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पेपर लीक के विरोध में आईसा ने समस्तीपुर शहर के पटेल मैदान गोलंबर पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की जा रही है।
Anil shriwastav
पेपर लीक के विरोध में आईसा ने समस्तीपुर शहर के पटेल मैदान गोलंबर पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की जा रही है।
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- महाराष्ट्र TET पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिजेंद्र कुमार गुप्ता समस्तीपुर जिले के विद्यापति नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत मऊ गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए पुलिस उनकी पत्नी सुमन कुमारी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। फिलहाल पुलिस बिजेंद्र कुमार गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट और नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। इस मामले को लेकर बिजेंद्र कुमार गुप्ता के पिता का बयान भी सामने आया है।1
- समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर स्थित CHC अस्पताल में रोगी कल्याण समिति के सदस्यों ने औचक निरीक्षण कर साफ-सफाई, पानी के रिसाव और मरीजों को रेफर किए जाने के मामलों पर कड़ी नाराजगी जताई है। बीते दिनों पटोरी अनुमंडलाधिकारी विकाश कुमार पांडे ने भी अस्पताल में स्वच्छता और अन्य अनियमितताओं को लेकर ऐतराज जताते हुए कार्रवाई की थी। उसी क्रम में आज समिति की सदस्य रुक्मिणी देवी के नेतृत्व में यह औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें आम जनता से मिली शिकायतों के आधार पर विशेष रूप से प्रसव कक्ष और रेफर मामलों की जांच की गई। जांच के दौरान प्रसव कक्ष से महिला मरीजों के रेफर मामलों में आशा कार्यकर्ताओं की कथित संलिप्तता की पड़ताल की गई। समिति के सदस्यों ने कहा कि जब प्रसव कक्ष से महिला रोगियों को रेफर किया जाता है, तो कुछ आशा कार्यकर्ता निजी नर्सिंग होम संचालकों व कर्मियों के प्रभाव में आ जाती हैं। वे क्षणिक लाभ के लिए भर्ती महिलाओं को बरगलाकर निजी नर्सिंग होम में भर्ती करा देती हैं। सदस्यों के अनुसार, लेबर रूम में ड्यूटी करने वाले कर्मी, नर्स, ममता और आशा कार्यकर्ताओं की इस हरकत से सरकारी स्वास्थ्य सेवा पर सवाल उठते हैं और सरकार को बदनाम करने की साजिश रची जाती है। ऐसे में इन सभी कर्मियों पर विशेष ध्यान देते हुए कड़ा कदम उठाने की बात कही गई है। समिति के सदस्यों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार को स्वास्थ्य मंत्री द्वारा रेफर मामलों के संबंध में दिए गए निर्देशों का हर हाल में अनुपालन करने का निर्देश दिया और दोषी आशा कार्यकर्ताओं पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान अस्पताल के कमरों में बारिश के समय हो रहे पानी के रिसाव को भी देखा गया, जिसके बाद स्वास्थ्य प्रबंधक को रिसाव अविलंब बंद कराने और परिसर की साफ-सफाई पर प्राथमिकता के आधार पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।1
- पटना के बाढ़ में सामने आए एक मामले में छह महीने की गर्भवती महिला ने अपने प्रेमी का हाथ थाम लिया है। महिला के इस कदम के बाद उसके पहले पति ने अपनी बात रखते हुए कहा है कि "अब हमें इस रिश्ते से मुक्त किया जाए"।1
- सम्राट चौधरी को लेकर खुशबू रॉय का बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने उनके बारे में अपनी बात रखी है।1
- समस्तीपुर जिले के ताजपुर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, कथित अनियमितताओं और छात्र आंदोलन पर पुलिसिया दमन के विरोध में आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली के जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के समर्थन में कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर जुलूस निकाला। सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पहुंचे और सड़क जाम कर दिया, जिससे कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। प्रदर्शन के दौरान आंदोलनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही जंतर-मंतर और बिहार राजभवन मार्च के दौरान गिरफ्तार किए गए छात्रों और युवाओं को तत्काल रिहा करने तथा उन पर दर्ज एफआईआर वापस लेने की मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने नीट (NEET) को भंग करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को रद्द करने और उच्च शिक्षा विधेयक को वापस लेने की भी मांग की। आंदोलनकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है और सरकार इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालने में विफल रही है। कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार को छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई करने के बजाय परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लानी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बिहार बंद को सफल बनाने की अपील की और संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।1
- पेपर लीक के विरोध में आईसा ने समस्तीपुर शहर के पटेल मैदान गोलंबर पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग की जा रही है।1
- आइसा और आरवाईए के कार्यकर्ताओं ने छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आक्रोश प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए कार्यकर्ताओं को रिहा करने और उन पर दर्ज सभी एफआईआर को वापस लेने की जोरदार मांग उठाई है। इस प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने नीट (NEET) परीक्षा को भंग करने, नई शिक्षा नीति (एनईपी) को रद्द करने और उच्च शिक्षा विधेयक को तुरंत वापस लेने की भी मांग की है।1