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*✰"ब्रह्माकुमारी" उर्फ़ "ओम शांति" पंथ का पर्दाफाश✰* अवश्य देखिए स्पेशल डिबेट 26 सितंबर 2026 शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से *Factful Debates* YouTube Channel पर *✰"ब्रह्माकुमारी" उर्फ़ "ओम शांति" पंथ का पर्दाफाश✰* अवश्य देखिए स्पेशल डिबेट 26 सितंबर 2026 शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से *Factful Debates* YouTube Channel पर
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*✰"ब्रह्माकुमारी" उर्फ़ "ओम शांति" पंथ का पर्दाफाश✰* अवश्य देखिए स्पेशल डिबेट 26 सितंबर 2026 शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से *Factful Debates* YouTube Channel पर *✰"ब्रह्माकुमारी" उर्फ़ "ओम शांति" पंथ का पर्दाफाश✰* अवश्य देखिए स्पेशल डिबेट 26 सितंबर 2026 शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से *Factful Debates* YouTube Channel पर
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- *✰"ब्रह्माकुमारी" उर्फ़ "ओम शांति" पंथ का पर्दाफाश✰* अवश्य देखिए स्पेशल डिबेट 26 सितंबर 2026 शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से *Factful Debates* YouTube Channel पर *✰"ब्रह्माकुमारी" उर्फ़ "ओम शांति" पंथ का पर्दाफाश✰* अवश्य देखिए स्पेशल डिबेट 26 सितंबर 2026 शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से *Factful Debates* YouTube Channel पर1
- बस्तर। लगातार हो रही बारिश के चलते क्षेत्र की नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसी बीच बस्तर के चपका स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर पर भी नदी के बढ़ते जलस्तर का असर देखने को मिला है। मार्कंडेय नदी का पानी बढ़ने से मंदिर परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है। लगातार बारिश के बाद मार्कंडेय नदी का जलस्तर बढ़ता गया और देखते ही देखते नदी का पानी मंदिर परिसर तक पहुंच गया। वर्तमान में मंदिर का अधिकांश हिस्सा पानी में डूबा हुआ नजर आ रहा है। मंदिर के आसपास पानी भर जाने से श्रद्धालुओं की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश का दौर जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में मंदिर क्षेत्र के आसपास सुरक्षा को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों से जलभराव वाले क्षेत्रों और नदी के किनारे जाने से बचने की अपील की जा रही है।1
- तेज बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की आस्था, भानुप्रतापपुर में उत्साह के साथ हुआ बप्पा का विसर्जन भानुप्रतापपुर। गणेशोत्सव के समापन अवसर पर भानुप्रतापपुर में भगवान श्री गणेश की प्रतिमाओं का श्रद्धा और उत्साह के साथ विसर्जन किया गया। विसर्जन के दौरान क्षेत्र में तेज बारिश होने के बावजूद भक्तों की आस्था और उत्साह में कोई कमी देखने को नहीं मिली। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बप्पा को विदाई देने के लिए सड़कों पर नजर आए। गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। सामान्य दिनों की तरह ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला। कई स्थानों से गणेश प्रतिमाओं को साज-सज्जा के साथ विसर्जन के लिए ले जाया गया। श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के बीच नाचते-गाते हुए बप्पा को विदाई देने पहुंचे। बारिश के कारण रास्तों में पानी और फिसलन की स्थिति बनने के बावजूद श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था को प्राथमिकता दी। बच्चों से लेकर युवाओं और बुजुर्गों तक सभी में गणेश विसर्जन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। कई भक्त बारिश में भीगते हुए गणपति बप्पा के जयकारे लगाते नजर आए। गणेशोत्सव के दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर स्थापित गणेश प्रतिमाओं को अंतिम विदाई देने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। विसर्जन यात्रा के दौरान भक्तों ने भगवान श्री गणेश से सुख-समृद्धि, शांति और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। श्रद्धालुओं का कहना था कि बारिश भले ही तेज हो, लेकिन बप्पा के प्रति आस्था और श्रद्धा को कोई मौसम नहीं रोक सकता। यही कारण रहा कि तेज बारिश के बीच भी विसर्जन का उत्साह सामान्य दिनों की तरह बना रहा। विसर्जन के साथ ही कई दिनों से चल रहे गणेशोत्सव का समापन हुआ। भक्तों ने भावुक मन से बप्पा को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर से उनके आगमन की कामना की। पूरे आयोजन के दौरान “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष गूंजते रहे।4
- उफनते नाले में फंसी बस, 35-40 यात्रियों का पुलिस ने किया सुरक्षित रेस्क्यू गरियाबंद। जिले में पिछले 48 घंटों से हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। इस बीच मगरलोड थाना क्षेत्र के सरायीबदर और महुआजोरी नाले के बीच पानी के तेज बहाव में एक यात्री बस फंस गई। बस में करीब 35 से 40 यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। घटना की सूचना मिलते ही गरियाबंद थाना पुलिस और डायल 112 की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। बताया गया कि यात्री करीब 2 से 3 घंटे तक नाले के बीच फंसे रहे। पानी का बहाव तेज होने के कारण स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई थी। पुलिस जवानों ने जोखिम उठाते हुए रस्सी और सुरक्षा उपकरणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए बस तक पहुंच बनाई और यात्रियों को एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला। करीब 35 से 40 यात्रियों को सुरक्षित नाले के पार पहुंचाया गया। पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया गया। पुलिस ने की सावधानी बरतने की अपील पुलिस अधीक्षक गरियाबंद ने रेस्क्यू टीम के अधिकारी-कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी, नाले और रपटों में पानी का बहाव होने पर उन्हें पार करने का जोखिम न उठाएं। जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और आपात स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा डायल 112 को सूचना दें।4
- तीन दिनों की लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में मचा कहर घरों में घुसा पानी, ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री सड़क काटकर बनाई निकासी; पुल-पाइप नहीं होने से बढ़ी परेशानी फरसागुड़ा मार्ग भी बारिश से सड़क कटा तीन दिनों की लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में मचा कहर घरों में घुसा पानी, ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री सड़क काटकर बनाई निकासी; पुल-पाइप नहीं होने से बढ़ी परेशानी भानपुरी। बस्तर क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने ग्रामीण इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्राम पंचायत मुरकुची सहित आसपास के गांवों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। कई जगह बारिश का पानी घरों में घुसने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को खुद ही मोर्चा संभालना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री सड़क को काटकर पानी निकासी का रास्ता बनाया, ताकि बस्ती में जमा पानी बाहर निकल सके। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पर्याप्त पुल-पाइप नहीं होने के कारण बारिश के दौरान पानी का बहाव बाधित हो जाता है और जलभराव की स्थिति गंभीर हो जाती है। फरसागुड़ा मार्ग भी बारिश से प्रभावित पानी की निकासी के लिए प्रधानमंत्री सड़क को ग्रामीणों ने काटा, उसी मार्ग का फरसागुड़ा को जोड़ने वाली सड़क का हिस्सा भी भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। यह मार्ग फरसागुड़ा को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 से जोड़ता है और क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। सड़क क्षतिग्रस्त होने से इस मार्ग पर आवागमन प्रभावित हुआ है। मुरकुची में घर गिरने की भी जानकारी वहीं ग्राम पंचायत मुरकुची में लगातार बारिश के चलते एक-दो घरों के गिरने की भी जानकारी सामने आई है। लगातार बारिश जारी रहने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो नुकसान और बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराने, आवश्यक स्थानों पर पुल-पाइप लगाने, क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कराने तथा बारिश से प्रभावित घरों का सर्वे कर प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।4
- बाढ़ पीड़ितों के लिए सालासर समिति आगे आई नाश्ता, सब्जी, चाय-बिस्किट और रात्रि भोजन की कराई व्यवस्था नवापारा-राजिम। नगर एवं अंचल की सेवाभावी संस्था सालासर सुंदरकांड हनुमान चालीसा जनकल्याण समिति एक बार फिर मानव सेवा की मिसाल पेश करते हुए बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आई। नगर में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए समिति ने राहत शिविरों में ठहरे महिला, पुरुषों और बच्चों के लिए भोजन एवं नाश्ते की व्यवस्था की। जनमानस के अनुसार वर्ष 1993 में आई विकराल बाढ़ की याद इस बार फिर ताजा हो गई। लोगों का कहना है कि उस समय तटबंध नहीं था, लेकिन तटबंध बनने के बाद भी इस बार बाढ़ ने गंभीर रूप धारण कर लिया। कई परिवार करीब 18 से 20 घंटे तक अपने घरों की छतों पर शरण लेने को मजबूर रहे। वहीं कृषि उपज मंडी, झूलेलाल मंदिर और स्कूलों में प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई। बाढ़ पीड़ितों की परेशानी को देखते हुए सालासर समिति के संस्थापक राजू काबरा, अध्यक्ष धरम साहू, रूपेंद्र चंद्राकर एवं नंदकिशोर राठी सहित समिति के सदस्यों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया। कृषि उपज मंडी में ठहरे लोगों के लिए पोहे, सब्जी, चाय और बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए। इसके साथ ही समिति द्वारा रात्रि भोजन की व्यवस्था भी की गई। झूलेलाल मंदिर में ठहरे बाढ़ प्रभावित लोगों को भी चाय एवं बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए। समिति के इस सेवा कार्य की नगरवासियों ने सराहना की। तिरंगा चौक निवासी रानी निषाद ने बताया कि संकट की घड़ी में सबसे पहले उन्हें सालासर समिति की याद आई। उन्होंने संस्थापक राजू काबरा से संपर्क किया और करीब एक घंटे के भीतर नाश्ते की व्यवस्था हो गई। इसके बाद सब्जी, चाय और बिस्किट भी उपलब्ध कराए गए। उन्होंने समिति के प्रति आभार व्यक्त किया। बाढ़ की इस विकट परिस्थिति में सालासर समिति द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों से प्रभावित परिवारों को काफी सहारा मिला है।2
- तेज बारिश भी नहीं रोक सकी भक्तों की भीड़, झांकियों में उमड़ा आस्था और उत्साह भानुप्रतापपुर। नगर में धार्मिक आयोजन के दौरान अचानक हुई तेज बारिश भी श्रद्धालुओं के उत्साह और आस्था को कम नहीं कर सकी। बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में भक्त आयोजन स्थल और झांकियों को देखने के लिए पहुंचते रहे। मौसम खराब होने के बावजूद लोगों में ऐसा उत्साह नजर आया, मानो सामान्य दिनों की तरह ही धार्मिक आयोजन चल रहा हो। तेज बारिश के बीच भक्तों ने पूरे श्रद्धाभाव के साथ झांकियों के दर्शन किए और धार्मिक वातावरण का आनंद लिया। बारिश के कारण कुछ समय के लिए आयोजन में व्यवधान की स्थिति बनी, लेकिन श्रद्धालुओं की भीड़ पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा। लोग बारिश से बचने के लिए छाता, रेनकोट सहित अन्य साधनों का सहारा लेते हुए झांकियों तक पहुंचे। झांकी में शामिल लोगों और आयोजन से जुड़े श्रद्धालुओं ने भी मौसम की परवाह किए बिना अपनी सहभागिता निभाई। बारिश के बीच झांकियों का आकर्षण और भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में धार्मिक आयोजन को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। नगर में जगह-जगह धार्मिक माहौल बना रहा। तेज बारिश के बावजूद लोगों ने झांकियों का पूरा आनंद लिया और श्रद्धा के साथ दर्शन कर भगवान के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। श्रद्धालुओं का कहना था कि मौसम चाहे जैसा भी हो, धार्मिक आस्था और भक्ति के सामने बारिश कोई बाधा नहीं है। बारिश के बीच उमड़ी भीड़ ने यह संदेश दिया कि भानुप्रतापपुर में धार्मिक आयोजनों को लेकर लोगों की आस्था और उत्साह कितना गहरा है। सामान्य दिनों की तरह ही लोगों ने आयोजन में शामिल होकर झांकियों का आनंद लिया और पूरे श्रद्धाभाव के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। तेज बारिश के बीच भी भक्तों की मौजूदगी और झांकियों में लोगों की सहभागिता पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। मौसम की चुनौती के बावजूद भक्तों का उत्साह देर तक बना रहा और नगर का वातावरण धार्मिक उमंग से सराबोर नजर आया।4
- सरंगपाल महानदी में कूदा व्यक्ति, तलाश में जुटी पुलिस और ग्रामीण सरंगपाल में आज 26 सितंबर शनिवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे,एक व्यक्ति महानदी में कूद गया। बताया जा रहा है कि,वह ग्राम साल्हेटोला की ओर से वाहन क्रमांक, CG 19 BS जीरो एक सौ अड़सठ से सरंगपाल की ओर आ रहा था। सरंगपाल में महानदी के पास उसने अपनी गाड़ी खड़ी की और,चप्पल उतारने के बाद नदी में छलांग लगा दी। घटना के बाद नदी के पास ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और,ग्रामीणों के साथ नदी में व्यक्ति की तलाश शुरू कर दी। फिलहाल व्यक्ति का पता नहीं चल सका है।1