कुसमी: मुस्लिम समाज के खिलाफ अभद्र भाषा के विरोध में किया गया प्रदर्शन लोकेशन: बलरामपुर, कुसमी स्लग: मुस्लिम समाज के खिलाफ अभद्र भाषा के विरोध में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना एंकर: बलरामपुर जिले के कुसमी में मुस्लिम समाज के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर लोगों में आक्रोश देखने को मिला। इसी मामले में कुसमी के मुस्लिम समाज के लोगों ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। समाज के लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है। वीओ1 दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कुछ युवकों द्वारा मुस्लिम समाज को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट अपलोड किया गया था। इस पोस्ट के सामने आने के बाद क्षेत्र के मुस्लिम समाज में नाराजगी बढ़ गई। समाज के लोगों ने मामले की शिकायत करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसी को लेकर कुसमी में मुस्लिम समाज के लोगों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। धरना प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रमुख लोगों ने कहा कि किसी न किसी बहाने से मुस्लिम समाज को लगातार निशाना बनाया जाता है, जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए। बाइट1- एसडीओपी-प्रमोद किस्पोट्टा बाइट2- शादाब आलम रजवी
कुसमी: मुस्लिम समाज के खिलाफ अभद्र भाषा के विरोध में किया गया प्रदर्शन लोकेशन: बलरामपुर, कुसमी स्लग: मुस्लिम समाज के खिलाफ अभद्र भाषा के विरोध में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना एंकर: बलरामपुर जिले के कुसमी में मुस्लिम समाज के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर लोगों में आक्रोश देखने को मिला। इसी मामले में कुसमी के मुस्लिम समाज के लोगों ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। समाज के लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है। वीओ1 दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कुछ युवकों द्वारा मुस्लिम समाज को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट अपलोड किया गया था। इस पोस्ट के सामने आने के बाद क्षेत्र के मुस्लिम समाज में नाराजगी बढ़ गई। समाज के लोगों ने मामले की शिकायत करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसी को लेकर कुसमी में मुस्लिम समाज के लोगों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। धरना प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रमुख लोगों ने कहा कि किसी न किसी बहाने से मुस्लिम समाज को लगातार निशाना बनाया जाता है, जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए। बाइट1- एसडीओपी-प्रमोद किस्पोट्टा बाइट2- शादाब आलम रजवी
- लोकेशन: बलरामपुर, कुसमी स्लग: मुस्लिम समाज के खिलाफ अभद्र भाषा के विरोध में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना एंकर: बलरामपुर जिले के कुसमी में मुस्लिम समाज के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर लोगों में आक्रोश देखने को मिला। इसी मामले में कुसमी के मुस्लिम समाज के लोगों ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। समाज के लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है। वीओ1 दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कुछ युवकों द्वारा मुस्लिम समाज को लेकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए पोस्ट अपलोड किया गया था। इस पोस्ट के सामने आने के बाद क्षेत्र के मुस्लिम समाज में नाराजगी बढ़ गई। समाज के लोगों ने मामले की शिकायत करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की थी, लेकिन कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसी को लेकर कुसमी में मुस्लिम समाज के लोगों ने एकजुट होकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। धरना प्रदर्शन के दौरान समाज के प्रमुख लोगों ने कहा कि किसी न किसी बहाने से मुस्लिम समाज को लगातार निशाना बनाया जाता है, जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए। बाइट1- एसडीओपी-प्रमोद किस्पोट्टा बाइट2- शादाब आलम रजवी1
- निलंबित एसडीएम करुण डहरिया को रिमांड पर लेकर पहुंची पुलिस, आक्रोशित ग्रामीणों ने घेरा काफिला, इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा बलरामपुर। कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया से जुड़ा ग्रामीण की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। घटना के बाद से क्षेत्र में आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को जब पुलिस निलंबित एसडीएम करुण डहरिया को रिमांड पर लेकर पूछताछ के लिए कुसमी क्षेत्र पहुंची, तो बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और पुलिस के काफिले को घेर लिया। आक्रोशित भीड़ ने “एसडीएम को फांसी दो” के नारे लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। घटना के बाद से बढ़ता गया आक्रोश दरअसल, कुसमी क्षेत्र में कुछ समय पहले एक ग्रामीण के साथ कथित रूप से मारपीट की घटना सामने आई थी। आरोप है कि तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया ने किसी विवाद के दौरान ग्रामीण के साथ बेरहमी से मारपीट की थी। मारपीट में गंभीर रूप से घायल ग्रामीण को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ग्रामीण की मौत की खबर फैलते ही पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया और लोगों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध जताना शुरू कर दिया। घटना को लेकर ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। मामला तूल पकड़ने के बाद शासन ने तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने करुण डहरिया के खिलाफ हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। इस बीच पुलिस लगातार मामले की जांच में जुटी रही और घटना से जुड़े तथ्यों को खंगालने का प्रयास किया जा रहा है। पूछताछ के लिए पुलिस ने लिया रिमांड जांच को आगे बढ़ाने और घटना के संबंध में विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस ने न्यायालय से करुण डहरिया का रिमांड मांगा था। अदालत से अनुमति मिलने के बाद बुधवार को पुलिस उन्हें रिमांड पर लेकर कुसमी क्षेत्र पहुंची, ताकि घटना से जुड़े स्थानों और परिस्थितियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। ग्रामीणों ने घेरा पुलिस का काफिला जैसे ही ग्रामीणों को इस बात की जानकारी मिली कि आरोपी पूर्व एसडीएम को पुलिस कुसमी क्षेत्र लेकर आई है, गांवों में यह खबर तेजी से फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर इकट्ठा हो गए और पुलिस के वाहनों को रोकते हुए काफिले को घेर लिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने “एसडीएम को फांसी दो” के नारे लगाए और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति कुछ समय के लिए काफी तनावपूर्ण हो गई। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने और रास्ता खाली कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अधिकारियों ने समझाइश देकर कराया शांत हालात बिगड़ते देख वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया और आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों की समझाइश के बाद धीरे-धीरे भीड़ शांत हुई और स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका। इलाके में बढ़ाई गई सुरक्षा घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए पूरे कुसमी क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं मृतक के परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका आंदोलन और संघर्ष जारी रहेगा। इस पूरे मामले पर अब प्रशासन और पुलिस की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- जिला बलरामपुर रामानुजगंज लोकेशन...........बलरामपुर एंकर..बलरामपुर जिले के कुसमी में सोशल मीडिया पर मुस्लिम समाज के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। इस अपमानजनक कृत्य से आक्रोशित मुस्लिम समाज के लोगों ने एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। समाज ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया, तो यह आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। बीओ01....मामला कुछ दिन पहले का है, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर कुछ युवकों द्वारा मुस्लिम समाज को निशाना बनाते हुए अभद्र भाषा और आपत्तिजनक पोस्ट साझा की गई थी। जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, क्षेत्र के मुस्लिम समुदाय में गहरा असंतोष फैल गया। कार्रवाई में देरी पर उठाए सवाल धरना दे रहे लोगों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी और साक्ष्य भी सौंपे गए थे। इसके बावजूद, कई दिन बीत जाने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। बीओ02... समाज के लोगों ने कुसमी में एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे शांति बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन उनकी आस्था और सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आरोपियों पर सख्त से सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज कर उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाए। किसी न किसी बहाने से मुस्लिम समाज को लगातार निशाना बनाया जाता है, जो किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन हमारी सहिष्णुता का इम्तिहान न ले और दोषियों को सलाखों के पीछे भेजे। बाइट.. 1.. विरासत कुजूर थाना प्रभारी कुसमी 2 शादाब आजम रिजवी1
- बलरामपुर@ छत्तीसगढ़ के नक्सल मुक्त होने की ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में मंगलवार, 31 मार्च 2026 को जिला मुख्यालय बलरामपुर के चांदो चौक स्थित शहीद स्मारक में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा श्रद्धांजलि एवं दीपदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शहीद वीर जवानों की पावन स्मृति में दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। शाम करीब 7:30 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता एवं नगरवासी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में शहीदों के बलिदान को नमन करते हुए राष्ट्र सेवा एवं देश की एकता-अखंडता बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल, जिला महामंत्री भानु प्रकाश दीक्षित, नगरपालिका अध्यक्ष लोधी राम एक्का, एवं भाजयुमो जिलाध्यक्ष मंगलम पाण्डेय सहित अन्य पदाधिकारी एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता मौजूद रहे। भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष राहुल योगराज टिकरिहा के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने में योगदान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष प्रमथ मल्लिक, मंडल महामंत्री मनोज दास, कृष गुप्ता सहित युवा मोर्चा के अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से शहीदों के बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया गया।1
- Post by Ratan Choudhry1
- बहुचर्चित हंसपुर घटनाक्रम पर नया अपडेट...1
- Post by Mr Dayashankar Yadav1
- ..बलरामपुर: 'रक्षक ही बने भक्षक?' बेलकोना के हणहा जंगल में हजारों पेड़ों की बलि, वन भूमि पर भू-माफियाओं का कब्जा एंकर...शंकरगढ़, बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में इन दिनों 'जल, जंगल और जमीन' को बचाने के दावों की हवा निकलती दिखाई दे रही है। ताजा मामला शंकरगढ़ वन परिक्षेत्र के बेलकोना गांव का है, जहां कभी बेशकीमती पेड़ों से लदा हणहा जंगल आज भू-माफियाओं और अवैध कब्जेधारियों की भेंट चढ़ चुका है। आरोप है कि यहाँ हजारों पेड़ों की बेरहमी से कटाई कर सैकड़ों एकड़ वन भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है बीओ01..हैरानी की बात यह है कि जिस जंगल को बचाने के लिए शासन हर साल करोड़ों रुपए खर्च करता है, उसे चंद रसूखदारों ने अधिकारियों की नाक के नीचे उजाड़ दिया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि इस पूरे खेल में वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध है। जंगल की जमीन की खुलेआम 'सौदेबाजी' की गई और उसे खेती या अन्य कार्यों के लिए बेच दिया गया, जबकि विभाग मूकदर्शक बना रहा। बीओ 02..स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह जंगल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है। ग्रामीणों के अनुसार: जंगल कटने से क्षेत्र का जलस्तर गिर रहा है।मवेशियों के लिए चारा और लकड़ी का संकट खड़ा हो गया है।पर्यावरण को अपूरणीय क्षति हो रही है। बीओ3...सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने भी इस मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना है कि आदिवासियों और जंगल का अटूट रिश्ता है, लेकिन यहाँ प्रशासन की मिलीभगत से वन संपदा को लूटा जा रहा है। बीओ04.....बेलकोना का यह मामला केवल पेड़ों की कटाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़े सिंडिकेट की ओर इशारा कर रहा है जो सरकारी जमीनों और जंगलों को अपना निशाना बना रहा है। अब सवाल यह उठता है कि: क्या शासन इन अवैध कब्जों को हटाकर फिर से वहां वृक्षारोपण कराएगा? दोषी अधिकारियों और भू-माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई होगी या फाइल ठंडे बस्ते में डाल दी जाएगी? फिलहाल, ग्रामीणों की नजरें अब जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वह दिन दूर नहीं जब बेलकोना का नक्शा पूरी तरह बदल जाएगा और जंगल सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगा। रिपोर्ट: अली खान, जिला ब्यूरो1