तेज बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की भीड़, झांकियों में उमड़ा आस्था और उत्साह भानुप्रतापपुर। नगर में धार्मिक आयोजन के दौरान अचानक हुई तेज बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था को कम नहीं कर सकी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में भक्त आयोजन स्थल और झांकियों को देखने के लिए पहुंचते रहे। मौसम खराब होने के बावजूद लोगों में ऐसा उत्साह नजर आया, मानो सामान्य दिनों की तरह ही धार्मिक आयोजन चल रहा हो। तेज बारिश के बीच भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ झांकियों के दर्शन किए और धार्मिक वातावरण का आनंद लिया। बारिश के कारण कुछ समय के लिए आयोजन में व्यवधान की स्थिति बनी, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। लोग बारिश से बचने के लिए छाता, रेनकोट सहित अन्य साधनों का सहारा लेते हुए झांकियों तक पहुंचे। झांकी में शामिल लोगों और आयोजन से जुड़े श्रद्धालुओं ने भी मौसम की परवाह किए बिना अपनी सहभागिता निभाई। बारिश के बीच झांकियों का आकर्षण और भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में धार्मिक आयोजन को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। नगर में जगह-जगह धार्मिक माहौल बना रहा। तेज बारिश के बावजूद लोगों ने झांकियों का पूरा आनंद लिया और श्रद्धा के साथ दर्शन कर भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। श्रद्धालुओं का कहना था कि मौसम चाहे जैसा भी हो, धार्मिक आस्था और भक्ति के सामने बारिश कोई बाधा नहीं है। बारिश के बीच उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया कि भानुप्रतापपुर में धार्मिक आयोजनों को लेकर लोगों की आस्था और उत्साह कितना गहरा है। सामान्य दिनों की तरह ही लोगों ने आयोजन में शामिल होकर झांकियों का आनंद लिया और पूरे श्रद्धाभाव के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। तेज बारिश के बीच भी भक्तों की मौजूदगी और झांकियों में लोगों की सहभागिता पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। मौसम की चुनौती के बावजूद भक्तों का उत्साह देर तक बना रहा और नगर का वातावरण धार्मिक उमंग से सराबोर नजर आया।
तेज बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की भीड़, झांकियों में उमड़ा आस्था और उत्साह भानुप्रतापपुर। नगर में धार्मिक आयोजन के दौरान अचानक हुई तेज बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था को कम नहीं कर सकी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में भक्त आयोजन स्थल और झांकियों को देखने के लिए पहुंचते रहे। मौसम खराब होने के बावजूद लोगों में ऐसा उत्साह नजर आया, मानो सामान्य दिनों की तरह ही धार्मिक आयोजन चल रहा हो। तेज बारिश के बीच भक्तों ने पूरे
श्रद्धाभाव के साथ झांकियों के दर्शन किए और धार्मिक वातावरण का आनंद लिया। बारिश के कारण कुछ समय के लिए आयोजन में व्यवधान की स्थिति बनी, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। लोग बारिश से बचने के लिए छाता, रेनकोट सहित अन्य साधनों का सहारा लेते हुए झांकियों तक पहुंचे। झांकी में शामिल लोगों और आयोजन से जुड़े श्रद्धालुओं ने भी मौसम की परवाह किए बिना अपनी सहभागिता निभाई। बारिश के बीच झांकियों का आकर्षण और भक्तों
का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में धार्मिक आयोजन को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। नगर में जगह-जगह धार्मिक माहौल बना रहा। तेज बारिश के बावजूद लोगों ने झांकियों का पूरा आनंद लिया और श्रद्धा के साथ दर्शन कर भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। श्रद्धालुओं का कहना था कि मौसम चाहे जैसा भी हो, धार्मिक आस्था और भक्ति के सामने बारिश कोई बाधा नहीं है। बारिश के बीच उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया
कि भानुप्रतापपुर में धार्मिक आयोजनों को लेकर लोगों की आस्था और उत्साह कितना गहरा है। सामान्य दिनों की तरह ही लोगों ने आयोजन में शामिल होकर झांकियों का आनंद लिया और पूरे श्रद्धाभाव के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। तेज बारिश के बीच भी भक्तों की मौजूदगी और झांकियों में लोगों की सहभागिता पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। मौसम की चुनौती के बावजूद भक्तों का उत्साह देर तक बना रहा और नगर का वातावरण धार्मिक उमंग से सराबोर नजर आया।
- तेज बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की आस्था, भानुप्रतापपुर में उत्साह के साथ हुआ बप्पा का विसर्जन भानुप्रतापपुर। गणेशोत्सव के समापन अवसर पर भानुप्रतापपुर में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का श्रद्धा और उत्साह के साथ विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान क्षेत्र में तेज बारिश होने के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा को विदाई देने के लिए सड़कों पर नजर आए। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। सामान्य दिनों की तरह ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों से गणेश प्रतिमाओं को साज-सज्जा के साथ विसर्जन के लिए ले जाया गया। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच नाचते-गाते हुए बप्पा को विदाई देने पहुंचे। बारिश के कारण रास्तों में पानी और फिसलन की स्थिति बनने के बावजूद श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था को प्राथमिकता दी। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक सभी में गणेश विसर्जन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। कई भक्त बारिश में भीगते हुए गणपति बप्पा के जयकारे लगाते नजर आए। गणेशोत्सव के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं को अंतिम विदाई देने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। विसर्जन यात्रा के दौरान भक्तों ने भगवान श्री गणेश से सुख-समृद्धि, शांति और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि बारिश भले ही तेज हो, लेकिन बप्पा के प्रति आस्था और श्रद्धा को कोई मौसम नहीं रोक सकता। यही कारण रहा कि तेज बारिश के बीच भी विसर्जन का उत्साह सामान्य दिनों की तरह बना रहा। विसर्जन के साथ ही कई दिनों से चल रहे गणेशोत्सव का समापन हुआ। भक्तों ने भावुक मन से बप्पा को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष गूंजते रहे।4
- *✰"ब्रह्माकुमारी" उर्फ़ "ओम शांति" पंथ का पर्दाफाश✰* अवश्य देखिए स्पेशल डिबेट 26 सितंबर 2026 शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से *Factful Debates* YouTube Channel पर *✰"ब्रह्माकुमारी" उर्फ़ "ओम शांति" पंथ का पर्दाफाश✰* अवश्य देखिए स्पेशल डिबेट 26 सितंबर 2026 शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से *Factful Debates* YouTube Channel पर1
- बस्तर। लगातार हो रही बारिश के चलते क्षेत्र की नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच बस्तर के चपका स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर पर भी नदी के बढ़ते जलस्तर का असर देखने को मिला है। मार्कंडेय नदी का पानी बढ़ने से मंदिर परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। लगातार बारिश के बाद मार्कंडेय नदी का जलस्तर बढ़ता गया और देखते ही देखते नदी का पानी मंदिर परिसर तक पहुंच गया। वर्तमान में मंदिर का अधिकांश हिस्सा पानी में डूबा हुआ नजर आ रहा है। मंदिर के आसपास पानी भर जाने से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश का दौर जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में मंदिर क्षेत्र के आसपास सुरक्षा को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की जा रही है।1
- ‘ज्ञानेश कुमार हैं पीएम मोदी-शाह के अंपायर’… राहुल गांधी का बड़ा आरोप मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ | स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ चुनाव आयोग के फैसलों और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर खड़े हुए विवाद के बीच कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर एक बार फिर तीखा निशाना साधा। राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि पहले कार्यरत IAS अधिकारी के रूप में ज्ञानेश कुमार का इस्तेमाल भाजपा के लिए लोगों को भर्ती करने में किया गया। फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें “अंपायर” बनाकर भारत के चुनावों में “मैच-फिक्सिंग” की जिम्मेदारी सौंप दी। क्या है पूरा मामला? राहुल गांधी ने केरल कांग्रेस के एक पोस्ट को शेयर किया, जिसमें केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन का दावा है। थॉमसन के अनुसार, 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली जाने वाली एक फ्लाइट में ज्ञानेश कुमार (तब IAS अधिकारी) ने उन्हें प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए पथानामथिट्टा सीट से भाजपा टिकट पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था। यह आरोप उन दिनों आया है जब द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनावी नामावलियों से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। विपक्ष इसे चुनाव आयोग के अंदर गहरी दरार और “वोट चोरी” के आरोपों का प्रमाण बता रहा है। राहुल गांधी के अन्य आरोप कुछ दिन पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफे की मांग की थी और सलाह दी थी कि वे “अप्रूवर” (सरकारी गवाह) बन जाएं। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह इस “साजिश” के शीर्ष पर हैं और जब समय आएगा तो उनकी भी जांच होगी। उन्होंने ज्ञानेश कुमार को “देशद्रोही” तक करार दिया था। ज्ञानेश कुमार कौन हैं? ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के IAS अधिकारी हैं। वे 19 फरवरी 2025 को मुख्य चुनाव आयुक्त बने। इससे पहले वे गृह मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, संसदीय कार्य मंत्रालय और सहयोग मंत्रालय में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। विपक्ष उन्हें अमित शाह के करीबी अधिकारी बताता रहा है। स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- दो दिन की बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, बेमेतरा-राजनांदगांव स्टेट हाईवे बंद! खर्री घाट पुल पानी में डूबा* *ब्रेकिंग: दो दिन की बारिश ने तोड़ा रिकॉर्ड, बेमेतरा-राजनांदगांव स्टेट हाईवे बंद! खर्री घाट पुल पानी में डूबा* दुर्ग/ चक्रवात अर्नब का असर अब सड़कों पर दिखने लगा है। दो दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। बेमेतरा से राजनांदगांव को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग खर्री घाट पुल जो आज सुबह से पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिसके चलते आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है। ये पुल ग्राम डोड़की और घोठा के बीच आमनेर नदी पर स्थित है। स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह 4 बजे तक पुल के ऊपर 3 से 4 फीट तक पानी बह रहा था। *रास्ते में फंसे सैकड़ों लोग* पुल डूबने से बेमेतरा-दुर्ग-राजनांदगांव का सीधा संपर्क टूट गया है। दोनों तरफ सैकड़ों गाड़ियां, बसें और बाइक सवार फंसे हुए हैं। कई यात्रियों को 20-25 किलोमीटर घूमकर वैकल्पिक मार्ग से जाना पड़ रहा है।4
- गणेश विसर्जन के दौरान फ्लाईओवर से गिरा युवक तेलंगाना के शंकरपल्ली मंडल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान फतेहपुर मूसी फ्लाईओवर से एक युवक साथ में मूर्ति के साथ गिर पड़ा,,,,,, गणेश विसर्जन के दौरान फ्लाईओवर से गिरा युवक तेलंगाना के शंकरपल्ली मंडल में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान फतेहपुर मूसी फ्लाईओवर से एक युवक के गिरने की सूचना सामने आई है। घटना के बाद युवक को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मामले की जांच के बाद ही घटना की पूरी वजह स्पष्ट हो सकेगी। Shankarpally | Telangana | Ganesh | Visarjan | Procession | Flyover | Fatehpur | Musi | Youth | Accident | Hospital | Incident | Investigation | Festival#DAINIK NEWS1
- तेज बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की भीड़, झांकियों में उमड़ा आस्था और उत्साह भानुप्रतापपुर। नगर में धार्मिक आयोजन के दौरान अचानक हुई तेज बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था को कम नहीं कर सकी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में भक्त आयोजन स्थल और झांकियों को देखने के लिए पहुंचते रहे। मौसम खराब होने के बावजूद लोगों में ऐसा उत्साह नजर आया, मानो सामान्य दिनों की तरह ही धार्मिक आयोजन चल रहा हो। तेज बारिश के बीच भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ झांकियों के दर्शन किए और धार्मिक वातावरण का आनंद लिया। बारिश के कारण कुछ समय के लिए आयोजन में व्यवधान की स्थिति बनी, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। लोग बारिश से बचने के लिए छाता, रेनकोट सहित अन्य साधनों का सहारा लेते हुए झांकियों तक पहुंचे। झांकी में शामिल लोगों और आयोजन से जुड़े श्रद्धालुओं ने भी मौसम की परवाह किए बिना अपनी सहभागिता निभाई। बारिश के बीच झांकियों का आकर्षण और भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में धार्मिक आयोजन को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। नगर में जगह-जगह धार्मिक माहौल बना रहा। तेज बारिश के बावजूद लोगों ने झांकियों का पूरा आनंद लिया और श्रद्धा के साथ दर्शन कर भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। श्रद्धालुओं का कहना था कि मौसम चाहे जैसा भी हो, धार्मिक आस्था और भक्ति के सामने बारिश कोई बाधा नहीं है। बारिश के बीच उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया कि भानुप्रतापपुर में धार्मिक आयोजनों को लेकर लोगों की आस्था और उत्साह कितना गहरा है। सामान्य दिनों की तरह ही लोगों ने आयोजन में शामिल होकर झांकियों का आनंद लिया और पूरे श्रद्धाभाव के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। तेज बारिश के बीच भी भक्तों की मौजूदगी और झांकियों में लोगों की सहभागिता पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। मौसम की चुनौती के बावजूद भक्तों का उत्साह देर तक बना रहा और नगर का वातावरण धार्मिक उमंग से सराबोर नजर आया।4
- सरंगपाल महानदी में कूदा व्यक्ति, तलाश में जुटी पुलिस और ग्रामीण सरंगपाल में आज 26 सितंबर शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे,एक व्यक्ति महानदी में कूद गया। बताया जा रहा है कि,वह ग्राम साल्हेटोला की ओर से वाहन क्रमांक, CG 19 BS जीरो एक सौ अड़सठ से सरंगपाल की ओर आ रहा था। सरंगपाल में महानदी के पास उसने अपनी गाड़ी खड़ी की और,चप्पल उतारने के बाद नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद नदी के पास ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और,ग्रामीणों के साथ नदी में व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी। फिलहाल व्यक्ति का पता नहीं चल सका है।1