमेश अग्रवाल, केके अग्रवाल, दिलीप सोनी, मदनसिंह कोली, सुमिता सांखला, सुनीता सम्बरिया, सुनीता श्रीवास्तव, मकरनाथ चौरासिया रामलीला मण्डल के सदस्यों ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।3
- आबू रोड- रेलवे स्टेशन परिसर में बिना स्टेशन अधीक्षक और उच्च अधिकारियों की अनुमति के टेंट लगाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार किसी सत्ताधारी पार्टी के नेता के संभावित आगमन को लेकर यह टेंट लगाया गया, लेकिन इसकी आधिकारिक स्वीकृति नहीं ली गई। स्टेशन अधीक्षक ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने कोई अनुमति दी है। रेलवे परिसर में इस तरह का अतिक्रमण सुरक्षा और नियमों पर सवाल खड़े करता है। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किसकी सहमति से यह टेंट लगाया गया। रिपोर्टर - रितिक सरगरा,आबूरोड1
- आज के समय में मानवता के लिए सबसे बड़ी मिसाल के वीडियो कायम करता है वीडियो वायरल है मगर बहुत बड़ा प्रेरणादायक है1
- जालौर गुरुवार को राजस्थान के राज्यपाल कारी भाई बागडे ने राजेंद्र नगर रोड स्थित जालौर नागरिक सहकारी बैंक के प्रधान कार्यालय का विधिवत्त पूजा अर्चना के साथ लोकार्पण किया गया इस दौरान जालौर नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष मोहन पाराशर मुख्य कार्यकारी अधिकारी परमानंद भट्ट सहित बैंक के पदाधिकारी मौजूद रहे2
- आज दिनांक 16 अप्रैल को पी.एम. श्री स्कूल, रानीगाँव में विधिक साक्षरता शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पी.एल.वी. (PLV) प्रदीप कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। शिविर के दौरान उपस्थित छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों को महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर जागरूक किया गया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे: साइबर फ्रॉड: ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और सुरक्षा के उपाय। बाल विवाह: बाल विवाह के कानूनी दुष्परिणाम और सामाजिक कुरीतियों पर चर्चा। घरेलू हिंसा: महिलाओं के अधिकारों और घरेलू हिंसा के विरुद्ध कानूनी संरक्षण की जानकारी। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रभुराम चौधरी उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को कानून का पालन करने और जागरूक नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। शिविर के अंत में 'कोर्ट वाली दीदी' पहल के तहत कानूनी सहायता के विभिन्न माध्यमों के बारे में भी विस्तार से बताया गया।1
- आबूरोड रेलवे स्टेशन पर बिना अनुमति के लगाया टेंट, जिम्मेदारों पर उठे सवाल। आबू रोड- रेलवे स्टेशन परिसर में बिना स्टेशन अधीक्षक और उच्च अधिकारियों की अनुमति के टेंट लगाए जाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार किसी सत्ताधारी पार्टी के नेता के संभावित आगमन को लेकर यह टेंट लगाया गया, लेकिन इसकी आधिकारिक स्वीकृति नहीं ली गई। स्टेशन अधीक्षक ने साफ तौर पर कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और न ही उन्होंने कोई अनुमति दी है। रेलवे परिसर में इस तरह का अतिक्रमण सुरक्षा और नियमों पर सवाल खड़े करता है। अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर किसकी सहमति से यह टेंट लगाया गया।2