आगरा के एत्मादपुर थाने पर गंभीर आरोपों का साया मंडरा रहा है, जहाँ 90 प्रतिशत दिव्यांग विकास ने पुलिस आयुक्त को दिए प्रार्थना पत्र में सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। विकास का कहना है कि 30 मई को सुबह 6:30 बजे पुलिस उसके भाई आकाश को घर से उठा ले गई, लेकिन पूरे दिन परिवार को यह कहकर गुमराह किया जाता रहा कि आकाश थाने में नहीं है। परेशान मां और दिव्यांग विकास लगातार थाने के चक्कर लगाते रहे, मगर पुलिस आकाश की मौजूदगी से इनकार करती रही। शिकायत के अनुसार, शाम को एक जनप्रतिनिधि के फोन से परिवार को पता चला कि आकाश वास्तव में थाना एत्मादपुर में ही बंद है। जब परिवार थाने पहुँचा, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी दीपक खोखर ने आकाश की जमानत के नाम पर ₹30 हजार की मांग कर दी। आरोप है कि गरीब परिवार द्वारा रुपये देने में असमर्थता जताने पर मां के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। पीड़ित विकास का यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मी की इन हरकतों का वीडियो बनाने का प्रयास किया गया, तो मोबाइल छीनकर फेंक दिया गया, जिससे फोन क्षतिग्रस्त हो गया। दिव्यांग युवक ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
आगरा के एत्मादपुर थाने पर गंभीर आरोपों का साया मंडरा रहा है, जहाँ 90 प्रतिशत दिव्यांग विकास ने पुलिस आयुक्त को दिए प्रार्थना पत्र में सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। विकास का कहना है कि 30 मई को सुबह 6:30 बजे पुलिस उसके भाई आकाश को घर से उठा ले गई, लेकिन पूरे दिन परिवार को यह कहकर गुमराह किया जाता रहा कि आकाश थाने में नहीं है। परेशान मां और दिव्यांग विकास लगातार थाने के चक्कर लगाते रहे, मगर पुलिस आकाश की मौजूदगी से इनकार करती रही। शिकायत के अनुसार, शाम को एक जनप्रतिनिधि के फोन से परिवार को पता चला कि आकाश वास्तव में थाना एत्मादपुर में ही बंद है। जब परिवार थाने पहुँचा, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी दीपक खोखर ने आकाश की जमानत के नाम पर ₹30 हजार की मांग कर दी। आरोप है कि गरीब परिवार द्वारा रुपये देने में असमर्थता जताने पर मां के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। पीड़ित विकास का यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मी की इन हरकतों का वीडियो बनाने का प्रयास किया गया, तो मोबाइल छीनकर फेंक दिया गया, जिससे फोन क्षतिग्रस्त हो गया। दिव्यांग युवक ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
- आगरा के एत्मादपुर थाने पर गंभीर आरोपों का साया मंडरा रहा है, जहाँ 90 प्रतिशत दिव्यांग विकास ने पुलिस आयुक्त को दिए प्रार्थना पत्र में सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। विकास का कहना है कि 30 मई को सुबह 6:30 बजे पुलिस उसके भाई आकाश को घर से उठा ले गई, लेकिन पूरे दिन परिवार को यह कहकर गुमराह किया जाता रहा कि आकाश थाने में नहीं है। परेशान मां और दिव्यांग विकास लगातार थाने के चक्कर लगाते रहे, मगर पुलिस आकाश की मौजूदगी से इनकार करती रही। शिकायत के अनुसार, शाम को एक जनप्रतिनिधि के फोन से परिवार को पता चला कि आकाश वास्तव में थाना एत्मादपुर में ही बंद है। जब परिवार थाने पहुँचा, तो कथित तौर पर पुलिसकर्मी दीपक खोखर ने आकाश की जमानत के नाम पर ₹30 हजार की मांग कर दी। आरोप है कि गरीब परिवार द्वारा रुपये देने में असमर्थता जताने पर मां के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार किया गया। पीड़ित विकास का यह भी आरोप है कि जब पुलिसकर्मी की इन हरकतों का वीडियो बनाने का प्रयास किया गया, तो मोबाइल छीनकर फेंक दिया गया, जिससे फोन क्षतिग्रस्त हो गया। दिव्यांग युवक ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करते हुए दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।1
- उत्तर प्रदेश के इटावा में एक विचित्र घटना सामने आई है, जहाँ कोमल सिंह नामक व्यक्ति ने अपनी ही पत्नी पर तमंचा तान दिया और फिर स्वयं पुलिस को इसकी सूचना दी। पुलिस द्वारा पूछताछ करने पर कोमल सिंह ने बताया कि उसे सेंट्रल जेल देखने की लालसा थी, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। कोमल सिंह के अनुसार, उसकी पत्नी उसकी भाभी भी है और उन दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था, जिसका मुख्य कारण कोई संतान न होना था। वह ट्रैक्टर चलाकर अपना जीवन यापन करता है। उसने पुलिस को बताया कि उसके भैया की दो शादियाँ हुई थीं, और बड़ी वाली उसे दे दी गई थी। इसी पत्नी की छाती पर उसने तमंचा लगाया था, क्योंकि अब उसे सेंट्रल जेल देखनी थी। उसने यह भी बताया कि वह तीन बार उरई जेल जा चुका है, लेकिन उसे वह बेकार लगती है, और वह सेंट्रल जेल देखना चाहता है, जहाँ जाली और शीशे के अंदर से मिलाई होती है। इटावा से वायरल हुआ यह वीडियो न केवल एक सनक को दर्शाता है, बल्कि कानून के प्रति डर के खत्म होने की तस्वीर भी प्रस्तुत कर रहा है। कोमल सिंह ने अपनी पत्नी पर तमंचा तानने के बाद खुलेआम जेल और अपराध पर डींगें मारते हुए यह सब किया।1
- भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार को अपनी पत्नी के साथ आगरा के प्राचीन कैलाश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया। मंदिर के महंत ने यह विशेष पूजा संपन्न कराई। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि हाल ही में पाँच राज्यों के चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद वे आगरा आए थे। आगरा पहुँचने पर उन्होंने सबसे पहले अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया और फिर कैलाश मंदिर में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान, मुख्य चुनाव आयुक्त ने आने वाले सभी चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने जोर देकर कहा कि "शुद्ध और पारदर्शी मतदाता सूची ही लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की आधारशिला है।" उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं है, वे अपना वोट अवश्य बनवाएं और लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर मतदान करें। कैलाश मंदिर में उनके दर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।1
- आगरा के ताजमहल में अत्यधिक गर्मी के कारण एक महिला पर्यटक की तबीयत बिगड़ गई। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से ताजमहल घूमने आई इस महिला पर्यटक को तत्काल सहायता की आवश्यकता पड़ी। स्थिति को देखते हुए, ताज सुरक्षा पुलिस और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने तुरंत तत्परता दिखाई। उन्होंने एम्बुलेंस की मदद से महिला पर्यटक को पर्यटक सुविधा केंद्र तक पहुँचाया, जहाँ उनका आवश्यक उपचार किया गया। इस दौरान उप निरीक्षक पंकज सिंह पटेल, आरक्षी अरबेश और महिला आरक्षी सुलेखा ने सराहनीय भूमिका निभाई। महिला पर्यटक के परिजनों ने आगरा पुलिस और CISF द्वारा की गई त्वरित सहायता और मदद के लिए उनका आभार व्यक्त किया।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर कड़ा प्रहार किया है। अपने हमले में, मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी को 'रामद्रोही' घोषित किया है।1
- आज बलरामपुर जिले के बिकापुर, कंचनवास और कसपरवा क्षेत्रों से संबंधित कर्मचारियों का उल्लेख किया गया है।1
- Agshdjdjrkdhrjrjdjrjfjfjfdbcncncndkxnndoffkfofjfofjfdj1
- आगरा पुलिस ने पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत बड़ी कार्यवाही की है। थाना जैतपुर क्षेत्र में हुई चुनावी रंजिश से जुड़ी एक हत्या और घायल करने की घटना के दो अभियुक्तों, कृष्णा यादव पुत्र सुखवीर यादव और शिव प्रताप उर्फ गेंदा पुत्र मुकेश यादव को पुलिस ने 2/3 जून 2026 की रात्रि में गिरफ्तार किया। अभियुक्तों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम जब आलाकत्ल बरामदगी के लिए उन्हें उदी रोड से कूकापुर की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित रेलवे अंडरपास के पास ले गई, तब अभियुक्त शिव प्रताप उर्फ गेंदा ने एक उपनिरीक्षक की सरकारी रिवाल्वर छीन ली। उसने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करते हुए भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में अभियुक्त शिव प्रताप उर्फ गेंदा के पैर में गोली लगने से वह घायल हो गया। घायल अभियुक्त के कब्जे से छीनी हुई रिवाल्वर और 03 जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आलाकत्ल तमंचा 315 बोर और एक खोखा कारतूस (जो नाल में फंसा हुआ था) भी बरामद किया। मुठभेड़ में घायल हुए अभियुक्त को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है, जबकि फील्ड यूनिट ने घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन का कार्य किया। सहायक पुलिस आयुक्त बाह, कमिश्नरेट आगरा, हरे कृष्ण शर्मा के अनुसार, मामले में अग्रिम वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है।1