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भानपुरी- नेशनल हाईवे 30 चपका-सोनारपाल काकड़ी घाट में सड़क बाधित यात्रियों को हो रही भारी समस्या। लगातार हो रही बारिश से मार्कण्डेय नदी भी पूरे सबाब पर है लबालब जल शैलाब ने मुख्यमार्ग को बाधित किया है जिससे जगदलपुर रायपुर के यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है गाड़ियों की लंबी कतार दोनों तरफ जाम लगी है।
JASKETAN SETHIYA
भानपुरी- नेशनल हाईवे 30 चपका-सोनारपाल काकड़ी घाट में सड़क बाधित यात्रियों को हो रही भारी समस्या। लगातार हो रही बारिश से मार्कण्डेय नदी भी पूरे सबाब पर है लबालब जल शैलाब ने मुख्यमार्ग को बाधित किया है जिससे जगदलपुर रायपुर के यात्रियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है गाड़ियों की लंबी कतार दोनों तरफ जाम लगी है।
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- दंतेवाड़ा: इंद्रावती उफान पर, बारसूर CRPF कैंप में भरा पानी दंतेवाड़ा में बारिश के बीच इंद्रावती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बारसूर स्थित CRPF 195 बटालियन का हेड क्वार्टर बाढ़ की चपेट में आया है। कैम्प के चारों ओर पानी भर जाने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। जवानों की सूझबूझ से सभी जवानों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए मौके पर SDRF के जवान भी तैनात किए गए हैं। प्रशासन और सुरक्षा बल हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।2
- सुकमा में बाढ़ का तांडव: कई वार्डों में घुसा पानी, बैंक और सीआरपीएफ परिसर डूबे सुकमा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। शबरी नदी सहित क्षेत्र की नदी-नालियों का जलस्तर बढ़ने से कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है कोंटा,सुकमा ,छिंदगढ़ ब्लाक में सबरी का जल से हुआ जल मगन सुकमा में बाढ़ का तांडव: कई वार्डों में घुसा पानी, बैंक और सीआरपीएफ परिसर डूबे सुकमा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। शबरी नदी सहित क्षेत्र की नदी-नालियों का जलस्तर बढ़ने से कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है कोंटा,सुकमा ,छिंदगढ़ ब्लाक में सबरी का जल से हुआ जल मगन सीआरपीएफ परिसर में भारी जलभराव 950 लोगों को राहत शिविर में किया गया शिफ्ट सुकमा -छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है। शबरी नदी सहित क्षेत्र की नदी-नालियों का जलस्तर बढ़ने से जिले के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। शहर के कई वार्डों में बाढ़ का पानी घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक पहुंच गया है, वहीं जिले के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और अंतर्राज्यीय मार्गों पर स्थित पुल-पुलियों के ऊपर पानी बहने के कारण आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। बाढ़ में फंसे 950 से अधिक प्रभावितों के लिए राहत शिविर लगातार हो रही भारी बारिश के चलते सुकमा-कोंटा राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ जगहों पर पानी भर जाने से आवागमन और पहुंच मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए हैं, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। प्रभावितों और जरूरतमंदों की मदद के लिए विभिन्न स्थानों पर राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिसमें सामुदायिक भवन कोंटा में लगभग 550, आसिरगुड़ा में करीब 220 तथा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुकमा में 200 लोगों के लिए भोजन एवं सुरक्षित ठहरने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि बाढ़ प्रभावित हर नागरिक तक समय पर सुरक्षित आश्रय और आवश्यक सहायता पहुंचाई जा सके। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है सुकमा पुलिस ने 26 सितंबर की सुबह 10 बजे सार्वजनिक यातायात एडवाइजरी जारी करते हुए नागरिकों से जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने की अपील की है। प्रशासन और पुलिस द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता के अनुसार, प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। शहर के कई वार्डों में घुसा बाढ़ का पानी लगातार बारिश के कारण सुकमा नगर के वार्ड क्रमांक 2, 3, 11, 12, 13, 14 और 15 में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इन इलाकों में सैकड़ों लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई घरों और आसपास के क्षेत्रों में पानी भरने के बाद लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन द्वारा कई स्थानों पर राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां जरूरत के अनुसार लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है। बाढ़ के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। जलस्तर लगातार बढ़ने की स्थिति में प्रशासन द्वारा और अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में दो फीट पानी बाढ़ का असर शहर की बैंकिंग व्यवस्था पर भी दिखाई दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा, सुकमा शाखा के अंदर करीब दो फीट पानी भरने की स्थिति सामने आई है। इससे बैंक परिसर में रखे सामान और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। वार्ड क्रमांक 13 की पार्षद कांता राठी ने इससे पहले भी बैंक प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखकर जलभराव की आशंका को देखते हुए बैंक को नहीं खोलने तथा सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक कदम उठाने की मांग की थी। लगातार बारिश के बीच बैंक परिसर में पानी भरने से स्थिति की गंभीरता स्पष्ट हो गई है। सीआपीएफ परिसर भी जलमग्न शहर के शबरी नगर स्थित सीआरपीएफ सेकेंड बटालियन परिसर में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। परिसर में करीब 3 से 4 फीट तक पानी भरने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों और जवानों के आवासीय क्षेत्रों तक पानी पहुंचने से वहां भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सुरक्षा बलों के आवासीय परिसर में जलभराव के चलते जवानों और उनके परिवारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश जारी रहने के कारण जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। बाईट -मनीष रात्रे DSP सुकमा एनएच -30 सहित कई प्रमुख मार्ग बंद बाढ़ के कारण जिले की सड़क कनेक्टिविटी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। सुकमा पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, सुकमा-मलकानगिरी मार्ग पर झापरा पुल के ऊपर पानी बहने से आवागमन बंद है। वहीं सुकमा-जगदलपुर एनएच -30 पर गीदमनाला पुल तथा सीआरपीएफ डीआईजी कार्यालय के समीप सड़क पर जलभराव के कारण मार्ग अवरुद्ध है। पुलिस ने की अपील इसी तरह सुकमा-दोरनापाल मार्ग पर दुब्बाटोटा और बोदीगुड़ा पुल के ऊपर तेज बहाव के कारण यातायात बाधित है। दोरनापाल-एर्राबोर-कोंटा एनएच -30 मार्ग पर इंजरम और चीखलगुड़ा पुलिया के ऊपर बाढ़ का पानी होने से आवागमन बंद है। इसके अलावा कोंटा-मोटू मार्ग, पूसपाल-ओडिशा मार्ग, पूसपाल क्षेत्र के कोकराल पुल और छिंदगढ़-गंजेनार मार्ग पर भी पानी के कारण आवागमन प्रभावित हुआ है। सुकमा पुलिस ने नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि, जलमग्न पुल-पुलियों को पैदल या किसी भी वाहन से पार करने का प्रयास न करें। स्थिति सामान्य होने और जलस्तर कम होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। किसी भी आपात स्थिति के लिए तुरंत डायल करें 112 किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल 112, नजदीकी पुलिस थाना अथवा जिला पुलिस कंट्रोल रूम 9479191300 पर संपर्क कर सकते हैं। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की चुनौती अब प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ जिले की सड़क एवं आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की है। आने वाले घंटों में बारिश और नदी-नालों के जलस्तर की स्थिति पर सबकी नजर बनी हुई है।1
- तेज बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की आस्था, भानुप्रतापपुर में उत्साह के साथ हुआ बप्पा का विसर्जन भानुप्रतापपुर। गणेशोत्सव के समापन अवसर पर भानुप्रतापपुर में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का श्रद्धा और उत्साह के साथ विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान क्षेत्र में तेज बारिश होने के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा को विदाई देने के लिए सड़कों पर नजर आए। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। सामान्य दिनों की तरह ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों से गणेश प्रतिमाओं को साज-सज्जा के साथ विसर्जन के लिए ले जाया गया। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच नाचते-गाते हुए बप्पा को विदाई देने पहुंचे। बारिश के कारण रास्तों में पानी और फिसलन की स्थिति बनने के बावजूद श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था को प्राथमिकता दी। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक सभी में गणेश विसर्जन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। कई भक्त बारिश में भीगते हुए गणपति बप्पा के जयकारे लगाते नजर आए। गणेशोत्सव के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं को अंतिम विदाई देने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। विसर्जन यात्रा के दौरान भक्तों ने भगवान श्री गणेश से सुख-समृद्धि, शांति और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि बारिश भले ही तेज हो, लेकिन बप्पा के प्रति आस्था और श्रद्धा को कोई मौसम नहीं रोक सकता। यही कारण रहा कि तेज बारिश के बीच भी विसर्जन का उत्साह सामान्य दिनों की तरह बना रहा। विसर्जन के साथ ही कई दिनों से चल रहे गणेशोत्सव का समापन हुआ। भक्तों ने भावुक मन से बप्पा को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष गूंजते रहे।4
- उफनते नाले में फंसी बस, 35-40 यात्रियों का पुलिस ने किया सुरक्षित रेस्क्यू गरियाबंद। जिले में पिछले 48 घंटों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। इस बीच मगरलोड थाना क्षेत्र के सरायीबदर और महुआजोरी नाले के बीच पानी के तेज बहाव में एक यात्री बस फंस गई। बस में करीब 35 से 40 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। घटना की सूचना मिलते ही गरियाबंद थाना पुलिस और डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बताया गया कि यात्री करीब 2 से 3 घंटे तक नाले के बीच फंसे रहे। पानी का बहाव तेज होने के कारण स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई थी। पुलिस जवानों ने जोखिम उठाते हुए रस्सी और सुरक्षा उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए बस तक पहुंच बनाई और यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। करीब 35 से 40 यात्रियों को सुरक्षित नाले के पार पहुंचाया गया। पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस ने की सावधानी बरतने की अपील पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने रेस्क्यू टीम के अधिकारी-कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नाले और रपटों में पानी का बहाव होने पर उन्हें पार करने का जोखिम न उठाएं। जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और आपात स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा डायल 112 को सूचना दें।4
- बाढ़ पीड़ितों के लिए सालासर समिति आगे आई नाश्ता, सब्जी, चाय-बिस्किट और रात्रि भोजन की कराई व्यवस्था नवापारा-राजिम। नगर एवं अंचल की सेवाभावी संस्था सालासर सुंदरकांड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति एक बार फिर मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई। नगर में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए समिति ने राहत शिविरों में ठहरे महिला, पुरुषों और बच्चों के लिए भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था की। जनमानस के अनुसार वर्ष 1993 में आई विकराल बाढ़ की याद इस बार फिर ताजा हो गई। लोगों का कहना है कि उस समय तटबंध नहीं था, लेकिन तटबंध बनने के बाद भी इस बार बाढ़ ने गंभीर रूप धारण कर लिया। कई परिवार करीब 18 से 20 घंटे तक अपने घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर रहे। वहीं कृषि उपज मंडी, झूलेलाल मंदिर और स्कूलों में प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई। बाढ़ पीड़ितों की परेशानी को देखते हुए सालासर समिति के संस्थापक राजू काबरा, अध्यक्ष धरम साहू, रूपेंद्र चंद्राकर एवं नंदकिशोर राठी सहित समिति के सदस्यों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। कृषि उपज मंडी में ठहरे लोगों के लिए पोहे, सब्जी, चाय और बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए। इसके साथ ही समिति द्वारा रात्रि भोजन की व्यवस्था भी की गई। झूलेलाल मंदिर में ठहरे बाढ़ प्रभावित लोगों को भी चाय एवं बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए। समिति के इस सेवा कार्य की नगरवासियों ने सराहना की। तिरंगा चौक निवासी रानी निषाद ने बताया कि संकट की घड़ी में सबसे पहले उन्हें सालासर समिति की याद आई। उन्होंने संस्थापक राजू काबरा से संपर्क किया और करीब एक घंटे के भीतर नाश्ते की व्यवस्था हो गई। इसके बाद सब्जी, चाय और बिस्किट भी उपलब्ध कराए गए। उन्होंने समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। बाढ़ की इस विकट परिस्थिति में सालासर समिति द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों से प्रभावित परिवारों को काफी सहारा मिला है।2
- 3 दिन की बारिश के बाद दंतेवाड़ा में मौसम खुला, नदियों का जलस्तर घटा दंतेवाड़ा में लगातार तीन दिनों की बारिश के बाद आज मौसम खुला है। बारिश थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं शंखिनी-डंकिनी नदी का जलस्तर भी अब थोड़ा कम हुआ है। हालांकि नदी-नालों में अभी भी पानी का बहाव बना हुआ है। बीते दिनों जलस्तर बढ़ने से कई मार्गों पर आवागमन प्रभावित हुआ था। फिलहाल मौसम खुलने से प्रशासन और लोगों को कुछ राहत मिली है।1
- तेज बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की भीड़, झांकियों में उमड़ा आस्था और उत्साह भानुप्रतापपुर। नगर में धार्मिक आयोजन के दौरान अचानक हुई तेज बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था को कम नहीं कर सकी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में भक्त आयोजन स्थल और झांकियों को देखने के लिए पहुंचते रहे। मौसम खराब होने के बावजूद लोगों में ऐसा उत्साह नजर आया, मानो सामान्य दिनों की तरह ही धार्मिक आयोजन चल रहा हो। तेज बारिश के बीच भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ झांकियों के दर्शन किए और धार्मिक वातावरण का आनंद लिया। बारिश के कारण कुछ समय के लिए आयोजन में व्यवधान की स्थिति बनी, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। लोग बारिश से बचने के लिए छाता, रेनकोट सहित अन्य साधनों का सहारा लेते हुए झांकियों तक पहुंचे। झांकी में शामिल लोगों और आयोजन से जुड़े श्रद्धालुओं ने भी मौसम की परवाह किए बिना अपनी सहभागिता निभाई। बारिश के बीच झांकियों का आकर्षण और भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में धार्मिक आयोजन को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। नगर में जगह-जगह धार्मिक माहौल बना रहा। तेज बारिश के बावजूद लोगों ने झांकियों का पूरा आनंद लिया और श्रद्धा के साथ दर्शन कर भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। श्रद्धालुओं का कहना था कि मौसम चाहे जैसा भी हो, धार्मिक आस्था और भक्ति के सामने बारिश कोई बाधा नहीं है। बारिश के बीच उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया कि भानुप्रतापपुर में धार्मिक आयोजनों को लेकर लोगों की आस्था और उत्साह कितना गहरा है। सामान्य दिनों की तरह ही लोगों ने आयोजन में शामिल होकर झांकियों का आनंद लिया और पूरे श्रद्धाभाव के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। तेज बारिश के बीच भी भक्तों की मौजूदगी और झांकियों में लोगों की सहभागिता पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। मौसम की चुनौती के बावजूद भक्तों का उत्साह देर तक बना रहा और नगर का वातावरण धार्मिक उमंग से सराबोर नजर आया।4
- ‘ज्ञानेश कुमार हैं पीएम मोदी-शाह के अंपायर’… राहुल गांधी का बड़ा आरोप मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ | स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ चुनाव आयोग के फैसलों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर एक बार फिर तीखा निशाना साधा। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि पहले कार्यरत IAS अधिकारी के रूप में ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल भाजपा के लिए लोगों को भर्ती करने में किया गया। फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें “अंपायर” बनाकर भारत के चुनावों में “मैच-फिक्सिंग” की जिम्मेदारी सौंप दी। क्या है पूरा मामला? राहुल गांधी ने केरल कांग्रेस के एक पोस्ट को शेयर किया, जिसमें केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन का दावा है। थॉमसन के अनुसार, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट में ज्ञानेश कुमार (तब IAS अधिकारी) ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए पथानामथिट्टा सीट से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। यह आरोप उन दिनों आया है जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनावी नामावलियों से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। विपक्ष इसे चुनाव आयोग के अंदर गहरी दरार और “वोट चोरी” के आरोपों का प्रमाण बता रहा है। राहुल गांधी के अन्य आरोप कुछ दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग की थी और सलाह दी थी कि वे “अप्रूवर” (सरकारी गवाह) बन जाएं। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह इस “साजिश” के शीर्ष पर हैं और जब समय आएगा तो उनकी भी जांच होगी। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को “देशद्रोही” तक करार दिया था। ज्ञानेश कुमार कौन हैं? ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी हैं। वे 19 फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त बने। इससे पहले वे गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्रालय और सहयोग मंत्रालय में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। विपक्ष उन्हें अमित शाह के करीबी अधिकारी बताता रहा है। स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- सरंगपाल महानदी में कूदा व्यक्ति, तलाश में जुटी पुलिस और ग्रामीण सरंगपाल में आज 26 सितंबर शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे,एक व्यक्ति महानदी में कूद गया। बताया जा रहा है कि,वह ग्राम साल्हेटोला की ओर से वाहन क्रमांक, CG 19 BS जीरो एक सौ अड़सठ से सरंगपाल की ओर आ रहा था। सरंगपाल में महानदी के पास उसने अपनी गाड़ी खड़ी की और,चप्पल उतारने के बाद नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद नदी के पास ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और,ग्रामीणों के साथ नदी में व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी। फिलहाल व्यक्ति का पता नहीं चल सका है।1