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तिरमहू गांव में साफ सफाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने बीच सड़क पर ट्रेक्टर ट्राली करके किया चक्का जाम, स्थानीय प्रशासन पहुंचा तिरमहू गांव में साफ सफाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने बीच सड़क पर ट्रेक्टर ट्राली करके किया चक्का जाम एक घंटे तक ग्रामीणों ने किया चक्का जाम, प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर ग्राम सचिव,टीआई मुकेश ठाकुर, तहसीलदार मौके पर पहुंचे ग्रामीणों कों दी समझाइश। फिर हटाया गया चक्काजाम। गांव में दो माह से गांव में साफ सफाई नहीं हो रही थी।जिससे ग्रामीण परेशान हो रहे थे। आज ग्रामीणों ने चक्का जाम किया है.
AMLA NEWS
तिरमहू गांव में साफ सफाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने बीच सड़क पर ट्रेक्टर ट्राली करके किया चक्का जाम, स्थानीय प्रशासन पहुंचा तिरमहू गांव में साफ सफाई नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने बीच सड़क पर ट्रेक्टर ट्राली करके किया चक्का जाम एक घंटे तक ग्रामीणों ने किया चक्का जाम, प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर ग्राम सचिव,टीआई मुकेश ठाकुर, तहसीलदार मौके पर पहुंचे ग्रामीणों कों दी समझाइश। फिर हटाया गया चक्काजाम। गांव में दो माह से गांव में साफ सफाई नहीं हो रही थी।जिससे ग्रामीण परेशान हो रहे थे। आज ग्रामीणों ने चक्का जाम किया है.
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- सोहागपुर के नयाखेड़ा क्षेत्र में बुधवार को एक 21 वर्षीय महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद महिला को परिजन सोहागपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल से मेमो पुलिस थाने पहुंचा तो पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा बनाकर मृतिका केशव का पोस्टमार्टम कराकर शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। सोहागपुर पुलिस थाने के एएसआई गणेश राय ने बताया कि मृतिका का नाम आरती पति शैलेंद्र गढ़वाल है जो नया खेड़ा में रहती थी। महिला ने फांसी किन कारणों से लगे अभी यह अज्ञात है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।1
- जनपद बांदा के थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम करबई निवासी कमलेश कुमारी पत्नी मथुरा विगत पांच दिनों से1
- कृषि विज्ञान केंद्र गोविंदनगर, नर्मदापुरम में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर 16 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा कृषि विज्ञान केंद्र गोविंद नगर की डॉक्टर आकांक्षा पांडे ने बुधवार शाम 5 बजे जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रशिक्षण में ऑयस्टर मशरूम की खेती, बटन व ऑयस्टर मशरूम की उन्नत तकनीक, स्पॉन उत्पादन का व्यावहारिक प्रशिक्षण,ऑयस्टर, बटन एवं मिल्की मशरूम की संपूर्ण जानकारी दी जाएगी इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षु को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा साथ ही प्रशिक्षण के बाद 6 माह तक तकनीकी मार्गदर्शन, न्यूनतम निवेश में बेहतर आय का अवसर, स्वरोजगार व उद्यमिता को बढ़ावा,आवास एवं भोजन की सुविधा उपलब्ध भी की जाएगी ।1
- नर्मदापुरम जिले की भौगोलिक धार्मिक सामाजिक राजनीतिक जनसंख्या साक्षरता निरक्षरता यदि की स्थिति एवं सामाजिक तत्वों की जानकारी एकत्रित किए जाने की उद्देश्य से भोपाल से रैपिड एक्शन फोर्स आर. ए .एफ. श्री जगदीश प्रसाद बलाई कमांडेंट 107 बटालियन के निर्देशन में श्री उपेंद्र के. उप कमांडेंट श्री हरिश शंकर शर्मा सहायक कमांडेंट के नेतृत्व में सी/107 बटालियन के 45 सदस्यीय एक दल द्वारा दिनांक 02/02/2026 से 06/02/2026 तक नर्मदा पुरम जिले के संवेदनशील थाना क्षेत्र में स्थानीय पुलिस के साथ फ्लेग मार्च कर परिचय अभ्यास किया जा रहा है कार्य योजना अनुसार आर. ए .एफ. दल द्वारा नर्मदा पुरम जिले के कोतवाली पुलिस थाना क्षेत्र में फ्लेग मार्च कर अभ्यास किया गया है जिले में परिचय अभ्यास की कड़ी को आगे जारी रखते हुए आज दिनांक 04/02/2026 बुधवार को को आर. ए. एफ .दल प्रभारी श्री उपेंद्र के उप कमांडेंट व श्री हरिशंकर शर्मा सहायक कमांडेंट अपने दल के साथ पचमढ़ी थाना पहुंचे और थाना प्रभारी पुलिस थाना पचमढ़ीके साथ थाना अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में सामूहिक फ्लेग मार्च कर कर स्थिति से परिचय अभ्यास किया गया है पंचमढ़ी थाना प्रशासन अधिकारी श्री पदम मौर्य जी समस्त पचमढ़ी थाना पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह फ्लेग मार्च किया गया है1
- सोहागपुर (होशंगाबाद)-स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय ठाकुर प्रताप भानु सिंह चौहान की स्मृति में अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता 2026 के सेमीफाइनल के पहले मुकाबले में मंडीदीप ने इटारसी को 3-1 से पराजित कर फाइनल मुकाबले में स्थान सुरक्षित कर लिया है। वहीं दूसरा मुकाबला उज्जैन और सोहागपुर के बीच खेला गया जिसमें पेनाल्टी स्ट्रोक में सोहागपुर टीम एक गोल से विजयीहुई। कल 5 फरवरी को मंडीदीप और सोहागपुर के मध्य फाइनल मैच खेला जाएगा।1
- ग्राम शिवपुर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के दौरान भागवत आचार्य श्याम मनावत ने जीवन व्यवहार और आत्मबोध से जुड़े गूढ़ संदेश देते हुए कहा कि सलाह और मशवरा देना ठीक है, लेकिन किसी के जीवन का निर्णय उस पर थोपना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बिना मांगे दी गई सलाह अक्सर संबंधों में दूरी और मन में अहंकार को जन्म देती है। कथा के प्रवचन में आचार्य ने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन, उसकी परिस्थितियाँ और उसकी यात्रा अलग-अलग होती है। ऐसे में हमें मार्ग दिखाने का अधिकार तो है, लेकिन निर्णय लेने का अधिकार उसी व्यक्ति को होना चाहिए। यही व्यवहारिक धर्म है और यही जीवन जीने की सही कला है। भागवत आचार्य ने श्रोताओं को समझाते हुए कहा कि “जिस दिन मनुष्य को साध्य और साधन के अंतर का बोध हो जाता है, उसी दिन उसका जीवन धन्य हो जाता है।” उन्होंने बताया कि लक्ष्य चाहे कितना भी पवित्र क्यों न हो, यदि उसे पाने का साधन गलत है, तो वह लक्ष्य भी अपना मूल्य खो देता है। जीवन में साध्य के साथ-साथ साधन की पवित्रता अत्यंत आवश्यक है। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए आचार्य ने कहा कि भगवान कृष्ण ने सदैव धर्मपूर्ण साधनों से ही अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। चाहे कंस का वध हो या पांडवों की रक्षा—हर जगह श्रीकृष्ण ने मानवता, नीति और धर्म का मार्ग दिखाया। कृष्ण जन्म उत्सव की रही धूम कथा के दौरान जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण जन्म का पावन प्रसंग आया, पूरा पंडाल भक्ति और उल्लास से गूंज उठा। रात ठीक बारह बजे कृष्ण जन्म उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया गया। झांकियों, पुष्पवर्षा, दीप प्रज्वलन और भजन-कीर्तन से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की जैसे भजनों पर नृत्य कर अपनी आस्था प्रकट की। महिलाओं ने मंगल गीत गाए, वहीं बच्चों को बाल गोपाल के रूप में सजाया गया। पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आया। कृष्ण जन्म उत्सव के अवसर पर प्रसाद वितरण किया गया और समूचा क्षेत्र “हरि बोल” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंज उठा। कथा के अंत में भागवत आचार्य ने कहा कि कृष्ण को केवल पूजने से नहीं, बल्कि उनके जीवन मूल्यों को अपनाने से सच्ची भक्ति होती है। यदि मनुष्य अपने व्यवहार में संयम, विवेक और करुणा को स्थान दे दे, तो जीवन स्वयं एक सुंदर कथा बन जाता है।2
- न्यू ऑल इंडिया ब्लैक डायमंड फुटबॉल टूर्नामेंट पंकज स्टेडियम चांदामेटा में चौथा दिवस रायसेन ने बालाघाट और कोरबा ने पटना और1
- बनखेड़ी। शहर में मंगलवार को जीएसटी विभाग की टीम द्वारा की गई सर्चिंग कार्रवाई से व्यापारिक क्षेत्र में अफरा–तफरी का माहौल बन गया। जीएसटी टीम के शहर में पहुंचते ही कई दुकानदारों को सर्चिंग की भनक लग गई, जिसके बाद किराना, हार्डवेयर और कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी बड़ी दुकानों के शटर एक-एक कर गिरने लगे। सर्चिंग के दौरान शहर में करीब दो दर्जन से अधिक दुकानें बंद नजर आईं, जिससे बाजार की रौनक अचानक फीकी पड़ गई। सूत्रों के मुताबिक जीएसटी टीम की कार्रवाई लगभग दो से तीन घंटे तक चली। इस दौरान प्रमुख बाजारों में बड़ी दुकानों के बंद रहने को लेकर जनचर्चा तेज रही। हालांकि टीम के शहर से रवाना होते ही सभी दुकानें पुनः खुल गईं और बाजार सामान्य स्थिति में लौट आया। इधर, किराना व्यापारी अरविंद गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनकी दुकान पर जीएसटी टीम के तीन सदस्य पहुंचे थे, जिन्होंने आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। जांच पूरी होने के बाद टीम बिना किसी आपत्ति के रवाना हो गई। गुप्ता का कहना है कि दुकान बंद होने का कारण उनके घर में विवाह समारोह था, न कि जीएसटी की कार्रवाई। वहीं कुछ व्यापारियों का मानना है कि जीएसटी टीम की यह कार्रवाई नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। बाजार में बिलिंग को लेकर अलग-अलग व्यवस्थाएं प्रचलित हैं—कहीं पक्का बिल दिया जाता है, कहीं कच्चा और कहीं बिना बिल के भी लेनदेन होता है। इसी भ्रम के चलते कई दुकानदार जांच के नाम से घबराकर अपनी दुकानें बंद कर देते हैं, जबकि वास्तव में घबराने जैसी कोई बात नहीं होती। कुल मिलाकर जीएसटी टीम की सर्चिंग ने कुछ घंटों के लिए ही सही, लेकिन बनखेड़ी के बाजार में हलचल जरूर पैदा कर दी, जो दिनभर चर्चा का विषय बनी रही।1
- नर्मदापुरम जिला जनसंपर्क से आज शाम 6:00 बजे प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में 6 फरवरी से लेकर 15 फरवरी तक आयोजित होने वाले 10 दिवसीय आस्था महोत्सव महाशिवरात्रि मेले का आयोजन किया जाएगा। मेले के आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा हर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है जिससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्याओं का सामना न करना पड़े। मेले में सुरक्षा स्वच्छता परिवहन जलापूर्ति आवागमन एवं स्वास्थ्य सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना द्वारा संबंधित विभागों के जिला एवं विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरंतर रूप से भ्रमण कर मेले के सफल आयोजन के लोई निरीक्षण किया जा रहा है। इस वर्ष मेले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है जिससे मेला क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सके। उल्लेखनीय है कि मेला अवधि के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पचमढ़ी पहुंचते हैं। मुख्य रूप से महाराष्ट्र एवं मध्य प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से श्रद्धालु पचमढ़ी पहुंचकर भूत भावन भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने चौरागढ़ मंदिर जाते हैं। इस वर्ष भी लगभग 4 से 5 लाख श्रद्धालुओं के पचमढ़ी पहुंचने का अनुमान है जिसके लिए प्रशासन द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही है। 13 सेक्टर में विभाजित रहेगा पूरा मेला क्षेत्र, समस्त सेक्टरों में लगाई गई अधिकारियों की ड्यूटी संपूर्ण मेला क्षेत्र 13 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक सेक्टर का कार्य क्षेत्र निर्धारित कर सेक्टर अधिकारी के रूप में अधिकारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है जो अपने-अपने सेक्टर में व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करेंगे एवं मेले के सुचारू संचालन में आवश्यक व्यवस्थाओं पर निगरानी रखेंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कलेक्टर सुश्री मीना के निर्देशानुसार मेला क्षेत्र के सेक्टर A1 चौरागढ़ के लिए नायब तहसीलदार सिवनी मालवा श्री शंकर सिंह रघुवंशी, नायब तहसीलदार पिपरिया श्री मनोज कुमार नामदेव, वनपाल सतपुड़ा टाइगर रिजर्व सिरी शंकर लाल मेहरा की ड्यूटी लगाई गई है। इसी प्रकार सेक्टर क्रमांक A2 अंडर पास में राजस्व निरीक्षक बनखेड़ी श्री अमन चौहान, सेक्टर क्रमांक A3 नांदिया जंक्शन अंतर्गत तहसीलदार माखन नगर श्री महेंद्र चौहान एवं जिला होमगार्ड इंस्पेक्टर श्री शिवराज चौधरी, सेक्टर क्रमांक A4 सीता नहानी के लिए सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी पचमढ़ी श्री राकेश पवार, सेक्टर क्रमांक A5 बीड़ क्षेत्र अंतर्गत नायब तहसीलदार इटारसी श्री हीरू कुमरे, सेक्टर A6 बड़ा महादेव अंतर्गत नायब तहसीलदार नर्मदापुरम ग्रामीण श्री दिव्यांशु नामदेव, नायब तहसीलदार इटारसी श्री कृष्णकांत उइके, सेक्टर A7 भैरव गुफा अंतर्गत तहसीलदार डोलरिया श्री सुनील गढ़वाल, सेक्टर क्रमांक A8 ग्राम नांदिया अंतर्गत नायब तहसीलदार नर्मदापुरम श्री शक्ति सिंह तोमर, उपवन क्षेत्रपाल परिक्षेत्र देना बफर सतपुड़ा टाइगर रिजर्व श्री मनोहर लाल वादिवा, सेक्टर क्रमांक A9 जटाशंकर क्षेत्र अंतर्गत नायब तहसीलदार डोलरिया पूनम सिंह सलामे, सेक्टर क्रमांक A10 अस्थाई बस स्टैंड अंतर्गत तहसीलदार सिवनी मालवा श्री नितिन कुमार झोड़, नायब तहसीलदार बनखेड़ी श्री राम सिपाही मरावी, सेक्टर क्रमांक A11 अस्थाई वाहन पार्किंग अंतर्गत तहसीलदार सिवनी मालवा श्री नितिन कुमार झोड़, सेक्टर क्रमांक A12 पगारा मेडिकल कैंप अंतर्गत सहायक बनबरी क्षेत्र अधिकारी श्री पंकज यादव एवं सेक्टर क्रमांक A13 मटकुली अंतर्गत नायब तहसीलदार भाग 4 श्री रणजीत सिंह चौहान की ड्यूटी लगाई गई है। अधिक व्हील बेस वाले वाहनों को किया गया प्रतिबंधित, विभिन्न स्थानों पर तैयार को गई अस्थाई पार्किंग महाशिवरात्रि मेला के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मेला अवधि में अधिक व्हीलबेस वाली लंबे आकार की स्लीपर कोच यात्री बसों के संचालन को प्रतिबंधित किया गया है। मटकुली से पचमढ़ी जाने वाला मार्ग पर लंबे आकार की स्लीपर कोच बसों के संचालन को प्रतिबंधित किया गया है। सेक्टर क्रमांक A 13 मटकुली अंतर्गत छिंदवाड़ा एवं पिपरिया मार्ग पर चलने वाले भारी एवं बड़े वाहनों को रोका जाता है। मेला अवधि में होटल हाइलैंड के सामने मैदान में अस्थाई पार्किंग तैयार की गई है। इसके अतिरिक्त सांदीपनि विद्यालय पर भी अस्थाई पार्किंग तैयार की गई। साथ ही न्यू होटल के समीप मैदान में पार्किंग स्थल को रिजर्व भी रखा गया है। परिवहन विभाग द्वारा विभिन्न स्थानों से पचमढ़ी तक के लिए किराए का निर्धारण भी किया गया है। होमगार्ड, एसडीआरएफ एवं आपदा मित्र भी रहेंगे तैनात महाशिवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं किसी भी संभावित आपदा से त्वरित रूप से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियाँ की गई हैं। मेला क्षेत्र में आपदा प्रबंधन को मजबूत बनाने हेतु होमगार्ड, एसडीआरएफ तथा आपदा मित्रों की विशेष रूप से तैनाती की जा रही है। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की हर संभव सहायता सुनिश्चित करने तथा आपात स्थितियों में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के उद्देश्य से होमगार्ड के 20 जवान, एसडीआरएफ के 20 सदस्य एवं 40 से अधिक प्रशिक्षित आपदा मित्रों को मेला क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर तैनात किया जाएगा। अलग अलग स्थानों पर फायर ब्रिगेड भी तैनात की गई है। कानून एवं सुरक्षा की दृष्टि से लगभग 700 पुलिस जवान रहेंगे मेले में तैनात महाशिवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारू यातायात व्यवस्था तथा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं। सुरक्षात्मक दृष्टि से मेला क्षेत्र में लगभग 700 जवानों का पुलिस बल तैनात की जाएगी। यह बल मेला परिसर के विभिन्न संवेदनशील स्थानों, प्रमुख मार्गों तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात रहकर सतत निगरानी रखेगा। मेले के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों की भी तैनाती की जाएगी, जो मौके पर ही आवश्यक निर्णय लेकर व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शिकायत एवं सुझावों के लिए कंट्रोल रूम की स्थापना भी की जाएगी। कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर से संबंधित फ्लेक्स मेला क्षेत्र के विभिन्न प्रमुख स्थानों पर लगाए जाएंगे, ताकि आवश्यकता पड़ने पर लोग तुरंत संपर्क कर सकें। इसके अतिरिक्त, सभी पार्किंग स्थलों एवं प्रत्येक सेक्टर पॉइंट पर ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनाए रखने के लिए भी पुलिस बल की विशेष तैनाती की जाएगी। यह व्यवस्था मेला अवधि के दौरान तथा मेला समाप्ति के एक दिन बाद तक प्रभावी रहेगी, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित और व्यवस्थित बनी रहे। साथ ही मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से भी नजर रखी जायेगी। विभिन्न स्थानों पर सुनिश्चित की गई व्यापक स्वास्थ व्यवस्थाएं महाशिवरात्रि मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण मेला क्षेत्र में व्यापक स्वास्थ्य व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। मेले की पूरी अवधि में विभिन्न प्रमुख स्थानों पर चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, एंबुलेंस वाहन चालकों सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अमले की ड्यूटी लगाई गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के समुचित संचालन एवं निगरानी के लिए डॉ. रिचा कटकवार, खण्ड चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पिपरिया को मेला प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके मार्गदर्शन में स्वास्थ्य टीमों द्वारा लगातार निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को प्राथमिक उपचार, आपातकालीन चिकित्सा सेवाएँ तथा आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर मेडिकल कैंप भी स्थापित किए गए हैं। इन कैंपों में आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार सामग्री तथा प्रशिक्षित स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।1